बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा बदलाव: अब निजी भागीदारी से चलेंगे मेडिकल कॉलेज, मालिकाना हक रहेगा सरकार के पास

ब्राउनफील्ड मॉडल से मरीजों को मिलेगा सुलभ इलाज, बिहार के डॉक्टरों और निवेशकों को मिलेगी प्राथमिकता

पटना, 16 अक्टूबर 2026: बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक नया कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में स्वास्थ्य विभाग की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में यह घोषणा की कि राज्य के अस्पतालों और ब्राउनफील्ड मेडिकल कॉलेजों का संचालन सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अस्पतालों का मालिकाना हक सरकार के पास ही रहेगा और इसके निजीकरण या स्वामित्व में बदलाव का कोई प्रावधान नहीं होगा।

पटना स्थित लोक सेवक आवास के ‘संकल्प’ सभागार में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, साथ में स्वास्थ्य मंत्री निशांत एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद।

मरीजों को मिलेगा सस्ता इलाज, स्थानीय निवेशकों और डॉक्टरों को मिलेगा मौका

बैठक में यह तय किया गया कि इस व्यवस्था के तहत बिहार के स्थानीय निवेशकों और बिहार के डॉक्टरों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि राज्य के लोगों को इसका लाभ मिल सके।

इस नई व्यवस्था की मुख्य बातें:

  • पारदर्शिता: अस्पतालों में निर्धारित शुल्क, मरीजों की पात्रता, बिस्तरों की श्रेणियां और मरीजों के अधिकारों की पूरी जानकारी अस्पताल परिसर और ऑनलाइन माध्यम पर हिंदी तथा अंग्रेजी दोनों भाषाओं में प्रदर्शित की जाएगी।
  • जवाबदेही: अनुबंध के माध्यम से सरकार और निजी साझेदार की जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से तय होंगी, जिससे संचालन में पारदर्शिता बनी रहे।

जिला अस्पतालों और आयुर्वेदिक कॉलेज का विकास

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जिला मुख्यालयों के अस्पतालों को और बेहतर तथा मजबूत बनाया जाए, ताकि मरीजों को वहां आधुनिक और सुलभ चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।

इसके साथ ही, पटना के राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल को अधिक आधुनिक बनाने और इसे देश के बड़े आयुर्वेद संस्थानों से जोड़ने के लिए भी काम करने को कहा गया है।

बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित

स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से इस प्रस्ताव की विस्तृत जानकारी दी। इस बैठक में स्वास्थ्य मंत्री निशांत, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, वित्त विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव अरविंद कुमार वर्मा, बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सुब्रत कुमार सेन, और बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक नवल किशोर चौधरी सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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