पटना, 28 सितंबर 2026 — बिहार के विकास और हवाई संपर्क को नई ऊंचाइयां देने के लिए राज्य सरकार ने युद्ध स्तर पर कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में अजगैबीनाथ धाम और सोनपुर/सारण में प्रस्तावित एयरपोर्ट परियोजनाओं से संबंधित एक उच्चस्तरीय प्रस्तुतीकरण एवं समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस महाबैठक में दोनों महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के मास्टर प्लान, भूमि अधिग्रहण, तकनीकी आर्थिक फिजिबिलिटी रिपोर्ट्स (ट्रैफिक सर्वे) और आवश्यक बुनियादी ढांचों के विकास पर विस्तार से चर्चा की गई।

10,000 करोड़ से अधिक का होगा विराट निवेश, पीपीपी मोड पर चलेंगी परियोजनाएं
बैठक में जानकारी दी गई कि अजगैबीनाथ धाम ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट में पहले फेज में 3500 करोड़ रुपये और सोनपुर ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट में पहले फेज में 6500 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश पीपीपी मोड पर किया जाएगा। राज्य सरकार भूमि-अधिग्रहण तथा कनेक्टिविटी की लागत वहन करेगी, ताकि क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों का पहिया तेजी से घूम सके।

अजगैबीनाथ धाम एयरपोर्ट: श्रावणी मेले के श्रद्धालुओं और आसपास के जिलों को मिलेगी बड़ी राहत
अजगैबीनाथ धाम में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के मास्टर प्लान के तहत रन-वे और आधारभूत संरचना का विकास बड़े विमानों के संचालन के अनुकूल किया जा रहा है। इससे मुंगेर, लखीसराय, जमुई, भागलपुर, बांका, खगड़िया, बेगूसराय सहित आसपास के जिलों को उत्कृष्ट हवाई सुविधा का लाभ मिलेगा। साथ ही, विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले में देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुगम आवागमन की सौगात मिलेगी।

सोनपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट: 22 जिलों के साथ झारखंड और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों को भी मिलेगा फायदा
सोनपुर/सारण एयरपोर्ट को बड़े विमानों के संचालन के अनुकूल विकसित करने के साथ-साथ वहां कार्गो सुविधा और बेहतरीन कनेक्टिविटी की मुकम्मल व्यवस्था होगी। इस एयरपोर्ट के बनने से बिहार के 22 जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्य झारखंड और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को भी एयर कनेक्टिविटी का सीधा लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने दिए कड़े निर्देश, समयसीमा के भीतर पूरा हो कार्य
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी प्रक्रियाओं और निर्माण कार्यों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से राज्य में पर्यटन, व्यापार, रोजगार और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा।

इस उच्चस्तरीय बैठक में सांसद राजीव प्रताप रूढ़ी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ० चन्द्रशेखर सिंह, सिविल विमानन विभाग के सचिव निलेश रामचन्द्र देवड़े सहित कई अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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