Monday, April 13, 2026

अमर शहीदों के बलिदान को नमन: सकरा और रोहुआ में गूँजा देशभक्ति का तराना

0

सकरा/मुजफ्फरपुर: देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमने वाले अमर शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के बलिदान दिवस पर मंगलवार को सकरा और रोहुआ क्षेत्र में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान युवाओं ने शहीदों के पदचिह्नों पर चलने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।

सकरा: क्रांतिकारियों का साहस सदैव रहेगा प्रेरणास्रोत

सकरा में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों और ग्रामीणों ने शहीदों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर सोहन लाल आजाद ने कहा कि इन वीर क्रांतिकारियों का साहस और सर्वोच्च बलिदान सदैव राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। कार्यक्रम में मुख्य रूप से राजेश कुमार, धर्मेंद्र कुमार, धर्मवीर कुमार, रेणु देवी, प्रमिला देवी, गुड्डी कुमारी और राहुल कुमार सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।

रोहुआ: पदयात्रा और स्वच्छता अभियान से दी गई श्रद्धांजलि

शहीद दिवस के अवसर पर ‘मेरा युवा भारत’ मुजफ्फरपुर (युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार) के तत्वावधान में श्री विश्राम सिंह (एस.वी.एस.) 10+2 हाई स्कूल, रोहुआ में भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ।

  • पुष्पांजलि और संकल्प: कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा शहीदों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। वक्ताओं ने युवाओं से देशभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को जागृत करने की अपील की।
  • पदयात्रा: विद्यालय परिसर से प्रखंड परिसर तक एक पदयात्रा निकाली गई। इस पदयात्रा के जरिए स्थानीय लोगों को देशभक्ति और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया गया।
  • स्वच्छता सेवा: कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसमें छात्रों और स्थानीय नागरिकों ने श्रमदान किया।

प्रमुख उपस्थिति

रोहुआ के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुखिया अभय कुमार सिंह, सरपंच राजेश सिंह, पंचायत समिति सदस्य अनिल कुमार गुप्ता और वरिष्ठ शिक्षक मोहम्मद सलाउद्दीन अहमद उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन उदय कुमार ने किया। इस दौरान युवा स्वयंसेवक राजा, धर्मेंद्र, विद्यालय के शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे।

समाज सेवा के क्षेत्र में ‘जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र’ को मिला ‘इंटर-स्टेट सोशल सर्विस अवार्ड-2026’

0

रांची (झारखंड)। समाज सेवा, सामुदायिक सशक्तिकरण और सतत विकास की दिशा में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र को प्रतिष्ठित इंटर-स्टेट सोशल सर्विस अवार्ड-2026′ से सम्मानित किया गया है। यह गौरवपूर्ण सम्मान संस्था को ‘ग्राम साथी’ संस्था द्वारा आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान प्रदान किया गया।

शानदार समारोह में मिली पहचान

देवघर के पोर्टिको परिसर में आयोजित इस सम्मान समारोह में विभिन्न राज्यों की सामाजिक संस्थाओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान ग्राम साथी के प्रबंध न्यासी देवानंद कुमार ने जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के प्रतिनिधि को प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

प्रमाण पत्र में संस्था के उन “प्रेरक प्रयासों” की सराहना की गई है, जिन्होंने समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और समुदायों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

सचिव सुरेंदर कुमार ने व्यक्त किया आभार

संस्था को मिले इस बड़े सम्मान पर हर्ष व्यक्त करते हुए सचिव सुरेंदर कुमार ने कहा:

“यह पुरस्कार हमारे अकेले का नहीं, बल्कि उन सभी कार्यकर्ताओं और समुदाय के सदस्यों का है जो दिन-रात समाज की बेहतरी के लिए काम कर रहे हैं। हमारे मिशन पर विश्वास करने के लिए हम आयोजकों के आभारी हैं।”

सामाजिक विकास में जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र की भूमिका

जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र पिछले लंबे समय से पिछड़े वर्गों के उत्थान, बच्चों की शिक्षा, और ग्रामीण सशक्तिकरण के क्षेत्र में सक्रिय है। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि इस तरह के सम्मान से सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाओं का मनोबल बढ़ता है और वे और अधिक ऊर्जा के साथ जन-कल्याण के कार्यों में जुट जाती हैं।

समारोह में ‘ग्राम साथी’ के पदाधिकारियों के साथ-साथ कई गणमान्य व्यक्ति और समाजसेवी उपस्थित थे, जिन्होंने जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र की उपलब्धियों की प्रशंसा की।

सड़क पर उतरी कांग्रेस : मुजफ्फरपुर में सिलेंडर की किल्लत के खिलाफ भारी आक्रोश

0

केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी, प्रधानमंत्री एवं  केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री का पुतला फूंका,  

मुजफ्फरपुर | निज प्रतिनिधि केंद्र सरकार की नीतियों और रसोई गैस (एलपीजी) की भारी किल्लत के खिलाफ मंगलवार को मुजफ्फरपुर की सड़कों पर जबरदस्त जनाक्रोश देखने को मिला। जिला कांग्रेस कमिटी के तत्वावधान में आयोजित विरोध प्रदर्शन ने शहर के व्यस्ततम इलाके सरैयागंज टावर चौक को राजनीतिक सरगर्मी का केंद्र बना दिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने न केवल केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का संयुक्त पुतला फूंककर अपना विरोध दर्ज कराया।

आम आदमी के चूल्हे पर संकट: अरविन्द मुकुल

प्रदर्शन की अध्यक्षता कर रहे जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष अरविन्द कुमार मुकुल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज जिले में गैस सिलेंडरों की ऐसी किल्लत है कि आम आदमी को एक रिफिल के लिए हफ्तों इंतजार करना पड़ रहा है। मुकुल ने कहा, सरकार उज्ज्वलाका ढोल पीट रही है, लेकिन हकीकत यह है कि आज गरीब और मध्यम वर्ग के घरों की रसोई की आग बुझने की कगार पर है। गैस की कमी और आसमान छूती कीमतों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है।”

विपक्ष की हुंकार: पूर्व विधायक और दिग्गजों का जमावड़ा

पूर्व विधायक बिजेंद्र चौधरी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह सरकार जनता की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के बजाय केवल इवेंट मैनेजमेंट में व्यस्त है। वहीं, सकरा (सुरक्षित) विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस महागठबंधन के पूर्व प्रत्याशी उमेश कुमार राम ने दलित और पिछड़े समाज की पीड़ा को रखते हुए कहा कि गैस की किल्लत ने सबसे ज्यादा प्रहार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति पर किया है।

महिलाओं और युवाओं ने भी भरी हुंकार

विरोध प्रदर्शन में जुही प्रीतम और मयंक कुमार मुन्ना के नेतृत्व में युवाओं और महिलाओं की टोली ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। नेताओं ने स्पष्ट किया कि गैस की यह कमी कृत्रिम है या प्रबंधन की विफलता, इसका जवाब केंद्र सरकार को देना होगा।

ये प्रमुख चेहरे रहे मौजूद

प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से कृपाशंकर शाही, मुजकीर रहमान, अधिवक्ता मनोज कुमार सिंह, ललित यादव, त्रिभुवन पटेल और प्रशांत राज ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इसके साथ ही केदार पटेल, डॉ. मनीष यादव, मो. हैदर रजक, नुनू राय, रामबाबू साह, मो. आलम गिर और राम इकबाल राय समेत दर्जनों कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार विरोधी नारे लगाए।

चेतावनी: नहीं सुधरे हालात तो होगा जेल भरो आंदोलन

कांग्रेस नेताओं ने जिला प्रशासन और केंद्र सरकार को दो टूक चेतावनी दी कि यदि अगले एक सप्ताह के भीतर गैस की आपूर्ति सुचारू नहीं की गई और कालाबाजारी पर रोक नहीं लगी, तो कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क जाम करेंगे और ‘जेल भरो आंदोलन’ की शुरुआत करेंगे। पुतला दहन के बाद कार्यकर्ताओं ने सरैयागंज टावर के चारों ओर भ्रमण कर जनता से इस लड़ाई में साथ देने की अपील की।

खेती का बदलेगा स्वरूप: एक ही पौधे पर उगेंगे ‘टमाटर और बैंगन’, बिना जुताई के होगी आलू की बंपर पैदावार

0

वाराणसी/पटना | विशेष संवाददाता भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के वैज्ञानिकों ने कृषि क्षेत्र में दो ऐसी बड़ी सफलताओं का प्रदर्शन किया है, जो न केवल खेती के पारंपरिक तरीकों को चुनौती दे रही हैं, बल्कि किसानों के लिए मुनाफे के नए द्वार भी खोल रही हैं। वाराणसी स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (IIVR) ने ‘ग्राफ्टिंग’ के जरिए पोमेटो और ब्रिमेटो को सफल बनाया है, वहीं पटना के वैज्ञानिकों ने जीरो टिलेज तकनीक से आलू उगाने का सफल मॉडल पेश किया है।

ब्रिमेटोभी तैयार: एक ही पौधे पर बैंगन और टमाटर का संगम

संस्थान ने ग्राफ्टिंग तकनीक के जरिए न केवल आलू-टमाटर, बल्कि ब्रिमेटोको भी सफलतापूर्वक विकसित किया है। इसमें बैंगन के पौधे के मुख्य तने पर टमाटर की ग्राफ्टिंग की जाती है।

  • विशेषता: एक ही पौधे की शाखाओं पर ऊपर की ओर टमाटर और दूसरी शाखाओं पर बैंगन फलते हैं।
  • फायदा: यह तकनीक उन शहरी क्षेत्रों या किचन गार्डन के लिए भी वरदान है जहाँ जगह की कमी है, साथ ही व्यावसायिक स्तर पर इससे किसानों को प्रति एकड़ दोगुना उत्पादन मिलने की उम्मीद है।

पोमेटो : जमीन के नीचे आलू, ऊपर टमाटर

संस्थान में किए गए प्रदर्शन के दौरान ‘पोमेटो’ की कार्यप्रणाली को विस्तार से समझाया गया। इसमें आलू के पौधे पर टमाटर के पौधे को जोड़ा जाता है।

  • दोहरी फसल: इस तकनीक की सबसे बड़ी खूबी यह है कि पौधा जमीन के नीचे आलू की गांठें तैयार करता है और जमीन के ऊपर टमाटर की पैदावार देता है।
  • संसाधनों की बचत: एक ही पौधे को सींचने और खाद देने से दो फसलें तैयार हो जाती हैं, जिससे पानी और पोषक तत्वों की भारी बचत होती है।
तकनीकसंगममुख्य विशेषता
ब्रिमेटोबैंगन + टमाटरबैंगन के मुख्य तने पर टमाटर की ग्राफ्टिंग। एक ही पौधे पर ऊपर टमाटर और नीचे/साइड में बैंगन।
पोमेटोआलू + टमाटरजमीन के नीचे आलू और जमीन के ऊपर टमाटर ।

किसानों की आय दोगुनी करने का नया हथियार

IIVR के वैज्ञानिकों का मानना है कि यह तकनीक भविष्य की खेती के लिए अत्यंत लाभकारी है। इससे किसानों को निम्नलिखित लाभ मिलेंगे:

  1. लागत में कमी: अलग-अलग फसल के लिए बार-बार जुताई और खाद की जरूरत नहीं पड़ती।
  2. श्रम की बचत: एक ही देखरेख में दो फसलें तैयार होने से मजदूरों पर होने वाला खर्च घटता है।
  3. कम जमीन, ज्यादा मुनाफा: छोटे किसानों के लिए यह तकनीक आय बढ़ाने का सबसे सटीक जरिया है।

प्रमुख विशेषताएं:

  • ब्रिमेटो : इसमें मुख्य तना बैंगन का होता है जिस पर टमाटर की टहनी लगाई जाती है। एक ही पौधे पर ऊपर टमाटर और नीचे की टहनियों में बैंगन फलते हैं।
  • पोमेटो : इसमें जमीन के नीचे आलू की गांठें बनती हैं और जमीन के ऊपर टमाटर के गुच्छे लगते हैं।
  • वैज्ञानिकों की अनूठी पहल

वाराणसी स्थित यह संस्थान ग्राफ्टिंग तकनीक का अद्भुत प्रयोग कर रहा है। यह तकनीक न केवल पैदावार बढ़ाती है, बल्कि पौधों में बीमारियों से लड़ने की क्षमता को भी विकसित करती है।

वहीं अब आलू की खेती में अब भारी-भरकम जुताई और अधिक लागत की जरूरत नहीं पड़ेगी। पटना स्थित केंद्रीय आलू अनुसंधान केंद्र में आयोजित किसानों के प्रशिक्षण सह कार्यशाला में विशेषज्ञों ने ज़ीरो टिलेज‘ (शून्य जुताई) तकनीक को अपनाने की पुरजोर अपील की है। इस आधुनिक विधि से न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि पर्यावरण और भूमि की उर्वरता भी सुरक्षित रहेगी।


खुद खेत में उतरकर परखी तकनीक

विगत दिनों एक कार्यशाला के दौरान कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने स्वयं खेत में उतरकर ज़ीरो टिलेज तकनीक से हो रहे आलू उत्पादन का बारीकी से अवलोकन किया। तकनीक की सराहना करते हुए उन्होंने कहा:

“इस विधि से कम लागत में उत्पादन दोगुना हो रहा है। इससे किसानों के समय और श्रम की भारी बचत हो रही है।”

मंत्री जी ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि इस खेती में महिलाओं की भागीदारी और रुचि तेजी से बढ़ी है। ग्रामीण महिलाएं इस तकनीक के जरिए न केवल अपने परिवार का संबल बन रही हैं, बल्कि बिहार की प्रगति में भी अहम योगदान दे रही हैं।


क्यों खास है ज़ीरो टिलेजतकनीक?

अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र के प्रमुख नीरज शर्मा और अन्य विशेषज्ञों ने इस तकनीक के बहुआयामी लाभ गिनाए:

  • मिट्टी की उर्वरता: खेत की जुताई न होने से मिट्टी के भीतर मौजूद मित्र सूक्ष्मजीव सुरक्षित रहते हैं, जिससे जमीन की प्राकृतिक उपजाऊ शक्ति बनी रहती है।
  • प्रदूषण से मुक्ति: फसल कटने के बाद बचे अवशेषों (पराली/पुआल) को जलाने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे वायु प्रदूषण कम होता है।
  • बचत और मुनाफा: पारंपरिक विधि की तुलना में इसमें लागत में 35-40% की कमी आती है, जबकि पैदावार 14 से 28% तक बढ़ जाती है।
  • बेहतर गुणवत्ता: इस विधि से तैयार आलू कटता-फटता नहीं है और स्वाद में भी बेहतर होता है।

खेती की विधि: बिना जुताई ऐसे उगाएं आलू

केंद्रीय आलू अनुसंधान केंद्र के अध्यक्ष डॉ. शिव प्रताप सिंह ने बताया कि बेहतर पैदावार के लिए समय पर बुवाई सबसे अनिवार्य है। उन्होंने बुवाई की सरल प्रक्रिया साझा की:

खेती करने का पूरा तरीका :

यह विधि पारंपरिक खेती से बिल्कुल अलग है क्योंकि इसमें ट्रैक्टर से जुताई की आवश्यकता नहीं होती।

  1. समय का चुनाव: धान की फसल कटने के तुरंत बाद, जब खेत में हल्की नमी (बतर) हो, तब इसकी शुरुआत करें।
  2. बीज की बुवाई: बिना जुताई किए समतल खेत पर ही 20-20 सेंटीमीटर की दूरी पर आलू के बीज (कंद) कतारों में रखें।
  3. खाद का प्रयोग: बीजों के ऊपर थोड़ी मात्रा में सड़ी हुई गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट डालें।
  4. मल्चिंग (पुआल से ढंकना): यह सबसे महत्वपूर्ण चरण है। पूरे खेत को 6 से 8 इंच मोटी पुआल (पराली) की परत से ढंक दें।
  5. सिंचाई: यदि मिट्टी में नमी कम हो, तो हल्की सिंचाई करें। पुआल नमी को लंबे समय तक रोक कर रखता है।
  6. खुदाई: फसल तैयार होने पर पुआल हटाकर सीधे आलू उठा लिए जाते हैं। मिट्टी सख्त न होने के कारण आलू साफ और बड़े आकार के निकलते हैं।

इन तकनीकों के आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ

विशेषज्ञों के अनुसार, ये दोनों विधियाँ आने वाले समय में गेम-चेंजर साबित होंगी:

  • लागत में भारी कमी: जीरो टिलेज से जुताई और निराई-गुड़ाई का खर्च पूरी तरह खत्म हो जाता है।
  • आय में वृद्धि: एक ही जमीन और एक ही खाद-पानी में दो फसलें (पोमेटो/ब्रिमेटो) मिलने से किसानों का मुनाफा दोगुना हो जाता है।
  • मिट्टी और पर्यावरण: पराली जलाने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे वायु प्रदूषण रुकता है और मिट्टी के मित्र कीड़े (जैसे केंचुआ) सुरक्षित रहते हैं।
  • शहरी खेती: ग्राफ्टेड पौधे उन लोगों के लिए बेहतरीन हैं जिनके पास छत या बालकनी में कम जगह है।

वाराणसी और पटना के वैज्ञानिकों का अब लक्ष्य इन तकनीकों को प्रयोगशाला से निकालकर व्यापक स्तर पर गांवों तक पहुँचाना है, ताकि आम किसान भी इस आधुनिक विज्ञान का लाभ उठा सकें।

BSEB का ‘अष्टक’: लगातार 8वीं बार देश में सबसे पहले इंटर का रिजल्ट जारी कर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

0

ब्लॉकचेन तकनीक और 25 दिनों के रिकॉर्ड मूल्यांकन से बिहार बोर्ड ने रचा नया इतिहास; कुल 85.19% सफल, 19 छात्राओं ने टॉप-26 में बनाई जगह,

पटना | मुख्य संवाददाता | बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बी एस ई बी) ने एक बार फिर पूरे देश में कीर्तिमान स्थापित करते हुए सोमवार, 23 मार्च 2026 को इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार और बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से नतीजों की घोषणा की। इस वर्ष कुल 85.19% परीक्षार्थी सफल रहे हैं। बिहार बोर्ड लगातार आठवें साल देश का पहला ऐसा बोर्ड बन गया है, जिसने सत्र समाप्त होने से पहले ही परीक्षा फल प्रकाशित कर दिया है।

इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा, 2026 का परीक्षाफल जारी करते बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनन्द किशोर एवं बिहार के शिक्षा मंत्री, सुनील कुमार (बायेंसे)  

नीतीश सरकार के महिला सशक्तिकरण का असर

नतीजों की सबसे बड़ी विशेषता छात्राओं का शानदार प्रदर्शन रहा। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा 2005 से शुरू किए गए महिला सशक्तिकरण के प्रयासों का प्रतिफल आज परिणामों में दिख रहा है।

  • छात्राओं का पास प्रतिशत: 86.23%
  • छात्रों का पास प्रतिशत: 84.09%

विशेष बात यह है कि कुल 26 टॉपर्स में से 19 लड़कियां हैं, जो यह दर्शाता है कि सूबे की बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।


मेधावी सूची : संकायवार चमकते सितारे

बोर्ड ने तीनों संकायों (विज्ञान, कला और वाणिज्य) के टॉपर्स की सूची जारी की है। इस वर्ष विज्ञान में छात्र ने, जबकि कला और वाणिज्य में छात्राओं ने सूबे में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

1. विज्ञान संकाय

स्थाननामजिला/स्कूलअंकप्रतिशत
प्रथमआदित्य प्रकाश अमनउच्च माध्यमिक विद्यालय, पांड (समस्तीपुर)48196.20%
द्वितीयसाक्षी कुमारीसीतामढ़ी479
द्वितीयसपना कुमारीनवादा479

2. कला संकाय

स्थाननामजिला/स्कूलअंकप्रतिशत
प्रथमनिशु कुमारीयशवंत इंटर स्कूल, खिजरसराय (गया)47995.8%
द्वितीयसिद्धि शुक्लाप्रोजेक्ट गर्ल्स हाई स्कूल, बथनाहा (सीतामढ़ी)478
द्वितीयचंद्रदीप कुमारएमपीएचएस +2 हाई स्कूल, सुदामाडीह (लखीसराय)478
द्वितीयमो. लकी अंसारीगवर्नमेंट इंटर कॉलेज, जिला स्कूल (पूर्णिया)478

3. वाणिज्य संकाय

स्थाननामजिला/स्कूलअंकप्रतिशत
प्रथमअदिति कुमारीसेंट जेवियर्स हाई स्कूल (पटना)480
द्वितीयमाही कुमारीकमला नेहरू बालिका उच्च विद्यालय, यारपुर (पटना)476

तकनीकी नवाचार और रिकॉर्ड मूल्यांकन

बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर ने जानकारी दी कि इस बार मूल्यांकन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया। मूल्यांकन का कार्य रिकॉर्ड 25 दिनों के भीतर पूरा कर लिया गया। समिति को इसके आधुनिक कामकाज के लिए तीन अलग-अलग ISO प्रमाणपत्र भी मिले हैं, जो देश के किसी भी बोर्ड के लिए एक दुर्लभ उपलब्धि है।

असफल छात्रों के लिए शिक्षा मंत्री की मार्मिक अपील

परिणामों की घोषणा के दौरान शिक्षा मंत्री ने उन छात्रों को ढांढस बंधाया जो सफल नहीं हो सके। उन्होंने कहा, एक परीक्षा परिणाम जीवन का फैसला नहीं करता। जो छात्र अच्छा नहीं कर पाए, उनके अभिभावकों से अपील है कि उन्हें प्रोत्साहित करें। किसी भी प्रकार के तनाव या गलत कदम से बचें। बोर्ड आपको सुधार के लिए पुनः अवसर दे रहा है।”

स्क्रूटनी और कंपार्टमेंटल परीक्षा का शेड्यूल

जो छात्र अपने अंकों से असंतुष्ट हैं या फेल हो गए हैं, उनके लिए बोर्ड ने तुरंत राहत दी है:

  • ऑनलाइन आवेदन की तिथि: 25 मार्च से 2 अप्रैल 2026 तक।
  • विकल्प: छात्र स्क्रूटनी (कॉपी री-चेकिंग) या विशेष सह-कंपार्टमेंटल परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं।

रिजल्ट यहाँ देखें

भारी ट्रैफिक से बचने के लिए बोर्ड ने दो पोर्टल सक्रिय किए हैं:

  1. https://interbiharboard.com
  2. https://www.bsebexam.com

आज जारी होगा बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 का परिणाम

0

आज दोपहर 01:30 बजे खुलेगा इंटर के परीक्षार्थियों का भाग्य: दो वेबसाइटों पर देखें अपना इंटरमीडिएट स्कोरकार्ड।

पटना। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा, 2026 का परीक्षाफल आज, 23 मार्च 2026 को घोषित किया जाएगा। छात्र अपना परिणाम दोपहर 01:30 बजे से बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकेंगे।

शिक्षा मंत्री करेंगे परिणाम की घोषणा

समिति के अध्यक्ष आनन्द किशोर ने बताया कि परीक्षाफल की घोषणा शिक्षा मंत्री, सुनील कुमार द्वारा की जाएगी। इस महत्वपूर्ण अवसर पर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्द्र भी उपस्थित रहेंगे। बोर्ड ने परिणाम जारी करने की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

इन वेबसाइटों पर देख सकेंगे रिजल्ट

छात्रों की सुविधा के लिए बोर्ड ने दो मुख्य पोर्टल उपलब्ध कराए हैं। भारी ट्रैफिक के कारण होने वाली तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए परीक्षार्थी निम्नलिखित लिंक का उपयोग कर सकते हैं:

रिजल्ट चेक करने का तरीका:

  1. बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  2. ‘Intermediate Annual Examination 2026 Result’ के लिंक पर क्लिक करें।
  3. अपना रोल कोड और रोल नंबर दर्ज करें।
  4. कैप्चा कोड भरकर ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें।
  5. आपका परिणाम स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा, जिसे आप भविष्य के लिए डाउनलोड या प्रिंट कर सकते हैं।

‘उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार’ के संकल्प के साथ 114वें स्थापना दिवस का भव्य आगाज

0

ऐतिहासिक गांधी मैदान में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया तीन दिवसीय समारोह का उद्घाटन; VR तकनीक और व्यंजनों के स्वाद ने मोहा लोगों का मन

पटना | कार्यालय संवाददाता बिहार की गौरवशाली विरासत और आधुनिक विकास के संकल्पों का अद्भुत संगम सोमवार को राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में देखने को मिला। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के 114वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘बिहार दिवस 2026’ का विधिवत उद्घाटन किया। 22 मार्च से 24 मार्च तक चलने वाले इस तीन दिवसीय भव्य समारोह की थीम इस वर्ष ‘उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार’ रखी गई है।

विकास की प्रदर्शनी का अवलोकन

समारोह के विधिवत उद्घाटन से पूर्व मुख्यमंत्री ने गांधी मैदान के विशाल परिसर में विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा लगाए गए पवेलियनों का भ्रमण किया। उन्होंने शिक्षा विभाग और बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के स्टालों पर विशेष समय बिताया, जहाँ राज्य की सुरक्षा तैयारियों और शैक्षणिक नवाचारों को प्रदर्शित किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार का इतिहास केवल अतीत की गौरवगाथा नहीं है, बल्कि यह हमारे भविष्य के निर्माण का आधार भी है।

प्रधानमंत्री के प्रति जताया आभार

मंच से संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति विशेष आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा,

“आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने बिहार की समृद्ध संस्कृति और प्रगति की सराहना करते हुए जो स्नेहपूर्ण संदेश भेजा है, उसके लिए समस्त बिहारवासी उनके आभारी हैं। केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग से बिहार अब देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल होने के लिए तैयार है। हमारे कर्मठ और प्रतिभाशाली लोग राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।”

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की शुभकामनाएं

बिहार दिवस के पावन अवसर पर देश के शीर्ष नेतृत्व ने भी अपनी भावनाएं साझा कीं:

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू: उन्होंने सोशल मीडिया (X) पर संदेश देते हुए बिहार को ‘विश्व के प्रथम गणराज्य की भूमि’ बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य के निवासी अपनी असीम प्रतिभा से देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।
  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी: पीएम ने ट्वीट कर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि बिहार आज प्रगति के नए अध्याय गढ़ रहा है और ‘विकसित बिहार’ ही ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने की शक्ति बनेगा।

आधुनिक तकनीक: VR से पर्यटन स्थलों की सैर

इस वर्ष के समारोह का मुख्य आकर्षण पर्यटन विभाग का पर्यटन थीम पवेलियन रहा, जिसका उद्घाटन माननीय पर्यटन मंत्री श्री अरुण शंकर प्रसाद ने किया। यहाँ पहली बार आधुनिक VR (वर्चुअल रियलिटी) विजुअल मॉडल का उपयोग किया गया है। इसके माध्यम से आगंतुक चश्मा पहनकर बिहार के ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन स्थलों का जीवंत अनुभव ले पा रहे हैं। इसके साथ ही बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा आयोजित व्यंजन मेला में लोग बिहार के पारंपरिक स्वादों का लुत्फ उठा रहे हैं।

शिक्षा और अन्य विभागों की सहभागिता

शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने शिक्षा विभाग के स्टॉल का जायजा लिया, जहाँ ‘मिशन दक्ष’ और अन्य शैक्षणिक सुधारों की झलकियां दिखाई गईं। इस अवसर पर विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंद्र सहित कई वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। गांधी मैदान का कोना-कोना आज बिहार की कला, हस्तशिल्प और सुशासन की बदलती तस्वीर को बयां कर रहा है।


सकरा: ईदगाह की दीवार पर लेखन से उपजा तनाव, प्रशासन और प्रबुद्ध जनों की तत्परता से मामला शांत

0

मुजफ्फरपुर (सकरा): आपसी सौहार्द और भाईचारे के प्रतीक ईद के त्योहार के अगले ही दिन सकरा नगर पंचायत के सुजावलपुर में माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई। क्षेत्र के सुजावलपुर ईदगाह की चहारदीवारी पर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा आपत्तिजनक रूप से धार्मिक नारे लिख दिए गए, जिससे स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त हो गया। हालांकि, सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारियों ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को संभाला और दोनों समुदायों के बीच शांति समिति की बैठक कर मामले को शांत कराया।

प्रशासनिक मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओ पूर्वी (मुजफ्फरपुर) तुषार कुमार, डीएसपी मनोज कुमार और सकरा थानाध्यक्ष दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दीवार पर लिखे गए नारों को मिटवा दिया और फिर से पेंट करवाकर स्थिति सामान्य की।

एसडीओ पूर्वी तुषार कुमार ने बताया, “हमें सूचना मिली थी कि कुछ असामाजिक तत्वों ने ईदगाह की दीवार पर कुछ चीजें लिखी हैं। शांति समिति की बैठक की गई है और स्थानीय लोग शांति बनाए रखने में सहयोग कर रहे हैं। जो भी दोषी होंगे, उन्हें चिह्नित कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पेश की मिसाल

घटना के बाद हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के प्रतिनिधि एक साथ बैठे और सद्भाव बनाए रखने की अपील की। नगर पंचायत उपाध्यक्ष रणवीर सिंह ने कहा, “यहाँ हिंदू-मुस्लिम हमेशा भाइयों की तरह रहे हैं। यह किसी शरारती बच्चे या असामाजिक तत्व का काम हो सकता है, लेकिन समाज इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। गलत जगह पर लिखे गए सही शब्द भी गलत प्रभाव डालते हैं। हम सब एक हैं और रहेंगे।”

वहीं, पूर्व मुखिया नकी अहमद ने प्रशासन को सहयोग देते हुए कहा, “हमें किसी शब्द से नफरत नहीं है, लेकिन धार्मिक स्थल की पवित्रता का ख्याल रखना जरूरी है। ईद के शांतिपूर्ण त्योहार के बाद ऐसी घटना दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन हम प्रशासन के साथ हैं और आपसी भाईचारा टूटने नहीं देंगे।”

चिह्नित किए जा रहे हैं दोषी

 दीवार पर लिखने वाले ने नारों के साथ कुछ पहचान भी छोड़ी है। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि आसपास के लोगों से पूछताछ कर और साक्ष्य जुटाकर दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। फिलहाल क्षेत्र में शांति है और पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।

भाजपा के प्रशिक्षण महाअभियान से कार्यकर्ताओं में भरा जोश, केंद्र की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने का लिया संकल्प

0

“पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान: बंदरा में उमड़ा कार्यकर्ताओं का हुजूम, संगठन मजबूती का लिया संकल्प”

मुजफ्फरपुर, बंदरा। भारतीय जनता पार्टी द्वारा सांगठनिक मजबूती और कार्यकर्ताओं के कौशल विकास हेतु चलाए जा रहे ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान’ के तहत रविवार को मुजफ्फरपुर  के बंदरा मंडल (पूर्वी एवं पश्चिमी) में दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का भव्य शुभारंभ हुआ। 22 और 23 मार्च 2026 तक चलने वाले इस विशेष शिविर में मंडल स्तर के कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा, आगामी कार्ययोजना और केंद्र की एनडीए सरकार की जनहितकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने के गुर सिखाए जा रहे हैं।

श्रद्धांजलि और दीप प्रज्वलन से शुरुआत

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन और जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने उनके ‘एकात्म मानववाद’ के दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का उदय ही भाजपा का मुख्य लक्ष्य है।

संयुक्त अध्यक्षता और सांगठनिक मंत्र

प्रशिक्षण शिविर की अध्यक्षता बंदरा पूर्वी मंडल अध्यक्ष श्री अशोक कुमार सिंह एवं बंदरा पश्चिमी मंडल अध्यक्ष श्री देवेंद्र पांडेय ने संयुक्त रूप से की। दोनों अध्यक्षों ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन की शक्ति उसके कार्यकर्ता हैं। प्रशिक्षण के विभिन्न बौद्धिक सत्रों में वरिष्ठ नेताओं द्वारा वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य और कार्य पद्धति पर विस्तार से व्याख्यान दिए गए।

जनकल्याणकारी योजनाओं पर केंद्रित रहा प्रशिक्षण

शिविर का मुख्य उद्देश्य कार्यकर्ताओं को एनडीए सरकार की उपलब्धियों से लैस करना रहा। वक्ताओं ने कहा कि उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुँचाने में कार्यकर्ताओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। इसके लिए ‘सेवा ही संगठन’ के मंत्र के साथ अनुशासन और निष्ठा बनाए रखने का आह्वान किया गया।

इन प्रमुख नेताओं की रही गरिमामयी उपस्थिति

प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य रूप से निम्नलिखित वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया:

  • पंकज सिंह (जिला अध्यक्ष, भाजपा किसान मोर्चा)
  • फेकू राम (जिला उपाध्यक्ष)
  • रविशंकर कुशवाहा (जिला महामंत्री)
  • बिकाऊ यादव (वरिष्ठ नेता)
  • विजय सिंह (वरिष्ठ नेता)

इनके साथ ही शिविर में सैकड़ों की संख्या में बूथ अध्यक्ष, पंचायत अध्यक्ष एवं मंडल कार्यसमिति के सदस्य उपस्थित रहे। सभागार में कार्यकर्ताओं का उत्साह देखने लायक था। प्रशिक्षण के माध्यम से नई ऊर्जा प्राप्त कर सभी कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन को सशक्त बनाने और बूथ स्तर पर पकड़ मजबूत करने के संकल्प के साथ विदा हुए।

सकरा में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई ईद, क्षेत्र में रही आपसी सौहार्द की धूम

0

सकरा (मुजफ्फरपुर): प्रखंड क्षेत्र में शनिवार को ईद-उल-फितर का त्योहार पारंपरिक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह विभिन्न ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज अदा करने के बाद लोगों ने एक-दूसरे के गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। इस अवसर पर क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्तियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने जनता के बीच पहुंचकर खुशियां बांटीं।

तस्‍वीर में बायें से दूसरा क्रम पर इरशाद आलम एवं दायें से जसीम अहमद एवं दूसरे क्रम पर  पूर्व प्रत्याशी उमेश  कुमार राम

दुआओं में मांगा गया अमन-चैन

इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स  एण्‍ड कम्‍यूनिकेशन  के प्रोपराइटर एवं समाजसेवी इरशाद आलम ने इस खास मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि ईद केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने का जरिया है। उन्होंने दुआ करते हुए कहा, अल्लाह सभी के व्यापार में बरकत दे, दिलों को सुकून बख्शे और हर घर को खुशियों से भर दे।” उन्होंने विशेष रूप से AIMRA (एमरा) परिवार के सभी सदस्यों को ईद की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

नेताओं ने दी मुबारकबाद

त्योहार के इस उल्लास में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सकरा सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी उमेश  कुमार राम ने क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए इसे गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक बताया। वहीं, जदयू नेता जसीम अहमद ने भी अपनी शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए समाज में एकता और शांति बनाए रखने की अपील की।

नमाज के बाद बच्चों में खासा उत्साह देखा गया, जो नए कपड़ों में सजे-धजे मेलों का आनंद लेते नजर आए। प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि शांतिपूर्ण तरीके से भाईचारे का यह पर्व संपन्न हो सके।