बिहार में 2600 मेगावाट की महा-परियोजना से बदलेगी तस्वीर: सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान, रोहतास-दुर्गावती में ईको-टूरिज्म !

विश्व के सबसे ऊंचे केसरिया स्तूप का होगा कायाकल्प, पीपीपी मॉडल पर विकसित होंगी पर्यटन परियोजनाएं

पटना। बिहार को हरित ऊर्जा, पर्यटन और निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में बिहार राज्य वन्यप्राणी पर्षद की 15वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 2600 मेगावाट क्षमता वाली महत्वाकांक्षी दुर्गावती पंप भंडारण परियोजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

राज्य में प्रकृति आधारित पर्यटन (ईको टूरिज्म), पर्यावरणीय संतुलन और वन्यजीव संरक्षण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बुलाई गई इस समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार प्राकृतिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों से समृद्ध राज्य है और इन धरोहरों का संरक्षण करते हुए उन्हें पर्यटन की दृष्टि से विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है।

पटना स्थित लोक सेवक आवास के ‘संकल्प’ सभागार में बिहार राज्य वन्यप्राणी पर्षद की 15वीं उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी। बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, मंत्री डॉ रामचंद्र प्रसाद एवं अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

पीपीपी मॉडल पर विकसित होंगी पर्यटन परियोजनाएं

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि पर्यटन से संबंधित परियोजनाओं के संचालन एवं रखरखाव के लिए पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर कार्ययोजना तैयार की जाए। पर्यटन स्थलों पर व्यावसायिक गतिविधियों, आधुनिक सुविधाओं, होटल-रेस्टोरेंट, कैफेटेरिया, ट्रैकिंग एवं एडवेंचर टूरिज्म को सुव्यवस्थित ढंग से बढ़ावा दिया जाए। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और निजी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।

केसरिया स्तूप का एएसआई और पर्यावरण विभाग मिलकर करेंगे कायाकल्प

बैठक में विश्व के सबसे ऊंचे एवं महत्वपूर्ण बौद्ध स्तूपों में शामिल केसरिया स्तूप के संरक्षण एवं समग्र विकास पर विशेष चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर केसरिया स्तूप के संरक्षण, विकास और पर्यटन की दृष्टि से समग्र संवर्द्धन के लिए संयुक्त रूप से कार्य करें।

रोहतास और दुर्गावती क्षेत्र में ईको-टूरिज्म का विस्तार

ग्रीन एनर्जी और ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए रोहतास एवं दुर्गावती क्षेत्र में व्यापक विकास कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। बांधों के आसपास के क्षेत्रों का विकास करते हुए होटल, रेस्टोरेंट, पहाड़ी क्षेत्रों में ट्रैकिंग, भ्रमण और साहसिक गतिविधियों के साथ-साथ पर्यटकों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे।

बैठक में उपस्थित प्रमुख लोग एवं अधिकारी:

बैठक में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर ने पर्षद के विभिन्न प्रस्तावों की विस्तृत जानकारी दी।

इस अवसर पर:

  • मंत्री: पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ रामचंद्र प्रसाद
  • विधायक: शालिनी मिश्रा, वीरेन्द्र सिंह, बाबू लाल शौर्य
  • वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी: मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के सचिव संदीप कुमार आर पुडुकलकट्टी, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह
  • विभागीय प्रमुख: प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरविंदर सिंह, निदेशक मत्स्य पालन तुषार सिंगला, निदेशक पशुपालन उज्ज्वल कुमार सिंह, बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक नंदकिशोर एवं अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वन्यप्राणी पर्षद के अन्य सदस्य भी जुड़े।

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