मधेपुरा/सुपौल | 10 मार्च, 2026 बिहार को विकसित राज्यों की अग्रणी श्रेणी में लाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ का तीसरा चरण आज कोसी क्षेत्र में विकास की नई इबारत लिख गया। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को सुपौल और मधेपुरा जिलों का सघन दौरा किया, जहाँ उन्होंने न केवल ₹1,000 करोड़ से अधिक की योजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया, बल्कि जन-संवाद के माध्यम से सीधा फीडबैक भी लिया।

मधेपुरा में जीविका दीदियों का बढ़ा मान, करोड़ों के चेक वितरित
मधेपुरा में मुख्यमंत्री का मुख्य फोकस महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता पर रहा। उन्होंने जीविका दीदियों द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टालों का अवलोकन किया और उनके उत्पादों की सराहना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने:
- 15,748 स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के बीच ₹173 करोड़ की राशि का सांकेतिक चेक प्रदान किया।
- सतत् जीविकोपार्जन योजना के अंतर्गत 472 लाभार्थियों को ₹2,60,96,000 की सहायता राशि सौंपी।
- मधेपुरा पुलिस लाइन के नवनिर्मित प्रशासनिक एवं आवासीय भवनों का भी उद्घाटन किया।

सुपौल में बुनियादी ढांचे को मजबूती
सुपौल जिला प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने ₹570 करोड़ की योजनाओं का उपहार दिया। इसमें:
- 435 करोड़ रु. की लागत वाली 84 योजनाओं का शिलान्यास।
- 135 करोड़ रु. की 129 योजनाओं का लोकार्पण।
- निर्मली रिंग बांध के जीर्णोद्धार कार्य का स्थल निरीक्षण कर अधिकारियों को गुणवत्ता के सख्त निर्देश दिए।

अधिकारियों को निर्देश: “समयबद्धता और पारदर्शिता से समझौता नहीं”
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट लहजे में कहा कि विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी तरीके से पहुँचना चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि:
- सभी चालू योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से हो।
- आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन संवेदनशील और सक्रिय रहे।

जन-संवाद: “सुशासन से समृद्धि” का संकल्प
विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों और प्रदर्शनी (शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य) का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री ने युवाओं और स्कूली बच्चों से भी बातचीत की। जन-संवाद कार्यक्रम में उमड़ी भारी भीड़ को संबोधित करते हुए उन्होंने दोहराया कि ‘समृद्धि यात्रा’ का उद्देश्य न्याय के साथ विकास और हर क्षेत्र की समान प्रगति सुनिश्चित करना है।




