सकरा विधायक आदित्‍य कुमार का बड़ा बयान: “कांटी को 15 दिन में राहत, सकरा (ढ़ोली) के लिए जाएंगे दिल्ली”

मुजफ्फरपुर। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के प्रयासों के तहत मुजफ्फरपुर टाउन, कांटी, सकरा, बोचहां एवं मीनापुर के माननीय विधायकों ने समस्तीपुर मंडल रेल प्रबंधक (डी आर एम) के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक के बाद सकरा विधायक ने स्पष्ट रूप से घोषणा की है कि कांटी में कपरपुरा रेलवे गुमटी बंद होने से उपजी समस्याओं का समाधान 10 से 15 दिनों के भीतर वैकल्पिक व्यवस्था और टेंडरिंग प्रक्रिया के जरिए कर दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि सकरा (ढोली) में आरओबी निर्माण की फाइल बिहार सरकार से स्वीकृत होने के बावजूद रेलवे स्तर पर लंबित है, जिसके लिए वे जल्द ही दिल्ली जाकर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात करेंगे।


बैठक में शामिल रेलवे के अधिकारी एवं माननीय विधायक गण

छात्रों के भविष्य और व्यापार पर रेलवे की सर्जिकल स्ट्राइक

मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर रेल खंड पर ट्रेनों के वर्तमान समय ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। यह केवल यात्रा की समस्या नहीं, बल्कि एक बड़ी सामाजिक और आर्थिक बाधा बन चुकी है:

  • भूखे पेट कॉलेज जाने को मजबूर छात्र: सकरा विधानसभा क्षेत्र के अर्न्‍तगत आने वाले  सिहो और दुबहा स्टेशनों की स्थिति सबसे दयनीय है। सुबह 7 बजे के बाद शाम 3:55 बजे (सिवान पैसेंजर) तक मुजफ्फरपुर के लिए कोई ट्रेन नहीं है। छात्रों का कहना है कि घर में भोजन 8 बजे तक बनता है, लेकिन ट्रेन पकड़ने के लिए उन्हें 7 बजे ही निकलना पड़ता है। इसके कारण छात्र भूखे पेट कॉलेज जाने को विवश हैं और जंक्शन पर घंटों बैठकर समय बर्बाद करते हैं।
  • कनेक्टिविटी से राजस्व में वृद्धि: मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर शहर के बीच प्रत्येक दो घंटे पर एक स्पेशल ट्रेन चलाने से न केवल यात्रियों को सुविधा होगी, बल्कि रेलवे के राजस्व (रेवन्‍यू) में भारी वृद्धि होगी। पहले 8 बजे के आसपास सवारी गाड़ी चला करती थी, जिसे बहाल करना जरूरी है।
  • पटना के लिए सुबह की ट्रेन: समस्तीपुर से भाया मुजफ्फरपुर होते हुए पटना जंक्शन के लिए एक अलग सवारी गाड़ी की जरूरत है, जो हर हाल में सुबह 9 बजे तक पटना जंक्‍शन (पाटलीपुत्रा जंक्‍शन होते हुए  पटना जंक्‍शन तक) पहुंचा दे।
  • कोरोना काल का दंश: कोरोना काल में बंद की गई मुजफ्फरपुर सियालदह सुपर फास्ट डेली पैसेंजर (गरीबों की सवारी) को अब तक बहाल नहीं किया गया है, जिससे गरीब यात्रियों में भारी आक्रोश है। मुजफ्फरपुर सियालदह सुपर फास्ट डेली पैसेंजर सकरा विधान सभा क्षेत्र से होकर गुजरती थी, जिससे प्रत्‍येक माह सकरा क्षेत्र के हजारों लोग लाभान्वित होते थे, मुजफ्फरपुर सियालदह सुपर फास्ट डेली पैसेंजर के द्वारा  गरीब लोग सौ रूपया से भी कम किराया में  हावड़ा,सियालदह तक की यात्रा कर लेते थे ।  

अभिषेक ठाकुर ने एक्‍स पर ट्वीट कर उठाई पुरजोर मांग: इन ट्रेनों का हो ठहराव

जनता की मांगों को प्रमुखता से उठाते हुए अभिषेक ठाकुर ने सोशल मीडिया के माध्यम से रेल प्रशासन से ढोली स्टेशन की उपेक्षा बंद करने की मांग की है। अभिषेक ठाकुर ने समस्तीपुर मंडल रेल प्रबंधक को ध्‍यान आकृष्‍ट कराते हुए कहा है:-

  1. महत्वपूर्ण ठहराव: ढोली रेलवे स्टेशन पर 14649/50 सरयू यमुना एक्सप्रेस और 13211/12 जोगबनी दानापुर इंटरसिटी का स्टॉपेज सुनिश्चित हो।
  2. दोपहर की मेमू ट्रेन: सुबह 6:33 के बाद मुजफ्फरपुर के लिए दोपहर 12 से 1 बजे के बीच एक जोड़ी मेमू सवारी गाड़ी चलाई जाए। अब जबकि मंडल इंटरचेंज की समस्या समाप्त हो गई है, तो ट्रेन चलाने में कोई तकनीकी बाधा नहीं होनी चाहिए।
  3. गुमटी नंबर 79: ढोली स्टेशन के पास गुमटी नंबर 79 स्पेशल पर अविलंब ओवरब्रिज का निर्माण किया जाए।

कछुआ गति से चल रहा अमृत भारतका काम; बंद गुमटी नंबर 78 बनी मुसीबत

ढोली स्टेशन के समीप समस्तीपुर की ओर गुमटी नंबर 78 (पुरवारी गुमटी) को बंद किए जाने से सकरा का सबसे पुराना हाट और व्यावसायिक परिसर बर्बाद हो रहा है। गुमटी बंद करते समय नीमतल्ला चौक से ऐनुल हक चौक की ओर जाने वाली सड़क को पैदल पुल से जोड़ने का आश्वासन दिया गया था, जो आज तक अधूरा है।

  • खतरे में जान: प्रतिदिन औसतन एक हजार से ज्यादा लोग (महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग) जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइन पार करने को मजबूर हैं। शाम के समय यहां दृश्‍य भयावह होता है, कब दुर्घटना हो जाय कहना मुश्किल है ।  
  • धीमी रफ्तार: अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत ढोली स्टेशन का पुनर्विकास कार्य इतना धीमा है कि स्थानीय लोगों का कहना है कि इसे पूरा होने में वर्षों लग जाएंगे। यह रेलवे की कार्यक्षमता पर बड़ा प्रश्नचिह्न है

जनप्रतिनिधियों का साझा दबाव: रेलवे की मनमानी पर लगा अंकुश

जनप्रतिनिधियों का साझा दबाव: रेलवे की मनमानी पर लगा अंकुश :-मुजफ्फरपुर जिले के पांचों विधायकों—कांटी विधायक अजीत कुमार, मुजफ्फरपुर नगर विधायक रंजन कुमार, बोचहां विधायक बेबी कुमारी, सकरा विधायक आदित्य कुमार एवं मीनापुर विधायक अजय कुमार कुशवाहा—ने एकजुट होकर मंडल रेल प्रबंधक ज्योति प्रकाश मिश्रा से मुलाकात की और कड़ा विरोध दर्ज कराया। जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि कांटी की रेलवे गुमटी संख्या 107 को बिना किसी पूर्व सूचना या वैकल्पिक व्यवस्था के बंद करना पूरी तरह जनविरोधी कदम है। इस मार्ग का मोतिपुर, मीनापुर और साहेबगंज जैसे प्रमुख क्षेत्रों से सीधा जुड़ाव है, जहाँ से प्रतिदिन हजारों मरीज, छात्र और किसान गुजरते हैं। जनप्रतिनिधियों ने डीआरएम के सामने यह तथ्य भी रखा कि इस मार्ग का मुजफ्फरपुर-पटना बाईपास से कोई सीधा संबंध न होने के बावजूद इसे बंद करना स्थानीय लोगों के लिए किसी त्रासदी से कम नहीं है। दबाव का ही नतीजा रहा कि रेल प्रशासन को न केवल 10 करोड़ की लागत से अंडरपास बनाने का आश्वासन देना पड़ा, बल्कि अगले 15 दिनों के भीतर वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने का भी वादा करना पड़ा। यह बैठक इस बात का प्रमाण है कि यदि जनप्रतिनिधि एकजुट होकर जनता की आवाज उठाएं, तो रेलवे की मनमानी को चुनौती देकर समाधान निकाला जा सकता है।


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