बिहार में पाताल जाएगा पानी! अनियंत्रित दोहन पर सरकार कसेगी शिकंजा, आ रहा नया कड़ा कानून

पटना, 22 जून: बिहार में लगातार गिरते भू-जल स्तर को रोकने और पानी की बर्बादी पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए सरकार ने एक बेहद बड़ा और कड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया है कि राज्य में पानी के अंधाधुंध और अनियंत्रित दोहन को रोकने के लिए ‘बिहार भू-जल (प्रबंधन एवं विनियमन) अधिनियम-2026’ लाने की प्रक्रिया को तेज किया जाए । सरकार की इस नई नीति से अब जमीन से पानी निकालने के नियमों में बड़े बदलाव होंगे और लापरवाही बरतने वालों पर शिकंजा कसा जा सकेगा ।

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प सभागार’ में लघु जल संसाधन विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की । इस बैठक में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि राज्य के जल संसाधनों की सुरक्षा करना और आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना उनकी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है । उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पानी की बढ़ती जरूरतों और भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए एक सुदृढ़, प्रभावी संस्थागत ढांचा और व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाए ।

पटना के लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प सभागार’ में लघु जल संसाधन विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी। बैठक में लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, सचिव बी कार्तिकेय धनजी व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सिर्फ नई योजनाएं नहीं, पुरानी परिसंपत्तियों का भी होगा रखरखाव बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संसाधन विभाग का काम केवल नई परियोजनाओं का निर्माण करना ही नहीं है, बल्कि पहले से बनी हुई संरचनाओं और संपत्तियों का बेहतर रखरखाव और सही प्रबंधन करना भी होना चाहिए । विभाग को अपने काम करने के तरीके में बदलाव लाना होगा, जिससे वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग), ग्राउंड वाटर रिचार्ज और जल संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों को जमीन पर बड़े पैमाने पर बढ़ावा मिल सके । इसके लिए वैज्ञानिक और तकनीकी उपायों को अपनाने पर विशेष जोर दिया गया है ।

बैठक में ये सभी रहे उपस्थित बैठक की शुरुआत में लघु जल संसाधन विभाग के सचिव बी कार्तिकेय धनजी ने एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण (प्रेजेंटेशन) के माध्यम से विभाग की वर्तमान योजनाओं और प्रस्तावित नीति के महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी । इस उच्च स्तरीय बैठक में लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह सहित विभाग के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे ।

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