समस्तीपुर | 25 जनवरी 2026 नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 34 और 40 के आधा दर्जन मुहल्लों में विकास कार्य आम लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। नाला और सड़क निर्माण के नाम पर जेसीबी से गड्ढे खोदकर ठेकेदार पिछले 6 महीनों से गायब है, जिससे स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल हो गया है।
नाला निर्माण के नाम पर खोदे गये गड्ढे का दृश्य
जांच टीम ने लिया जायजा, भ्रष्टाचार का आरोप
स्थानीय लोगों की लगातार शिकायतों के बाद रविवार को भाकपा माले की एक जांच टीम निर्माण स्थल पर पहुंची। जिला स्थाई समिति सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह के नेतृत्व में दीनबंधु प्रसाद और जीतेंद्र कुमार ने वार्ड संख्या 40 के गली नंबर 3B, नक्कू स्थान और वार्ड संख्या 34 के शांति विहार व सरोजिनी गली का दौरा किया। टीम ने पाया कि खुदाई के कारण सड़कों की स्थिति जर्जर है और लोग आए दिन दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं।
नाला निर्माण के नाम पर खोदे गये गड्ढे का दृश्य दो
न बोर्ड, न जानकारी: अंधेरे में जनता
जांच टीम ने निर्माण कार्य में पारदर्शिता के अभाव पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि:
किसी भी निर्माण स्थल पर प्राक्कलन (Estimate) बोर्ड नहीं लगाया गया है।
जनता को यह तक नहीं पता कि सड़क और नाला RCC बनेगा या PCC।
कार्य शुरू होने, समाप्ति की तिथि और बजट की कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं है।
निर्माण सामग्री (ईंट, बालू, सीमेंट) की गुणवत्ता बेहद घटिया है।
“नगर निगम के अधिकारी और जनप्रतिनिधि कमीशनखोरी में व्यस्त हैं। बार-बार शिकायत के बावजूद जेई और आयुक्त इस गंभीर समस्या पर मौन साधे हुए हैं।” — सुरेंद्र प्रसाद सिंह, नेता, भाकपा माले
नाला निर्माण के नाम पर खोदे गये सड़क का दृश्य
15 दिनों का अल्टीमेटम
भाकपा माले ने नगर निगम प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर रुका हुआ निर्माण कार्य दोबारा शुरू कर पूरा नहीं किया गया, तो पार्टी स्थानीय मुहल्लेवासियों के साथ मिलकर नगर निगम का घेराव करेगी और उग्र आंदोलन व सड़क जाम को बाध्य होगी।
मुजफ्फरपुर | 25 जनवरी, 2026 राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर रविवार को मुजफ्फरपुर में ‘मेरा युवा भारत’ (MY Bharat) और युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में भव्य जिला स्तरीय पदयात्रा का आयोजन किया गया। “माय भारत-माय वोट” अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम ने शहर को लोकतांत्रिक जागरूकता के रंग में सराबोर कर दिया।
राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर मुजफ्फरपुर में पदयात्रा का दृश्य
विधायक ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
पदयात्रा का शुभारंभ जिला समाहरणालय परिसर से हुआ, जिसे स्थानीय विधायक श्री रंजन कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह यात्रा कंपनी बाग रोड, सदर अस्पताल रोड, स्टेशन रोड, इमली चट्टी और रेड क्रॉस सोसाइटी रोड जैसे प्रमुख मार्गों से होते हुए वापस समाहरणालय पहुंची। रास्ते भर युवाओं ने नारों और तख्तियों के माध्यम से ‘जिम्मेदार नागरिकता’ और ‘सशक्त लोकतंत्र’ का संदेश प्रसारित किया।
पहली बार वोट देने वालों का सम्मान
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘फर्स्ट टाइम वोटर्स’ (पहली बार मतदान करने वाले युवा) रहे। विधायक श्री रंजन कुमार और उप-निर्वाचन पदाधिकारी श्री सत्य प्रिय ने संयुक्त रूप से इन नए मतदाताओं को विशेष रूप से सम्मानित किया। इसके पश्चात विधायक ने उपस्थित सभी युवाओं और नागरिकों को निष्पक्ष और नैतिक मतदान की शपथ दिलाई।
राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर मुजफ्फरपुर में पदयात्रा का दृश्य
“Nation First की भावना के साथ प्रत्येक युवा मतदाता को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। युवा वर्ग जागरूक होकर मतदान करेगा, तभी मजबूत राष्ट्र का निर्माण संभव है।” — रंजन कुमार, विधायक (मुजफ्फरपुर)
युवा शक्ति का दिखा संगम
इस पदयात्रा में ‘माय भारत’ वॉलंटियर्स, युवा क्लबों के सदस्य, NCC कैडेट्स, NSS स्वयंसेवक और विभिन्न स्कूलों-कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने भारी उत्साह के साथ भाग लिया। कार्यक्रम का मूल उद्देश्य जमीनी स्तर पर लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करना और युवाओं को चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित करना था।
समस्तीपुर। बिहार में बाल विवाह के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियानों और सख्त कानूनों के दावों की जमीनी हकीकत भयावह है। समस्तीपुर समेत पूरे बिहार में 13 से 17 वर्ष की मासूम बेटियां आज भी बाल विवाह के दंश का शिकार हो रही हैं। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि जिस उम्र में इन किशोरियों को स्कूल में शिक्षा लेनी चाहिए, उस उम्र में वे मातृत्व का बोझ उठाने को मजबूर हैं।
अस्पताल में इलाज हेतु किशोरी की प्रतीकात्मक तस्वीर
आंकड़ों ने खोली पोल: अस्पताल पहुंच रही हैं गर्भवती किशोरियां
सरकारी तंत्र की विफलता का सबसे बड़ा सबूत स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े दे रहे हैं। एसकेएमसीएच (SKMCH) के साल 2025 के पंजीकरण आंकड़ों पर नजर डालें तो रूह कांप जाती है। जिले में हर माह औसतन 100 से ज्यादा किशोरियां गर्भवती हो रही हैं।
महीने दर महीने बढ़ता आंकड़ा:
जुलाई 2025: सबसे अधिक 357 नाबालिग गर्भवती दर्ज की गईं।
अगस्त 2025:309 किशोरियों का पंजीकरण हुआ।
मई से दिसंबर तक: कुल आंकड़ों के अनुसार, हजारों जिंदगियां पढ़ाई छोड़ अस्पतालों के चक्कर काट रही हैं।
अधिकांश मामले उन लड़कियों के हैं जो 8वीं से 12वीं कक्षा की छात्राएं हैं। यह स्थिति न केवल कानून-व्यवस्था की विफलता है, बल्कि बाल विकास परियोजना और पंचायत स्तर की निगरानी समितियों की कार्यशैली पर भी एक बड़ा प्रश्नचिन्ह लगाती है।
निगरानी समितियां फेल, जनप्रतिनिधि मौन
दावा किया जाता है कि बाल विवाह रोकने के लिए पंचायत और प्रखंड स्तर पर निगरानी टीमें गठित हैं, लेकिन हकीकत में ये टीमें कागजों तक सिमट कर रह गई हैं। अधिकांश बाल विवाह स्थानीय जनप्रतिनिधियों की देख-रेख में हो रहे हैं। कहीं चोरी-छिपे शादी की जा रही है, तो कहीं आधार कार्ड में उम्र बढ़ाकर कानून की आंखों में धूल झोंकी जा रही है। गरीबी, दहेज और पिछड़ी सोच के कारण अभिभावक अपनी बेटियों के भविष्य की बलि दे रहे हैं।
दो पीढ़ियों की जान को खतरा
जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र के सचिव सुरेंद्र कुमार ने बताया कि “हाई रिस्क प्रेग्नेंसी” के कारण जच्चा और बच्चा दोनों की जान पर बन आती है। किशोरियों का शारीरिक विकास अधूरा होने के कारण वे एनीमिया और कुपोषण का शिकार हो जाती हैं, जिससे प्रसव के दौरान मातृ मृत्यु का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
इन नंबरों पर करें शिकायत, बचाएं बचपन
बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत सक्रिय संस्था ‘जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र’ और ‘क्राई’ जैसी संस्थाएं लगातार संघर्ष कर रही हैं। प्रशासन ने अपील की है कि बाल विवाह की सूचना तुरंत इन नंबरों पर दें:
चाइल्ड हेल्पलाइन: 1098
पुलिस सहायता: 112
बचपन बचाओ आन्दोलन: 18001027222
सरकारी योजनाओं का लाभ तब तक नहीं दिखेगा जब तक जमीनी स्तर पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होगी। प्रशासन को केवल जागरूकता के नाम पर खानापूर्ति करने के बजाय उन पर नकेल कसनी होगी जो बच्चियों के बचपन की बलि चढ़ा रहे हैं।
सकरा/सुजावलपुर: क्षेत्र के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में बसंत पंचमी के पावन अवसर पर स्थापित माँ शारदे की प्रतिमाओं का विसर्जन शनिवार को श्रद्धा और भावुकता के साथ संपन्न हुआ। ‘अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयघोष और नम आँखों के साथ छात्र-छात्राओं ने अपनी आराध्या को विदाई दी।
ए.पी.जे. पब्लिक स्कूल के विसर्जन का दृश्य
ए.पी.जे. पब्लिक स्कूल: गुरु-शिष्यों ने भारी मन से दी विदाई
ए.पी.जे. पब्लिक स्कूल में विसर्जन का दृश्य अत्यंत भावुक रहा। यहाँ प्राचार्य संतोष झा और निदेशक नीतेश कुमार की गरिमामयी उपस्थिति में पूजन संपन्न हुआ। विसर्जन के समय शिक्षकों और छात्रों की आँखें भर आईं। इस मौके पर रोकरपाल सुनील कुमार, शिक्षक राजीव कुमार, आशीष झा और रवि वर्मा ने सहभागिता की। वहीं विदाई समारोह में छात्र आयुष, संजय, अनमोल, आदर्श और हिमांशु ने माँ के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद लिया।
संत जोसेफ प्रे/पब्लिक स्कूल: भव्य आयोजन के बीच विसर्जन
सबहा स्थित संत जोसेफ प्रे/पब्लिक स्कूल में आयोजित भव्य पूजनोत्सव का समापन विसर्जन के साथ हुआ। विद्यालय के चेयरमैन प्रवीण कुमार, सचिव डॉ. अरविन्द कुमार, निदेशक सह कोषाध्यक्ष लालबाबू प्रसाद एवं प्राचार्य दीपक कुमार मिश्र ने संयुक्त रूप से पूजा-अर्चना की। मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के बीच माँ सरस्वती की प्रतिमा को विसर्जित किया गया। इस दौरान पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।
संत जोसेफ प्रेप पब्लिक स्कूल द्वारा भव्य आयोजन के बीच विसर्जन
वेव वर्ल्ड पब्लिक स्कूल: बच्चों ने लिया ज्ञान का संकल्प
प्रगति मोड़ (सकरा) स्थित वेव वर्ल्ड पब्लिक स्कूल, मझौलिया में बच्चों द्वारा स्थापित आकर्षक प्रतिमा का विसर्जन पूरी रीति-रिवाजों के साथ किया गया। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अश्रुपूर्ण नेत्रों के साथ विद्या की देवी को विदा किया। शिक्षकों ने बच्चों को बताया कि विसर्जन केवल प्रतिमा का होता है, माता का आशीर्वाद और ज्ञान हमेशा उनके साथ रहेगा।
संत जोसेफ प्रेप पब्लिक स्कूल द्वारा भव्य आयोजन के बीच विसर्जन
एक्सपर्ट कॉम्पिटेटिव क्लास: भविष्य की सफलता हेतु माँ से माँगा आशीर्वाद
सुजावलपुर रोड स्थित एक्सपर्ट कॉम्पिटेटिव क्लास में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। छात्रों ने सफलता की कामना के साथ माँ सरस्वती की विशेष आराधना की। विसर्जन यात्रा के दौरान छात्र भावुक दिखे और सफलता के संकल्प के साथ नम आँखों से प्रतिमा का विसर्जन किया। यहाँ छात्रों ने माता से अपनी मेहनत को सार्थक करने का वरदान माँगा।
राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर शनिवार को समस्तीपुर जिला समाहरणालय परिसर में बेटियों के सम्मान और सुरक्षा को लेकर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ के तहत जिला प्रशासन और विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं ने एकजुट होकर समाज से इस कुरीति को मिटाने का संकल्प लिया।
बाल विवाह मुक्ति रथ’ को हरी झंडी दिखाते उप-समाहर्ता ब्रजेश कुमार
उप-समाहर्ता ने हरी झंडी दिखाकर किया रथ रवाना
जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र, एक्सेस टू जस्टिस और क्राई (चाइल्ड राइट्स एंड यू) के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ रहा। उप-समाहर्ता ब्रजेश कुमार ने हरी झंडी दिखाकर इस रथ को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रवाना किया। यह रथ आगामी 100 दिनों तक जिले के सुदूर गांवों में भ्रमण करेगा और लोगों को बाल विवाह के कानूनी व स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेगा। इस मौके पर उन्होंने उपस्थित सभी अधिकारियों और नागरिकों को बाल विवाह रोकने की शपथ भी दिलाई।
प्रशासनिक अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की एकजुटता
कार्यक्रम में कला एवं संस्कृति पदाधिकारी जूही कुमारी, महिला एवं बाल विकास निगम के राजेश कुमार, डॉली कुमारी, दीपशिखा कुमारी और चाइल्ड हेल्पलाइन के शंकर मल्लिक सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि बाल विवाह न केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि यह बेटियों के सुनहरे भविष्य की राह में सबसे बड़ी बाधा है।
जमीनी स्तर पर जागरूकता: सरायरंजन में नुक्कड़ नाटक और संवाद
संस्था के संस्थापक सचिव सुरेंद्र कुमार ने बताया कि केवल शहर ही नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी सघन अभियान चलाया जा रहा है। सरायरंजन प्रखंड के 40 गांवों में बालिका दिवस के उपलक्ष्य में:
बाल रैली और संकल्प सभा: किशोर-किशोरियों ने रैलियों के माध्यम से ‘बाल विवाह मुक्त समाज’ का नारा बुलंद किया।
नुक्कड़ नाटक: कला जत्थों ने नाटकों के जरिए बाल विवाह के दुष्प्रभावों को प्रदर्शित किया।
सेनेटरी पैड बैंक: नौ महादलित टोलों में किशोरियों के बीच मासिक धर्म स्वच्छता और सेनेटरी पैड बैंक की उपयोगिता पर विस्तृत चर्चा की गई।
वैकल्पिक रोजगार की नई पहल
अल्पसंख्यक बस्ती खालिसपुर में एक नई शुरुआत की गई। ‘पैरवी’ (नई दिल्ली) के सहयोग से बीड़ी श्रमिक परिवारों की 30 महिलाओं और किशोरियों के लिए ‘महिला सिलाई प्रशिक्षण सह उत्पादन केन्द्र‘ का उद्घाटन किया गया। इसका उद्देश्य इन परिवारों को बीड़ी बनाने के जोखिम भरे कार्य से निकालकर सम्मानजनक वैकल्पिक रोजगार प्रदान करना है।
इनकी रही मुख्य उपस्थिति
कार्यक्रम को सफल बनाने में अवकाश प्राप्त शिक्षक अर्जुन प्रसाद सिंह, पूर्व जिला पार्षद जगन्नाथ कुंवर, सामाजिक कार्यकर्ता देव कुमार, मयंक कुमार सिन्हा, दीप्ती कुमारी, काजल राज, रवि कुमार मिश्रा, और पप्पू यादव सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सामाजिक न्याय के मसीहा और ‘भारत रत्न’ जननायक कर्पूरी ठाकुर की याद में आज ताजपुर की सड़कें जन-आंदोलन की गवाह बनीं। भाकपा माले के बैनर तले प्रखंड मुख्यालय के राजधानी चौक पर कार्यकर्ताओं और आम जनता ने एक विशाल मानव श्रृंखला बनाकर सरकार का ध्यानाकर्षण किया। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य कर्पूरी ठाकुर के अधूरे कार्यों को पूरा करने और क्षेत्र की लंबित विकास परियोजनाओं को गति देना था।
“अधूरे कार्य पूरे करना ही सच्ची श्रद्धांजलि”
मानव श्रृंखला को संबोधित करते हुए भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने दो टूक कहा, “जननायक को केवल याद करना काफी नहीं है। उनके द्वारा शुरू किए गए जनहित के कार्यों को पूरा करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।” उन्होंने नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि आखिर दशकों बाद भी कर्पूरी ठाकुर की योजनाएं अधूरी क्यों हैं?
क्षेत्रीय विकास के लिए उठी मांगें
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने ताजपुर और समस्तीपुर की उपेक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
ताजपुर का गौरव: आसिफ होदा ने मांग की कि जननायक की कर्मभूमि रहे ताजपुर को पुनः विधानसभा और अनुमंडल का दर्जा दिया जाए।
परियोजनाएं: ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह ने किसान हितैषी जमुआरी नदी परियोजना को अविलंब पूरा करने की मांग की।
रेल और बुनियादी ढांचा: मो० एजाज ने कर्पूरीग्राम-ताजपुर-भगवानपुर रेल लाइन, दूधपुरा हवाई अड्डा, मुक्तापुर रेल ओवरब्रिज और रोसड़ा को जिला बनाने की मांगों को पुरजोर तरीके से रखा।
भ्रष्टाचार और पुलिसिया उत्पीड़न पर कड़ा प्रहार
मानव श्रृंखला के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने प्रशासन में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ भी आवाज बुलंद की। कार्यकर्ताओं ने “मनीष पोद्दार को टॉर्चर करने वाले पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करो” और “घूसखोर राजस्व कर्मचारी की जांच करो” जैसे नारों से माहौल गरमा दिया। इसके साथ ही बंद पड़ी चीनी व पेपर मिलों को चालू करने, यूरिया की कालाबाजारी रोकने और भूमिहीनों को पर्चा देने की मांग की गई।
चेतावनी: मांगों की अनदेखी पर तेज होगा संघर्ष
भाकपा माले ने स्पष्ट संदेश दिया कि यदि सरकार जनहितैषी मुद्दों और ताजपुर की विकास योजनाओं पर जल्द फैसला नहीं लेती है, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
मौके पर मौजूद रहे: इस कार्यक्रम में आसिफ होदा, ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, मो० एजाज, राजदेव प्रसाद सिंह, शंकर महतो, संजीव राय, चांद बाबू, संतोष साह, शाद तौहीदी, मो० मोखलिस समेत सैकड़ों कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे। मौके पर सुरक्षा के मद्देनजर मजिस्ट्रेट और भारी पुलिस बल की तैनाती भी देखी गई।
सकरा/मुजफ्फरपुर: विद्या की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती का पावन पर्व शुक्रवार को सकरा प्रखंड के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। क्या स्कूल और क्या कोचिंग संस्थान, हर तरफ सुबह से ही ‘जय माँ शारदे’ के जयघोष और भक्ति गीतों की गूँज सुनाई देती रही। पीले वस्त्रों में सजे छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की उपस्थिति ने पूरे वातावरण को उत्सवपूर्ण बना दिया।
संत जोसेफ स्कूल में कार्यक्रम को संबोधित करते चेयरमैन एवं स्कूल के छात्र
संत जोसेफ पब्लिक स्कूल: वैदिक मंत्रोच्चार और सांस्कृतिक छटा
सबहा स्थित संत जोसेफ प्रे/पब्लिक स्कूल के परिसर में भव्य पूजनोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के चेयरमैन प्रवीण कुमार, सचिव अरविन्द कुमार, निदेशक सह कोषाध्यक्ष लालबाबू प्रसाद एवं प्राचार्य दीपक कुमार मिश्र ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
संत जोसेफ स्कूल में कार्यक्रम के दौरान गायन प्रस्तुत करती छात्रा एवं पूजा में तल्लीन छात्रगण
पुरोहितों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कक्षा दसवीं के छात्र अमन, गौरव, आयुष, अंश एवं वेदप्रकाश ने यजमान की भूमिका निभाकर पूजा संपन्न कराई। इस अवसर पर छात्राओं ने अपनी कला का प्रदर्शन भी किया। समीक्षा, रागिनी, सुप्रिया, माही और आयुषी सहित दर्जनों छात्राओं ने ‘वर दे वीणा वादिनी’ गीत पर मंत्रमुग्ध कर देने वाली सांस्कृतिक प्रस्तुति दी, जिसे अभिभावकों ने खूब सराहा।
ए.पी.जे. पब्लिक स्कूल में संध्या आरती करते छात्र एवं शिक्षक
ए.पी.जे. पब्लिक स्कूल: ज्ञान की चर्चा और महाप्रसाद का आयोजन
बाज़ी रोड, सुजावलपुर स्थित ए.पी.जे. पब्लिक स्कूल में भी माँ शारदे का भव्य स्वागत हुआ। संस्थान के निदेशक नीतेश कुमार एवं प्राचार्य संतोष कुमार झा ने छात्र-छात्राओं को बसंत पंचमी के आध्यात्मिक और शैक्षणिक महत्व के बारे में विस्तार से बताया। पूजा के उपरांत यहाँ बड़े स्तर पर ‘भोज’ (महाप्रसाद) का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों के साथ-साथ स्थानीय लोगों ने भी श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण किया।
वेव वर्ल्ड पब्लिक स्कूल प्रगति मोड़ में संध्या आरती की तस्वीर
विभिन्न संस्थानों में दिखी भक्ति की लहर
पूजनोत्सव की धूम प्रखंड के अन्य संस्थानों में भी बराबर देखने को मिली:
वेव वर्ल्ड पब्लिक स्कूल (मझौलिया): प्रगति मोड़ स्थित इस विद्यालय में बच्चों ने आकर्षक प्रतिमा स्थापित कर सामूहिक रूप से माँ की आराधना की।
एक्सपर्ट कॉम्पिटेटिव क्लास: सुजावलपुर रोड स्थित इस कोचिंग संस्थान में प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों ने अपनी सफलता की कामना के साथ माँ का आशीर्वाद लिया।
इन सभी आयोजनों में क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों, शिक्षकों और अभिभावकों की भारी उपस्थिति रही। देर शाम तक विसर्जन और आरती के भजनों से पूरा सकरा क्षेत्र भक्तिमय बना रहा।
एक्सपर्ट कॉम्पिटेटिव क्लास सुजावलपुर में पूजा के दौरान उपस्थित छात्रा एवं शिक्षक
समस्तीपुर | 23 जनवरी, 2026 भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कर्पूरीग्राम आगमन ने जिले का सियासी पारा चढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री के स्वागत की तैयारियों के बीच भाकपा माले ने ‘पोस्टर वॉर’ के जरिए सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी है। माले की ताजपुर इकाई ने मुख्यमंत्री के सामने 15 सुलगते सवाल दागते हुए जवाब मांगा है कि आखिर समस्तीपुर की दशकों पुरानी मांगें कब पूरी होंगी?
शिलान्यास और बंद मिलों पर घेरा
भाकपा माले के प्रखंड सचिव सह जिला स्थाई समिति सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने स्वयं जिस ‘भोला टॉकीज रेल गुमटी ओवरब्रिज’ का शिलान्यास किया था, उसका निर्माण अब तक अधर में क्यों है? उन्होंने अंग्रेजी शासन के समय से बंद पड़ी समस्तीपुर चीनी मिल और ठाकुर पेपर मिल को पुनर्जीवित करने की मांग को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
ताजपुर और रोसड़ा का वजूद: विधानसभा और जिला की मांग
खबर में सबसे प्रमुख मुद्दा ताजपुर के वजूद का है। माले का आरोप है कि जननायक की कर्मभूमि ताजपुर को एक साजिश के तहत विधानसभा के दर्जे से वंचित किया गया। पार्टी ने मांग की है कि:
ताजपुर को पुनः विधानसभा और अनुमंडल का दर्जा दिया जाए।
रोसड़ा को अविलंब जिला घोषित किया जाए।
कर्पूरीग्राम-ताजपुर-महुआ-भगवानपुर नई रेल लाइन परियोजना को धरातल पर उतारा जाए।
किसानों और युवाओं के लिए 15 सूत्रीय मांग पत्र
माले ने केवल बुनियादी ढांचे ही नहीं, बल्कि आम जनजीवन से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता दी है:
कृषि: सब्जी हब ताजपुर में आधारित उद्योग, मुफ्त बिजली और खाद-बीज की उपलब्धता।
भ्रष्टाचार: थाना, अंचल और ब्लॉक कार्यालयों में फैले भ्रष्टाचार पर लगाम।
स्वास्थ्य व शिक्षा: सभी परिवारों को मुफ्त इलाज और स्नातक तक मुफ्त शिक्षा की पहल।
रोजगार: मनरेगा के स्वरूप से छेड़छाड़ पर रोक और बेरोजगार युवाओं को पेंशन।
24 जनवरी को मानव श्रृंखला से होगा शक्ति प्रदर्शन
इन मांगों के समर्थन में और सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए भाकपा माले ने 24 जनवरी को ताजपुर में एक विशाल मानव श्रृंखला का आह्वान किया है। इसके लिए प्रखंड भर में पोस्टर जारी कर आम लोगों से अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की गई है।
“जननायक की विरासत केवल उत्सव मनाने में नहीं, बल्कि उनके अधूरे सपनों को पूरा करने में है। समस्तीपुर की जनता अब कोरे आश्वासनों से थक चुकी है।” — सुरेंद्र प्रसाद सिंह, भाकपा माले नेता
सकरा, मुजफ्फरपुर। बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा का दिन भारतीय संस्कृति में ज्ञान के आरंभ का प्रतीक माना जाता है। इसी पावन उपलक्ष्य पर मुजफ्फरपुर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान संंत जोसेफ्स प्रेप./पब्लिक स्कूल, सबहा ने अपनी गौरवशाली यात्रा में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। विद्यालय प्रबंधन ने क्षेत्र के शैक्षिक विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से अपनी नई विस्तारित शाखा संंत जोसेफ्स प्रेप./पब्लिक स्कूल, सरमस्तपुर के आगाज की विधिवत घोषणा की है। इस अवसर पर आयोजित एक गरिमामय समारोह में विद्यालय के भविष्य की रूपरेखा साझा की गई और नए परिसर की सुविधाओं से लैस ‘हैंड बिल’ का विमोचन किया गया।
संंत जोसेफ्स प्रेप./पब्लिक स्कूल, सबहा में विस्तारित शाखा सरमस्तपुर का हैंड बिल जारी करते चेयरमैन (दायें से)एवं फ्रेम में हैंड बिल
हैंड बिल का विमोचन: परंपरा और आधुनिकता का संगम
समारोह के मुख्य आकर्षण के रूप में संस्था के चेयरमैन प्रवीण कुमार, सचिव डा.अरविंद कुमार, कोषाध्यक्ष सह निदेशक लालबाबू प्रसाद एवं प्राचार्य दीपक मिश्र ने संयुक्त रूप से नई शाखा का हैंड बिल जारी किया। इस दौरान चेयरमैन प्रवीण कुमार ने सूचना संप्रेषण के पारंपरिक माध्यमों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि, “आज हम सूचना के जिस युग में जी रहे हैं, वहां विज्ञापनों की भरमार है। लेकिन हैंड बिल का महत्व आज भी उतना ही अक्षुण्ण है जितना पहले था। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि भारत की आजादी के समय, विशेषकर गरम दल के क्रांतिकारियों ने अपनी गुप्त क्रांतियों और संदेशों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए हैंड बिल का ही सहारा लिया था।” उन्होंने पोस्टर संस्कृति की आलोचना करते हुए कहा कि दीवारों को गंदा करना विकास नहीं है। हैंड बिल न केवल पर्यावरण और स्वच्छता के अनुकूल है, बल्कि यह किसी भी विषय वस्तु की सम्यक (संपूर्ण) जानकारी पहुँचाने का सबसे शालीन माध्यम है।
संंत जोसेफ्स प्रेप./पब्लिक स्कूल सरमस्तपुर में उत्साह से लबरेज शिक्षक एवं ट्रस्टीगण
समारोह को संबोधित करते हुए संस्था के कोषाध्यक्ष सह निदेशक लालबाबू प्रसाद ने एक बड़ी और लोक-कल्याणकारी घोषणा की। उन्होंने कहा कि संंत जोसेफ्स प्रेप./पब्लिक स्कूल (सबहा एवं सरमस्तपुर शाखा) केवल व्यावसायिक शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का माध्यम भी है।
उन्होंने विस्तार से बताते हुए कहा:
निःशुल्क शिक्षा: दोनों शाखाओं में निर्धन और मेधावी बच्चों के लिए निःशुल्क शिक्षा का प्रावधान किया गया है।
पिछड़े परिवारों को सहयोग: आर्थिक रूप से कमजोर और पिछड़े परिवारों के प्रतिभावान बच्चों को विद्यालय की ओर से विशेष सहायता दी जाएगी ताकि गरीबी उनके सपनों के आड़े न आए।
कोचिंग की सुविधा: श्री प्रसाद ने घोषणा की कि इन बच्चों को नियमित स्कूली शिक्षा के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं (जैसे नवोदय, सैनिक स्कूल आदि) की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी।
सरमस्तपुर शाखा: आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और CBSE मानक
प्राचार्य दीपक मिश्र ने नई विस्तारित शाखा की भौगोलिक और तकनीकी विशेषताओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संंत जोसेफ्स प्रेप./पब्लिक स्कूल, सरमस्तपुर, राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-28) से सटे सरमस्तपुर यज्ञशाला के अत्यंत निकट स्थित है।
विद्यालय की संरचनात्मक विशेषताएं:
विशाल परिसर: विद्यालय वर्तमान में दो एकड़ के विस्तृत भूखंड पर निर्माणाधीन है, जिसमें बच्चों के खेलने के लिए बड़े मैदान और प्राकृतिक वातावरण का विशेष ध्यान रखा गया है।
CBSE मानक: विद्यालय का निर्माण पूरी तरह से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के नवीनतम मानकों के अनुसार किया जा रहा है। कक्षा-कक्षों की बनावट से लेकर सुरक्षा उपकरणों तक, हर पहलू पर बारीकी से काम हो रहा है।
पंजीकरण प्रारंभ: नए सत्र के लिए नामांकन हेतु रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिससे स्थानीय अभिभावकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
सचिव का विजन: डिग्री नहीं, व्यक्तित्व निर्माण है उद्देश्य
संस्था के सचिव डा.अरविंद कुमार ने अपने संबोधन में शिक्षा के बदलते स्वरूप पर गंभीर चिंतन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में केवल किताबी ज्ञान, ऊंचे अंक और डिग्रियों की होड़ ने बच्चों के बचपन को सीमित कर दिया है।
उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “सकरा की इस पावन धरती पर हमने जो संकल्प लिया था, वह आज एक वटवृक्ष का रूप ले चुका है। हम केवल साक्षर नहीं, बल्कि सुशिक्षित नागरिक बनाना चाहते हैं। हमारा उद्देश्य एक ऐसा वातावरण तैयार करना है जहाँ बच्चों की तर्कशक्ति बढ़े और उनके दिल में नैतिक मूल्यों व संस्कारों का बीजारोपण हो।” —
सामाजिक सरोकार: निर्धन एवं मेधावी बच्चों को मिलेगी निःशुल्क शिक्षा
संंत जोसेफ्स की विशिष्ट शिक्षण पद्धति: क्यों है यह अलग?
कार्यकंम को संबोधित करते हुए अरविंद कुमार ने विद्यालय की उन प्रमुख विशेषताओं को रेखांकित किया, और कहा कि हमारे विद्यालय के शिक्षकों का मानना है कि विज्ञान रटने का नहीं, अनुभव करने का विषय है। यहाँ की साइंस लैब आधुनिक शोध केंद्रों की तर्ज पर बनाई गई है, जहाँ छात्र भौतिकी, रसायन और जीव विज्ञान के सिद्धांतों को खुद प्रयोग करके सिद्ध करते हैं।
डिजिटल क्रांति और कंप्यूटर लैब: हर छात्र को अपना व्यक्तिगत सिस्टम प्रदान किया जाता है ताकि वे कोडिंग और सूचना तकनीक में माहिर बन सकें।
लर्निंग बाय डूइंग: ‘प्ले-वे’ पद्धति के माध्यम से बच्चों को खेल-खेल में सिखाया जाता है, जिससे शिक्षा का बोझ उन पर हावी न हो।
चार भाषा फॉर्मूला: वैश्विक नागरिक तैयार करने के लिए यहाँ हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ संस्कृत और उर्दू का भी गहरा ज्ञान दिया जाता है।
लिखावट और अनुशासन: डिजिटल युग में भी सुंदर हस्तलेखन (Handwriting) को व्यक्ति के चरित्र का दर्पण मानते हुए विशेष सुधार कक्षाएं आयोजित की जाती हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं का केंद्र: विद्यालय में केवल स्कूली शिक्षा ही नहीं, बल्कि सैनिक स्कूल, सिमुलतला, नवोदय विद्यालय, ओलंपियाड और NTSE जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं के लिए विशेषज्ञ कोचिंग और मार्गदर्शन की सुविधा दी गई है।
खेल और पारदर्शी मूल्यांकन
संस्था ने स्पष्ट किया कि यहाँ मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है। शिक्षकों द्वारा उत्तर-पुस्तिकाओं का समय पर मूल्यांकन किया जाता है और बच्चों को उनकी कमियों के बारे में रचनात्मक फीडबैक दिया जाता है। इसके अलावा, पेशेवर कोच बच्चों की खेल प्रतिभा को निखारने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं, क्योंकि खेल जीवन में हारकर फिर से खड़ा होना सिखाते हैं।
गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
इस भव्य शुभारंभ के अवसर पर ट्रस्टी रूपम कुमारी, भारती देवी और राममणी कुमारी के अलावा रंजीत कुमार, नवीन कुमार, श्याम कुमार सिंह, महेश्वर महतो, पंकज कुमार सिंह, इंजीनियर अजय कुमार, रत्ना ठाकुर, संगीता कुमारी और गीता कुमारी जैसे शिक्षाविद् उपस्थित थे। संगीत शिक्षक मुकेश कुमार के नेतृत्व में सांस्कृतिक छटा ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए।
स्थानीय अभिभावकों और विद्वत जनों ने संंत जोसेफ्स की इस नई पहल का स्वागत किया है और इसे सकरा क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया है।
जैसे ही उत्तर बिहार और विशेषकर मुजफ्फरपुर में ठंड का प्रकोप बढ़ता है, अस्पतालों और क्लिनिकों में दांतों के मरीजों की संख्या में अचानक वृद्धि होने लगती है। डॉ. मुकुल प्रकाश बताते हैं कि जिस तरह हम सर्दियों में अपनी त्वचा को फटने से बचाने के लिए मॉइस्चराइजर लगाते हैं, ठीक उसी तरह दांतों को भी विशेष सुरक्षा की जरूरत होती है।
1. ठंड में दांतों में आने वाली मुख्य समस्याएं
सर्दियों का मौसम दांतों के लिए कई चुनौतियां लेकर आता है:
डेंटिन हाइपरसेंसिटिविटी: ठंडी हवा जब दांतों से टकराती है, तो इनेमल के नीचे की परत ‘डेंटिन’ उत्तेजित हो जाती है, जिससे तेज बिजली जैसा झटका महसूस होता है।
मसूड़ों में सूजन (Gingivitis): कम पानी पीने के कारण मुंह में लार (Saliva) कम बनती है, जिससे बैक्टीरिया पनपते हैं और मसूड़ों में सूजन आ जाती है।
दांतों में दरारें: बहुत गर्म चाय या कॉफी पीने के तुरंत बाद ठंडा पानी पीने से दांतों के इनेमल में ‘थर्मल शॉक’ के कारण सूक्ष्म दरारें आ सकती हैं।
जबड़े का दर्द: अत्यधिक ठंड के कारण लोग अनजाने में दांत किटकिटाते हैं या जबड़े भींचते हैं, जिससे ‘टेम्पोरोमैंडिबुलर जॉइंट’ (TMJ) में दर्द होने लगता है।
2. सेंसिटिविटी (झनझनाहट) को कैसे कम करें?
डॉ. मुकुल प्रकाश के अनुसार, सेंसिटिविटी का इलाज घर और क्लिनिक दोनों स्तरों पर संभव है:
सही टूथपेस्ट: पोटेशियम नाइट्रेट युक्त ‘डी-सेंसिटाइजिंग’ पेस्ट का उपयोग करें। यह नसों तक पहुँचने वाले संकेतों को ब्लॉक करता है।
ब्रशिंग का दबाव: कभी भी जोर से ब्रश न घिसें। इससे इनेमल घिस जाता है और झनझनाहट बढ़ जाती है।
अम्लीय खाद्य पदार्थों से बचें: सर्दियों में लोग अचार या सिट्रस फ्रूट्स ज्यादा खाते हैं, जो दांतों की ऊपरी परत को नरम कर देते हैं। इनका सेवन सीमित करें।
फ्लोराइड ट्रीटमेंट: यदि समस्या गंभीर है, तो डॉक्टर से मिलकर फ्लोराइड वार्निश लगवाना चाहिए।
3. ब्रश के इस्तेमाल का सही विज्ञान
ब्रश करना केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक कला है। डॉ. मुकुल प्रकाश इसके लिए निम्नलिखित सुझाव देते हैं:
ब्रश की गुणवत्ता: हमेशा ‘अल्ट्रा सॉफ्ट’ या ‘सॉफ्ट’ ब्रिसल्स वाले ब्रश का चुनाव करें। हार्ड ब्रश मसूड़ों को पीछे धकेल देते हैं (Gum Recession)।
ब्रश करने का समय: सुबह सोकर उठने के बाद और रात को सोने से ठीक पहले। रात का ब्रश सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि सोते समय मुंह में बैक्टीरिया सबसे अधिक सक्रिय होते हैं।
बदलने का नियम: हर 2.5 से 3 महीने में ब्रश बदल दें। यदि आप बीमार पड़े हैं (जैसे फ्लू या सर्दी-खांसी), तो ठीक होने के बाद तुरंत ब्रश बदलें क्योंकि उसमें कीटाणु रह सकते हैं।
4. दांतों को इन्फेक्शन से बचाने के तरीके
मुंह का इन्फेक्शन पूरे शरीर की सेहत को प्रभावित कर सकता है। इससे बचने के लिए:
जीभ की सफाई: टंग क्लीनर का उपयोग करें क्योंकि जीभ पर जमी सफेद परत इन्फेक्शन का घर होती है।
फ्लॉसिंग: दो दांतों के बीच फंसा खाना ब्रश से नहीं निकलता। इसके लिए डेंटल फ्लॉस (धागा) का प्रयोग करें।
नमक-पानी के गरारे: गुनगुने पानी में सेंधा नमक डालकर कुल्ला करना सर्दियों में रामबाण है। यह मसूड़ों के बैक्टीरिया को खत्म करता है।
5. बच्चों के दांत: समस्याएं और सुरक्षा (Pediatric Care)
बच्चों के दूध के दांत बहुत नाजुक होते हैं।
समस्या: सर्दियों में बच्चे गरम दूध में चीनी या चोकलेट ज्यादा लेते हैं। रात को दूध पीकर बिना कुल्ला किए सो जाने से ‘नर्सिंग बॉटल कैविटी’ हो जाती है।
बचाव: * बच्चों को हर बार मीठा खाने के बाद सादे पानी से कुल्ला करने की आदत डालें।
6 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए फ्लोराइड-मुक्त टूथपेस्ट का उपयोग करें।
उन्हें उंगली से मसूड़ों की मालिश करना सिखाएं।
6. बुजुर्गों और वयस्कों की देखभाल (Geriatric Care)
उम्र बढ़ने के साथ दांतों की जड़ें कमजोर होने लगती हैं।
समस्या: वयस्कों में अक्सर दांतों के बीच गैप बढ़ जाता है और बुजुर्गों में लार कम बनने (Dry Mouth) की समस्या होती है, जिससे इन्फेक्शन जल्दी फैलता है।
बचाव: * वयस्क: तंबाकू और सिगरेट से पूरी तरह दूरी बनाएं क्योंकि यह सर्दियों में रक्त संचार को कम कर देता है, जिससे मसूड़ों की बीमारी बढ़ती है।
बुजुर्ग: यदि नकली दांत (Dentures) पहनते हैं, तो उन्हें रात में निकालकर साफ पानी में रखें। फाइबर युक्त भोजन लें ताकि दांतों की प्राकृतिक सफाई होती रहे।
7. दांतों को दुरुस्त रखने के विशेष टिप्स: डॉ. मुकुल प्रकाश की सलाह
हाइड्रेशन: प्यास न लगने पर भी पानी पिएं। पानी की कमी से मुंह सूखता है और सांसों में बदबू आने लगती है।
विटामिन-D: धूप का आनंद लें। विटामिन-D कैल्शियम के अवशोषण के लिए जरूरी है, जो दांतों की मजबूती बढ़ाता है।
संतुलित आहार: अपनी डाइट में पनीर, दूध, हरी सब्जियां और तिल शामिल करें। तिल कैल्शियम का बहुत अच्छा स्रोत है।
नियमित जांच: दर्द होने का इंतजार न करें। हर 6 महीने में प्रकाश डेंटल क्लिनिक जैसे विशेषज्ञ केंद्र पर जाकर प्रोफेशनल क्लीनिंग (Scaling) कराएं।
सावधानी ही समाधान है
डॉ. मुकुल प्रकाश का मानना है कि यदि हम अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव करें, तो दांतों की 90% समस्याओं से बचा जा सकता है। ठंड के मौसम में लापरवाही न बरतें, क्योंकि दांतों का दर्द न केवल शारीरिक कष्ट देता है बल्कि आपके मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है।
विशेष नोट: यदि आपको दांतों में लगातार दर्द, मसूड़ों से खून आना या अत्यधिक झनझनाहट महसूस हो रही है, तो तुरंत प्रकाश डेंटल क्लिनिक, जूरन छपरा, मुजफ्फरपुर में डॉ. मुकुल प्रकाश से परामर्श लें।
परामर्श एवं अपॉइंटमेंट (Appointment Details)
यदि आप दांतों की किसी भी समस्या से जूझ रहे हैं या सर्दियों में अपने ओरल हेल्थ का रूटीन चेकअप कराना चाहते हैं, तो आप प्रकाश डेंटल क्लिनिक में संपर्क कर सकते हैं।
विशेषज्ञ: डॉ. मुकुल प्रकाश (B.D.S., दन्त रोग विशेषज्ञ)
स्थान: प्रकाश डेंटल क्लिनिक, रोड नंबर एक एवं दो के बीच पहली गली, जूरन छपरा, मुजफ्फरपुर, बिहार।
संपर्क नंबर: [+91-8294139994]
मिलने का समय: * सोमवार से शनिवार: सुबह 10:00 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक
रविवार : सुबह 10:00 बजे से संध्या 04:00 बजे तक
डॉ. मुकुल प्रकाश का संदेश: “एक स्वस्थ मुस्कान ही आपके व्यक्तित्व का आईना है। दांतों की समस्याओं को नज़रअंदाज़ न करें, समय पर सही सलाह और उपचार ही आपको लंबे समय तक स्वस्थ रख सकता है।”
मुजफ्फरपुर के प्रतिष्ठित प्रकाश डेंटल क्लिनिक (जूरन छपरा) के वरिष्ठ दंत चिकित्सक डॉ. मुकुल प्रकाश के अनुभवों और चिकित्सकीय परामर्श पर आधारित यह विस्तृत लेख सर्दियों में आपके मौखिक स्वास्थ्य (Oral Health) के सहायता के लिए एक संपूर्ण मार्गदर्शिका है।