चंपारण के शिक्षकों ने दिखाया लोकतंत्र का असली रंग; पटना, तिरहुत और दरभंगा में दिनभर मची रही अफरा-तफरी
बांका से पटना तक डीएम-एसएसपी ने मतदान केंद्रों पर की सघन गश्त, निष्पक्ष चुनाव का किया दावा
पटना / मुजफ्फरपुर / बांका / हाजीपुर / बेतिया / मोतिहारी: बिहार विधान परिषद (MLC) की 4 स्नातक और 4 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 के तहत मतदान प्रक्रिया संपन्न हो गई है। पूरे प्रदेश में लोकतंत्र के इस महापर्व को लेकर मतदाताओं, विशेषकर शिक्षक वर्ग में जबरदस्त उत्साह देखा गया। हालांकि, दिनभर चले मतदान के दौरान कई इलाकों से बवाल, झड़प और फर्जी वोटिंग की गंभीर शिकायतों ने चुनावी माहौल में गरमाहट पैदा कर दी। मोकामा में भड़की चुनावी हिंसा और पटना साइंस कॉलेज में फर्जी वोटरों के पकड़े जाने के मामलों ने प्रशासनिक तंत्र को हिलाकर रख दिया। इन तमाम व्यवधानों और छिटपुट उपद्रव के बावजूद राज्यभर में सुरक्षा बलों की कड़ी तैनाती और शीर्ष अधिकारियों की सक्रियता से वोटिंग प्रक्रिया को अंतिम चरण तक पहुंचाया गया।

बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, शाम 4 बजे तक राज्य में स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में औसतन 43.87 प्रतिशत तथा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 74.55 प्रतिशत भारी मतदान दर्ज किया गया है।
नीतीश कुमार ने वॉर रूम में संभाली कमान, चुनावी हलचल पर रखी सीधी नजर
इस चुनाव के राजनीतिक महत्व को इसी से समझा जा सकता है कि मतदान के दौरान सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार खुद एक्शन मोड में नजर आए। वोटिंग के बीच नीतीश कुमार पटना स्थित पार्टी मुख्यालय पहुंचे और वहां बनाए गए विशेष वॉर रूम का औचक निरीक्षण किया।

नीतीश कुमार ने वॉर रूम में मौजूद मॉनिटरिंग टीम के साथ बैठक कर पटना, तिरहुत, दरभंगा, कोशी और सारण निर्वाचन क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों की क्षेत्रवार वोटिंग रिपोर्ट का जायजा लिया। उन्होंने विभिन्न बूथों से आ रही जानकारियों का अनुश्रवण किया और डिजिटल माध्यमों से जमीनी स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री और जदयू अध्यक्ष की इस सक्रियता ने चुनावी मोर्चे पर तैनात पार्टी कार्यकर्ताओं और रणनीतिकारों में नई ऊर्जा भर दी।
मोकामा में समर्थकों के बीच तीखी झड़प: 6 उपद्रवी पुलिस हिरासत में
जहाँ एक ओर मतदाता कतारों में खड़े होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे थे, वहीं मोकामा में चुनावी रंजिश ने उग्र रूप ले लिया। मतदान के दौरान मोकामा क्षेत्र में जदयू विधायक अनंत सिंह और विधान परिषद उम्मीदवार नीरज कुमार के समर्थकों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई, जिसने देखते ही देखते तीखी बहस और हिंसक झड़प का रूप ले लिया।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और भारी संख्या में सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे। उपद्रवियों पर सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और स्थिति को बेकाबू होने से रोक लिया। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 लोगों को हिरासत में ले लिया और क्षेत्र में अतिरिक्त बल की तैनाती कर स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित किया। इस झड़प की वजह से कुछ देर के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया था।
फर्जी वोटिंग के गंभीर आरोप: आरजेडी प्रत्याशी ने चुनाव रद्द करने की मांग की
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में वोटिंग के दौरान निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार (संजीव सिंह) ने चुनाव प्रक्रिया पर सीधा हमला बोलते हुए बड़े पैमाने पर फर्जी वोटिंग और वोटर लिस्ट में व्यापक धांधली के आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि वास्तविक शिक्षक मतदाताओं को मतदान से वंचित करने और फर्जी लोगों से वोट डलवाने का संगठित प्रयास किया गया है। अपनी इन शिकायतों को लेकर आरजेडी प्रत्याशी ने पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को पूरी तरह रद्द करने और नए सिरे से मतदान कराने की मांग आयोग से की है।

इसके अलावा, पटना के ऐतिहासिक पटना साइंस कॉलेज स्थित मतदान केंद्र पर उस समय हड़कंप मच गया जब बूथ पर 5 फर्जी शिक्षक मतदाता रंगे हाथों पकड़े गए। फर्जी कागजात के आधार पर वोट डालने पहुंचे इन लोगों की शिकायत सामने आने के बाद प्रशासनिक तंत्र पर सवाल उठने लगे और विपक्षी दलों ने चुनावी निष्पक्षता को लेकर हंगामा किया।
जन सुराज प्रत्याशी पर आचार संहिता उल्लंघन की प्राथमिकी
चुनावी सरगर्मियों के बीच सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार आफाक अहमद के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई है। उम्मीदवार आफाक अहमद पर आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक विवादित पोस्ट के माध्यम से आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया। मामला संज्ञान में आने के बाद निर्वाचन अधिकारियों के निर्देश पर उनके खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

चंपारण में दिखा लोकतंत्र का असली रंग: रिकॉर्डतोड़ 89% मतदान
उपद्रव और आरोपों के साए से दूर, चंपारण की धरती ने इस चुनाव में लोकतंत्र की सबसे भव्य तस्वीर पेश की। चंपारण के शिक्षकों ने लोकतंत्र के प्रति अपनी अटूट आस्था जताते हुए मतदान के तमाम रिकॉर्ड तोड़ दिए।
- पश्चिम चंपारण (बेतिया): सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पश्चिम चंपारण जिले के सभी 18 प्रखंड (Block) मुख्यालयों में बनाए गए मतदान केंद्रों पर शिक्षकों का अभूतपूर्व तांता लगा रहा। जिले में पंजीकृत कुल 1,701 मतदाताओं में से 1,508 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। इस प्रकार जिले में रिकॉर्ड 88.65 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। कुल मतदान करने वालों में 1,283 पुरुष और 225 महिला शिक्षक मतदाता शामिल रहीं, जिन्होंने कतारबद्ध होकर शांतिपूर्ण तरीके से अपने प्रतिनिधि का चुनाव किया।
- पूर्वी चंपारण (मोतिहारी): पूर्वी चंपारण में भी सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए अत्यंत उत्साहजनक माहौल देखने को मिला। जिले के विभिन्न हिस्सों में बनाए गए 27 मतदान केंद्रों पर सुबह से ही महिला व पुरुष शिक्षकों की लंबी लाइनें देखी गईं। कुल 1,743 मतदाताओं में से 1,562 शिक्षकों ने अपने वोट डाले, जिससे जिले में कुल 89.61 प्रतिशत का भारी-भरकम मतदान प्रतिशत दर्ज किया गया।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति और आंकड़े
राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) कार्यालय द्वारा जारी अधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति (संदर्भ: p1, p2, p3) के अनुसार, बिहार विधान परिषद के इस द्विवार्षिक निर्वाचन में कुल 150 उम्मीदवार चुनावी समर में डटे हुए हैं। इनमें से 90 प्रत्याशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों से और 60 प्रत्याशी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

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बिहार विधान परिषद निर्वाचन – 2026
मुख्य निर्वाचन आंकड़े (अपराह्न 4:00 बजे तक)
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[1] स्नातक निर्वाचन क्षेत्र (Graduates’ Constituency)
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क्र.सं. | निर्वाचन क्षेत्र का नाम | कुल मतदाता | मतदान प्रतिशत (%)
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1. | पटना स्नातक | 87,583 | 36.19%
2. | तिरहुत स्नातक | 1,43,988 | 42.15%
3. | दरभंगा स्नातक | 1,26,951 | 42.00%
4. | कोसी स्नातक | 1,34,072 | 52.51%
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| कुल औसत मतदान | 43.87%
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[2] शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र (Teachers’ Constituency)
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क्र.सं. | निर्वाचन क्षेत्र का नाम | कुल मतदाता | मतदान प्रतिशत (%)
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1. | पटना शिक्षक | 11,719 | 56.89%
2. | सारण शिक्षक | 10,748 | 87.16%
3. | तिरहुत शिक्षक | 8,760 | 78.10%
4. | दरभंगा शिक्षक | 9,026 | 79.00%
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| कुल औसत मतदान | 74.55%
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बूथों का बुनियादी ढांचा और नियंत्रण कक्ष की निगरानी
निर्वाचन विभाग के अनुसार, स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के सुचारू संचालन के लिए विशाल ढांचा तैयार किया गया था:
- स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए: पटना, तिरहुत, दरभंगा एवं कोसी स्नातक क्षेत्रों में कुल 598 मतदान केंद्र स्थापित किए गए थे, जिनमें 474 मूल मतदान केंद्र और 124 सहायक मतदान केंद्र शामिल थे।
- शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए: पटना, सारण, तिरहुत एवं दरभंगा शिक्षक क्षेत्रों में कुल 335 मूल मतदान केंद्र स्थापित किए गए थे।
- विभागीय नियंत्रण कक्ष: चुनाव के दौरान आयोग के राज्यस्तरीय नियंत्रण कक्ष में कुल 13 परिवाद (शिकायतें) प्राप्त हुईं, जिन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अधिकारियों द्वारा सभी शिकायतों का ससमय निष्पादन कर दिया गया।

जमीनी मोर्चे पर डटे रहे अफसर: बांका से पटना तक अधिकारियों की गश्त
स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराने के लिए पूरे राज्य में प्रशासनिक अधिकारी दिनभर सड़कों और मतदान केंद्रों पर दौड़ते रहे। अति-संवेदनशील और दूरस्थ इलाकों में आला अधिकारियों ने खुद मोर्चा संभाला।

1. बांका में सघन निरीक्षण
बांका जिले में कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के तहत शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान कराने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल और पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार ने संयुक्त रूप से दूर-दराज के इलाकों में स्थित संवेदनशील बूथों का दौरा किया। अधिकारियों ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि मतदाता बिना किसी भय के अपने अधिकार का प्रयोग कर सकें।

2. हाजीपुर और वैशाली में मुस्तैदी
वैशाली जिले के हाजीपुर में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक द्वारा विभिन्न स्नातक व शिक्षक निर्वाचन बूथों का गहन भ्रमण किया गया। प्रशासनिक अमले ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और मतदाताओं के लिए बनाए गए प्रतीक्षा कक्षों एवं सुरक्षा घेरे का निरीक्षण किया।

3. मुजफ्फरपुर में अधिकारियों का गहन अनुश्रवण
मुजफ्फरपुर में तिरहुत स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए मतदान हुआ। जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी कुमार गौरव और वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्र ने मुजफ्फरपुर पूर्व अनुमंडल कार्यालय सहित कई केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने पोलिंग एजेंटों, पीठासीन अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों से बातचीत कर मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता की जांच की।

4. राजधानी पटना में हाई अलर्ट
राजधानी पटना में छिटपुट हंगामे और फर्जी वोटिंग की शिकायतों के बीच जिलाधिकारी कुंदन कुमार और वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा की जोड़ी पूरी तरह मुस्तैद दिखी। दोनों अधिकारियों ने शहर के ए-ग्रेड केंद्रों, जैसे साइंस कॉलेज और अन्य अति-संवेदनशील बूथों का निरीक्षण किया और निष्पक्ष चुनाव कराने का दावा किया।

150 प्रत्याशियों का भविष्य बैलेट बॉक्स में कैद
तमाम विवादों, मोकामा की हिंसक झड़प, आरजेडी के गंभीर आरोपों और सोशल मीडिया पर आचार संहिता के उल्लंघन के बीच बिहार विधान परिषद की 8 सीटों का चुनाव पूरा हो गया है। एक तरफ जहां स्नातकों की 43.87% की सुस्त भागीदारी चिंता का विषय रही, वहीं दूसरी तरफ शिक्षकों की 74.55% (सारण में 87% से अधिक) की भारी भागीदारी ने चुनावी नतीजों को काफी दिलचस्प और अनिश्चित बना दिया है। अधिकारियों के सतर्क पहरे के बीच सभी मतदान केंद्रों से पेटी (बैलेट बॉक्स) सील कर सुरक्षित वज्रगृहों में पहुँचा दी गई हैं। अब 150 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला मतगणना के दिन ही तय होगा।
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