मुजफ्फरपुर: जिले में साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया और अनोखा तरीका अपनाया था, लेकिन पुलिस की तत्परता ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। फर्जी भुगतान का झांसा देकर दुकानदारों को चूना लगाने वाले एक शातिर गिरोह का पुलिस ने महज 08 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में मुख्य षड्यंत्रकर्ता सहित कुल 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

क्या है पूरा मामला: दिनांक 19.09.2026 को साइबर थाना, मुजफ्फरपुर में क्राउन फोल्डर दुकान के संचालक भाग्य भूषण द्वारा एक लिखित आवेदन दिया गया। आवेदन में बताया गया कि अज्ञात अभियुक्तों द्वारा उनके व्हाट्सएप नंबर पर संपर्क कर मोबाइल फोल्डर का ऑर्डर दिया गया था।
अभियुक्तों ने दिनांक 15.09.2026 को 43,000 रुपए और दिनांक 16.09.2026 को 77,314 रुपए, यानी कुल 1,20,31 रुपए की फर्जी ट्रांजेक्शन रसीद (फेक पेमेंट रिसिप्ट) दिखाकर रैपिड डिलीवरी कूरियर के माध्यम से कांटी छिन्नमस्तिका मंदिर के पास कुल 210 पीस मोबाइल फोल्डर मंगवाए। बाद में जब बैंक स्टेटमेंट की जांच की गई, तो भुगतान पूरी तरह फर्जी निकला। इस संबंध में साइबर थाना कांड संख्या 147/26 दर्ज किया गया।

महज 08 घंटे में पुलिस ने की कार्रवाई: घटना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरपुर के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक नगर के अनुश्रवण और पुलिस उपअधीक्षक साइबर के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। गठित टीम ने मानवीय और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 08 घंटे के भीतर घटना में संलिप्त मुख्य षड्यंत्रकर्ता मनीष कुमार को ठगी में प्रयुक्त 02 मोबाइल फोन के साथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी मनीष कुमार दिव्यांग है तथा चलने और स्वयं बैठने में असमर्थ है।
सहयोगी और खरीदार भी गिरफ्तार: मनीष कुमार से पूछताछ और निशानदेही के आधार पर, रैपिड के माध्यम से आर्डर प्राप्त करने और ठगी की घटना में संलिप्त सहयोगी रिमझिम कुमार को घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल एवं मोबाइल के साथ मोतीपुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।

इसके अलावा, अभियुक्तों के स्वीकारोक्ति बयान और निशानदेही पर ठगी किए गए सामान को खरीदने वाले मोबाइल दुकान संचालक मो. परवेज आलम को भी गिरफ्तार किया गया। उनके पास से 02 मोबाइल फोन और ठगी किए गए 188 पीस फोल्डर बरामद किए गए।
मास्टरमाइंड का शातिर तरीका: पुलिस की गहन पूछताछ में यह बात सामने आई कि इस पूरे कांड का मुख्य षड्यंत्रकर्ता मनीष कुमार (मास्टरमाइंड) है, जो पहले मोबाइल रिपेयरिंग का काम करता था। मोबाइल पार्ट्स और तकनीकी जानकारी होने के कारण वह इस क्षेत्र के व्यवसायियों को सॉफ्ट टारगेट बनाता था।

यह गिरोह डिजिटल टूल और जाली ऐप्स का उपयोग करके बिल्कुल असली दिखने वाली फर्जी पेमेंट रसीद या स्क्रीनशॉट तैयार करता था। इसके बाद दुकानदारों से सामान मंगवाकर उसे कम कीमत पर बेचकर आर्थिक लाभ कमाता था।
गिरफ्तार अपराधियों का विवरण:
- मनीष कुमार (मुख्य षड्यंत्रकर्ता), थाना – मोतीपुर।
- रिमझिम कुमार, थाना – मोतीपुर।
- मो. परवेज आलम (दुकान संचालक), थाना – राजपुर ओपी, जिला – मुजफ्फरपुर।

बरामदगी:
- घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल – 01
- ठगी की गई मोबाइल का फोल्डर – 188 पीस (अनुमानित कीमत करीब 1,10,000 रुपए)
- मोबाइल फोन – 05
पुलिस द्वारा गिरोह के अन्य सदस्यों की संलिप्तता और आपराधिक इतिहास के संबंध में आगे की जांच की जा रही है।

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