30 दिन में फाइल क्लीयर वरना 31वें दिन नपेंगे अफसर! सी एम सम्राट चौधरी का बड़ा एलान, कहा- अपराधियों के लिए बिहार में कोई जगह नहीं!
सीवान/कैमूर: बिहार की प्रशासनिक और कानून व्यवस्था को पूरी तरह पटरी पर लाने के लिए सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा और सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। कैमूर और सीवान में आयोजित विशाल जनकल्याण सहयोग शिविरों को संबोधित करते हुए सी एम सम्राट चौधरी ने राज्य के स्वास्थ्य ढांचे, नौकरशाही (ब्यूरोक्रेसी) और अपराधियों को लेकर बेहद कड़े और सीधे निर्देश जारी किए हैं। सरकार का यह नया तेवर साफ संकेत देता है कि बिहार में अब ढुलमुल रवैये और अकर्मण्यता के दिन खत्म हो चुके हैं।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर सख्त हंटर: रेफरल खेल पर लगेगी पूरी रोक
बिहार के सरकारी जिला अस्पतालों से मरीजों को मामूली वजहों या संसाधनों की कमी का बहाना बनाकर बाहर (पटना या अन्य बड़े शहरों में) रेफर करने की प्रवृत्ति पर सी एम सम्राट चौधरी ने गहरी नाराजगी जताई है। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और विधायक मंगल पांडे की मौजूदगी में उन्होंने डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधकों को चेतावनी देते हुए कहा:
“जब सरकार अस्पतालों में पर्याप्त दवाइयां पहुंचा रही है, नई और आधुनिक बिल्डिंगें खड़ी कर दी गई हैं, तो फिर मरीजों को बाहर क्यों रेफर किया जा रहा है? डॉक्टरों को अब थोड़ी और मेहनत और ईमानदारी दिखानी होगी।”

सी एम ने इसके लिए 15 अगस्त की अंतिम समय-सीमा (डेडलाइन) तय की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 15 अगस्त के बाद जिला और अनुमंडल अस्पतालों से मरीजों को बिना किसी बेहद गंभीर और अपरिहार्य कारण के रेफर किया गया, तो संबंधित डॉक्टरों और सिविल सर्जनों की खैर नहीं होगी। इस व्यवस्था की सीधी मॉनिटरिंग खुद मुख्य सचिव और जिलाधिकारियों को सौंप दी गई है। इसके साथ ही 31 दिसंबर तक राज्य के सभी अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (एडिशनल PHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) की सूरत बदलने का भी लक्ष्य रखा गया है।
सुशासन का नया फॉर्मूला: ’30 दिन में काम नहीं तो 31वें दिन सीधे सस्पेंशन‘
बिहार की अफसरशाही को जनता के प्रति जवाबदेह बनाने के लिए सरकार ने एक क्रांतिकारी प्रशासनिक व्यवस्था लागू की है। सहयोग शिविरों की सफलता का जिक्र करते हुए सी एम ने बताया कि अब तक प्राप्त 3.03 लाख आवेदनों में से 2.61 लाख से अधिक आवेदनों का निष्पादन कर लगभग 90% सफलता हासिल की गई है। इस प्रक्रिया को और पारदर्शी और तेज बनाने के लिए नया नियम तय किया गया है:

- 11वां दिन: आवेदन के बाद 10 दिन तक आदेश न निकलने पर अफसर को पहला नोटिस।
- 21वां दिन: 20 दिन पूरे होने पर दूसरा नोटिस और जवाब-तलब।
- 26वां दिन: 25 दिनों तक काम न होने पर अंतिम चेतावनी के साथ आखिरी नोटिस।
- 31वां दिन: अगर 30 दिनों के भीतर जनता की फाइल पर दस्तखत नहीं हुए, तो 31वें दिन संबंधित कर्मचारी या अधिकारी को सीधे निलंबित (सस्पेंड) कर दिया जाएगा।
सी एम ने अधिकारियों को काम करने की अपनी शैली बदलने को कहा है और नारा दिया कि अब 10 या 12 घंटे नहीं, बल्कि 20 घंटे काम करना होगा; ना खुद सोना है और ना अफसरों को सोने देना है, सिर्फ जनता का काम करना है।

अपराधियों को खुली चुनौती: “बिहार छोड़ो या श्मशान जाओ”
राज्य में उद्योग-धंधों को बढ़ावा देने और निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए सुशासन को पहली शर्त बताते हुए सम्राट चौधरी ने अपराधियों को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि अपराध करने वाला किसी भी जाति या धर्म का हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। बिहार के बगल में उत्तर प्रदेश में ‘बाबा’ और दूसरी तरफ सुवेंदु अधिकारी के होने का जिक्र करते हुए उन्होंने मजाकिया लेकिन सख्त लहजे में कहा कि अपराधियों के पास अब सिर्फ नेपाल भागने का रास्ता बचा है, नहीं तो उनका सीधा ठिकाना श्मशान होगा।
सीवान में चीनी मिल और 25 लाख घरों को मुफ्त सोलर बिजली की सौगात
सीवान की आर्थिक प्रगति को रफ्तार देने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर सी एम ने मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और स्थानीय प्रशासन को तुरंत जमीन चिन्हित कर सीवान में नई चीनी मिल खोलने की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया।

इसके साथ ही, राज्य सरकार के बड़े आर्थिक संकल्पों की घोषणा करते हुए उन्होंने बताया कि:
- मुफ्त सोलर बिजली: अगले दो वर्षों के भीतर बिहार के 25 लाख गरीब और बीपीएल परिवारों के घरों पर मुफ्त सोलर प्लांट लगाए जाएंगे। इससे जनता को बिजली तो मुफ्त मिलेगी ही, साथ ही 125 यूनिट से अधिक उत्पादित बिजली का पैसा सीधे उनके बैंक खातों में भेजा जाएगा।
- 1 करोड़ रोजगार: विकसित भारत और समृद्ध बिहार के संकल्प के तहत वर्ष 2030 तक राज्य के 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
- प्रखंडों में डिग्री और मॉडल स्कूल: इसी जुलाई महीने से उन सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज शुरू किए जाएंगे जहां कॉलेज नहीं हैं। साथ ही, हर प्रखंड में मॉडल स्कूल बनेंगे जहां नीट,जेईई और आईआईटी की उच्च स्तरीय कोचिंग मुफ्त मिलेगी।

कैमूर के विकास और मुंडेश्वरी धाम का कायाकल्प
इस महा-अभियान के तहत कैमूर की धरती को 196.06 करोड़ रुपये की 60 विकास योजनाओं की सौगात मिली, जबकि सीवान को 180 करोड़ रुपये की 38 योजनाओं का तोहफा मिला। कैमूर के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक माँ मुंडेश्वरी धाम का जीर्णोद्धार कर वहां श्रद्धालुओं के लिए रोपवे का निर्माण किया जाएगा। साथ ही, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्र में एयरपोर्ट के विकास और हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने की महत्वपूर्ण पहल की जाएगी।
गरिमामयी उपस्थिति
सीवान में इस ऐतिहासिक आयोजन के गवाह सीवान की सांसद विजय लक्ष्मी, महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, पूर्व मंत्री व विधायक मंगल पांडे, विधायक इंद्रदेव सिंह पटेल, अमरनाथ शाह, देवेश कांत सिंह, कर्णजीत सिंह व्यास, भीष्म प्रताप सिंह, विष्णुदेव पासवान, विधान परिषद सदस्य वीरेंद्र नारायण यादव, पूर्व सांसद ओमप्रकाश यादव, पूर्व सांसद कविता सिंह, पूर्व विधान परिषद सदस्य मनोज सिंह बने। प्रशासनिक स्तर पर सी एम के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी विनय कुमार, सचिव संजय सिंह, राहुल तिवारी, विकास कुमार, महादेव पासवान, अभय सिंह, रिज़वान, चंद्रकेतु सिंह और संजय पांडे सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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