अरुणोदय प्रेप हाई स्कूल के वार्षिकोत्सव में सांस्कृतिक छटा, मेधावी छात्र और अभिभावक सम्मानित
मुजफ्फरपुर | रामदयालु स्थित अरुणोदय प्रेप हाई स्कूल का वार्षिकोत्सव रविवार को विद्यालय परिसर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। समारोह में शिक्षा, समाज और तकनीक के बदलते स्वरूप पर गंभीर मंथन हुआ। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि बिहार विधान पार्षद बंशीधर ब्रजवासी, पूर्व पार्षद डॉ. नरेंद्र सिंह, समाजसेवी अमर बाबू, सेवानिवृत्त सैनिक प्रशांत कुमार, सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक प्रेम कुमार सिंह, एमडीडीएम कॉलेज के हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश रंजन, शिक्षक भाग्यनारायण, शिक्षिका रचना द्विवेदी एवं विद्यालय के निदेशक पंकज कुमार त्रिवेदी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

तकनीक के खतरों पर प्रहार
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि बंशीधर ब्रजवासी ने आधुनिक जीवनशैली पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने दो टूक कहा, “आज के दौर में बच्चों के हाथ में थमाया गया मोबाइल किसी एटम बम से कम खतरनाक नहीं है।” उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को डिजिटल दुनिया के बजाय वास्तविक दुनिया और किताबों से जोड़ें।

वहीँ, पूर्व पार्षद डॉ. नरेंद्र सिंह ने कहा कि शिक्षा का आलोक केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि परिवार और संपूर्ण समाज को प्रकाशित करता है। विद्यालय के निदेशक पंकज कुमार त्रिवेदी ने भावुक होते हुए कहा कि “बच्चे हैं तो हम हैं”, इसलिए उनकी नींव मजबूत करना हमारा प्राथमिक कर्तव्य है।

रंगारंग कार्यक्रमों से दिया सामाजिक संदेश
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। बच्चों द्वारा तीन दर्जन से अधिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं। इन प्रस्तुतियों की विशेषता यह रही कि इनमें केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि गहरा सामाजिक संदेश छिपा था:
- सोशल मीडिया का मायाजाल: एक लघु नाटिका के माध्यम से बच्चों ने दिखाया कि कैसे सोशल मीडिया युवाओं की ऊर्जा को नष्ट कर रहा है।
- कुरीतियों पर चोट: बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ बच्चों के अभिनय ने उपस्थित दर्शकों की आँखें नम कर दीं।
- शिक्षा का महत्व: गीतों और नृत्यों के जरिए ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ और साक्षरता का संदेश प्रसारित किया गया।

खास बातें:
- लक्ष्य: ज्ञान-विज्ञान के जरिए ही सफलता संभव: डॉ. राकेश रंजन।
- सम्मान: 80 छात्र मेडल से तो माता-पिता प्रशस्ति पत्र से नवाजे गए।
- विषय: बाल विवाह और सोशल मीडिया के प्रभावों पर केंद्रित रहा मंच।

अभिभावकों का भी बढ़ा मान
शिक्षा के क्षेत्र में विद्यालय ने एक नई पहल करते हुए न केवल 80 मेधावी छात्र-छात्राओं को मेडल देकर सम्मानित किया, बल्कि उनके अभिभावकों को भी विशेष प्रशस्ति पत्र भेंट किया। डॉ. सतीश कुमार साथी ने कहा कि बच्चे का विकास शिक्षक और अभिभावक के साझा प्रयासों का परिणाम होता है।
इनकी रही गरिमामय उपस्थिति
मंच का सफल संचालन शिक्षक डॉ. सतीश कुमार साथी ने अपनी चिर-परिचित अंदाज में किया। इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी, बड़ी संख्या में अभिभावक और स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे। अंत में निदेशक ने आगत अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा की।



