ताजपुर, (समस्तीपुर) 2 अक्टूबर 2026
गुरुवार को ताजपुर के फतेहपुर पंचायत भवन परिसर का नजारा एक जन-अदालत में तब्दील हो गया। अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) के बैनर तले दर्जनों की संख्या में भूमिहीन, गरीब, मजदूर और महिलाएं सड़कों पर उतर आए। सरकार के तमाम दावों और वादों को धत्ता बताते हुए आक्रोशित ग्रामीणों ने पंचायत भवन के मुख्य गेट पर लाल झंडे लहराकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान पूरा इलाका ‘वासभूमि दो, पर्चा दो’, ‘मनरेगा में काम की गारंटी दो’ और ‘महंगाई पर लगाम लगाओ’ जैसे नारों से गूंज उठा।

झूठे दावों और प्रशासनिक लापरवाही पर फूटा गुस्सा
धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता पंचायत सचिव मनोज कुमार सिंह ने की, जबकि मंच का सफल संचालन प्रखंड सचिव प्रभात रंजन गुप्ता ने किया। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला। भाकपा माले राज्य कमिटी सदस्य बंदना सिंह ने गरजते हुए कहा कि सरकार कागजों पर गरीबों के मसीहा होने का ढोंग करती है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि आज भी हजारों गरीब परिवार सिर पर छत के लिए दर-दर भटक रहे हैं। सरकार घोषणाएं तो बड़े-बड़े करती है, लेकिन भूमिहीन परिवारों को वासभूमि देने, सरकारी एवं मालिकाना जमीन पर बसे लोगों को पर्चा उपलब्ध कराने और पर्चाधारियों को उनकी जमीन पर कब्जा दिलाने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।

आवास योजना में घूसखोरी और मनरेगा पर तीखे सवाल
भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने प्रधानमंत्री आवास योजना में चल रही कथित बंदरबांट और खुलेआम वसूली जा रही घूसखोरी पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि गरीबों के हक का पैसा बिचौलिए और भ्रष्ट अधिकारी डकार रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने जमाबंदी शुद्धीकरण अभियान के तहत अंचल कर्मियों को सीधे गांवों में कैंप लगाकर आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करने और मनरेगा योजना के तहत हर हाथ को काम देने की पुरजोर मांग उठाई।

बीडीओ से वार्ता के बाद सौंपा गया स्मारपत्र
प्रदर्शन की उग्रता को देखते हुए प्रशासन हरकत में आया। आंदोलन के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) रवि भूषण से टेलीफोन पर वार्ता हुई। बीडीओ के निर्देश पर पंचायत सचिव मौके पर पहुंचे, जिन्हें आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों से संबंधित एक सूत्रीय स्मारपत्र सौंपा।

सभा को संबोधित करने वालों में अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रखंड अध्यक्ष ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह के अलावा शंकर महतो, संजीव राय, सुलेखा कुमारी, शिव कुमारी, सुनीता देवी, आशा देवी, रजनी देवी समेत कई अन्य प्रमुख वक्ता भी शामिल रहे। अंत में आंदोलनकारियों ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि प्रशासनिक स्तर पर उनकी मांगों पर शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो इस आंदोलन को और अधिक तीव्र व आक्रामक बनाया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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