जमुई में स्कूली छात्रा से यौन उत्पीड़न पर समस्तीपुर में फूटा आक्रोश, मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग!

समस्तीपुर, 22 सितंबर 2026: बिहार के जमुई में एक स्कूली छात्रा के साथ हुई दरिंदगी, मारपीट और यौन उत्पीड़न की शर्मनाक घटना के खिलाफ मंगलवार की शाम समस्तीपुर शहर का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। ओवरब्रिज चौराहा स्थित कर्पूरी प्रतिमा स्थल पर नागरिक समाज, आइसा और ऐपवा के संयुक्त तत्वावधान में एक आक्रोशपूर्ण प्रतिवाद जुलूस निकाला गया और सभा आयोजित की गई। इस दौरान पूरा इलाका बेटियों की सुरक्षा की मांग और सरकार विरोधी नारों से गूंज उठा। कार्यक्रम में उमड़ी भारी भीड़ ने इस अमानवीय घटना के प्रति अपना तीव्र आक्रोश व्यक्त किया।

समस्तीपुर के ओवरब्रिज चौराहा स्थित कर्पूरी प्रतिमा स्थल पर जमुई की घटना के विरोध में प्रदर्शन करते नागरिक समाज, आइसा और ऐपवा के कार्यकर्ता।

मुख्यमंत्री का पुतला फूंका, इस्तीफे की हुंकार

प्रदर्शन के अंत में आक्रोशित लोगों ने कानून व्यवस्था के पूरी तरह फेल होने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला फूंका। वक्ताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि सरकार बेटियों को सुरक्षा नहीं दे सकती, तो उसे सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने मुख्यमंत्री से फौरन इस्तीफे की मांग की।

इन दिग्गजों ने संभाली कमान और किया संचालन

सभा की अध्यक्षता ऐपवा जिला अध्यक्ष बंदना सिंह और आइसा जिला अध्यक्ष लोकेश राज ने संयुक्त रूप से की। वहीं, मंच का सफल और आक्रामक संचालन भाकपा माले जिला कमिटी सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह तथा आइसा जिला सचिव सुनील कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से किया।

वक्ताओं की दो टूक: दोषियों को हो फांसी या कठोर सजा

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने जमुई की घटना को इंसानियत को शर्मसार करने वाला करार दिया। नागरिक समाज के दीनबंधु प्रसाद और जीतेन्द्र कुमार, भाकपा माले के जीतेंद्र कुशवाहा एवं रामलाल राम, आइसा के दीपक यदुवंशी, धीरज कुमार तथा हिमांशु कुमार ने सरकार को आड़े हाथों लिया। राजद के राम विनोद पासवान और कांग्रेस के विश्वनाथ सिंह हजारी ने भी तीखे तेवर दिखाते हुए कहा कि महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाएं राज्य की कानून व्यवस्था की पोल खोल रही हैं।

इसके अलावा सामाजिक कार्यकर्ता शाहीद हुसैन, एनजीओ संघ के अधिवक्ता संजय कुमार बबलू, रेलवे ट्रेड यूनियन के संतोष कुमार निराला और सामाजिक कार्यकर्ता अशोक कुमार ने भी सभा को संबोधित किया। सभी ने एक स्वर में मांग की कि दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर सबसे कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में ऐसा घिनौना कृत्य करने की कोई हिम्मत न कर सके।

छेड़खानी के आरोपियों को बचाने का खेल बंद हो: बंदना सिंह

अपने अध्यक्षीय संबोधन में ऐपवा जिला अध्यक्ष बंदना सिंह ने पुलिस और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि जिले में छेड़खानी के तमाम मुकदमों के आरोपियों को पुलिस बचाने का कुचक्र रच रही है। उन्होंने दो टूक मांग की कि आरोपियों को सरंक्षण देने के बजाय तुरंत जेल की सलाखों के पीछे बंद किया जाए।

सभा के दौरान उपस्थितत नागरिकों, युवाओं और छात्र-छात्राओं ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे महिलाओं एवं छात्राओं की सुरक्षा के लिए सड़क से सदन तक अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे और दोषियों को सजा मिलने तक आंदोलन जारी रखेंगे।

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