अगस्त क्रांति दिवस पर मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के सामने जुटे रेल कर्मचारी, मजदूर विरोधी नीतियों को वापस लेने की मांग
समस्तीपुर, 9 अगस्त 2026: अगस्त क्रांति दिवस के अवसर पर समस्तीपुर में रेलवे कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया। पूर्व मध्य रेल के मान्यता प्राप्त संगठन ईस्ट सेंट्रल रेलवे इम्प्लाइज यूनियन (ईसीआरईयू) के बैनर तले रविवार को समस्तीपुर मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) कार्यालय के सामने एक विशाल जन कन्वेंशन का आयोजन किया गया। इस कन्वेंशन में नई श्रम संहित, रेलवे के निजीकरण-निगमीकरण, एनपीएस/यूपीएस, बोनस पर सीलिंग और सभी विभागों में आठ घंटे की ड्यूटी व्यवस्था लागू न किए जाने के खिलाफ आवाज उठाई गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडल कार्यकारी अध्यक्ष कैलाश पासवान ने की तथा संचालन मंडल सचिव संजीव मिश्रा ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे रेलकर्मियों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी बात रखी और एकजुटता जताई।
रेलवे के निजीकरण की कोशिशें गलत: रत्नेश वर्मा
मुख्य वक्ता के रूप में यूनियन के केंद्रीय संयुक्त महासचिव सह इंडियन रेलवे इम्प्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय सह महासचिव रत्नेश वर्मा ने कहा कि नई श्रम नीति, निजीकरण, निगमीकरण, एनपीएस/यूपीएस और बोनस सीलिंग जैसे मुद्दों पर सरकार का रवैया कर्मचारियों के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि रेलवे को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर निजी हाथों में सौंपने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका कर्मचारी संगठित होकर विरोध करेंगे।

कर्मचारी सुविधाओं और अधिकारों पर जोर: संजीव मिश्रा
सभा को संबोधित करते हुए मंडल सचिव संजीव मिश्रा ने कहा कि पेंशन, वेतन, भत्ता, बोनस, प्रमोशन, अनुकंपा नियुक्ति, ड्यूटी रोस्टर और विश्राम जैसी सुविधाएं कर्मचारियों का हक हैं। रेलवे प्रशासन को इन्हें प्राथमिकता के आधार पर लागू करना चाहिए।
मंडल कार्यकारी अध्यक्ष कैलाश पासवान ने लेबर कोड की वापसी, पुरानी पेंशन योजना की बहाली और निजीकरण पर रोक लगाने के लिए एकजुट होकर आंदोलन चलाने की बात कही।

सेवा समीक्षा नीति से कर्मचारियों में असुरक्षा: चंदन यादव
केंद्रीय संगठन सचिव चंदन यादव ने कहा कि कर्मचारियों पर जबरन निजीकरण और निगमीकरण थोपा जा रहा है। साथ ही 55/30 सर्विस रिव्यू जैसी नीतियों से कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है। उन्होंने सभी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू करने की मांग की।
एआईसीसीटीयू (ऐक्टू) नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि देश में मजदूरों की स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है। ठेका मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी तक नहीं मिल पा रही है और चार लेबर कोड के माध्यम से श्रमिक अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है।

प्रमुख मांगें:
कन्वेंशन के माध्यम से प्रमुख मांगें उठाई गईं:
- सभी विभागों में 8 घंटे के ड्यूटी रोस्टर का पूरी तरह पालन हो।
- रेलवे में रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति की जाए।
- आउटसोर्सिंग समाप्त कर समान काम के लिए समान वेतन लागू हो।
- रन-ओवर दुर्घटनाओं की उच्चस्तरीय जांच हो और रेलकर्मियों को सुरक्षा उपकरण दिए जाएं।
- रेलवे अस्पतालों व आवासीय सुविधाओं में सुधार किया जाए।
- ट्रांसफर नीति में पारदर्शिता लाई जाए और विभिन्न भत्तों का समय पर भुगतान हो।

इनकी रही उपस्थिति:
इस कन्वेंशन को राजकुमार, प्रेम कुमार ठाकुर, संतोष मिश्रा, प्रमोद कुमार राय, सोनू कुमार, वीरेंद्र कुमार, दिलीप कुमार, रत्न मिश्र, राजीव कुमार, अविनाश कुमार, चंदन कुमार, संतोष मिश्र, कैलाश कुमार, संगम कुमार, राज कुमार, ऐक्टू के ललन कुमार, रेल विकास मंच के राम विनोद पासवान, विश्वनाथ सिंह हजारी, सुशील कुमार, रामलाल राम, पूर्व पार्षद अर्जुन कुमार, दीनबंधु प्रसाद, शाहिद हुसैन और दीपक यदुवंशी सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। कार्यक्रम के अंत में कर्मचारियों से अपने अधिकारों के लिए एकजुट रहने की अपील की गई।
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