Monday, November 2, 2026

लालू परिवार पर बरसे सम्राट चौधरी, बोले – ‘36% अति-पिछड़ों का अंगरक्षक हूँ, किसी अपराधी को नहीं बख्शूँगा’

श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में बीजेपी का महासम्मेलन: सम्राट चौधरी ने विपक्ष को घेरा, नित्यानंद राय और राजभूषण निषाद सहित दिग्गज नेताओं ने भरी हुंकार, नवनिर्वाचित विधान परिषद सदस्यों और विधायकों का हुआ भव्य अभिनंदन

पटना, 22 जून। बिहार की सियासत के केंद्र बिंदु अति-पिछड़ा वोट बैंक को साधने के लिए सोमवार को राजधानी पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में भारतीय जनता पार्टी की ओर से एक विशाल ‘अति-पिछड़ा सम्मान समारोह’ का आयोजन किया गया। इस महासम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्ष, खासकर लालू प्रसाद यादव के परिवार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। सम्राट चौधरी ने मंच से गरजते हुए साफ शब्दों में कहा, “मैं बिहार के 36 प्रतिशत अति-पिछड़ों का अंगरक्षक हूँ। इस समाज के हक और अधिकारों पर कोई आंच नहीं आने दी जाएगी। अपराधियों के खिलाफ बिहार में सफाई अभियान लगातार जारी रहेगा और संगीन जुर्म करने वालों को किसी भी सूरत में बक्सा नहीं जाएगा।”

भव्य समारोह के दौरान मंच पर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, कला संस्कृति मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी और अन्य नेताओं का विशाल फूलों की माला पहनाकर अभिनंदन करते कार्यकर्ता।

सुरक्षा और बंगले के खेल पर सम्राट का बड़ा प्रहार

इन दिनों लालू परिवार द्वारा सुरक्षा में कटौती और बंगलों को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि उनके आवास के बाहर आज भी करीब 150 पुलिसकर्मी तैनात हैं। उन्हें बुलेटप्रूफ गाड़ी और जरूरत के मुताबिक पूरा पुलिस बल मिला हुआ है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा, “क्या अब पूरे बिहार की पुलिस को उनकी सुरक्षा में लगा दें? अगर ऐसा किया तो फिर इस अति-पिछड़ा समाज की सुरक्षा कौन करेगा?”

मुख्यमंत्री ने संपत्ति पर भी बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि पटना से लेकर गोपालगंज और दिल्ली तक लालू परिवार के पास कितने मकान हैं, इसकी कोई गिनती ही नहीं है। इसके बावजूद परिवार के हर सदस्य को अलग-अलग बंगला चाहिए। उन्होंने साफ किया कि एनडीए सरकार में परिवारवाद नहीं, बल्कि जनता का राज चलेगा।

पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित अति-पिछड़ा सम्मान समारोह के मंच पर गदा उठाकर जनता का अभिवादन करते बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी। साथ में कला संस्कृति मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी एवं अन्य वरिष्ठ नेतागण।

केंद्र और राज्य सरकार में अति-पिछड़ों को तवज्जो

समारोह को संबोधित करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और बिहार के पिछड़े एवं अति-पिछड़े समाज को असली सम्मान, अधिकार और विकास के नए अवसर मिले हैं। सरकार की नीतियों में इस समाज को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है ताकि हर व्यक्ति आत्मविश्वास के साथ शिक्षा और रोजी-रोजगार हासिल कर सके।

भारतीय जनता पार्टी के अति-पिछड़ा महासम्मेलन में उमड़ी भारी भीड़। गगनभेदी नारों के बीच हाथ उठाकर एकजुटता का संकल्प जताते अति-पिछड़ा समाज के हजारों लोग।

मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों का गूंजा डंका

कार्यक्रम में पहुंचे केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीब कल्याण, सुशासन और जनकल्याण के 12 गौरवशाली वर्ष पूरे हुए हैं। इन 12 वर्षों में अति-पिछड़ा समाज के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए केंद्र सरकार ने कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। योजनाओं का सीधा लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच रहा है।

दिग्गजों का जुटा जुटान, विधायकों और विधान पार्षदों का अभिनंदन

कला संस्कृति मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी द्वारा आयोजित इस भव्य अभिनंदन समारोह में नवनिर्वाचित विधान परिषद सदस्यों और अति-पिछड़ा समाज के विधायकों को सम्मानित किया गया। मंच पर केंद्रीय मंत्री राजभूषण निषाद, पूर्व मंत्री राधामोहन सिंह सहित भाजपा के तमाम शीर्ष नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे। पूरा हॉल अति-पिछड़ा समाज के हजारों लोगों की भारी भीड़ से खचाखच भरा हुआ था, जिन्होंने हाथ उठाकर एनडीए सरकार की नीतियों के प्रति अपना पूरा समर्थन जताया।

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अपराधियों के खौफ से गूंजी समस्तीपुर की धरती: संजीव सहनी के हत्यारों की गिरफ्तारी न होने पर रो पड़ी बूढ़ी मां और बिलख उठी पत्नी

ताजपुर थाना घेराव: भाकपा माले और व्यवसायी संघ ने निकाला जुलूस, पुलिस को दिया 15 दिनों का अल्टीमेटम, मांग पूरी न होने पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन आमरण अनशन की दी चेतावनी

ताजपुर/समस्तीपुर, 22 जून 2026 ताजपुर थाना क्षेत्र में लगातार बढ़ रही हत्या, लूट, छिनतई और अन्य आपराधिक घटनाओं ने आम जनता और व्यापारियों की नींद उड़ा दी है। क्षेत्र की बदहाल कानून-व्यवस्था और बढ़ते अपराध के खिलाफ सोमवार को जन-आक्रोश फूट पड़ा। भाकपा माले और बिहार राज्य व्यवसायी संघ के संयुक्त आह्वान पर सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं ने ताजपुर थाना का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और हाल ही में हुए संजीव सहनी हत्याकांड समेत कई बड़ी वारदातों के आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की।

ताजपुर थाना के समक्ष अपराधियों की गिरफ्तारी और बढ़ते अपराध पर रोक लगाने की मांग को लेकर बैनर और लाल झंडों के साथ प्रदर्शन करते भाकपा माले एवं बिहार राज्य व्यवसायी संघ के कार्यकर्ता।

जुलूस की शुरुआत सोमवार को जनता मैदान (कर्बला पोखर) से हुई। हाथों में लाल झंडे और अपनी मांगों की तख्तियां लिए लोग नारेबाजी करते हुए ताजपुर थाना परिसर पहुंचे। वहां करीब एक घंटे तक जोरदार प्रदर्शन हुआ, जिसके बाद प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में एक विरोध सभा का आयोजन किया गया।

“मेरे तीन छोटे बच्चों का पेट कौन भरेगा?” – पत्नी और मां का छलका दर्द

प्रदर्शन के दौरान मृतक संजीव सहनी के परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। संजीव सहनी की बूढ़ी मां ने रोते हुए न्याय की गुहार लगाई। मां ने कहा, “हमारे बेटे को गोली मारकर छीन लिया गया। हमें हत्यारों की गिरफ्तारी चाहिए। जैसे मेरे बेटे को गोली लगी, वैसे ही सजा हत्यारों को मिलनी चाहिए। अब हम इन तीन छोटे-छोटे बच्चों को लेकर कैसे जिएंगे? हमारा पालन-पोषण कौन करेगा? हमारा तो सब कुछ उजाड़ दिया।”

ताजपुर थाने पर प्रदर्शन के दौरान संजीव सहनी के रोते-बिलखते परिजन और गोद में बच्चों को संभालती संजीव सहनी की बेबस पत्नी।

वहीं, गोद में छोटे बच्चे को लिए संजीव सहनी की पत्नी रविना कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल था। रविना कुमारी ने बिलखते हुए कहा, “हम किसके सहारे जिएंगे? अब हमारा इस दुनिया में कोई नहीं है।” रोते-बिलखते परिजनों को देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।

वक्ताओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले की राज्य कमिटी सदस्य बंदना सिंह ने कहा कि ताजपुर अब अपराधियों का गढ़ बनता जा रहा है। पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है और जनता खौफ के साए में जीने को मजबूर है। उन्होंने संजीव सहनी हत्याकांड के साथ-साथ किराना व्यवसायी नरेश चौधरी से लूट एवं गोलीकांड, दर्गाहिया चौक हत्याकांड, नीम चौक सोना लूटकांड और महिला थाना कांड संख्या 61/26 के आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की।

ताजपुर थाना घेराव के दौरान उपस्थित जनसमूह को संबोधित करतीं भाकपा माले की राज्य कमिटी सदस्य बंदना सिंह और आक्रोशित लोग।

इस सभा को जिला कमिटी सदस्य जीबछ पासवान, उपेंद्र राय, आसिफ होदा, प्रखंड कमिटी सदस्य ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, मो. एजाज, शाद तौहीदी, राजदेव प्रसाद सिंह, जीतेंद्र सहनी, मनोज कुमार सिंह, ललन दास, शंकर महतो, मो. अबुबकर, मो. क्यूम, सुलेखा कुमारी, रंजु कुमारी, मो. कादीर, मो. शकील, रुखसाना खातुन, सुखिया खातुन के अलावा मृतक के पिता देवकी सहनी तथा भाई सुशील सहनी ने भी संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने एक सुर में कहा कि जब तक व्यापारियों और आम लोगों को सुरक्षा नहीं मिलती, आंदोलन जारी रहेगा।

पुलिस प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताने के लिए लाल झंडे लेकर ताजपुर थाना परिसर के भीतर जमा हुए सैकड़ों प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़।

थानाध्यक्ष को सौंपा 7 सूत्री मांगपत्र, आमरण अनशन की चेतावनी

प्रदर्शन के अंत में वहां तैनात मजिस्ट्रेट के माध्यम से थानाध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा को एक 7 सूत्री मांगपत्र सौंपा गया। माले नेताओं ने पुलिस प्रशासन को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर संजीव सहनी के हत्यारों और अन्य कांडों के अपराधियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वे समस्तीपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन आमरण अनशन आंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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नीतीश का दबदबा कायम: निर्विरोध चुने गए जद (यू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष, उमेश कुशवाहा फिर बने प्रदेश कप्तान,

राष्ट्रीय परिषद और राज्य परिषद की महाबैठक में नीतीश कुमार के नाम पर लगी सर्वसम्मति की मुहर; ललन सिंह, संजय झा और विजय चौधरी सहित दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में  पारित हुआ बड़ा  प्रस्ताव।

पटना। बिहार की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी  खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर जनता दल (यूनाइटेड) का निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिए गए हैं। पटना में आयोजित जद (यू) राष्ट्रीय परिषद की हाई-प्रोफाइल बैठक में नीतीश कुमार के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर निर्वाचन का सर्वसम्मति से अनुमोदन कर दिया गया। इसके ठीक बाद आयोजित राज्य परिषद की बैठक में भी बड़ा फैसला लेते हुए उमेश सिंह कुशवाहा के प्रदेश अध्यक्ष पद पर दोबारा निर्वाचन को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई। इन दो बड़े फैसलों के साथ ही जद (यू) ने आगामी राजनीतिक लड़ाइयों के लिए अपनी कमान पूरी तरह से कस ली है और दिल्ली से लेकर पटना तक गठबंधन सहयोगियों तथा विरोधियों को अपनी एकजुटता का बड़ा संदेश दे दिया है।

जद (यू) का महामंच: पटना में आयोजित जनता दल (यूनाइटेड) की राष्ट्रीय परिषद की बैठक के दौरान मंच पर एकजुटता प्रदर्शित करते नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार, कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार झा, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, मंत्री लेसी सिंह, श्रवण कुमार तथा अन्य वरिष्ठ नेतागण।

नीतीश के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर दिग्गजों ने जताया भरोसा :  इस बेहद महत्वपूर्ण राष्ट्रीय परिषद की बैठक में देश और राज्य के तमाम शीर्ष नेताओं का जमावड़ा रहा। मंच पर नीतीश कुमार के साथ पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह तथा केंद्रीय राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर मुख्य रूप से मौजूद रहे। इसके अलावा जद (यू) विधायक दल के नेता सह मंत्री श्रवण कुमार, मंत्री निशांत कुमार, बिहार प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, लोकसभा में जद (यू) संसदीय दल के नेता दिलेश्वर कामैत, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी, राष्ट्रीय महासचिव सह विधान पार्षद अफाक अहमद खान, मंत्री लेसी सिंह, विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के उपनेता ललन सर्राफ, मुख्य सचेतक संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी, अनिल हेगड़े, राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक और राष्ट्रीय महासचिव गुलाम रसूल बलियावी सहित पार्टी के सभी माननीय मंत्री, सांसद और राष्ट्रीय परिषद के सम्मानित सदस्य उपस्थित रहे। बैठक के समापन सत्र में सभी नेताओं का आभार प्रकट करते हुए प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया।

नीतीश का हुंकार: राष्ट्रीय परिषद की बैठक के मुख्य सत्र में मंच से नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते जद (यू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार। बगल में मुस्तैद सुरक्षा घेरा और मंच पर बैठे कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, मंत्री अशोक चौधरी सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी।

राज्य परिषद में उमेश कुशवाहा की ताजपोशी : राष्ट्रीय परिषद की बैठक के साथ ही बिहार प्रदेश जनता दल (यू) की राज्य परिषद की भी अहम बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में उमेश सिंह कुशवाहा को दोबारा बिहार प्रदेश अध्यक्ष के रूप में सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया। प्रदेश निर्वाचन पदाधिकारी अशोक कुमार मुन्ना की देखरेख में चुनावी प्रक्रिया का अनुमोदन हुआ। इस बैठक में राजनीतिक गलियारों में हलचल मचाने वाला एक बड़ा राजनीतिक प्रस्ताव माननीय मंत्री अशोक चौधरी ने प्रस्तुत किया, जिसका समर्थन मंत्री शीला मंडल ने किया। इस प्रस्ताव में पार्टी की भावी रणनीतियों और बिहार के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण बिंदु शामिल किए गए हैं। बैठक के अंत में मंत्री श्रवण कुमार ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस राज्य परिषद की बैठक में मुख्य रूप से संजय कुमार झा, ललन सिंह, रामनाथ ठाकुर, विजय कुमार चौधरी, बिजेंद्र प्रसाद यादव, श्रवण कुमार, निशांत कुमार और जमा खान सहित पार्टी के सभी माननीय विधायक, विधान परिषद सदस्य और राज्य परिषद के डेलीगेट्स मौजूद रहे।

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पूरे विश्‍व में गूंजा भारत की सनातन संस्‍कृति का डंका, राष्‍ट्रपति से लेकर पी एम, सी एम और युवाओं ने किया महायोगाभ्‍यास!

20 की उम्र से ज्‍यादा 40 में दिखेगा लचीलापन, बीमारियों की अब खैर नहीं; देश भर में योग की दिखी अद्भुत धूम

विशेष संवाददाता नई दिल्‍ली/पटना/मुजफ्फरपुर, 21 जून 2026

आज पूरे देश सहित विश्‍व भर में 12वें अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस की ऐसी धूम दिखी जिसने हर किसी को ऊर्जा से भर दिया। राष्‍ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्‍यमंत्री से लेकर देश के कोने-कोने में युवाओं और आम जनता ने एक साथ कदम ताल करते हुए योगाभ्‍यास किया। इस बार की थीम ‘365 योग फॉर हेल्‍दी एजिंग’ के तहत उम्र को मात देने और निरोगी काया पाने का महासंकल्‍प लिया गया।

जबलपुर में राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का महासंदेश: ब्रह्मांडीय चेतना से जुड़ने का माध्‍यम है योग

अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मध्‍य प्रदेश के जबलपुर में आयोजित एक विशाल सामूहिक योग प्रदर्शन में भाग लिया। आंखें बंद कर ध्‍यान की मुद्रा में बैठीं राष्‍ट्रपति ने पूरे विश्‍व को शांति का संदेश दिया।

ध्‍यान में लीन राष्‍ट्रपति: अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जबलपुर (मध्‍य प्रदेश) में आंखें बंद कर पूरी तन्‍मयता के साथ सामूहिक योगाभ्‍यास और ध्‍यान लगातीं राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मू।

राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा:

“योग व्‍यक्ति को आत्‍मा से, समाज को प्रकृति से, और मानवता को विशाल ब्रह्मांडीय चेतना से जोड़ने का एक शक्तिशाली माध्‍यम है। जब विश्‍व अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब योग मानवता को शांति, संतुलन, सामंजस्‍य और सामूहिक कल्‍याण की ओर निर्देशित करने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।”

उन्‍होंने देश के हर नागरिक से अपील की कि वे योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्‍न अंग बनाएं।

कोलकाता के रेड रोड पर पी एम नरेंद्र मोदी का धमाकेदार आह्वान: 40 की उम्र में 20 जैसा लचीलापन लाएगा योग!

कोलकाता के रेड रोड पर आज सुबह एक असाधारण और अद्भुत नजारा देखने को मिला, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हजारों लोगों के साथ योग किया। विभिन्‍न क्षेत्रों के दिग्‍गजों और आम लोगों के बीच पहुंचे प्रधानमंत्री ने बढ़ती उम्र को थामने और स्‍वस्‍थ रहने का एक नया मंत्र फूंक दिया।

इस बार की थीम ‘योग फॉर हेल्‍दी एजिंग’ पर जोर देते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा:

“हमारा लक्ष्‍य यह होना चाहिए कि 40 वर्ष की आयु में हम 20 वर्ष की आयु की तुलना में अधिक लचीले हों। हमारा लक्ष्‍य यह होना चाहिए कि 50 वर्ष की आयु में हम 30 वर्ष की आयु की तुलना में अधिक ऊर्जावान हों। हमारा लक्ष्‍य यह होना चाहिए कि 70 वर्ष की आयु में हम 50 वर्ष की आयु की तुलना में जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के प्रति अधिक प्रतिरोधक क्षमता रखते हों।”

फिट इंडिया का महासंकल्‍प: (बाएं) कोलकाता के रेड रोड पर हजारों की भीड़ के बीच योग की कठिन मुद्रा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और (दाएं) पटना के पाटलिपुत्र खेल परिसर में योग के जरिए शरीर को लचीला बनाते बिहार के मुख्‍यमंत्री सम्राट चौधरी।

पटना में सी एम सम्राट चौधरी का हुंकार: विकसित बिहार के निर्माण के लिए जन-जन का संक‍ल्‍प बने योग

बिहार की राजधानी पटना के पाटलिपुत्र खेल परिसर, कंकड़बाग में राज्‍यस्‍तरीय योग कार्यक्रम का भव्‍य आयोजन किया गया। इसमें बिहार के मुख्‍यमंत्री सम्राट चौधरी ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की और योगासनों का अभ्‍यास किया।

सम्राट चौधरी ने कहा कि योग भारत की सनातन ज्ञान परंपरा का अमूल्‍य उपहार है, जो शरीर, मन और आत्‍मा के समन्‍वय का मार्ग प्रशस्‍त करता है। उन्‍होंने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व में योग को वैश्विक पहचान मिली है और आज संपूर्ण विश्‍व भारतीय संस्‍कृति की इस महान धरोहर को अपनाकर स्‍वस्‍थ एवं संतुलित जीवन की ओर अग्रसर है। उन्‍होंने बिहारवासियों से अपील की, “आइए, योग को जन-जन का संकल्‍प बनाकर स्‍वस्‍थ, समृद्ध एवं विकसित बिहार के निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।”

एमआईटी मुजफ्फरपुर में युवाओं का महाकुंभ: 150 से अधिक स्‍वयंसेवकों ने लिया 365 दिन योग का संकल्‍प

मुजफ्फरपुर के मुजफ्फरपुर इंस्‍टीट्यूट ऑफ टेक्‍नोलॉजी (एमआईटी) परिसर में भी अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस का भव्‍य और ऐतिहासिक नजारा दिखा। मेरा युवा भारत, मुजफ्फरपुर (युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार) एवं एमआईटी कॉलेज के संयुक्‍त तत्‍वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं का भारी सैलाब उमड़ा। जिला के विभिन्‍न प्रखंडों से आए माई भारत के 150 से अधिक युवा क्‍लबों के स्‍वयंसेवकों ने पूरे उत्‍साह के साथ योगाभ्‍यास किया।

युवाओं की सजग काया: मुजफ्फरपुर के एमआईटी कॉलेज परिसर में ‘माई भारत’ के स्‍वयंसेवकों और कॉलेज के प्रोफेसरों के साथ हाथ जोड़कर प्रार्थना और योग की शुरुआत करते प्रतिभागीगण ।

प्राचार्य और अधिकारियों ने बढ़ाया उत्‍साह: कार्यक्रम में मुख्‍य अतिथि के रूप में एमआईटी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. मिथिलेश कुमार झा, विशिष्‍ट अतिथि के रूप में सिविल इंजीनियरिंग के असिस्‍टेंट प्रोफेसर डॉ. विजय कुमार, जिला युवा अधिकारी बुशरा रहमान और सहायक प्रशाखा अधिकारी चन्‍देश्‍वर पाण्‍डेय उपस्थित रहे। योग शिक्षक जन्‍मेजय कुमार ने सभी को कठिन और स्‍वास्‍थ्‍यवर्धक योगासनों एवं प्राणायाम का अभ्‍यास कराया।

एमआईटी के प्राचार्य प्रो. मिथिलेश कुमार झा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि योग शारीरिक स्‍वास्‍थ्‍य के साथ-साथ मानसिक शांति और एकाग्रता के लिए अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण है। वहीं जिला युवा अधिकारी बुशरा रहमान ने फिट और सकारात्‍मक जीवन के लिए प्रतिदिन योग को जीवनशैली का हिस्‍सा बनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम का समापन एक स्‍वस्‍थ और समृद्ध भारत के सामूहिक संकल्‍प के साथ हुआ, जिसे सफल बनाने में राष्‍ट्रीय युवा स्‍वयंसेवकों ने अपनी पूरी जान लगा दी।

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बिहार (मढ़ौरा)  का बना रेल इंजन अब दुनिया की पटरी पर दौड़ेगा, अफ्रीकी देश गिनी के लिए 51वां इंजन रवाना; छपरा को मिली नई सुपरफास्ट ट्रेन की सौगात

विशेष संवाददाता, छपरा

सारण की ऐतिहासिक धरती ने आज वैश्विक पटल पर एक नया इतिहास रच दिया है। बिहार की बढ़ती औद्योगिक ताकत और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को दर्शाते हुए सारण जिले के मढ़ौरा स्थित डीजल लोकोमोटिव प्लांट से तैयार किया गया 51वां रेल इंजन अफ्रीकी देश गिनी गणराज्य के लिए रवाना कर दिया गया है। इस गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण के साक्षी केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बने, जिन्होंने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर इस स्वदेशी इंजन को वैश्विक सफर पर रवाना किया।

रेलवे प्लेटफॉर्म पर विकास कार्यों का जायजा लेते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और अन्य अधिकारी एवं सुरक्षाकर्मी।

छपरा जंक्शन से दिल्ली के लिए नई सुपरफास्ट ट्रेन को हरी झंडी इस बड़े औद्योगिक धमाके के साथ ही सारण और आसपास के जिलों के लाखों यात्रियों के लिए भी आज का दिन खुशियों की सौगात लेकर आया। छपरा जंक्शन पर आयोजित एक भव्य समारोह में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने छपरा-दिल्ली (आनंद विहार) नई एक्सप्रेस रेल सेवा को हरी झंडी दिखाई। इसके अलावा मऊ-दिल्ली (आनंद विहार) नियमित एक्सप्रेस और दोहरीघाट-औंड़िहार ट्रेन सेवा का वाराणसी तक विस्तार करते हुए कुल 3 नई रेल सेवाओं का शुभारंभ किया गया। यह नई रेल सेवाएं क्षेत्र में रोजगार, शिक्षा और व्यापार के नए अवसरों के द्वार खोलेंगी। इस अवसर पर स्थानीय सांसद राजीव प्रताप रूडी, जनार्दन सिंह सिग्रीवाल समेत कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और रेलवे के उच्चाधिकारी मौजूद रहे।

सारण के ऐतिहासिक विकास को गति देते हुए मंच पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, सांसद राजीव प्रताप रूडी, जनार्दन सिंह सिग्रीवाल और अन्य जनप्रतिनिधि हरी झंडी दिखाकर नई रेल सेवाओं तथा मढ़ौरा से निर्मित 51वें वैश्विक रेल इंजन को रवाना करते हुए।

सारण के लिए बड़ी घोषणाएं: 2 नए एयरपोर्ट, 2 टाउनशिप और ड्राई पोर्ट समारोह को संबोधित करते हुए नेताओं ने सारण के समग्र विकास के लिए कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की घोषणा की। अब सारण जिले को केवल नई ट्रेनों की ही नहीं, बल्कि भविष्य में 2 नई टाउनशिप, 2 नए एयरपोर्ट, बेहतर सड़क संपर्क और एक हाई-टेक ड्राई पोर्ट की सौगात भी मिलने जा रही है। रेल, उद्योग, निवेश और आधुनिक आधारभूत संरचना के सहारे बिहार अब विकास की नई पटरी पर बुलेट ट्रेन की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।

पाटलिपुत्र से छपरा तक रेल में संवाद और एसटीपीआई (STPI) का दौरा इससे पहले केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पाटलिपुत्र से छपरा तक रेल द्वारा सफर किया। इस यात्रा के दौरान दोनों नेताओं के बीच बिहार की रेल परियोजनाओं, कनेक्टिविटी और सूबे की बदलती तस्वीर पर गहन बातचीत हुई। इसके अतिरिक्त, पटना स्थित सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (STPI) का भी दोनों मंत्रियों ने दौरा किया। इस दौरान डिजिटल इंडिया के संकल्प के तहत बिहार में आईटी एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम को सशक्त बनाकर विकसित बिहार के निर्माण की प्रतिबद्धता दोहराई गई।

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नाबालिग से रेप के 5 दिन बाद भी आरोपी फरार, पुलिस पर लगा ‘मैनेज’ का आरोप; भड़के माले नेताओं ने कहा— थाना भी घेरेंगे और खेत भी बचाएंगे!

ताजपुर/मुसरीघरारी/समस्तीपुर (19 जून 2026): समस्तीपुर जिले में कानून व्यवस्था और जन-सरोकारों को लेकर भाकपा माले और अखिल भारतीय किसान महासभा ने आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। जिले के मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव में एक गरीब और बेसहारा नाबालिग लड़की के साथ हुई दरिंदगी के मामले में पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के 5 दिन बीत जाने के बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से पूरे इलाके के ग्रामीणों में भारी उबाल है। इस गंभीर मामले को लेकर शुक्रवार को भाकपा माले की एक विशेष जांच टीम पीड़िता के गांव फतेहपुर पहुंची और ग्रामीणों से मिलकर पूरी स्थिति की जानकारी ली।

ताजपुर के बरतल्ला में खेत-खलिहानों के बीच किसानों को एकजुट कर सदस्यता अभियान चलाते किसान महासभा के प्रखंड अध्यक्ष ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह व अन्य नेता।

जांच टीम का नेतृत्व कर रहे भाकपा माले के ताजपुर प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने मुसरीघरारी थानाध्यक्ष की कार्यशैली पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस इस जघन्य अपराध को दबाने और मामले को ‘मैनेज’ कराने का प्रयास कर रही है। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी:

“मुसरीघरारी थानाध्यक्ष मामले को मैनेज कराने का खेल बंद करें और आरोपी को अविलंब गिरफ्तार करें। अगर शीघ्र ही आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो महिला संगठन ऐपवा और भाकपा माले मिलकर ऐसा उग्र आंदोलन खड़ा करेगी, जिसकी गूंज पूरे सूबे में सुनाई देगी।” — सुरेंद्र प्रसाद सिंह (प्रखंड सचिव, भाकपा माले)

सांकेतिक (प्रतीकात्‍मक) तस्‍वीर

इधर खेतों में गूंजी अधिकार की हुंकार: किसान महासभा का महा-अभियान

एक तरफ जहां पुलिसिया निष्क्रियता के खिलाफ गुस्सा भड़क रहा है, वहीं दूसरी तरफ शुक्रवार को ही अखिल भारतीय किसान महासभा द्वारा प्रखंड क्षेत्र के बरतल्ला, चकहैदर समेत विभिन्न गांवों एवं खेत-खलिहानों में व्यापक सदस्यता अभियान चलाकर व्यवस्था को ललकारा गया। इस अभियान का नेतृत्व किसान महासभा के प्रखंड अध्यक्ष ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह एवं भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह, मो० नसीम, रामबृक्ष राय, अरुण राय, विपीन कुमार आदि नेताओं ने संयुक्त रूप से किया।

नेताओं ने सीधे खेतों और खलिहानों में जाकर किसानों से संपर्क किया और बड़ी संख्या में उन्हें संगठन का सदस्य बनाया। इस मौके पर नेताओं ने कहा कि आज कृषि लागत में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य नहीं मिल पा रहा है, जिससे खेती लगातार घाटे का सौदा बनती जा रही है।

मुफ्त बिजली-पानी और संसाधन देने की उठी मांग

किसान महासभा के प्रखंड अध्यक्ष ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह ने सरकार से जोरदार मांग की कि किसानों को:

  • नि:शुल्क खाद, बीज, बिजली और पानी उपलब्ध कराया जाए।
  • कृषि यंत्र मुफ्त दिए जाएं ताकि खेती की लागत कम हो और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो।

उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि किसानों के खेतों तक विद्युत पहुंचाने की पुख्ता व्यवस्था सरकार को हर हाल में करनी होगी, अन्यथा इसके लिए बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

22 और 30 जून को महा-संग्राम की तैयारी, थानों का होगा घेराव

माले और किसान महासभा के नेताओं ने साफ कर दिया है कि वे जनता के अधिकारों और बहन-बेटियों की सुरक्षा के लिए पीछे नहीं हटने वाले हैं। आंदोलन की कड़ियों को जोड़ते हुए नेताओं ने बड़े आंदोलनों का खाका खींच दिया है:

  1. 22 जून को थाना घेराव: मुसरीघरारी और ताजपुर पुलिस की मनमानी के खिलाफ 22 जून को भाकपा माले द्वारा ताजपुर थाना का घेराव किया जाएगा, जिसका किसान महासभा ने सक्रिय समर्थन करने का ऐलान किया है।
  2. 30 जून को प्रखंड पर प्रदर्शन: गरीबों के रद्द किए गए राशनकार्डों की पुनर्बहाली की मांग को लेकर 30 जून को प्रखंड मुख्यालय पर एक विशाल प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें किसान और आम जनता अपनी ताकत दिखाएगी।

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अपराधियों को हर हाल में छोड़ना होगा बिहार, अब खैर नहीं! गांधी मैदान में 5000 जांबाज होमगार्ड जवानों ने ली सुरक्षा की कसम, भव्य परेड में दिखे हैरतअंगेज कारनामे

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ली दीक्षांत और पारण परेड की सलामी; महिला वाहिनी का दिखा बेमिसाल शौर्य, नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के सपने को साकार करेंगे जवान; मानदेय बढ़कर हुआ 1121 रुपये

पटना। बिहार की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में 5000 नए गृह रक्षकों (होमगार्ड) का भव्य दीक्षांत एवं पारण परेड समारोह अत्यंत उत्साह और राष्ट्रभक्ति के माहौल में आयोजित किया गया। इस ऐतिहासिक गरिमामयी समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर परेड का निरीक्षण किया और जांबाज जवानों की सलामी ली। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी सहित गृह विभाग और पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी उपस्थित रहे।

पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित गृह रक्षा वाहिनी के पारण परेड समारोह के मुख्य मंच पर आसीन मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उनके साथ उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, बिहार के डीजीपी विनय कुमार एवं गृह विभाग के अन्य गणमान्य अधिकारीगण।

परेड के दौरान नवनियुक्त होमगार्ड जवानों ने जिस उत्कृष्ट अनुशासन और हुनर का प्रदर्शन किया, उसने उपस्थित जनसैलाब को मंत्रमुग्ध कर दिया। विशेष रूप से जवानों द्वारा जलते हुए छल्ले (अग्नि चक्र) के बीच से छलांग लगाने के हैरतअंगेज और जांबाज प्रदर्शन ने मैदान में मौजूद सभी लोगों के रोंगटे खड़े कर दिए। महिला टुकड़ियों ने भी कंधे से कंधा मिलाकर अपने अदम्य साहस का परिचय दिया, जिसे देखकर मुख्य मंच पर बैठे अतिथियों ने खड़े होकर तालियां बजाईं।

अपराधियों को छोड़ना होगा बिहार, मिली खुली छूट: सम्राट चौधरी

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हुंकार भरी कि बिहार में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा, “बिहार के लोगों को सुरक्षित रखना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। चाहे वह पुलिस के जवान हों या होमगार्ड के, सबका दायित्व बिहार को सुरक्षित रखना है। सरकार ने पुलिस प्रशासन को पूरी खुली छूट दे रखी है, अपराधियों को हर हालत में बिहार छोड़ना ही होगा। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।”

ऐतिहासिक गांधी मैदान में खुली जीप पर सवार होकर नवनियुक्त 5000 होमगार्ड जवानों की भव्य पारण परेड का निरीक्षण करते मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी। जीप पर उनके साथ उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और सुरक्षा बल के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद हैं।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में वरिष्ठ अधिकारियों को यथास्थान नमन करते हुए कहा, “समारोह में उपस्थित बिहार के माननीय उपमुख्यमंत्री, वरिष्ठ साथी आदरणीय विजय चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, बिहार के डीजीपी विनय कुमार, इस पूरे कार्यक्रम का आयोजन करने वाली डीजी शोभा ओहतकर, गृह सचिव कुंदन कुमार, एडीजी सुरक्षा संजय कुमार सिंह और यहां उपस्थित तमाम होमगार्ड के साथी गण। यह अपने आप में एक अनोखा प्रदर्शन था। जिस तरह गृह रक्षा वाहिनी के स्ट्रेंथनिंग (मजबूतीकरण) का काम लगातार चल रहा है, उससे स्पष्ट है कि बिहार लगातार आगे बढ़ रहा है।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री चाहते हैं कि विकसित भारत बने और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समृद्ध बिहार का सपना देखा था, इस सपने को साकार करने में बिहार पुलिस और होमगार्ड के जवानों का सबसे महत्वपूर्ण रोल होने जा रही है। उन्होंने कहा कि 45000 गांवों वाले इस बिहार में 13 करोड़ जनता की सुरक्षा के लिए 1 लाख से अधिक होमगार्ड और लाखों पुलिस बल पूरी मुस्तैदी से काम कर रहे हैं। वर्तमान में होमगार्ड जवानों को दी जा रही ट्रेनिंग अब अर्धसैनिक बलों (पैरामिलिट्री फोर्सेस), बीसैफ और कमांडो के समकक्ष पहुंच चुकी है, जो एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।

 दीक्षांत समारोह के दौरान मुख्य अतिथि के समक्ष अदम्य साहस और उत्कृष्ट प्रशिक्षण का मुजाहिरा करते गृह रक्षा वाहिनी के जांबाज जवान। जलते हुए अग्नि चक्र (फायर रिंग) के बीच से अत्यंत सटीकता और निडरता के साथ छलांग लगाकर कमांडो स्तर की ट्रेनिंग का प्रदर्शन करता एक जांबाज होमगार्ड जवान।

चुनावी हिंसा का खात्मा और मानदेय में बंपर वृद्धि

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पहले चुनावों में सिर्फ हिंसा ही हिंसा होती थी, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में रिकॉर्ड 110000 के आसपास सिर्फ होमगार्ड को लगाया गया था और बिहार में एक भी रिपोल (पुनर्मतदान) नहीं हुआ। बिहार विधानसभा चुनाव में भी लगभग 44000 होमगार्ड को तैनात कर अर्धसैनिक बलों को सहयोग दिया गया। जवानों के कल्याण पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि 3 सितंबर 2025 के पहले बिहार में होमगार्ड जवान को प्रतिदिन मात्र 734 रुपये दिया जाता था, जिसे नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार और तत्कालीन वित्त विभाग (जो स्वयं सम्राट चौधरी देखते थे) ने बढ़ाकर 1121 रुपये प्रतिदिन करने का काम किया ताकि जवानों के परिवारों में खुशहाली आ सके।

एनडीए सरकार तीन चीजों से कभी समझौता नहीं करती: विजय चौधरी

समारोह को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने जवानों की मेधा और अनुशासन की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा, “हमारी एनडीए सरकार की घोषित नीति है कि वह तीन चीजों से कभी समझौता नहीं करती—अपराध, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता। इन तीनों को नियंत्रित रखने में पुलिस और उसके सहायक के रूप में गृह रक्षा वाहिनी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।” उन्होंने आगे कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गृह रक्षा वाहिनी में रिक्तियों को पारदर्शी प्रक्रिया से भरने और प्रशिक्षण के स्तर को ऊंचा उठाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया था, जिसका परिणाम आज गांधी मैदान में साफ दिख रहा है। महिला टुकड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि अब बिहार में अपराधियों की खैर नहीं है।

डीजी शोभा ओहतकर ने दिलाई कर्तव्य निष्ठा की शपथ

समारोह के दौरान गृह रक्षा वाहिनी की महानिदेशक (डीजी) शोभा ओहतकर ने सभी 5000 नवनियुक्त होमगार्ड जवानों को देश सेवा, अनुशासन और कर्तव्य निष्ठा की गोपनीयता की शपथ दिलाई। जवानों ने शपथ ली कि वे अपने वरीय अधिकारियों के आदेशों का अक्षरों में पालन करेंगे और कर्तव्य पथ पर कभी भी पीछे नहीं हटेंगे।

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समस्तीपुर में खौफ का राज! अपराधियों के आगे बेबस पुलिस के खिलाफ ‘माले’ की आर-पार की जंग, 22 जून को ताजपुर थाना हिलाएंगे हजारों लोग!

  • फाइलों में दफन न्याय: थाना कांड संख्या 98/26 के तहत संजीव सहनी हत्याकांड के एक महीने बाद भी पुलिस के हाथ खाली, अपराधियों को मिल रहा राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण?
  • खाकी पर दाग: नीम चौक सोना लूटकांड में तीन पुलिस अधिकारियों के निलंबन के बाद भी नहीं बदला ढांचा, लूटा गया सोना और डकैत अब भी कानून की पहुंच से दूर।
  • व्यापारियों में हाहाकार: कोठिया मोड़ पर किराना दुकानदार नरेश चौधरी गोलीकांड ने तोड़ी ताजपुर के व्यवसायियों की कमर, शाम ढलते ही बाजारों में पसर जाता है सन्नाटा।
  • माले की हुंकार: प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा— “देर से न्याय मिलना, असल में न्याय की हत्या है, 22 जून को जनता मैदान से थमेगी समस्तीपुर की रफ्तार।”

ताजपुर/समस्तीपुर, 18 जून 2026: बिहार का समस्तीपुर जिला इस समय एक अभूतपूर्व सुरक्षा संकट और प्रशासनिक शून्यता के दौर से गुजर रहा है। जिले का ताजपुर थाना क्षेत्र, जो कभी अपने शांत वातावरण और प्रगतिशील किसान-व्यापारी संस्कृति के लिए जाना जाता था, आज अपराधियों की खुली चरागाह बन चुका है। हत्या, दिनदहाड़े डकैती, राहजनी, रंगदारी और अंधाधुंध गोलीबारी की सिलसिलेवार घटनाओं ने आम नागरिकों के मौलिक अधिकारों और उनके जीने की स्वतंत्रता पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। क्षेत्र की जनता इस बात से बेहद आक्रोशित है कि जब अपराधी सरेआम वारदातों को अंजाम देकर सुरक्षित निकल जाते हैं, तब स्थानीय पुलिस केवल कागजी खानापूर्ति और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के इंतजार में बैठी रहती है।

इस प्रशासनिक विफलता, खाकी की अकर्मण्यता और अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस के खिलाफ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) यानी भाकपा माले ने अब सीधे तौर पर सत्ता और व्यवस्था के खिलाफ आर-पार की जंग का बिगुल फूंक दिया है। क्षेत्र में पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाने और सोए हुए पुलिस तंत्र को जगाने के लिए भाकपा माले आगामी 22 जून 2026 को ताजपुर थाना का ऐतिहासिक महाघेराव करने जा रही है। इस कार्यक्रम की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पार्टी ने पुलिस अधीक्षक (एसपी), अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) और अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) को लिखित पत्र भेजकर साफ शब्दों में अल्टीमेटम दे दिया है कि यदि कानून का राज स्थापित नहीं हुआ, तो उत्पन्न होने वाली किसी भी कानून-व्यवस्था की स्थिति की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

समस्तीपुर के ताजपुर में बेकाबू हो चुके अपराधियों और थानों की निष्क्रियता के खिलाफ आर-पार की जंग का एलान करते भाकपा माले के प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह। वे हाथ में पुलिस अधीक्षक (एसपी), अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीओ) को भेजा गया वह अल्टीमेटम पत्र दिखा रहे हैं, जिसमें 22 जून 2026 को हजारों की संख्या में ताजपुर थाना घेरने और व्यवस्था को हिला देने की पूरी रणनीति और चेतावनी दर्ज है।

कांड संख्या 98/26: संजीव सहनी हत्याकांड और पुलिस के झूठे वादे

ताजपुर में पुलिसिया नाकामी का सबसे क्रूर और ज्वलंत उदाहरण मोटरसाइकिल मिस्त्री संजीव सहनी की हत्या है। 15 मई 2026 को मोतिपुर वार्ड-27 निवासी संजीव कुमार सहनी की गांधी चौक के पास बेखौफ अपराधियों ने दिनदहाड़े गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। गांधी चौक जैसे व्यस्ततम इलाके में दोपहर के समय हुई इस दुस्साहसिक वारदात से पूरा समस्तीपुर दहल उठा था। घटना के तुरंत बाद जब स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया, तो जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को शांत कराया था।

पुलिस अधिकारियों ने उस समय जनता के सामने सार्वजनिक रूप से यह आश्वासन दिया था कि 4 दिनों के भीतर अपराधियों को न सिर्फ चिन्हित कर लिया जाएगा, बल्कि उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। लेकिन आज इस घटना को बीते एक महीने से अधिक का समय हो चुका है, और तफ्तीश की सुई एक इंच भी आगे नहीं बढ़ी है।

भाकपा माले के नेताओं का आरोप है कि संजीव सहनी एक बेहद गरीब परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य था। उसकी हत्या के पीछे किसी गहरे आपराधिक सिंडिकेट का हाथ है, जिसे स्थानीय स्तर पर कुछ रसूखदार लोगों का संरक्षण प्राप्त है। यही कारण है कि पुलिस दबाव में आकर मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने से कतरा रही है। एक गरीब की जान की कीमत समस्तीपुर पुलिस के लिए केवल एक फाइल नंबर—कांड संख्या 98/26 बनकर रह गई है।

नीम चौक सोना लूटकांड: निलंबन की कार्रवाई केवल आईवॉश?

ताजपुर पुलिस की कार्यशैली पर दूसरा सबसे बड़ा धब्बा नीम चौक पर हुआ सनसनीखेज सोना लूटकांड है। इस वारदात ने समस्तीपुर ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर बिहार के आभूषण व्यापारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। अपराधियों ने योजनाबद्ध तरीके से, अत्याधुनिक हथियारों के बल पर लाखों  रुपये मूल्य के सोने और नकदी की डकैती की थी। इस घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों के भारी दबाव और चौतरफा किरकिरी के बाद पुलिस मुख्यालय ने कर्तव्य में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में तीन पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया था।

लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या पुलिस अधिकारियों का निलंबन पीड़ित व्यापारियों को उनका खोया हुआ धन वापस दिला सकता है? भाकपा माले और स्थानीय व्यवसाई संघ का स्पष्ट मानना है कि यह निलंबन केवल जनता के गुस्से को शांत करने के लिए किया गया एक ‘आईवॉश’ (दिखावा) था। महीनों बीत जाने के बाद भी पुलिस न तो लूटे गए सोने का एक कतरा बरामद कर पाई है और न ही इस डकैत गिरोह के मास्टरमाइंड का पता लगा सकी है। अधिकारी बदल जाते हैं, लेकिन ताजपुर थाने की कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं होता। डकैत आज भी खुलेआम घूम रहे हैं और संभवतः अगली बड़ी डकैती की योजना बना रहे हैं।

नरेश चौधरी गोलीकांड और व्यापारियों का पलायन

ताजपुर बाजार और इसके आसपास के इलाके समस्तीपुर के प्रमुख व्यापारिक केंद्र हैं। लेकिन पिछले कुछ महीनों में व्यापारियों को जिस तरह से निशाना बनाया गया है, उससे यहां के व्यापार जगत की कमर टूट गई है। अभी संजीव सहनी और सोना लूटकांड की आग ठंडी भी नहीं हुई थी कि बीते 12 जून 2026 को कोठिया मोड़ चौक पर एक और दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया गया। यहां के  किराना दुकानदार नरेश चौधरी की दुकान पर अपराधियों ने धावा बोला और उन्हें सीधे तौर पर गोली मार दी।

नरेश चौधरी गोलीकांड ने व्यापारियों के भीतर के बचे-खुचे हौसले को भी समाप्त कर दिया है। रंगदारी न देने या अपराधियों के सामने न झुकने का परिणाम आज सीधे तौर पर गोली के रूप में सामने आ रहा है। व्यवसाई संघ के प्रतिनिधियों का कहना है कि ताजपुर के बाजारों में अब शाम के 8:00 बजते ही सन्नाटा पसर जाता है। कोई भी व्यापारी देर रात तक दुकान खुली रखने का जोखिम नहीं उठाना चाहता। अगर यही स्थिति रही, तो ताजपुर से व्यापारियों का बड़े पैमाने पर पलायन शुरू हो जाएगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था पूरी तरह तबाह हो जाएगी।

लंबित हत्याकांडों की लंबी फेहरिस्त: दर्जिनिया चौर से हरपुर भिंडी तक

ताजपुर थाना क्षेत्र में केवल एक या दो घटनाएं नहीं हुई हैं, बल्कि यहां अपराध का एक व्यवस्थित पैटर्न बन चुका है। भाकपा माले द्वारा जारी किए गए मांगपत्र में कई ऐसे लंबित मामलों का जिक्र है जिन पर पुलिस ने पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है:

  1. दर्जिनिया चौर हत्याकांड: इस सुनसान इलाके में हुई हत्या के मामले में पुलिस आज तक यह भी साफ नहीं कर पाई है कि हत्या का मुख्य मकसद क्या था और इसमें कौन से पेशेवर शूटर शामिल थे।
  2. हरपुर भिंडी पीट-पीटकर हत्याकांड: सामाजिक न्याय और मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाली इस घटना में एक नागरिक को पीट-पीटकर मार डाला गया था। इस मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कोई ठोस छापेमारी नहीं की, जिससे पीड़ित परिवार आज भी खौफ के साए में जीने को मजबूर है।

इन सभी मामलों में एक बात सामान्य है—अपराधियों में कानून का कोई डर नहीं है। उन्हें पता है कि ताजपुर की पुलिस केवल घटना के बाद मौका-ए-वारदात पर पहुंचकर औपचारिकता निभाना जानती है, अपराधियों का पीछा करना उसके बस की बात नहीं है।

“देर से न्याय मिलना, न्याय न मिलने के बराबर है” — सुरेंद्र प्रसाद सिंह

भाकपा माले के प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने समस्तीपुर के मौजूदा हालातों पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने राजनीतिक और प्रशासनिक दर्शन का हवाला देते हुए कहा कि “देर से न्याय मिलना, असल में न्याय न मिलने के बराबर है।” जब एक पीड़ित परिवार अपने मुखिया या अपने प्रियजन को खो देता है, और महीनों तक पुलिस के चक्कर काटने के बाद भी उसे केवल आश्वासन मिलता है, तो वह न्याय प्रणाली से अपना विश्वास खो बैठता है।

सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने साफ कहा कि ताजपुर पुलिस केवल सत्ताधारी दल के नेताओं की सुरक्षा और अवैध उगाही में व्यस्त है। आम जनता की सुरक्षा रामभरोसे छोड़ दी गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि 22 जून का आंदोलन केवल एक साधारण प्रदर्शन नहीं होगा, बल्कि यह समस्तीपुर पुलिस के खिलाफ जनता का निर्णायक विद्रोह होगा।

22 जून का महासंग्राम: कैसे थमेगी ताजपुर की रफ्तार?

भाकपा माले ने 22 जून 2026 के थाना घेराव कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अपनी पूरी संगठनात्मक ताकत झोंक दी है। पार्टी के शीर्ष और जमीनी नेताओं की फौज पिछले एक हफ्ते से ताजपुर के कोने-कोने में कैंप कर रही है।

  • जमीनी स्तर पर तैयारियां: माले नेता ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, आसिफ होदा, मो० एजाज, प्रभात रंजन गुप्ता, शंकर महतो, ललन दास और राजदेव प्रसाद सिंह जैसे कद्दावर कार्यकर्ता लगातार गांवों, टोलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में जाकर ‘जनता बैठकें’ (नुक्कड़ सभाएं) कर रहे हैं। इन बैठकों में आम लोगों का अभूतपूर्व समर्थन मिल रहा है।
  • आंदोलन का रूट मैप: तय योजना के अनुसार, 22 जून को सुबह 11:00 बजे समस्तीपुर और ताजपुर के हजारों लोग, व्यवसाई, किसान और नौजवान ताजपुर के ऐतिहासिक जनता मैदान में एकत्रित होंगे। यहां से एक विशाल और आक्रामक आक्रोश महाजुलूस निकाला जाएगा।
  • बाजारों का भ्रमण: यह महाजुलूस जनता मैदान से निकलकर ताजपुर के मुख्य बाजार, गोलंबर और विभिन्न संवेदनशील चौराहों से होते हुए गुजरेगा। इस दौरान पूरे बाजार क्षेत्र के व्यापारियों ने स्वतः स्फूर्त रूप से अपनी दुकानें बंद रखकर आंदोलन को समर्थन देने का फैसला किया है।
  • थाने पर दस्तक: बाजार का भ्रमण करने के बाद यह जनसैलाब सीधे ताजपुर थाना पहुंचेगा और वहां चारों तरफ से घेराव कर प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं पर एक लंबी विरोध सभा होगी, जिसमें पुलिस के आला अधिकारियों को बुलाकर सीधे जनता के सामने जवाबदेही तय करने के लिए मजबूर किया जाएगा।

भाकपा माले और व्यवसाई संघ की मुख्य मांगें (मांगपत्र के मुख्य बिन्‍दु ) :

पार्टी ने स्पष्ट किया है कि जब तक निम्नलिखित मांगों पर लिखित और समयबद्ध आश्वासन नहीं मिलता, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा:

  • मांग 1: ताजपुर थाना कांड संख्या 98/26 (संजीव सहनी हत्याकांड) का अविलंब उद्भेदन किया जाए और मुख्य शूटरों तथा इसके पीछे के साजिशकर्ताओं को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
  • मांग 2: नीम चौक सोना लूटकांड के दोषियों को दबोचा जाए और लूटे गए आभूषणों की शत-प्रतिशत बरामदगी सुनिश्चित की जाए ताकि पीड़ित व्यापारियों को राहत मिल सके।
  • मांग 3: किराना दुकानदार नरेश चौधरी पर जानलेवा हमला करने वाले और रंगदारी मांगने वाले गिरोह का समूल नाश किया जाए।
  • मांग 4: दर्जिनिया चौर हत्याकांड और हरपुर भिंडी पीट-पीटकर हत्याकांड सहित थाना क्षेत्र के सभी लंबित मामलों में फरार चल रहे अपराधियों की संपत्तियों की कुर्की-जब्ती की जाए।
  • मांग 5: पूरे ताजपुर थाना क्षेत्र में पुलिस गश्त (पेट्रोलिंग) को चौबीस घंटे सक्रिय किया जाए, मुख्य चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे चालू किए जाएं और व्यापारियों तथा आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए विशेष टास्क फोर्स का गठन किया जाए।

समस्तीपुर का यह संकट अब केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह आम इंसान के अस्तित्व और गरिमा की लड़ाई बन चुका है। जब कानून के रखवाले ही पंगु हो जाएं, तो जनता को सड़कों पर उतरना ही पड़ता है। भाकपा माले ने क्षेत्र की समस्त न्यायप्रिय जनता, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों और सभी लोकतांत्रिक संगठनों से अपील की है कि वे 22 जून को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर, जाति और धर्म की सीमाओं को तोड़कर, अपने बच्चों के सुरक्षित भविष्य और अपराधियों के सफाए के लिए इस थाना घेराव कार्यक्रम में शामिल हों। 22 जून को ताजपुर की सड़कों पर उतरने वाला एक-एक कदम समस्तीपुर के प्रशासनिक गलियारों में बैठे भ्रष्ट और अकर्मण्य अधिकारियों की कुर्सी हिलाने का काम करेगा।

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आसमान से जमीन तक चमकेगा बिहार, कैबिनेट बैठक में 29 बड़े फैसलों पर लगी ऐतिहासिक मुहर!

हेलीकॉप्टर से सैर करेंगे पर्यटक, सड़कों पर दौड़ेंगे डिजिटल कैमरे, और 5 बड़ी नदियों का होगा कायाकल्प – करोड़ों के बजट से बदलेगी राज्य की सूरत

विशेष ब्यूरो, पटना: बिहार में विकास, सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों के मोर्चे पर एक नया अध्याय शुरू हो गया है। राजधानी पटना में आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक में  सरकार ने कुल 29 एजेंडों पर अपनी ऐतिहासिक स्वीकृति दे दी है। इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की। बैठक में लिए गए फैसले साफ तौर पर यह संकेत देते हैं कि राज्य सरकार अब पारंपरिक ढर्रे से अलग हटकर आधुनिक तकनीक, पर्यटन और वैज्ञानिक संसाधनों के उचित दोहन पर पूरा ध्यान केंद्रित कर रही है। बैठक समाप्त होने के बाद मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने मीडियाकर्मियों को फैसलों की बारीकियों और बजटीय आवंटन से अवगत कराया।

यह केवल सरकारी प्रस्तावों की मंजूरी नहीं है, बल्कि बिहार को आर्थिक और सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का एक बड़ा खाका है।

पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित बिहार कैबिनेट की उच्चस्तरीय बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी।

 सड़क सुरक्षा में डिजिटल क्रांति: 622.04 करोड़ का आईटीएमएस प्रोजेक्ट

कैबिनेट का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला फैसला परिवहन विभाग की ओर से आया है। राज्य की सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं और दम तोड़ती यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सरकार ने 622.04 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट के साथ इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्‍टम  (आईटीएमएस) की स्थापना को हरी झंडी दी है।

  • पीपीपी मॉडल पर काम: यह पूरा प्रोजेक्ट पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर संचालित होगा, जिससे इसके क्रियान्वयन में निजी क्षेत्र की दक्षता का लाभ मिल सके।
  • क्या होगा असर: इसके तहत राज्य के प्रमुख राजमार्गों और शहरी चौराहों पर स्वचालित कैमरे, स्पीड डिटेक्टर और इलेक्ट्रॉनिक प्रवर्तन उपकरण लगाए जाएंगे। इसका सीधा उद्देश्य मानवीय हस्तक्षेप को कम करके यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सीधे डिजिटल नकेल कसना और दुर्घटनाओं की दर में भारी कमी लाना है।

पर्यटन को लगे पंख: आसमान से दिखेगा बदलता बिहार

बिहार के पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए कैबिनेट ने एक साथ तीन नई दूरगामी योजनाओं को मंजूरी दी है, जो राज्य में विदेशी और घरेलू पर्यटकों की आमद को कई गुना बढ़ा सकती हैं:

  • मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना 2026: इसके तहत राज्य के प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों (जैसे बोधगया, राजगीर, वैशाली और भागलपुर) को आपस में जोड़ने के लिए हेलीकॉप्टर और छोटे विमानों की सेवाएं शुरू की जाएंगी। इससे पर्यटकों का समय बचेगा और वीआईपी टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।
  • मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना 2026: ग्रामीण और स्थानीय इलाकों में पर्यटकों को ठहरने के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं देने और स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार पैदा करने के लिए इस योजना के नीतिगत दिशा-निर्देशों को मंजूरी दी गई है।
  • सिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा वित्तीय सहायता योजना 2026: इसके जरिए राज्य के उन श्रद्धालुओं को वित्तीय मदद दी जाएगी जो सिंधु दर्शन जैसी पवित्र और कठिन यात्राओं पर जाना चाहते हैं।

नदियों का वैज्ञानिक अध्ययन: अवैध खनन पर लगेगी अंतिम रोक

खान एवं भूतत्व विभाग के अंतर्गत राज्य की 5 जीवनदायिनी नदियों – सोन, किऊल, फल्गु, मोरहर और चानन नदी का पुनर्भरण अध्ययन (रेप्लेनिशमेंट स्टडी) कराने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया है।

  • करोड़ों का बजट: इस वैज्ञानिक शोध के लिए सरकार ने 2.32 करोड़ रुपये (2,32,69,600 रुपये) स्वीकृत किए हैं।
  • रणनीति का विश्लेषण: यह काम नामांकन के आधार पर सेंट्रल माइन प्लानिंग एण्ड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (सीएमडीपीआई) को सौंपा गया है। इस अध्ययन से यह पता चलेगा कि मानसून के बाद इन नदियों में कितनी मात्रा में बालू का प्राकृतिक रूप से पुनर्भरण होता है। इससे न केवल पर्यावरण की रक्षा होगी, बल्कि बालू माफियाओं द्वारा किए जाने वाले अवैध और अंधाधुंध खनन पर भी पूरी तरह से रोक लगाई जा सकेगी।

 बंपर भूमि अधिग्रहण: उद्योगों के लिए बिछेगा कालीन

राज्य में कल-कारखानों की स्थापना और निवेश को आकर्षित करने के लिए उद्योग विभाग के माध्यम से तीन महत्वपूर्ण जिलों में बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण के वित्तीय प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है:

  • कैमूर जिला: वाराणसी-राँची-कोलकाता एक्सप्रेसवे के नजदीक अंचल-चाँद एवं चैनपुर के विभिन्न मौजों में कुल 781.18 एकड़ भूमि के अधिग्रहण और बुनियादी ढांचा विकास प्राधिकरण (बियाडा) के माध्यम से विकास के लिए 2,30,64,97,009 रुपये की विशाल राशि मंजूर की गई है।
  • पूर्णिया जिला: अंचल-कृत्यानन्द नगर के विभिन्न मौजों में कुल 687 एकड़ रैयती भूमि के अधिग्रहण हेतु 1,25,32,38,925 रुपये स्वीकृत हुए हैं।
  • सहरसा जिला: अंचल-कहरा, मौजा-वनगाँव, देवनागोपाल तथा बलहर अराजी में कुल 420.62 एकड़ भूमि के लिए 88,01,13,847 रुपये के व्यय को हरी झंडी मिली है।

 प्रशासनिक और शैक्षणिक सुधार: खत्म हुआ इंटरव्यू का दौर

कैबिनेट ने सरकारी नियुक्तियों में पारदर्शिता लाने के लिए एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। पथ निर्माण विभाग के तहत बिहार तकनीकी सेवा नियमावली 1999 में संशोधन करते हुए शोध सहायक के पद पर चयन के लिए पूर्व से चली आ रही अंतर्वीक्षा (इंटरव्यू) की व्यवस्था को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है। अब यह चयन पूरी तरह से प्रतियोगिता परीक्षा और शैक्षणिक मेधा के आधार पर बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के माध्यम से पारदर्शी तरीके से होगा।

इसके साथ ही, भवन निर्माण विभाग के अंतर्गत राज्य के तमाम कार्य विभागों के सामान्य लिपिकीय संवर्ग के पदों पर भर्ती प्रक्रिया और सेवा शर्तों को विनियमित करने के लिए ‘कार्य विभाग क्षेत्रीय सामान्य लिपिकीय संवर्ग नियमावली 2026’ के गठन को भी स्वीकृति दी गई है।

संक्षिप्त : अन्य महत्वपूर्ण फैसले

  • एससी-एसटी कल्याण: बिहार राज्य अनुसूचित जाति सहकारिता विकास निगम लिमिटेड को राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (एनएसकेएफडीसी), नई दिल्ली के पुराने बकाये टर्म लोन के एकमुश्त भुगतान के लिए 21,95,00,000 रुपये जारी करने की मंजूरी दी गई।
  • संस्कृति का संरक्षण: कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के अधीन “बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप समिति” के गठन और इसके सोसायटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 के तहत निबंधन के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई।
  • न्यायिक सुदृढ़ीकरण: पटना उच्च न्यायालय में सिविल जज (वरीय कोटि) के समकक्ष विशेष कार्य पदाधिकारी का 1 पद और मधुबनी न्यायमंडल के बेनीपट्टी में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालय की स्थापना के लिए 1 पद के सृजन को स्वीकृति मिली।

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बिहार में जमीन विवादों का होगा परमानेंट खात्मा! राजस्व महा-अभियान की अवधि 21 जून तक बढ़ी; 46 लाख फाइलों को खंगालने में जुटी सरकार, सुस्त अफसरों पर गिरेगी गाज!

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल का कड़ा फैसला: 17 जून तक 95.73% स्कैनिंग और 60.27% पोर्टल अपलोडिंग पूरी, लापरवाही बरतने वाले अंचल और राजस्व अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही तय!

पटना, 17 जून 2026: बिहार में भूमि सुधार और जमीन संबंधी समस्याओं से आम जनता को बड़ी राहत देने के लिए सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा दांव खेल दिया है। बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा चलाए जा रहे ‘राजस्व महा-अभियान’ को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। प्राप्त 46 लाख से अधिक लंबित आवेदनों के त्वरित निष्पादन के लिए चलाया जा रहा विशेष अभियान अब 21 जून 2026 तक जारी रहेगा। सरकार का मुख्य लक्ष्य सभी 46 लाख आवेदनों की स्कैनिंग और डिजिटल पोर्टल पर अपलोडिंग के कार्य को शत-प्रतिशत पूरा करना है, ताकि रैयतों को सीधे और पारदर्शी तरीके से लाभ मिल सके।

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि इस अवधि में सभी लंबित आवेदनों की शत-प्रतिशत स्कैनिंग और संबंधित ऑनलाइन पोर्टलों पर अपलोडिंग सुनिश्चित की जाए। इस डिजिटल क्रांति का सीधा उद्देश्य भूमि अभिलेख सुधार, उत्तराधिकार नामांतरण (म्यूटेशन) और पारिवारिक बंटवारा आधारित नामांतरण से जुड़े मामलों का बहुत ही तेजी और पारदर्शिता के साथ निष्पादन करना है।

एक सप्ताह में दर्ज हुई ऐतिहासिक प्रगति (मुख्य आंकड़े):

विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 11 जून से 17 जून तक चलाए गए इस विशेष अभियान के दौरान राज्यभर में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।

  • महा-अभियान के तहत प्राप्त कुल 46,25,957 आवेदनों में से 95.73 प्रतिशत आवेदनों की स्कैनिंग पूरी कर ली गई है, जबकि अभियान शुरू होने से पहले यह आंकड़ा मात्र 81.91 प्रतिशत था।
  • इसके अलावा, 60.27 प्रतिशत आवेदन संबंधित ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किए जा चुके हैं, जो अभियान से पहले सिर्फ 26.43 प्रतिशत पर सिमटा हुआ था। एक सप्ताह के भीतर स्कैनिंग और अपलोडिंग दोनों में यह एक बड़ी छलांग है।

शानदार प्रदर्शन करने वाले अग्रणी जिले:

दिलीप कुमार जायसवाल ने बेहतरीन काम करने वाले जिलों की सराहना करते हुए कहा कि कई जिलों ने इस महा-अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। स्कैनिंग के मामले में खगड़िया जिला 99.92 प्रतिशत कार्य पूरा करके सबसे आगे चल रहा है। इसके ठीक पीछे दरभंगा में 99.72 प्रतिशत, पूर्णिया और वैशाली में 99.67 प्रतिशत, रोहतास में 99.53 प्रतिशत तथा समस्तीपुर और सुपौल में 99 प्रतिशत से अधिक स्कैनिंग का कार्य पूरा हो चुका है।

वहीं, पोर्टल अपलोडिंग के मामले में शिवहर जिला 89.92 प्रतिशत के साथ शीर्ष पायदान पर बना हुआ है। इसके अलावा किशनगंज (86.47 प्रतिशत), खगड़िया (84.83 प्रतिशत), दरभंगा (80.61 प्रतिशत), पूर्णिया (77.82 प्रतिशत) और वैशाली (75.17 प्रतिशत) भी अग्रणी जिलों में शामिल हैं।

सुस्त अफसरों को मंत्री की दो टूक चेतावनी:

हालांकि, मंत्री ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की है कि अभी भी कुछ जिलों में अपलोडिंग और मामलों के निष्पादन की गति अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच सकी है। उन्होंने ऐसे जिलों के अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने और अतिरिक्त मानव संसाधन (मैनपावर) लगाकर कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान की सफलता के लिए अंचल अधिकारियों (सीओ), राजस्व अधिकारियों और अन्य संबंधित कर्मियों की व्यक्तिगत जवाबदेही तय की गई है तथा विभागीय मुख्यालय स्तर पर प्रतिदिन प्रगति की कड़ाई से निगरानी (मॉनिटरिंग) की जा रही है।

सचिव जय सिंह ने सभी जिलाधिकारियों को दिए कड़े निर्देश:

विभाग के सचिव जय सिंह ने भी राज्य के सभी जिलाधिकारियों (डीएम), अपर समाहर्ताओं (एडीएम), भूमि सुधार उप समाहर्ताओं (डीसीएलआर), बंदोबस्त पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों और राजस्व अधिकारियों को इस अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा निर्धारित लक्ष्य हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया है। विभागीय मुख्यालय से इसकी लगातार समीक्षा और अनुश्रवण का काम मॉनिटरिंग टीम द्वारा जारी है।

दिलीप कुमार जायसवाल ने भरोसा जताया है कि माननीय मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार भूमि प्रशासन को पूरी तरह से पारदर्शी, डिजिटल और जनोन्मुखी बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। 21 जून तक सभी लंबित आवेदनों की स्कैनिंग एवं पोर्टल अपलोडिंग का लक्ष्य प्राप्त कर लिया जाएगा, जिससे निष्पादन प्रक्रिया और तेज होगी तथा बिहार के लाखों रैयतों को सीधे तौर पर इसका बड़ा लाभ मिलेगा।

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