अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से मिलेगी मुक्ति, बिहार में उपयोग पोर्टल की शुरुआत, एक क्लिक पर मिलेंगी सभी शहरी सुविधाएं

पटना : बिहार के शहरी क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के लिए एक राहत भरी जानकारी सामने आई है। अब लोगों को विभिन्न प्रकार की शहरी सेवाओं और प्रमाणपत्रों के लिए सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। राजधानी पटना में लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राष्ट्रीय शहरी डिजिटल मिशन के अंतर्गत राज्य के सभी नगर निकायों के लिए विकसित किए जा रहे यूपीयॉग (उपयोग) पोर्टल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर पोर्टल की कार्यप्रणाली पर आधारित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गई तथा मुख्यमंत्री के सामने पोर्टल का लाइव डेमोंस्ट्रेशन भी प्रस्तुत किया गया।

लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में राष्ट्रीय शहरी डिजिटल मिशन के अंतर्गत उपयोग पोर्टल का शुभारंभ करते हुए सम्राट चौधरी एवं अन्य अधिकारी।

प्रथम चरण में इन 10 प्रमुख सेवाओं की शुरुआत

नगर विकास एवं आवास विभाग के एकीकृत ई-गवर्नेस पोर्टल के माध्यम से तैयार इस साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म को राज्य के सभी 264 शहरी स्थानीय निकायों में लागू किया गया है। पहले चरण में कुल 19 में से 10 मॉड्यूल शुरू किए गए हैं, जिनसे आम नागरिकों को सीधे लाभ मिलेगा:

  • विज्ञापन प्रबंधन
  • ट्रेड लाइसेंस
  • जल एवं सीवरेज कनेक्शन प्रबंधन
  • परिसंपत्ति प्रबंधन
  • वाहन बेड़ा प्रबंधन
  • नगरपालिका लेखा एवं वित्त प्रबंधन
  • भवन नक्शा स्वीकृति
  • विधि मॉड्यूल
  • सामग्री प्रबंधन
  • लोक शिकायत निवारण

इस पोर्टल के माध्यम से नागरिक विभिन्न शहरी सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और डिजिटल प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकेंगे। भवन निर्माण की अनुमति के लिए आवेदन और स्वीकृति की प्रक्रिया भी ऑनलाइन होगी, जिससे नागरिकों को सहूलियत होगी।

राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम लिमिटेड के साथ समझौता

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री की उपस्थिति में नगर विकास एवं आवास विभाग तथा राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम लिमिटेड के बीच विभिन्न विकास परियोजनाओं के संबंध में समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान हुआ। पहली परियोजना के तहत पटना में टेलीविजन टावर के निकट लगभग साढ़े आठ एकड़ भूमि पर आवासीय परियोजना विकसित करने की योजना है। इसके अतिरिक्त, गर्दनीबाग में टेक पार्क के निर्माण के लिए सूचना प्रौद्योगिकी विभाग तथा राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम लिमिटेड के बीच समझौता किया गया। जल संसाधन विभाग के निरीक्षण भवनों को नए टावर के रूप में विकसित करने के लिए भी समझौता किया गया है। इन परियोजनाओं से शहरी आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने और निवेश को बढ़ावा देने का लक्ष्य है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उपयोग पोर्टल के शुभारंभ और समझौतों से राज्य में शहरी विकास को नई गति मिलेगी। तकनीक के प्रभावी उपयोग से शहरी सेवाओं को नागरिकों के लिए अधिक सरल और सुविधाजनक बनाया जा रहा है।

इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, नगर विकास एवं आवास विभाग तथा सूचना प्रावैधिकी मंत्री नीतीश मिश्रा, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, सूचना प्रावैधिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव संदीप कुमार आर पुडुकलकट्टी, जल संसाधन विभाग के सचिव चन्द्रशेखर सिंह, और बिहार राज्य आवास बोर्ड के प्रबंध निदेशक निलेश रामचन्द्र देवड़े सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम लिमिटेड के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महापौर, पार्षद, नगर आयुक्त और अन्य अधिकारी भी जुड़े हुए थे।

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