मुजफ्फरपुर (सकरा/ढोली): 13 मार्च 2026 बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के सकरा प्रखंड अंतर्गत रूपनपट्टी (आर्मी मार्केट) में आज शिक्षा की एक नई इबारत लिखी गई। जहाँ एक ओर महानगरों में शिक्षा ‘धंधा’ बन चुकी है, वहीं समाज सेवी  भोला ठाकुर और बी-टेक (कंप्यूटर साइंस) इंजीनियर सिंधु राज की जोड़ी ने बी.टी. पब्लिक स्कूल का शुभारंभ कर मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों के लिए उम्मीदों के द्वार खोल दिए हैं। 31 मार्च तक नामांकन निःशुल्क रखने और मात्र 300 रुपये महीने की फीस में अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा देने के संकल्प ने पूरे जिले में हलचल मचा दी है।

उद्घाटन समारोह: संकल्पों की नई गूंज

शुक्रवार को एन.एच. 28 स्थित आर्मी मार्केट में आयोजित भव्य उद्घाटन समारोह में शिक्षाविदों, समाजसेवियों और स्थानीय अभिभावकों का तांता लगा रहा। कार्यक्रम का आगाज दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जहाँ वक्ताओं ने शिक्षा के गिरते स्तर और बढ़ते बाजारीकरण पर तीखे प्रहार किए।

महेश शर्मा का आह्वान: “जब तक गाँव नहीं पढ़ेगा, देश नहीं बढ़ेगा” समारोह को संबोधित करते हुए महेश शर्मा ने कहा, “भोला ठाकुर जी ने हमेशा समाज को जोड़ने का काम किया है। आज गाँव-घरों में शिक्षा का अभाव है। लोग भटक रहे हैं। यह विद्यालय खुलने से न केवल बच्चों को ज्ञान मिलेगा, बल्कि क्षेत्र में रोजगार और विकास की नई लहर आएगी। हम सबको संकल्प लेना होगा कि हम अपने बच्चों को यहाँ भेजें और इस मशाल को बुझने न दें।”

मुख्य अतिथि अवधेश शर्मा ने वर्तमान शिक्षा व्यवस्था की दुखती रग पर हाथ रखते हुए कहा, “आजकल शिक्षा का बजारीकरण हो गया है। एक छोटे बच्चे के ट्यूशन के लिए लोग 4000 रुपये मांगते हैं। मैं शिक्षकों से हाथ जोड़कर प्रार्थना करता हूँ कि वे शिक्षा को बाजार न बनाएं। अलख पांडे (फिजिक्स वाला) और खान सर ने साबित किया है कि कम फीस में भी श्रेष्ठ शिक्षा दी जा सकती है। बी.टी. पब्लिक स्कूल उसी परंपरा को आगे बढ़ाएगा।”


विशेषज्ञों का प्रहार: “शिक्षा दान है, व्यापार नहीं”

इंजीनियरिंग की नौकरी छोड़ गाँव की मिट्टी चुनने वालीं सिंधु राज का विजन

स्कूल की डायरेक्टर और बी-टेक इंजीनियर सिंधु राज ने जब माइक संभाला, तो उनकी बातों ने अभिभावकों के दिल को छू लिया। उन्होंने अपने कोटा के दिनों को याद करते हुए कहा, “मैं खुद कोटा में 1 लाख 90 हजार रुपये देकर पढ़ी हूँ। वहाँ 80% बच्चे बिहार के हैं, जो करोड़ों का टर्नओवर बना रहे हैं। लेकिन क्या उन गरीब बच्चों का क्या, जो कोटा नहीं जा सकते? मैं वही ‘गैप’ भरने आई हूँ।”

सिंधु राज ने शिक्षा के आधुनिक ढांचे को स्पष्ट करते हुए कहा:

  • 7 दिनों का फ्री डेमो: “हम दावों पर नहीं, काम पर यकीन रखते हैं। गार्जियन 7 दिन तक बच्चे के साथ क्लास में बैठें। अगर बदलाव दिखे, तभी एडमिशन लें।”
  • मेंटल हेल्थ और योग: पढ़ाई शुरू होने से पहले हर बच्चे के लिए योग और मेडिटेशन अनिवार्य होगा।
  • गैजेट्स से आजादी: आज मोबाइल बच्चों के दिमाग को ‘करप्ट’ कर रहा है। हम बच्चों को गैजेट्स का गुलाम नहीं, बल्कि उनका मालिक बनाएंगे।
  • प्रतियोगी परीक्षाओं का हब: कक्षा 6 से ही नवोदय, सैनिक स्कूल, सिमुलतला और शांति निकेतन की तैयारी कराई जाएगी।

एमडी भोला ठाकुर की हुंकार: “300 रुपये में भविष्य, गरीब को मिलेगी फ्री शिक्षा”

विद्यालय के प्रबंध निदेशक (एमडी) और चर्चित समाजसेवी भोला ठाकुर ने मंच से घोषणा की कि यह स्कूल कोई बिजनेस वेंचर नहीं है। उन्होंने भावुक होकर कहा, “मैंने वह दौर देखा है जब 20 रुपये ट्यूशन फीस नहीं जुटती थी। आज भी कई माता-पिता के पास पैसे नहीं हैं। मैं वादा करता हूँ कि 31 मार्च तक नामांकन फ्री रहेगा और प्ले स्कूल से कक्षा 1 तक की फीस मात्र 300 रुपये होगी। पूरे जिले में कोई इस रेट पर इंग्लिश मीडियम शिक्षा नहीं दे पाएगा।”

उन्होंने सख्त लहजे में कहा:

“हमें केवल भीड़ नहीं चाहिए, हमें पढ़ने वाले बच्चे और जागरूक अभिभावक चाहिए।  अगर माता-पिता पढ़ाई के प्रति गंभीर नहीं हैं, तो चाहे लाख पैरवी करवा  लें, पर एडमिशन नहीं होगा। हमारा लक्ष्य अब IIT और मेडिकल के बाद IAS-IPS पैदा करना है।”

अनुभवी फैकल्टी और प्रशासनिक टीम

प्रधानाध्यापिका शालिनी चौहान ने भरोसा दिलाया कि वे हर बच्चे को व्यक्तिगत मार्गदर्शन देंगी। उन्होंने कहा, “भोला सर ने किसान और मजदूरों के बच्चों के लिए जो सपना देखा है, उसे हम अपनी मेहनत से सच करेंगे।” टीम में उप-प्राचार्या नाजिया खातून, वरिष्ठ शिक्षिका सानिया अख्तर, अनुष्का कुमारी और आशा जी जैसे अनुभवी शिक्षक शामिल हैं, जो अनुशासन और गुणवत्ता पर पैनी नजर रखेंगे।


बी.टी. पब्लिक स्कूल की प्रमुख विशेषताएं: एक नजर में

विशेषताविवरण
नामांकन31 मार्च 2026 तक पूर्णतः निःशुल्क (FREE)
मासिक शुल्कमात्र 300 रुपये
कोचिंग सुविधाकक्षा 8वीं से 12वीं तक विशेष बैच और ऑनलाइन कोटा फैकल्टी
प्रतियोगी परीक्षानवोदय, सैनिक स्कूल, सिमुलतला की विशेष तैयारी
सामाजिक सरोकार गरीब और मेधावी बच्चों के लिए टेस्ट के आधार पर मुफ्त पढ़ाई
तकनीकी शिक्षाबी-टेक डायरेक्टर के नेतृत्व में कंप्यूटर और आधुनिक विज्ञान पर जोर

गणित और विज्ञान को खेलबनाएंगे विशेषज्ञ

साक्षात्कार के दौरान सिंधु राज ने स्पष्ट किया कि गणित कोई पहेली नहीं, बल्कि प्रकृति की भाषा है। यहाँ बच्चों को सूत्र रटाने के बजाय “क्यों” और “कैसे” पर ध्यान केंद्रित कराया जाएगा। 11वीं और 12वीं के छात्रों के लिए कोटा की बेहतरीन फैकल्टी के माध्यम से रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान की ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था की गई है, ताकि ग्रामीण बच्चों को नीट (NEET) और जेईई (JEE) के लिए दिल्ली-कोटा न भागना पड़े।

गाँव से निकलेगी सफलता की नई राह : बी.टी. पब्लिक स्कूल का शुभारंभ केवल एक भवन का उद्घाटन नहीं, बल्कि उस सोच का अंत है जो मानती थी कि अच्छी शिक्षा केवल महंगे शहरों में मिलती है। सकरा के रूपनपट्टी में अब एक ऐसी नर्सरी तैयार हो रही है, जहाँ से आने वाले समय के डॉक्टर, इंजीनियर और प्रशासनिक अधिकारी निकलेंगे।


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