घूसखोर अंचल निरीक्षक का खेल खत्म! जमीन नापने के नाम पर 16,000 रूपये घूस लेते निगरानी टीम के हत्थे चढ़ा राजस्व कर्मचारी

पटना : बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की ताबड़तोड़ कार्रवाई लगातार जारी है। ताजा मामला अरवल जिले से सामने आया है, जहाँ निगरानी टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंचल कार्यालय के राजस्व कर्मचारी-सह-प्रभारी अंचल निरीक्षक को 16,000/- रूपये घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

अरवल में जमीन नापी के नाम पर 16,000/- रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार राजस्व कर्मचारी-सह-प्रभारी अंचल निरीक्षक शिवमंगल प्रसाद को हिरासत में लेते निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम।

ओझा बिगहा मोड़ के पास हुई गिरफ्तारी

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यालय टीम ने दिनांक 01.10.2026 को निगरानी थाना कांड संख्या 115/2026 (दिनांक 30.09.2026) के तहत प्राथमिक अभियुक्त शिवमंगल प्रसाद, राजस्व कर्मचारी-सह-प्रभारी अंचल निरीक्षक, अंचल कार्यालय, अरवल, जिला- अरवल को थाना एवं जिला- अरवल स्थित ओझा बिगहा मोड़ के पास से 16,000/- (सोलह हजार) रूपये की रिश्वत लेते हुए धर दबोचा।

क्या था पूरा मामला?

परिवादी रबिन्द्र प्रसाद, पिता- स्व० रामपुकार सोनम, सा०- उमैराबाद, पो०- बैदराबाद, थाना एवं जिला- अरवल द्वारा निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी। परिवादी ने बताया था कि उसने अपनी पुस्तैनी जमीन की नापी कराने हेतु ऑनलाइन आवेदन अंचल कार्यालय, अरवल में किया था। काफी दिनों तक आवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई और आरोपी कर्मचारी द्वारा जमीन की नापी कराने के एवज में अवैध रिश्वत की लगातार मांग की जा रही थी।

ब्यूरो का सत्यापन और धावादल का गठन

शिकायत मिलने के बाद निगरानी ब्यूरो द्वारा इसका सत्यापन कराया गया, जिसमें आरोपी द्वारा रिश्वत मांगे जाने का प्रमाण सही पाया गया। प्रथम दृष्टया आरोप सही साबित होने पर निगरानी थाना में कांड दर्ज किया गया। इसके पश्चात अनुसंधानकर्त्ता उपेन्द्र कुमार, पुलिस निरीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के अनुरोध पर मो० वसीम फिरोज, पुलिस उपाधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के नेतृत्व में एक विशेष धावादल (टीम) का गठन किया गया।

धावादल ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपी को रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथ दबोच लिया। आरोपी से पूछताछ के उपरांत उसे माननीय विशेष न्यायालय, निगरानी, पटना में उपस्थापित किया जाएगा। मामले में अग्रेतर अनुसंधान की कार्रवाई जारी है।

निगरानी ब्यूरो का अब तक का रिकॉर्ड

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना का वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के विरुद्ध यह 115वां प्राथमिकी दर्ज करने का अभियान है। इसमें ट्रैप से संबंधित यह 105वां कांड है, जिसके तहत अब तक कुल 105 अभियुक्तों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है। इस दौरान रिश्वत की कुल बरामद राशि 37,63,800/- रूपये और एक नया वाशिंग मशीन (कीमत 37,000/- रूपये) जब्त किया गया है। वहीं, पिछले वर्ष 2025 में कुल 101 ट्रैप कांड दर्ज किए गए थे और रिश्वत के रूप में कुल 37,80,300/- रूपये बरामद किए गए थे।

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