समस्तीपुर। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ के समस्तीपुर आगमन पर आइसा (AISA) कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। जनहितैषी मांगों से संबंधित मांगपत्र मुख्यमंत्री को सौंपने के संकल्प के साथ कार्यकर्ताओं ने जितवारपुर से एक विशाल जुलूस निकाला।

पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक
जैसे ही जुलूस आगे बढ़ा, पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए नारेबाजी कर रहे कार्यकर्ताओं को रास्ते में ही रोक दिया। पुलिस द्वारा रोके जाने से आइसा कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए। विरोध स्वरूप कई कार्यकर्ता चांदनी चौक स्थित बैरिकेडिंग के पास ही सड़क पर लेट गए और सरकार विरोधी नारेबाजी करने लगे। इस दौरान काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद शांत हुआ मामला
स्थिति को बिगड़ता देख जिले के वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित छात्रों को समझाने-बुझाने का काफी प्रयास किया। अंततः, प्रशासन ने कार्यकर्ताओं से मांगपत्र प्राप्त किया और यह आश्वासन दिया कि इसे मुख्यमंत्री तक पहुंचा दिया जाएगा। इसके बाद ही छात्र वहां से हटने को तैयार हुए, हालांकि पुलिस ने उन्हें सभा स्थल पर जाने की अनुमति नहीं दी।
“संवैधानिक अधिकार छीन नहीं सकती सरकार”
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री को अपनी समस्याओं से अवगत कराना और मांगपत्र सौंपना उनका संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा:
“बिहार के मुख्यमंत्री को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें सौंपना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है। प्रशासन बल प्रयोग कर इस अधिकार को छीन नहीं सकता।”
इस प्रदर्शन के कारण कुछ देर के लिए यातायात बाधित रहा, लेकिन मांगपत्र सौंपे जाने के बाद स्थिति सामान्य हो गई।

