Monday, April 13, 2026

बाल सुरक्षा के लिए पुलिस और समाज का संवेदनशील होना अनिवार्य: डीएसपी आशीष राज

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समस्तीपुर में बाल यौन अपराध (पोक्‍सो ) और किशोर न्याय अधिनियम पर एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न

100 से अधिक पुलिस पदाधिकारियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण; 600 बेटियों को बाल विवाह से बचा चुकी है संस्था

समस्तीपुर | 18 मार्च, 2026 | कार्यालय संवाददाता

बच्चों के विरुद्ध बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने और उन्हें कानूनी सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से बुधवार को जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के संयुक्त तत्वाधान में एक दिवसीय उन्मुखीकरण सह क्षमतावर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। शहर के जननायक कर्पूरी ठाकुर सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘बाल यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम (POCSO) और किशोर न्याय अधिनियम’ रहा।

संवेदनशीलता ही बचाव का रास्ता

कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि आरक्षी उपाधीक्षक (यातायात) आशीष राज, बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष रंजू कुमारी, संस्था के सचिव सुरेंद्र कुमार, कोषाध्यक्ष वीणा कुमारी एवं अन्य गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया।

उद्घाटन संबोधन में डीएसपी आशीष राज ने पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा के लिए कानून में कड़े प्रावधान हैं, लेकिन सफलता तभी मिलेगी जब सरकार और समाज दोनों ‘सजग और संवेदनशील’ होंगे। उन्होंने जोर देकर कहा:

“आज का यह प्रशिक्षण हमारे पुलिस पदाधिकारियों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। यदि हम संवेदनशील हों, तभी बाल यौन शोषण, बाल विवाह, बाल श्रम और बाल दूर्व्यपार (ह्यूमैन ट्रैफकिंग) जैसी कुरीतियों से अपने बच्चों को सुरक्षित रख सकते हैं।”

कानून की बारीकियों पर चर्चा

कार्यशाला में प्रशिक्षक भगवान पाठक ने किशोर न्याय कानून और पुलिस की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं, प्रशिक्षक प्रकाश कुमार ने पोक्सो एक्ट के तहत सजा के कड़े प्रावधानों के बारे में जानकारी दी। महिला एवं बाल विकास निगम के जिला कार्यक्रम प्रबंधक रवि प्रकाश सिंह ने बताया कि निगम पोक्सो पीड़िताओं को त्वरित न्याय दिलाने और उनके पुनर्वास व बेहतर आवासन के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।

जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र का सेवा सफर

संस्था के सचिव सुरेंद्र कुमार ने अपने संबोधन में पिछले वर्षों की उपलब्धियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि संस्था ने अब तक:

  • 150 पोक्सो पीड़िताओं को मनोसामाजिक और कानूनी सहायता प्रदान की है।
  • 1700 बच्चों को बाल श्रम के दलदल से निकालकर शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ा है।
  • 600 ऐसी नाबालिग बेटियों की शादी रुकवाई, जिनका विवाह तय हो चुका था।
  • 3000 से अधिक परिवारों को बाल विवाह के विरुद्ध जागरूक किया गया है।

उन्होंने इस सफलता के लिए जिला प्रशासन, श्रम संसाधन विभाग, चाइल्ड हेल्पलाइन, रेलवे सुरक्षा बल  और राजकीय रेल पुलिस  के सहयोग की सराहना की।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

इस कार्यशाला में जिले के विभिन्न थानों से आए 100 से अधिक थानाध्यक्षों और बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया। कार्यक्रम में दूर देहात के सचिव प्रभु नारायण झा, चेतना सामाजिक संस्था के अध्यक्ष डॉ. मिथिलेश कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता प्रमोद कुमार राय, अर्जुन प्रसाद सिंह, मयंक कुमार सिन्हा, अनुष्का कुमारी, पैरवी (नई दिल्ली) की कार्यक्रम समन्वयक वीभा कुमारी, और चाइल्ड हेल्पलाइन के जिला समन्वयक शंकर मल्लिक सहित भारी संख्या में पुलिसकर्मी और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

सकरा के बसंतपुर झिटकाही में श्रद्धा का महाकुंभ : अयोध्या की साधना शास्त्री करेंगी श्री राम कथा की अमृत वर्षा

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चैत्र नवरात्र पर भव्य मेले का आयोजन, 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के जुटने का अनुमान, 5000 लोगों के बैठने की व्यवस्था,

सकरा (मुजफ्फरपुर)। मुजफ्फरपुर जिले के सकरा प्रखंड अंतर्गत बसंतपुर झिटकाही की पावन धरती पर गुरुवार, 19 मार्च से भक्ति और शक्ति का अनूठा संगम होने जा रहा है। श्री श्री 108 चैत्र नवरात्र दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर यहाँ भव्य मेले और दस दिवसीय ‘श्री राम कथा’ का आयोजन किया गया है। एनएच-28 के समीप, अशोक विहार होटल के पीछे स्थित खेल मैदान में आयोजित होने वाले इस अनुष्ठान की सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं।

कलश स्थापना के साथ शुरू होगा शक्ति का अनुष्ठान

गुरुवार की सुबह वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भव्य कलश यात्रा और कलश स्थापना के साथ शक्ति की आराधना शुरू होगी। आयोजन समिति ने बताया कि नौ दिनों की कठिन साधना के बाद 28 मार्च, शनिवार को ‘विजयदशमी’ के पावन पर्व पर देवी विसर्जन के साथ इस महा-अनुष्ठान का समापन होगा। इस दौरान पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में सराबोर रहेगा।

अयोध्या धाम से पधार रही हैं स्वर कोकिला साधना शास्त्री

इस वर्ष के आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता अयोध्या धाम की मिट्टी से जुड़ी प्रख्यात कथावाचिका सुश्री साधना शास्त्री जी का आगमन है। अपनी सुमधुर आवाज और ओजस्वी वाणी के लिए ‘स्वर कोकिला’ के रूप में विख्यात शास्त्री जी के मुखारविंद से प्रतिदिन संध्या 6:00 बजे से रात्रि 11:00 बजे तक प्रभु श्री राम की दिव्य कथा प्रवाहित होगी। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं के बैठने के लिए विशाल पंडाल बनाया गया है, जिसमें एक साथ 5,000 लोगों के बैठने की उत्तम व्यवस्था है।

तैयारियों का अंतिम दौर: 5 लाख भक्तों की उम्मीद

आयोजन समिति के सक्रिय सदस्यों ने प्रेस को जानकारी दी कि आयोजन की भव्यता को देखते हुए आज देर रात तक तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। अनुमान है कि दस दिनों के इस कार्यक्रम में मुजफ्फरपुर और आसपास के जिलों से 5 लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल होंगे। सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए वालंटियर्स की विशेष टीम तैनात की गई है।

मेले में आकर्षण के केंद्र

धार्मिक अनुष्ठान के साथ-साथ यहाँ एक भव्य मेला भी सजाया गया है। बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार के झूले, खेल-तमाशे और लजीज व्यंजनों के स्टॉल लगाए गए हैं, जो परिवार के साथ आने वाले लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र होंगे।

समिति के सदस्य जुटे सेवा में

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में आयोजन समिति के सक्रिय सदस्य वीरेन्द्र सिंह, अरविंद सिंह, रूपेश सिंह, रवि ठाकुर, अभय, करुणा, अमित, चंद्रमनी, अरुण सिंह, टिंकू सिंह, कमलेश सिंह, मन्ना जी, उदयप्रताप सिंह, रिंकू सिंह, जगमोहन, नन्द कुमार सिंह, और अरुण साह आदि दिन-रात जुटे हुए हैं। समिति ने बताया कि सुजावलपुर चौक से 2 किमी और सबहा चौक से 1 किमी पश्चिम स्थित इस स्थल पर पहुँचने के लिए सुगम रास्ते उपलब्ध हैं।

किसी भी प्रकार की जानकारी, सहयोग या दान-पुण्य के लिए समिति के मोबाइल नंबर 9905410013 एवं 9955414174 पर संपर्क किया जा सकता है।

एमडीडीएम कॉलेज में क्रिकेट का रोमांच: ‘विकेट वारियर’ ने ‘गोल्डेन गुल्ली’ को हराया

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रंजना बनीं ‘मैन ऑफ द मैच’, 38 रनों की शानदार पारी खेलकर टीम को दिलाई जीत

मुजफ्फरपुर | 17 मार्च, 2026 महंत दर्शन दास महिला महाविद्यालय (MDDM) के प्रांगण में मंगलवार को वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता के तहत क्रिकेट मैच का भव्य आयोजन किया गया। इस मुकाबले में विकेट वारियर की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्डेन गुल्ली को हराकर जीत का परचम लहराया।

प्राचार्या ने किया उद्घाटन

प्रतियोगिता का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अलका जायसवाल ने किया। उन्होंने मैदान पर खिलाड़ियों से हाथ मिलाकर उनका परिचय लिया और उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल न केवल शारीरिक विकास के लिए जरूरी है, बल्कि यह टीम भावना और अनुशासन भी सिखाता है।

मैच का लेखा-जोखा

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए ‘गोल्डेन गुल्ली’ की टीम ने निर्धारित ओवरों में जीत के लिए 88 रनों का लक्ष्य रखा। जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी ‘विकेट वारियर’ की टीम ने सधी हुई बल्लेबाजी की और 89 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

  • स्टार परफॉर्मर: विकेट वारियर की रंजना ने सर्वाधिक 38 रन बनाए, जिसके लिए उन्हें ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया।
  • खेल भावना: मैच के बाद गोल्डेन गुल्ली की कप्तान काजल ने खेल भावना का परिचय देते हुए विजेता टीम की कप्तान रंजना को जीत की बधाई दी।

इनकी रही मुख्य भूमिका

खेल के सफल आयोजन में खेल सचिव डॉ. राम दुलार सहनी, सह खेल सचिव डॉ. मीनाक्षी कुमारी और डॉ. नूतन कुमारी की सराहनीय भूमिका रही। उन्होंने पूरी व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित किया। इस रोमांचक मुकाबले का आनंद लेने के लिए कॉलेज की सभी छात्राएं, प्राध्यापक और प्राध्यापिकाएं दर्शक दीर्घा में मौजूद रहीं और खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया।

वैशाली: पुलिस अधीक्षक ने जनता दरबार में सुनीं जन-समस्याएं, त्वरित निष्पादन के निर्देश

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वैशाली। जिले में बेहतर कानून-व्यवस्था और पुलिस-पब्लिक समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से मंगलवार को वैशाली थाना परिसर में पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस दौरान एसपी ने न केवल आम लोगों की फरियाद सुनी, बल्कि मौके पर मौजूद अधिकारियों को उनके तत्काल समाधान के कड़े निर्देश भी दिए।

इन मुख्य मुद्दों पर रही नजर

जनता दरबार में स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित मामले सामने आए:

  • भूमि विवाद एवं आपसी मारपीट: जमीन से जुड़े पुराने मामलों और आपसी रंजिश की शिकायतों की भरमार रही।
  • सुरक्षा एवं गश्ती: क्षेत्र में रात्रि गश्ती बढ़ाने और असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने की मांग की गई।
  • साइबर अपराध: बढ़ते साइबर ठगी के मामलों पर लगाम लगाने और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर चर्चा हुई।

लापरवाही बरतने वालों को दी चेतावनी

शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए एसपी विक्रम सिहाग ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी मामलों का निष्पादन त्वरित, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि आम जनता की शिकायतों के समाधान में संवेदनशीलता और तत्परता बरती जाए। किसी भी स्तर पर पुलिसिया ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

“क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है। पुलिस अधिकारी रात्रि गश्ती बढ़ाएं और अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा करें।” — विक्रम सिहाग, एसपी वैशाली

जनता से सहयोग की अपील

एसपी ने स्थानीय लोगों से अपील करते हुए कहा कि पुलिस आपकी सुरक्षा के लिए है। यदि क्षेत्र में कोई भी संदिग्ध व्यक्ति दिखे या आपराधिक गतिविधि की सूचना मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

इस अवसर पर थानाध्यक्ष वैशाली समेत कई पुलिस अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

हरियाणा राज्यसभा चुनाव: ‘अंधेरी रात’ की साजिश नाकाम, करमवीर बौद्ध की जीत ने दिल्ली तक हिलायी भाजपा की सियासी बिसात

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नई दिल्ली। हरियाणा राज्यसभा चुनाव का परिणाम केवल एक सीट की जीत-हार नहीं, बल्कि उच्च-स्तरीय राजनीतिक ड्रामे का पटाक्षेप साबित हुआ है। दिल्ली में आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान सांसद दीपेंद्र हुड्डा और राजेंद्र पाल गौतम ने रणनीतिक विवरणों के साथ भाजपा के ‘ऑपरेशन लोटस’ की पोल खोल दी। दीपेंद्र हुड्डा ने इसे ‘धनतंत्र’ पर ‘गणतंत्र’ की सीधी चोट करार दिया है।

गुजरात से हरियाणा तक भाजपा की ‘स्पेशल फील्डिंग’

प्रेस वार्ता में दीपेंद्र हुड्डा ने खुलासा किया कि भाजपा इस सीट को लेकर कितनी बेचैन थी। उन्होंने बताया:

  • हाईकमान की दखल: भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने गुजरात के उपमुख्यमंत्री को विशेष तौर पर ऑब्जर्वर बनाकर हरियाणा भेजा था।
  • टारगेट क्रॉस वोटिंग: दीपेंद्र हुड्डा के अनुसार, भाजपा की योजना कांग्रेस के 8-9 विधायकों से क्रॉस वोटिंग कराने की थी।
  • प्लान-बी: यदि कांग्रेस के विधायक नहीं टूटते, तो कम से कम 7 विधायकों को तोड़कर इनेलो की दो वोटों के सहारे जीत हासिल करने का ‘अथक प्रयास’ किया गया।

‘रात के अंधेरे में लोकतंत्र की हत्या की कोशिश’

दीपेंद्र हुड्डा ने बेहद आक्रामक लहजे में कहा, “रात के अंधेरे में भाजपा ने सरेआम लोकतंत्र की हत्या करने की कोशिश की। भाजपा का लोकतंत्र में कोई विश्वास नहीं है, उन्हें सिर्फ और सिर्फ सत्ता चाहिए”। उन्होंने हरियाणा के कांग्रेस विधायकों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने भाजपा के ‘साम-दाम-दंड-भेद’ के खेल को फेल कर दिया और खरीद-फरोख्त के मंसूबों पर पानी फेर दिया।

अंबेडकरवादी बनाम पूंजीवादी सोच

कांग्रेस एससी विभाग के चेयरमैन राजेंद्र पाल गौतम ने भाजपा के नजरिए पर चोट करते हुए कहा कि भाजपा करमवीर बौद्ध को एक ‘कमजोर’ उम्मीदवार मान रही थी। उन्होंने तर्क दिया कि भाजपा की नजर में वही उम्मीदवार ‘मजबूत’ है जिसके पास अकूत पैसा हो। लेकिन कांग्रेस ने एक सच्चे अंबेडकरवादी और सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ने वाले कार्यकर्ता को मैदान में उतारकर यह साबित किया कि पार्टी का आधार वैचारिक है, न कि आर्थिक।

हुड्डा की ‘वोट चोरी’ वाली थ्योरी हुई सच

नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने जीत को ‘प्रदेश की जनता के विश्वास की जीत’ बताया। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के वक्त से ही वे ‘वोट चोरी’ की बात कह रहे थे, जो इस चुनाव में भाजपा की हताशा को देखकर साबित हो गई है। हुड्डा ने स्पष्ट किया कि बहुमत के आधार पर एक सीट कांग्रेस की ही थी, लेकिन भाजपा ने तीसरा कैंडिडेट उतारकर अनैतिक तरीके से वोट चुराने की कोशिश की, जिसे कांग्रेस की एकजुटता ने नाकाम कर दिया।

मुख्य झलकियां:

  • रणनीति: भाजपा ने गुजरात के शीर्ष नेतृत्व को मैदान में झोंका था।
  • प्रतिरोध: कांग्रेस के 8-9 विधायकों को तोड़ने की कोशिश नाकाम रही।
  • चेहरा: एक आम अंबेडकरवादी कार्यकर्ता ने भाजपा के धनबल को मात दी।
  • उम्मीदवार: करमवीर बौद्ध (कांग्रेस) विजयी।
  • आरोप: भाजपा ने गुजरात के उपमुख्यमंत्री को ऑब्जर्वर बनाकर क्रॉस वोटिंग की कोशिश की।
  • नारा: ‘धनतंत्र’ पर ‘गणतंत्र’ की जीत।
  • संदेश: कांग्रेस ने सामाजिक न्याय और अंबेडकरवादी विचारधारा को दी प्राथमिकता।

राज्यसभा से विधानसभा तक का संदेश:इस जीत ने न केवल करमवीर बौद्ध को राज्यसभा पहुंचाया है, बल्कि हरियाणा कांग्रेस में एक नई ऊर्जा भर दी है। दीपेंद्र हुड्डा ने इस जीत का श्रेय कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व— मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और के.सी. वेणुगोपाल को देते हुए इसे आगामी चुनावों के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट बताया है।

बिहार राज्यसभा चुनाव: NDA ने किया ‘क्लीन स्वीप’, महागठबंधन की रणनीति फेल, पांचों सीटों पर कब्जा

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पटना | विशेष संवाददाता बिहार की राजनीति में सोमवार का दिन एनडीए (NDA) के लिए बड़ी जीत और महागठबंधन के लिए आत्ममंथन का संदेश लेकर आया। राज्यसभा की पांच सीटों के लिए हुए द्विवार्षिक चुनाव में एनडीए ने पांचों सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी एकजुटता का परिचय दिया है। विधानसभा चुनाव के महज चार महीने बाद हुए इस शक्ति परीक्षण में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा गठबंधन ने विपक्ष की घेराबंदी को ध्वस्त करते हुए अपना परचम लहरा दिया।

विजयी उम्मीदवारों की सूची

राज्यसभा पहुंचने वाले नवनिर्वाचित सदस्यों में सत्ता पक्ष के दिग्गज चेहरे शामिल हैं:

  • नीतीश कुमार (जदयू)
  • रामनाथ ठाकुर (जदयू)
  • नितिन नवीन (भाजपा)
  • शिवेश कुमार (भाजपा)
  • उपेंद्र कुशवाहा (रालोमो)

पांचवीं सीट का दिलचस्प गणित और एनडीए की सेंधमारी

चुनाव की शुरुआत में एनडीए की चार सीटों पर जीत तय मानी जा रही थी, लेकिन रोमांच तब बढ़ा जब महागठबंधन की ओर से राजद (RJD) ने अमरेंद्र धारी सिंह को पांचवें उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतार दिया। यहीं से मुकाबला ‘एनडीए बनाम महागठबंधन’ में बदल गया।

एनडीए के पास कुल 202 विधायकों का ठोस समर्थन था, वहीं महागठबंधन को पांचवीं सीट जीतने के लिए 41 मतों की आवश्यकता थी। विपक्षी खेमे को भरोसा था कि वे निर्दलीय और अन्य छोटे दलों के सहयोग से खेल बिगाड़ देंगे, लेकिन परिणाम इसके विपरीत रहे।

तेजस्वी की इफ्तारऔर होटल पॉलिटिक्सरह गई अधूरी

विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने इस चुनाव को प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया था। उन्होंने रणनीतिक तौर पर एआईएमआईएम (AIMIM) के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल ईमान की इफ्तार पार्टी में शिरकत कर समीकरण साधने की कोशिश की। बसपा के एकमात्र विधायक सतीश यादव ने भी महागठबंधन को समर्थन देने का ऐलान कर दिया था।

15 मार्च को एकजुटता दिखाने के लिए तेजस्वी ने सभी विधायकों को पटना के एक बड़े होटल में रुकने का निर्देश दिया था। लेकिन सोमवार सुबह मतदान के समय रणनीति बिखर गई।

अपनों ने ही दिया झटका: चार विधायकों ने किया खेला

महाबंधन की हार का सबसे बड़ा कारण उनके अपने ही विधायकों की अनुपस्थिति रही।

  • अनुपस्थित विधायक: मतदान के दौरान कांग्रेस के तीन और राजद के एक विधायक विधानसभा नहीं पहुंचे।
  • वोटिंग का असर: इन चार विधायकों के न आने से महागठबंधन का गणित पूरी तरह बिगड़ गया और एनडीए के पांचवें उम्मीदवार शिवेश कुमार ने आसानी से जीत हासिल कर ली।

दूसरी ओर, एनडीए के सभी 202 विधायकों ने अनुशासन दिखाते हुए अपने मताधिकार का प्रयोग किया। शाम को मतगणना के बाद जैसे ही चुनाव अधिकारी ने पांचों उम्मीदवारों की जीत की घोषणा की, एनडीए खेमे में जश्न का माहौल बन गया।


विश्लेषण: क्या रहे इस चुनाव के मायने?

यह चुनाव केवल राज्यसभा सीटों का नहीं था, बल्कि विधानसभा चुनाव के बाद बिहार में सत्ता और विपक्ष की मजबूती का लिटमस टेस्ट था। एनडीए ने दिखा दिया कि सरकार स्थिर है और उनके विधायक एकजुट हैं। वहीं, महागठबंधन के लिए अपने विधायकों को एकजुट रख पाना एक बड़ी चुनौती के रूप में उभरा है।

बड़ी बात: चार विधायकों की अनुपस्थिति ने भविष्य के राजनीतिक समीकरणों और ‘क्रॉस वोटिंग’ की आशंकाओं को भी जन्म दे दिया है।

सियासी दूरियां मिटीं: चिराग की इफ्तार पार्टी में पहुंचे सीएम नीतीश, सम्राट चौधरी समेत कई दिग्गजों का जमावड़ा

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पटना। राजधानी के शहीद पीर अली मार्ग स्थित लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रदेश कार्यालय में सोमवार को आयोजित दावत-ए-इफ्तार सियासी मेल-मिलाप का केंद्र बनी। इस आयोजन में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विशेष रूप से शामिल हुए, जहाँ मेजबान और केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया।

सामाजिक सौहार्द का दिखा अनूठा नजारा

लोजपा (रामविलास) द्वारा आयोजित इस इफ्तार पार्टी में सत्ता पक्ष के कई दिग्गज चेहरे एक साथ नजर आए। मुख्यमंत्री के अलावा बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी 1-व्हीलर रोड स्थित पार्टी कार्यालय पहुंचे। इस दौरान नेताओं के बीच काफी सौहार्दपूर्ण माहौल दिखा। रोजेदारों के साथ बैठकर नेताओं ने अमन-चैन की दुआ मांगी और एक-दूसरे को रमजान की मुबारकबाद दी।

एकता और भाईचारे का संदेश

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इस मौके पर कहा कि इस तरह के आयोजन समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने और आपसी भाईचारे की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि:

“माननीय मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति सामाजिक सौहार्द, आपसी सम्मान और एकता का एक सशक्त संदेश है।”

प्रमुख उपस्थिति

इस दावत-ए-इफ्तार में केवल मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि एनडीए गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता, पार्टी कार्यकर्ता और समाज के विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोग मौजूद रहे। चिराग पासवान ने व्यक्तिगत रूप से सभी अतिथियों का स्वागत किया, जो राज्य की राजनीति में बदलते समीकरणों और आपसी तालमेल की एक सुखद तस्वीर पेश कर रहा था।

मुख्यमंत्री ने पटना समाहरणालय और कलेक्टेरियट घाट सड़क निर्माण का लिया जायजा; अधिकारियों को जल्द कार्य पूर्ण करने के निर्देश

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पटना | मुख्य संवाददाता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को पटना समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) के नवनिर्मित भवन और गंगा तट पर चल रहे विकास कार्यों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने समाहरणालय की व्यवस्थाओं को बारीकी से देखा और कलेक्टेरियट घाट से सभ्यता द्वार तक बन रही सड़क के कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया।

समाहरणालय के हर तल का किया मुआयना

मुख्यमंत्री ने समाहरणालय भवन के पाँचवें तल पर स्थित आधुनिक मीटिंग हॉल का निरीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने उप विकास आयुक्त (DDC), जिला परिषद कार्यालय और अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) के कार्यालयों का भी भ्रमण किया। उन्होंने भवन के प्रत्येक तल पर जाकर वहां की कार्यप्रणाली और जन-सुविधाओं की जानकारी ली।

छठ व्रतियों और मॉर्निंग वॉकर को मिलेगी बड़ी सौगात

समाहरणालय के निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री कलेक्टेरियट घाट पहुंचे। वहां उन्होंने सभ्यता द्वार तक बनाई जा रही नई सड़क के निर्माण कार्य की प्रगति देखी।

  • सुगम होगी पूजा: मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सड़क के बनने से छठ व्रतियों को घाट तक पहुंचने और पूजा-अर्चना करने में काफी सहूलियत होगी।
  • पर्यटन और स्वास्थ्य: यह सड़क न केवल कलेक्टेरियट घाट की भव्यता बढ़ाएगी, बल्कि सुबह की सैर (मॉर्निंग वॉक) करने वाले स्थानीय लोगों के लिए भी एक बेहतरीन स्थल साबित होगी।

मेट्रो से कनेक्टिविटी पर जोर

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य में देरी न की जाए। उन्होंने विशेष रूप से पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के साथ बेहतर तालमेल (समन्वय) बिठाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री का लक्ष्य है कि सड़क और मेट्रो प्रोजेक्ट के कार्यों में सामंजस्य रहे, ताकि भविष्य में मेट्रो से कनेक्टिविटी बेहतर हो सके और आम जनता को इसका सीधा लाभ मिले।

“कलेक्टेरियट घाट से सभ्यता द्वार तक की सड़क पटना की सुंदरता और सुविधा में चार चांद लगाएगी। इसे गुणवत्ता के साथ जल्द से जल्द पूरा करें।” – नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री

कांशी राम की जयंती पर ‘परिवार मेडिसिन’ का भव्य उद्घाटन, निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में उमड़ी भीड़

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सकरा (मुजफ्फरपुर): प्रखंड के चौसीमा गांव में आज बहुजन नायक मान्यवर कांशी राम जी के जन्मदिवस के अवसर पर ‘परिवार मेडिसिन’ नामक दवा दुकान का भव्य उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मान्यवर कांशी राम जी के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई।

उद्घाटन एवं मुख्य अतिथि

दवा दुकान का विधिवत उद्घाटन ग्रामीण चिकित्सक संघ के सकरा प्रखंड अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार राम ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण दवाओं और प्राथमिक चिकित्सा की उपलब्धता समय की मांग है। उन्होंने संचालक अखिलेश कुमार के इस प्रयास की सराहना की।

निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन

जयंती के उपलक्ष्य में दुकान परिसर में ही एक निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में आए दर्जनों ग्रामीणों की बीपी, शुगर और अन्य सामान्य जांच की गई और उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया।

प्रमुख उपस्थित लोग

दवा दुकान के मालिक अखिलेश कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया। मौके पर मुख्य रूप से:

  • राजेश कुमार, रंजन कुमार, चंदेश्वर राय, आदित्य राम।
  • महेश राम, प्रमोद कुमार, संजय राय, किशुनदेव राम।
  • महिला शक्ति: पुतुल कुमारी, रंजू देवी, संजू देवी, अंजली कुमारी, गुड़िया कुमारी और सावित्री देवी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

संचालक अखिलेश कुमार ने बताया कि मान्यवर कांशी राम जी के सेवा और संघर्ष के विचारों से प्रेरित होकर उन्होंने इस प्रतिष्ठान की शुरुआत की है, ताकि समाज के हर वर्ग को सस्ती और सुलभ चिकित्सा सेवा मिल सके।

समस्तीपुर चीनी मिल को दोबारा चालू करने की गूँज, संघर्ष मोर्चा ने निकाला विशाल जुलूस

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समस्तीपुर | 15 मार्च, 2026 समस्तीपुर की पहचान रही बंद पड़ी चीनी मिल को पुनः शुरू करने की माँग अब तेज होने लगी है। शुक्रवार को जिला विकास संघर्ष मोर्चा के बैनर तले लोगों ने सड़कों पर उतरकर हुंकार भरी। स्टेशन चौक से निकला यह विरोध जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए चीनी मिल चौक पहुँचा, जहाँ एक संघर्ष मोर्चा  के द्वारा सभा का आयोजन कर सरकार को चेतावनी दी गई।

सभा की अध्यक्षता शंकर प्रसाद साह ने की और संचालन मोर्चा के संयोजक शत्रुघ्न राय पंजी ने किया। मोर्चा के नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह और राकेश कुमार ठाकुर ने कहा कि मिल बंद होने से हजारों गन्ना किसान और मजदूर दाने-दाने को मोहताज हैं। किसानों को अपनी उपज का सही बाजार नहीं मिल रहा, जिससे पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है।

क्यों खास है यह चीनी मिल?

वक्ताओं ने तकनीकी और भौगोलिक तथ्यों को रखते हुए कहा कि अन्यत्र नई मिल खोलने के बजाय इसी मिल को पुनर्जीवित करना सरकार के लिए फायदेमंद होगा। इसके पक्ष में निम्नलिखित तर्क दिए गए:

  • परयाप्त संसाधन: मिल के पास 22 एकड़ से अधिक जमीन उपलब्ध है।
  • कनेक्टिविटी: यहाँ सड़क, बिजली और रेल परिवहन की मुकम्मल व्यवस्था है।
  • कच्चा माल: आस-पास के 10 प्रखंड चीनी उत्पादन के लिए प्रसिद्ध हैं।
  • सस्ता श्रम: क्षेत्र में प्रशिक्षित और सस्ते श्रमिक आसानी से उपलब्ध हैं।
  • कम लागत: नई यूनिट लगाने की तुलना में यहाँ सरकारी राशि की लागत काफी कम आएगी।

“चीनी मिल चालू होने से न केवल हजारों परिवारों को रोजगार मिलेगा, बल्कि समस्तीपुर के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी।” – शंकर प्रसाद साह (अध्यक्ष)

अन्य विकास कार्यों की भी उठी माँग

चीनी मिल के साथ-साथ मोर्चा ने जिले की अन्य ज्वलंत समस्याओं पर भी सरकार का ध्यान खींचा:

  1. दूधपुरा हवाई अड्डा: इसके जीर्णोद्धार और परिचालन की माँग।
  2. रेल ओवरब्रिज: भोला टाकीज और अटेरन चौक रेल गुमटी पर ओवरब्रिज का निर्माण शुरू करना।
  3. चिल्ड्रेन पार्क: माधुरी चौक पर बच्चों के लिए पार्क का निर्माण।

इनकी रही उपस्थिति

सभा को अशोक कुमार, शंभू राय, राम विनोद पासवान, शाहिद हुसैन, मनोज कुमार राय, सुशील कुमार राय, मिथिलेश कुमार राय, बंधु प्रसाद और विश्वनाथ सिंह हजारी सहित कई गणमान्य लोगों ने संबोधित किया।