ताजपुर/समस्तीपुर 8 अक्टूबर 2026
समस्तीपुर की धरती पर गुरुवार को लोकतंत्र बचाने की हुंकार के साथ प्रतिरोध मार्च निकाला गया। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के माध्यम से चल रही कथित वोट चोरी की साजिश के खिलाफ भाकपा माले और इंडिया गठबंधन के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर व्यवस्था के खिलाफ जोरदार जंग का ऐलान कर दिया। “गली-गली में शोर है, मोदी-शाह वोट चोर है” के नारों से पूरा शहर गूँज उठा।

स्टेशन चौक से लेकर समाहरणालय तक निकला आक्रोश मार्च
मिली जानकारी के अनुसार, समस्तीपुर शहर के गाँधी स्मारक स्टेशन चौक से इंडिया गठबंधन के आह्वान पर लोकतंत्र बचाओ मार्च निकाला गया। हाथ में संविधान की तख्तियाँ, बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर और शहीद भगत सिंह की तस्वीरें थामे कार्यकर्ता वोट चोर ज्ञानेश-मोदी-शाह का पुतला लेकर सड़कों पर मार्च करते हुए मुख्यालय का भ्रमण किया। नारेबाज़ी करते हुए यह आक्रोश मार्च शहर के विभिन्न मुख्य मार्गों से होते हुए सरकारी बस स्टैंड और अस्पताल चौक के पास पहुँचा, जहाँ यह एक विशाल जनसभा में तब्दील हो गया।

लोकतंत्र और संविधान पर सीधा हमला: सुरेंद्र प्रसाद सिंह
सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर हमला बोलते हुए कहा कि “गली-गली में शोर है_मोदी-शाह वोट चोर है” का नारा आज गाँव-गाँव में गूँज रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी और शाह ने गहरी साजिश के तहत चुनाव आयोग को आगे किया है। पहले विशेष गहन पुनरीक्षण के जरिए फॉर्म-7 का दुरुपयोग करके देश के करोड़ों वास्तविक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से कटवा दिए गए और फिर अपने समर्थकों के नाम जोड़कर जीत का रास्ता साफ करने की नापाक कोशिश की जा रही है। उन्होंने दोटूक कहा कि यह सीधे तौर पर देश के संविधान और लोकतंत्र पर हमला है, जिसे भारत की जनता कभी बर्दाश्त नहीं करेगी।

मुख्य चुनाव आयुक्त और शीर्ष नेताओं के इस्तीफे की माँग
अस्पताल चौक पर आयोजित सभा की अध्यक्षता खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) के प्रखंड सचिव प्रभात रंजन गुप्ता ने की। सभा में वक्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को आड़े हाथों लेते हुए तत्काल पद से इस्तीफे की माँग उठाई।
सभा को संबोधित करने वाले प्रमुख वक्ताओं में ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, राजदेव प्रसाद सिंह, शाद तौहीदी, मनोज कुमार सिंह, शंकर महतो, संजय कुमार, चांदबाबू, संजीव राय, रॉकी खान तथा मनोज साह समेत कई अन्य नेता शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में वोट चोरी की इस कार्रवाई को अलोकतांत्रिक और तानाशाही करार दिया।

पुतला दहन के साथ गूँजे इंकलाबी नारे
प्रदर्शन के अंत में आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने “वोट चोर मोदी-शाह गद्दी छोड़ो”, “ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो” और “लोकतंत्र बचाओ” जैसे तीखे नारों के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं गृह मंत्री अमित शाह का संयुक्त पुतला फूँककर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।

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