पटना : बिहार की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस अचानक त्यागपत्र से राज्य के सियासी गलियारों में भारी सनसनी फैल गई है और राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अवधेश नारायण सिंह ने अपने त्यागपत्र में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यकर्ता के रूप में अपने राजनीतिक सफर को याद किया है। उन्होंने बताया कि पार्टी संगठन में विभिन्न पदों पर कार्य करते हुए उन्होंने संगठन के विस्तार में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई है। अपने राजनीतिक सफर के दौरान केंद्र से लेकर राज्य स्तर तक के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं के अपूर्व स्नेह और सद्भाव के प्रति उन्होंने आभार व्यक्त किया है।

अपने इस्तीफे के पत्र में उन्होंने एनडीए (NDA) गठबंधन के सभी नेताओं, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का विशेष रूप से आभार जताया है। उन्होंने कहा कि एनडीए गठबंधन सरकार में उन्हें चार बार विधान परिषद का सभापति होने का गौरव प्राप्त हुआ और इस दायित्व के निर्वहन में उन्हें नीतीश कुमार का पूरा स्नेह एवं सहयोग मिला। साथ ही, उन्होंने वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सहयोग के प्रति भी आभार व्यक्त किया है।

अवधेश नारायण सिंह ने स्पष्ट किया है कि वे पिछले 33 वर्षों से लगातार विधान परिषद के सदस्य रहे हैं और आगे भी एक सदस्य के रूप में सदन में अपनी सक्रिय भूमिका निभाते रहेंगे। सार्वजनिक जीवन में जन-सेवाओं के कार्यक्रमों और अन्य गतिविधियों को वह पूरी ऊर्जा के साथ जारी रखेंगे। सदन के भीतर सभापति के रूप में मिले सभी माननीय सदस्यों के स्नेह और सहयोग के लिए उन्होंने धन्यवाद ज्ञापित किया है।
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