सकरा (मुजफ्फरपुर): स्वाधीनता संग्राम की प्रथम चिंगारी सुलगाने वाले अमर शहीद मंगल पांडे की पुण्यतिथि आज सकरा हाई स्कूल के समीप स्थित शहीद यादगार समिति के बैनर तले सोहन लाल आजाद के आवास पर ‘बलिदान दिवस’ के रूप में संकल्पबद्ध होकर मनाई गई। कार्यक्रम में स्थानीय प्रबुद्ध जनों, शिक्षकों और युवाओं ने शहीद के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर वक्ताओं ने 1857 की क्रांति के नायक मंगल पांडे के त्याग और बलिदान को याद करते हुए उनके बताए रास्ते पर चलने का आह्वान किया।

स्वतंत्रता संग्राम के नायक को नमन

कार्यक्रम के संयोजक सोहन लाल आजाद ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि 8 अप्रैल, 1857 का वह दिन भारतीय इतिहास में एक अमिट अध्याय है, जब बैरकपुर (पश्चिम बंगाल) में मंगल पांडे ने मातृभूमि की रक्षा हेतु अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। उन्होंने कहा कि उनके बलिदान ने ही पूरे देश में अंग्रेजों के खिलाफ स्वतंत्रता की अलख जगाई थी।

वक्ताओं के विचार: राष्ट्र के प्रति समर्पण का आह्वान

विशिष्ट वक्ता राजेश कुमार का संबोधन: “अमर शहीद मंगल पांडे का बलिदान केवल एक घटना नहीं, बल्कि भारतीय स्वाभिमान की पुनर्स्थापना थी। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अदम्य साहस दिखाते हुए अंग्रेजी शासन की दमनकारी नीतियों के विरुद्ध जो बिगुल फूंका, वह आज भी करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। आज के समय में देश को उन मूल्यों की अत्यंत आवश्यकता है जिनके लिए मंगल पांडे ने अपना सर्वस्व त्याग दिया। उनकी वीरता हमें सिखाती है कि अन्याय और शोषण के विरुद्ध आवाज उठाना ही सच्चा धर्म है। हम सबको मिलकर राष्ट्र की सेवा में अपना योगदान देने का संकल्प लेना चाहिए।”

पूर्व शिक्षक मदन बैठा ने संबोधित करते हुय कहा कि  “एक शिक्षक के तौर पर मेरा मानना है कि आज की युवा पीढ़ी को मंगल पांडे जैसे महापुरुषों की जीवनी से शिक्षा लेनी चाहिए। उन्होंने अपना जीवन देश की स्वतंत्रता के लिए समर्पित कर दिया और फाँसी के फंदे को सहर्ष स्वीकार किया। मदन बैठा ने कहा कि शिक्षा का सही अर्थ केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि देश के गौरवशाली इतिहास को जानना और उसे आत्मसात करना है। हमें अपने बच्चों को यह बताना चाहिए कि आज हम जो खुली हवा में सांस ले रहे हैं, वह मंगल पांडे जैसे अनेकों शहीदों के लहू की देन है। उनका जीवन राष्ट्रभक्ति का सर्वोत्तम उदाहरण है।”

समारोह में इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम में धर्मवीर कुमार, धर्मेंद्र कुमार, आयुषी भारती, सोनम कुमारी, भावना भारती, और लक्ष्मण कुमार सहित अन्य स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में ‘भारत माता की जय’ और ‘अमर शहीद मंगल पांडे अमर रहें’ के नारों के साथ वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।

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