पटना | 06 मई, 2026 बिहार की राजनीति और विकास की दिशा में बुधवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 20 महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगाई गई। शाम 5 बजे शुरू हुई इस बैठक में उद्योग, परिवहन, स्वास्थ्य और तकनीक जैसे क्षेत्रों के लिए बड़े वित्तीय प्रावधानों और नीतिगत बदलावों को मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने बैठक के निर्णयों की विस्तृत जानकारी साझा की।

सड़कों की सेहत सुधारने के लिए ₹15,968 करोड़ का भारी निवेश
कैबिनेट के सबसे बड़े फैसलों में से एक पथ निर्माण विभाग से जुड़ा है। राज्य की 19,305 किमी लंबी सड़कों के बेहतर रखरखाव के लिए सरकार ने ₹15,968 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी है। खास बात यह है कि अब सड़कों के निरीक्षण के लिए इंसान ही नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र में आस्था का सम्मान: ‘मां सीता‘ मेडिकल कॉलेज
सीतामढ़ी जिले के निवासियों के लिए बड़ी खबर है। वहाँ निर्माणाधीन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल का नाम अब ‘मां सीता चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल‘ होगा। यह निर्णय न केवल जिले की पहचान को नई ऊंचाई देगा, बल्कि स्वास्थ्य सुविधाओं को जन-आस्था से भी जोड़ेगा।
बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए ‘ई-वोटिंग‘ की सुविधा
लोकतंत्र में सबकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग ने क्रांतिकारी कदम उठाया है। वर्ष 2026 के नगरपालिका निर्वाचनों में वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों और असाध्य रोगों से ग्रसित मतदाताओं के लिए ई-वोटिंग सिस्टम का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए हैदराबाद स्थित सी-डैक (C-DAC) को एजेंसी के रूप में चुना गया है, जिस पर ₹31.45 लाख खर्च होंगे।
परिवहन: 400 इलेक्ट्रिक एसी बसों का जाल
पर्यावरण संरक्षण और सुलभ परिवहन की दिशा में PM ई-बस सेवा योजना के तहत बिहार में 400 इलेक्ट्रिक एसी बसें चलाई जाएंगी। इसके लिए कैश गैप सब्सिडी को बढ़ाकर ₹517.16 करोड़ करने की पुनरीक्षित स्वीकृति दी गई है।

अन्य महत्वपूर्ण निर्णय एक नजर में:
- शिक्षा और रोजगार: अरवल और शेखपुरा जिलों में नए केंद्रीय विद्यालयों के निर्माण के लिए 5-5 एकड़ भूमि महज ₹1 के टोकन मूल्य पर 30 साल की लीज पर देने का फैसला लिया गया है।
- शहरी विकास: “बिहार अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम” के लिए विश्व बैंक से 500 मिलियन डॉलर के ऋण सहायता की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है।
- कर्मचारी कल्याण: सरकारी सेवकों और पेंशनभोगियों को अब बैंकों के माध्यम से अग्रिम वेतन और ऋण की सुविधा मिल सकेगी।
- बाढ़ बचाव: गंगा नदी के किनारे विभिन्न क्षेत्रों (बक्सर, कोइलवर, सबलपुर) में कटाव निरोधक कार्यों के लिए करोड़ों रुपये की योजनाओं को मंजूरी मिली है।
- AI ट्रेनिंग: विधानमंडल सदस्यों और सरकारी कर्मियों को भविष्य की तकनीक से लैस करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।
- BIT मेसरा: पटना विस्तार केंद्र के संचालन के समझौते को 16 दिसंबर 2030 तक के लिए विस्तार दिया गया है।
इस बैठक ने यह साफ कर दिया है कि बिहार सरकार अब परंपरागत शासन प्रणाली से आगे निकलकर तकनीक (AI) और आधुनिक बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
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