रेल विस्तार मंच ने जनसंपर्क अभियान चलाकर फूंका बिगुल; अटेरन और मुक्तापुर रेल गुमटी पर ओवरब्रिज निर्माण कार्य तुरंत शुरू करने की भी उठी पुरजोर मांग।
समस्तीपुर, 28 मई 2026। समस्तीपुर-वैशाली क्षेत्र की लाइफलाइन मानी जाने वाली वर्षों से लंबित ‘कर्पूरीग्राम-ताजपुर-पातेपुर-महुआ-भगवानपुर‘ नई रेल लाइन योजना को शुरू कराने के लिए ‘समस्तीपुर रेल विकास एवं विस्तार मंच’ ने अब आर-पार की जंग का खुला ऐलान कर दिया है। रेल प्रशासन की लगातार जारी उपेक्षा से आक्रोशित मंच के नेताओं और स्थानीय जनता ने इस ऐतिहासिक मांग को लेकर शुक्रवार (29 मई) को समस्तीपुर डीआरएम (DRM) कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय विशाल ‘उपवास आंदोलन’ करने की पूरी तैयारी कर ली है।

सड़कों पर फूटा गुस्सा, हुआ सघन जनसंपर्क: इस महा-आंदोलन की सफलता को लेकर गुरुवार को पूरे शहर में भारी सुगबुगाहट और आक्रोश देखा गया। मंच के बैनर तले माधुरी चौक से लेकर अटेरन चौक गुमटी तक एक सघन और आक्रामक जनसंपर्क अभियान चलाया गया। इस दौरान आयोजित कई नुक्कड़ सभाओं में वक्ताओं ने केवल एक ही सुर में कहा कि कर्पूरीग्राम-ताजपुर-महुआ रेल लाइन इस इलाके के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन रेल मंत्रालय इस पर कुंडली मारकर बैठा है। अब जनता चुप नहीं बैठेगी और इस मांग को मनवाकर ही दम लेगी।

आंदोलन की प्रमुख मांगें जिनपर छिड़ी है जंग:
- कर्पूरीग्राम-ताजपुर-पातेपुर-महुआ-भगवानपुर नई रेल लाइन योजना को तत्काल बजट आवंटित कर काम शुरू किया जाए।
- अटेरन चौक रेल गुमटी पर भीषण जाम से मुक्ति के लिए अविलंब ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण हो।
- मुक्तापुर रेल गुमटी पर अधर में लटके ओवरब्रिज निर्माण कार्य को बिना देरी दोबारा शुरू किया जाए।
- समस्तीपुर रेल मंडल में यात्री सुविधाओं में विस्तार और स्थानीय ट्रेनों के ठहराव को सुनिश्चित किया जाए।
प्रशासन की बेरुखी के खिलाफ कल ठनना तय: नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कड़े लहजे में कहा कि जनहित और यात्री सुविधाओं के इस सबसे बड़े सवाल को लेकर लगातार शांतिपूर्ण आंदोलन चलाए जा रहे हैं, लेकिन रेल प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। कई महत्वपूर्ण आश्वासनों के बाद भी जमीन पर कोई सकारात्मक पहल नहीं दिखी। यही वजह है कि शुक्रवार को सुबह 11 बजे से सीधे डीआरएम दफ्तर के सामने जनता उपवास पर बैठकर अपना विरोध दर्ज कराकर आर-पार की लड़ाई लड़ेगी। इस ऐतिहासिक आंदोलन में हजारों की संख्या में ग्रामीणों और शहरी क्षेत्र के लोगों के जुटने की संभावना है।

जनसंपर्क अभियान के दौरान कार्यकर्ताओं ने दुकान-दुकान और घर-घर जाकर लोगों से इस उपवास आंदोलन को ऐतिहासिक बनाने की अपील की। सड़कों पर उतरे कार्यकर्ताओं के हाथों में मांगों की लाल तख्तियां और बैनर थे, जिसे देखकर आम जनता का भी भरपूर समर्थन मिला।
रणनीति बनाने और अभियान का नेतृत्व करने वाले मुख्य चेहरे: इस निर्णायक जनसंपर्क अभियान में मुख्य रूप से शत्रुघ्न राय पंजी, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, शंकर प्रसाद साह, सत्यनारायण सिंह, राम विनोद पासवान, परमानंद मिश्र, विश्वनाथ सिंह हजारी, अशोक राय, सुशील कुमार राय, राकेश ठाकुर, मनोज कुमार राय, संतोष कुमार निराला, उपेंद्र राय, डोमन राय समेत मंच से जुड़े सभी वरिष्ठ पदाधिकारी और स्थानीय लोग पूरी ताकत के साथ मौजूद रहे।

अन्य खबरों के लिए नीचे ’न्यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,
|| https://newsbharattv.in ||


