मुजफ्फरपुर । भ्रष्टाचार के खिलाफ बिहार में सम्राट सरकार के जीरो टॉलरेंस नीति के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। मुजफ्फरपुर जिले के सकरा प्रखंड अंतर्गत सिराजाबाद पंचायत में मनरेगा कार्यों में कमीशनखोरी का खेल खेल रहे पंचायत रोजगार सेवक जितेन्द्र कुमार को निगरानी की टीम ने 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई निगरानी थाना कांड संख्या 0-083/26 के तहत 14 जुलाई 2026 को दर्ज प्राथमिकी के आधार पर की गई है।

मार्ट में चल रहा था घूस का खेल: मिली जानकारी के अनुसार, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की मुख्यालय टीम ने जाल बिछाकर आरोपी जितेन्द्र कुमार को सकरा थाना क्षेत्र के सबहा रोड स्थित एक मार्ट से घूस की रकम लेते हुए दबोचा। ब्यूरो को शिकायत मिली थी कि रोजगार सेवक विकास योजनाओं के नाम पर अवैध वसूली कर रहा है।
वार्ड सदस्य ने ही खोल दी पोल : इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब सिराजाबाद पंचायत के वार्ड संख्या 11 के वर्तमान वार्ड सदस्य आदित्य कुमार (पिता- तपेश्वर साह) ने मरेगा से संबंधित कार्यों को कराने के एवज में मांगी जा रही घूस से तंग आकर पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई। आदित्य कुमार ने आरोप लगाया था कि उनके वार्ड में मनरेगा से जुड़े विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए रोजगार सेवक जितेन्द्र कुमार लगातार पैसों की मांग कर रहा था।

वरीय पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में बनी धावा दल टीम: शिकायत मिलने के बाद निगरानी ब्यूरो ने चुपके से मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रोजगार सेवक द्वारा रिश्वत मांगे जाने का पुख्ता प्रमाण मिला। इसके तुरंत बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के वरीय पुलिस उपाधीक्षक विकास कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक विशेष धावादल (रेडिंग टीम) का गठन किया गया। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से सबहा रोड के एक मार्ट में छापेमारी की और जैसे ही आदित्य कुमार ने जितेन्द्र कुमार को 20,000 रुपये थमाए, वैसे ही निगरानी की टीम ने उसे दबोच लिया। आरोपी के पास से रिश्वत के पैसे बरामद कर लिए गए हैं।

निगरानी की इस साल की 78वीं बड़ी ट्रैप कार्रवाई : विभागीय आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की यह 83वीं प्राथमिकी है, जबकि रंगे हाथों दबोचने (ट्रैप) का यह 78वां मामला है। इस साल अब तक ब्यूरो ने कुल 78 अभियुक्तों को घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है और उनके पास से 28,87,800 रुपये की रिश्वत राशि बरामद की जा चुकी है। वहीं पिछले वर्ष 2025 में कुल 101 ट्रैप केस दर्ज किए गए थे, जिसमें 37,80,300 रुपये बरामद हुए थे।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी जितेन्द्र कुमार से कड़ी पूछताछ की जा रही है, जिसके बाद उसे मुजफ्फरपुर स्थित माननीय विशेष न्यायालय, निगरानी के समक्ष उपस्थापित किया जाएगा। निगरानी ब्यूरो ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी लोक सेवक या सरकारी अधिकारी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो वे तुरंत उनके टोल फ्री नंबरों और हेल्पलाइन पर संपर्क कर इसकी शिकायत दर्ज कराएं।
अन्य खबरों के लिए नीचे ’न्यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,
|| https://newsbharattv.in ||

