पटना | मुख्य संवाददाता बिहार के शहरों को सुंदर, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के संकल्प के साथ राज्य सरकार ने अवैध होर्डिंग और विज्ञापनों के खिलाफ एक निर्णायक जंग छेड़ दी है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के निर्देश पर पूरे प्रदेश के 38 जिलों में सघन तलाशी और जब्ती अभियान चलाया जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब सड़कों पर नियमों को ताक पर रखकर विज्ञापन लगाने वालों को ‘आर्थिक अपराधी’ मानकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रतिकात्‍मक तस्‍वीर

11 हजार से अधिक मामले, 20 लाख की वसूली

ताजा आंकड़ों के अनुसार, पूरे राज्य के 264 नगर निकायों में चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत अब तक 11,000 से अधिक अवैध होर्डिंग के मामले सामने आए हैं। इन मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए सरकार ने करीब 20 लाख रुपये का जुर्माना वसूला है। यह अभियान केवल विज्ञापन हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि नियम तोड़ने वाले संस्थानों पर भारी आर्थिक दंड भी लगाया जा रहा है।

प्रमुख शहरों में सख्त कार्रवाई का ब्योरा

अभियान का सबसे व्यापक असर राजधानी पटना सहित प्रमुख व्यापारिक केंद्रों पर देखा जा रहा है:

  • पटना: पटना नगर निगम क्षेत्र में 200 से अधिक अवैध होर्डिंग हटाए गए हैं, जबकि 250 से अधिक अन्य होर्डिंग मालिकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
  • भागलपुर: यहां प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए 10 बड़े संस्थानों पर FIR दर्ज की है और अकेले इस जिले से 19 लाख रुपये से अधिक का दंड वसूला गया है।
  • मुजफ्फरपुर और बेगूसराय: मुजफ्फरपुर में 55 अवैध होर्डिंग हटाए गए और 71 को नोटिस दिया गया है, वहीं बेगूसराय में भी 7 प्रमुख अवैध विज्ञापनों पर कार्रवाई की गई है।

जनसुरक्षा और यातायात है प्राथमिकता

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि शहरों की सुंदरता के साथ-साथ यातायात व्यवस्था और जनसुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अक्सर अवैध होर्डिंग सड़कों के मोड़ों या बिजली के खंभों पर इस तरह लगा दिए जाते हैं जिससे वाहन चालकों का ध्यान भटकता है और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। साथ ही, बिना अनुमति लगे भारी-भरकम होर्डिंग गिरने से जान-माल का खतरा भी बना रहता है।

चेतावनी: आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई

सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि यह कोई सांकेतिक अभियान नहीं है। आने वाले दिनों में राज्य के अन्य छोटे शहरों और कस्बों में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। नगर विकास विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रतिदिन की रिपोर्ट तैयार करें।

अवैध विज्ञापन सामग्री हटाने की प्रक्रिया एक निरंतर चलने वाली कार्रवाई है। जो लोग शहर की सूरत बिगाड़ रहे हैं, उन पर हमारी नजर है। आने वाले समय में कार्रवाई का दायरा और बढ़ेगा।”  — विजय कुमार सिन्हा, उपमुख्यमंत्री, बिहार

प्रशासन ने व्यवसायियों और विज्ञापन एजेंसियों से अपील की है कि वे निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें और केवल वैध स्थानों पर ही होर्डिंग लगाएं, अन्यथा भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

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