पशुपालन कार्यालय का लिपिक रिश्वत लेते गिरफ्तार: जीपीएफ भुगतान के एवज में मांग रहा था घूस, निगरानी ब्यूरो ने लिपिक को बीस हजार रुपये रिश्वत लेते दबोचा

पटना। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में निगरानी टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दानापुर स्थित अवर प्रमंडल पशुपालन कार्यालय के निम्नवर्गीय लिपिक विजय कुमार को बीस हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी की इस कार्रवाई से प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की गिरफ्त में रिश्वतखोर लिपिक विजय कुमार, जिन्हें टीम ने रंगे हाथों दबोचा।

जीपीएफ भुगतान के नाम पर हो रही थी उगाही

निगरानी ब्यूरो से मिली जानकारी के अनुसार, परिवादी राजेंद्र प्रसाद (पिता स्व. विपत महतो, साकिन निसरपुरा, पोस्ट अमरपुरा, थाना नौबतपुर, जिला पटना) ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के कार्यालय में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि आरोपी लिपिक विजय कुमार द्वारा उनके जीपीएफ (सामान्य भविष्य निधि) का छह लाख रुपये भुगतान किए जाने के एवज में भारी-भरकम रिश्वत की मांग की जा रही थी।

शिकायत का सत्यापन और धड़पकड़

ब्यूरो द्वारा प्राप्त शिकायत का जब गोपनीय सत्यापन कराया गया, तो आरोपी लिपिक द्वारा रिश्वत मांगे जाने का प्रमाण सही पाया गया। इसके बाद तुरंत निगरानी थाना कांड संख्या-118/26  दिनांक  07 अक्टूबर 2026  दर्ज किया गया। अनुसंधानकर्ता पुलिस निरीक्षक जहाँगीर अंसारी तथा पुलिस उपाधीक्षक आसिफ इकबाल मेहंदी के नेतृत्व में एक विशेष छापा दल का गठन किया गया।

एम्स गोलंबर के पास दबोचा

गठित छापा दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए  प्राथमिक अभियुक्त विजय कुमार को पटना स्थित एम्स गोलंबर के पास बुलु पान दुकान के पास से बीस हजार रुपये नकद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों धर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है, जिसके पश्चात उसे माननीय विशेष न्यायालय, निगरानी, पटना में प्रस्तुत किया जाएगा। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

साल दो हजार छब्बीस में अब तक एक सौ आठ ट्रैप दर्ज

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, वर्ष दो हजार छब्बीस में भ्रष्टाचार के विरुद्ध यह एक सौ अठारहवीं प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की गई है तथा एक कांड जिला से स्थानांतरित किया गया है, जिससे कुल एक सौ उन्नीस कांड ब्यूरो द्वारा अनुसंधानित हैं। इनमें यह ट्रैप संबंधी एक सौ आठवां कांड है, जिसके तहत अब तक कुल एक सौ आठ अभियुक्तों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है। साथ ही, अब तक रिश्वत की कुल बरामद राशि अडतीस लाख आठ हजार आठ सौ रुपये और एक नई वाशिंग मशीन बरामद की जा चुकी है।

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