Saturday, October 10, 2026

जीवन उत्सव है, तो विछोह महोत्सव: संत जोसेफ पब्लिक स्कूल में गणतंत्र दिवस और विदाई समारोह का भव्य आयोजन

मुजफ्फरपुर। 26 जनवरी 2026 देशभक्ति का जज्बा, तिरंगे की आन, और भविष्य की सुनहरी यादों का संगम—मुजफ्फरपुर स्थित संत जोसेफ पब्लिक स्कूल के प्रांगण में आज कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। अवसर था 77वें गणतंत्र दिवस के गौरवशाली उत्सव का, जिसे विद्यालय परिवार ने पूरी श्रद्धा, निष्ठा और हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस राष्ट्रीय पर्व के साथ-साथ विद्यालय ने अपने बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए एक भावुक विदाई समारोह का भी आयोजन किया, जिसने इस दिन को ऐतिहासिक बना दिया।

संत जोसेफ पब्लिक स्कूल के गणतंत्र दिवस समारोह में कार्यक्रम प्रस्‍तुत करती छात्रा  

शान से लहराया तिरंगा

समारोह का विधिवत शुभारंभ प्रातः काल विद्यालय के सचिव डॉ. अरविन्द कुमार द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुआ। जैसे ही तिरंगा आसमान की ऊंचाइयों को छूने लगा, पूरा परिसर ‘जन-गण-मन’ के स्वरों से गुंजायमान हो उठा। इस गौरवशाली क्षण के साक्षी बने विद्यालय के अध्यक्ष प्रवीण कुमार, निदेशक लालबाबू प्रसाद, प्राचार्य दीपक मिश्र, समस्त शिक्षकगण और तिरंगे के सम्मान में कतारबद्ध खड़े विद्यार्थी एवं अभिभावकगण ।

संत जोसेफ पब्लिक स्कूल के गणतंत्र दिवस समारोह में कार्यक्रम प्रस्‍तुत करती छात्रा  

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में दिखी प्रतिभा की झलक

गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह के दूसरे चरण में छात्र-छात्राओं ने अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। संगीत, नृत्य और ओजस्वी भाषणों ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए।

  • सुरों का संगम: संगीत प्रतियोगिता में कक्षा-8 की जोया ने अपनी मधुर आवाज से प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि नन्ही कनक (कक्षा-1) ने द्वितीय स्थान हासिल कर सबका दिल जीत लिया।
  • नृत्य की छटा: रिकॉर्डिंग डांस में वर्षा (कक्षा-8) ने अपनी ऊर्जावान प्रस्तुति से प्रथम स्थान पाया।
  • वाणी का ओज: अंग्रेजी भाषण में नमीत (10B) और हिंदी भाषण में नन्ही आरुषि (1B) ने अपनी वाकपटुता का लोहा मनवाया। वहीं उर्दू में जोया और संस्कृत में आदित्य ने प्रथम स्थान प्राप्त कर यह दिखाया कि संस्थान सभी भाषाओं और संस्कारों का सम्मान करता है।

भावुक विदाई: “जीवन उत्सव है, तो विछोह महोत्सव”

कार्यक्रम का सबसे मर्मस्पर्शी हिस्सा वह रहा जब सत्र 2025-26 के बोर्ड (अपीयरिंग) छात्र-छात्राओं को विदाई दी गई। इस अवसर पर अध्यक्ष प्रवीण कुमार का संबोधन किसी दर्शन से कम नहीं था। उन्होंने छात्रों की आँखों में नमी देखते हुए बड़े ही दार्शनिक अंदाज में कहा— “जीवन उत्सव है, तो विछोह महोत्सव है।”

उन्होंने समझाया कि जुदाई को दुख के रूप में नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत के उत्सव के रूप में मनाना चाहिए। उन्होंने कहा, “दुख को हंसकर जीना ही मनुष्य की सबसे बड़ी जीत है। आज आप यहाँ से विदा नहीं हो रहे, बल्कि समाज के बड़े फलक पर अपनी पहचान बनाने के लिए प्रस्थान कर रहे हैं।”

17 वर्षों का गौरवशाली इतिहास और संकल्प

अध्यक्ष प्रवीण कुमार ने संस्थान के 17 वर्षों (2008 से अब तक) के सफर को याद करते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि “हमारा सिद्धांत अटल है—संस्थान की फीस सबसे कम होगी और व्यवस्थाएं सबसे बेहतर होंगी।” उन्होंने अभिभावकों को भरोसा दिलाया कि उनके सुझाव ही विद्यालय की योजनाओं की नींव बनते हैं।

छात्र-छात्राओं को विदाई कार्यक्रम में भेंट प्रदान करते  निदेशक लालबाबू प्रसाद एवं  सचिव डॉ. अरविन्द कुमार(बायें से )

सफलता की वैश्विक गाथा: मुजफ्फरपुर से बर्लिन तक

संस्थान की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए अध्यक्ष ने बताया कि आज संत जोसेफ के पढ़ाए बच्चे न केवल भारत, बल्कि दुनिया के नक्शे पर चमक रहे हैं।

  • वैश्विक उपलब्धि: विद्यालय का एक छात्र तुलसी (मोहनपुर) आज जर्मनी के बर्लिन में कंप्यूटर इंजीनियर है, तो वहीं एक छात्र USA में अमेजन जैसी बड़ी कंपनी में कार्यरत है।
  • सरकारी सेवा: सुमन (सकरा हाई स्कूल) जैसे सैकड़ों छात्र आज सरकारी शिक्षक के रूप में समाज सेवा कर रहे हैं।
  • शून्य विफलता दर: संस्थान का यह रिकॉर्ड रहा है कि आज तक यहाँ का एक भी छात्र असफल नहीं हुआ है। सभी छात्रों ने प्रथम श्रेणी से परीक्षा उत्तीर्ण की है। 10 CGPA और 95% अंक लाना यहाँ की परंपरा बन चुकी है।

चुनौतियों को बनाया अवसर

अध्यक्ष ने 2009 के उस दौर को याद किया जब लोगों ने चुनौती दी थी कि हिंदी माध्यम के बच्चे सीबीएसई बोर्ड कैसे पास करेंगे। उन्होंने गर्व से बताया कि टीम ‘संत जोसेफ’ के कठिन परिश्रम से उन बच्चों ने न केवल परीक्षा पास की, बल्कि 60% से अधिक अंक लाए। उन्हीं में से एक छात्र इंजीनियर अजय कुमार आज इसी विद्यालय में विज्ञान और गणित के शिक्षक के रूप में नई पीढ़ी को तैयार कर रहे हैं।

चार स्तंभ: शिक्षा, संस्कार और विकास

प्रवीण कुमार ने विद्यालय के चार मुख्य संकल्पों को दोहराया:

  1. सर्व सुलभ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा: जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए भी संभव हो।
  2. सर्वांगीण विकास: पढ़ाई के साथ-साथ खेल और कला में निपुणता।
  3. शैक्षणिक उत्कृष्टता: गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं।
  4. नैतिक मूल्य: ‘विद्यार्थी’ वही है जो शिक्षा और संस्कार से लबरेज हो।
गणतंत्र दिवस समारोह में  शामिल संत जोसेफ पब्लिक स्कूल के छात्रगण

समर्पण की जीवंत मिसाल

अपने व्यक्तिगत जीवन पर चर्चा करते हुए 58 वर्षीय प्रवीण कुमार ने कहा कि जब वे अपने छात्रों की सफलता की कहानियां सुनते हैं, तो उनकी शुगर, प्रेशर और शरीर का दर्द गायब हो जाता है। उनकी बुलंद आवाज और अटूट संकल्प इस बात का प्रमाण था कि वे आने वाले कई दशकों तक बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए तैयार हैं।

समारोह का समापन सामूहिक राष्ट्रगान के साथ हुआ। विदाई के भावुक क्षणों के बीच छात्रों ने संकल्प लिया कि वे जहाँ भी जाएंगे, संत जोसेफ पब्लिक स्कूल के संस्कारों की महक फैलाएंगे।

ताने छोड़िए, अब ‘पिंक बस’ संभालेंगी महादलित बेटियां: गणतंत्र दिवस पर रचेंगी इतिहास

कभी समाज ने सुनाई थी लानतें, अब सलाम करेगा बिहार; महादलित समुदाय की 6 बेटियां बनीं राज्य की पहली महिला बस ड्राइवर।

पटना | 25 जनवरी, 2026 बिहार के सामाजिक इतिहास में 26 जनवरी 2026 की तारीख स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होने जा रही है। पटना का गांधी मैदान इस दिन न केवल गणतंत्र का उत्सव मनाएगा, बल्कि उस ‘इतिहास’ का गवाह भी बनेगा जिसे समाज के सबसे निचले पायदान से आने वाली छह जांबाज बेटियों ने अपने संघर्ष से गढ़ा है। आरती, रागिनी, अनीता, सावित्री, गायत्री और बेबी—मुसहर समुदाय की ये छह युवतियां बिहार की पहली महिला बस ड्राइवर के रूप में पिंक बस की कमान संभालकर परेड में अपना हुनर दिखाएंगी।

तस्‍वीर में एक साथ खड़ी 6 बेटियां , जो राज्य की पहली महिला बस ड्राइवर बन चुकी है

रूढ़ियों का गियर बदला, तानों को पीछे छोड़ा

इन लड़कियों का बस की स्टियरिंग तक पहुंचने का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। अत्यंत निर्धन परिवारों से आने वाली इन बेटियों को सबसे पहले अपने ही समाज और आसपास के लोगों के तीखे कटाक्षों का सामना करना पड़ा।

पटना के पुनपुन की रहने वाली अनीता के लिए राहें तब और कठिन हो गईं जब उनके ससुराल तक ताने पहुंचने लगे। अनीता बताती हैं, “लोग कहते थे कि बहू को इधर-उधर भेज देते हो, पता नहीं क्या करेगी। पुरुष मजाक उड़ाते थे कि हम बस नहीं संभाल पाते, यह लड़की 50 सवारी कैसे ढोएगी?” कुछ ऐसा ही दर्द रागिनी का भी था, जिन्हें शादी की उम्र और ‘भाग जाने’ जैसे ओछे तानों से डराया गया। बेबी को उनकी कम हाइट के लिए कमतर आंका गया, लेकिन आज उन्हीं के हाथ एक्सीलेटर पर हैं और हौसला आसमान पर।

जब सरकार को हार माननी पड़ी, तब इन बेटियों ने संभाली कमान

दिलचस्प बात यह है कि पिछले साल जब ‘पिंक बस’ सेवा शुरू हुई, तो सरकार का संकल्प था कि इसमें सारा स्टाफ महिलाएं होंगी। कंडक्टर तो मिल गईं, लेकिन पूरे बिहार में बस चलाने के लिए एक भी महिला ड्राइवर नहीं मिली। मजबूरन पुरुष ड्राइवरों को रखा गया।

इस खाली जगह को भरने का बीड़ा उठाया पद्मश्री सुधा वर्गीज की संस्था ‘नारी गुंजन’ ने। उन्होंने महिला विकास निगम के साथ मिलकर इन लड़कियों को औरंगाबाद के IDTR संस्थान में प्रशिक्षण दिलाया। आज ये लड़कियां न केवल बस चला रही हैं, बल्कि परिवहन विभाग के लिए एक मिसाल बन गई हैं।

भविष्य की ‘सारथी‘: सम्मान और रोजगार

परिवहन विभाग अब इन बेटियों के आत्मविश्वास को देखकर गदगद है। विभाग की नोडल अधिकारी ममता कुमारी की देखरेख में ये लड़कियां नियमित अभ्यास कर रही हैं।

  • वेतन और सुरक्षा: ट्रेनिंग पूरी होने के बाद इन्हें 21 हजार रुपये प्रतिमाह का वेतन मिलेगा।
  • विस्तार: परिवहन मंत्री श्रवण कुमार के अनुसार, बिहार को फिलहाल 250 महिला ड्राइवरों की जरूरत है और सरकार अब इच्छुक महिलाओं को निशुल्क प्रशिक्षण देगी।
तस्‍वीर में बस की स्टियरिंग संभालती गायत्री

क्यों यह एक इतिहास है?

यह केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि एक ‘क्रांति’ है। मुसहर समुदाय, जिसे ‘महादलित’ श्रेणी में सबसे पिछड़ा माना जाता रहा है, वहां की बेटियों का बस चलाना लैंगिक और जातीय बेड़ियों को तोड़ने जैसा है। यह इस बात का प्रमाण है कि यदि अवसर मिले, तो ‘आधी आबादी’ का यह हिस्सा न केवल अपना घर, बल्कि पूरे राज्य की परिवहन व्यवस्था का चक्का घुमा सकता है।

जब 26 जनवरी को ये बेटियां गांधी मैदान की धूल उड़ाते हुए पिंक बस लेकर निकलेंगी, तो वह केवल एक परेड नहीं होगी, बल्कि उन तमाम रूढ़ियों की विदाई होगी जिन्होंने सदियों से इन लड़कियों को पीछे रोक रखा था।

6 महीने से गड्ढा खोद ठेकेदार गायब, नरक बनी सड़कें; भाकपा माले ने दी नगर निगम घेराव की चेतावनी

समस्तीपुर | 25 जनवरी 2026 नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 34 और 40 के आधा दर्जन मुहल्लों में विकास कार्य आम लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। नाला और सड़क निर्माण के नाम पर जेसीबी से गड्ढे खोदकर ठेकेदार पिछले 6 महीनों से गायब है, जिससे स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल हो गया है।

नाला निर्माण के नाम पर खोदे गये गड्ढे का दृश्‍य

जांच टीम ने लिया जायजा, भ्रष्टाचार का आरोप

स्थानीय लोगों की लगातार शिकायतों के बाद रविवार को भाकपा माले की एक जांच टीम निर्माण स्थल पर पहुंची। जिला स्थाई समिति सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह के नेतृत्व में दीनबंधु प्रसाद और जीतेंद्र कुमार ने वार्ड संख्या 40 के गली नंबर 3B, नक्कू स्थान और वार्ड संख्या 34 के शांति विहार व सरोजिनी गली का दौरा किया। टीम ने पाया कि खुदाई के कारण सड़कों की स्थिति जर्जर है और लोग आए दिन दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं।

नाला निर्माण के नाम पर खोदे गये गड्ढे का दृश्‍य दो

न बोर्ड, न जानकारी: अंधेरे में जनता

जांच टीम ने निर्माण कार्य में पारदर्शिता के अभाव पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि:

  • किसी भी निर्माण स्थल पर प्राक्कलन (Estimate) बोर्ड नहीं लगाया गया है।
  • जनता को यह तक नहीं पता कि सड़क और नाला RCC बनेगा या PCC।
  • कार्य शुरू होने, समाप्ति की तिथि और बजट की कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं है।
  • निर्माण सामग्री (ईंट, बालू, सीमेंट) की गुणवत्ता बेहद घटिया है।

“नगर निगम के अधिकारी और जनप्रतिनिधि कमीशनखोरी में व्यस्त हैं। बार-बार शिकायत के बावजूद जेई और आयुक्त इस गंभीर समस्या पर मौन साधे हुए हैं।” — सुरेंद्र प्रसाद सिंह, नेता, भाकपा माले

नाला निर्माण के नाम पर खोदे गये सड़क का दृश्‍य

15 दिनों का अल्टीमेटम

भाकपा माले ने नगर निगम प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर रुका हुआ निर्माण कार्य दोबारा शुरू कर पूरा नहीं किया गया, तो पार्टी स्थानीय मुहल्लेवासियों के साथ मिलकर नगर निगम का घेराव करेगी और उग्र आंदोलन व सड़क जाम को बाध्य होगी।

मतदान केवल अधिकार नहीं, राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी: विधायक रंजन कुमार

मुजफ्फरपुर | 25 जनवरी, 2026 राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर रविवार को मुजफ्फरपुर में ‘मेरा युवा भारत’ (MY Bharat) और युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में भव्य जिला स्तरीय पदयात्रा का आयोजन किया गया। “माय भारत-माय वोट” अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम ने शहर को लोकतांत्रिक जागरूकता के रंग में सराबोर कर दिया।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर मुजफ्फरपुर में पदयात्रा का दृश्‍य

विधायक ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

पदयात्रा का शुभारंभ जिला समाहरणालय परिसर से हुआ, जिसे स्थानीय विधायक श्री रंजन कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह यात्रा कंपनी बाग रोड, सदर अस्पताल रोड, स्टेशन रोड, इमली चट्टी और रेड क्रॉस सोसाइटी रोड जैसे प्रमुख मार्गों से होते हुए वापस समाहरणालय पहुंची। रास्ते भर युवाओं ने नारों और तख्तियों के माध्यम से ‘जिम्मेदार नागरिकता’ और ‘सशक्त लोकतंत्र’ का संदेश प्रसारित किया।

पहली बार वोट देने वालों का सम्मान

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘फर्स्ट टाइम वोटर्स’ (पहली बार मतदान करने वाले युवा) रहे। विधायक श्री रंजन कुमार और उप-निर्वाचन पदाधिकारी श्री सत्य प्रिय ने संयुक्त रूप से इन नए मतदाताओं को विशेष रूप से सम्मानित किया। इसके पश्चात विधायक ने उपस्थित सभी युवाओं और नागरिकों को निष्पक्ष और नैतिक मतदान की शपथ दिलाई।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर मुजफ्फरपुर में पदयात्रा का दृश्‍य

“Nation First की भावना के साथ प्रत्येक युवा मतदाता को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। युवा वर्ग जागरूक होकर मतदान करेगा, तभी मजबूत राष्ट्र का निर्माण संभव है।” — रंजन कुमार, विधायक (मुजफ्फरपुर)

युवा शक्ति का दिखा संगम

इस पदयात्रा में ‘माय भारत’ वॉलंटियर्स, युवा क्लबों के सदस्य, NCC कैडेट्स, NSS स्वयंसेवक और विभिन्न स्कूलों-कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने भारी उत्साह के साथ भाग लिया। कार्यक्रम का मूल उद्देश्य जमीनी स्तर पर लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करना और युवाओं को चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित करना था।

बचपन की बलि: समस्तीपुर में हर माह 100 से अधिक किशोरियां हो रहीं गर्भवती, सरकारी दावों की खुली पोल

समस्तीपुर | 24 जनवरी, 2026 मुख्य संवाददाता

समस्तीपुर। बिहार में बाल विवाह के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियानों और सख्त कानूनों के दावों की जमीनी हकीकत भयावह है। समस्तीपुर समेत पूरे बिहार में 13 से 17 वर्ष की मासूम बेटियां आज भी बाल विवाह के दंश का शिकार हो रही हैं। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि जिस उम्र में इन किशोरियों को स्कूल में शिक्षा लेनी चाहिए, उस उम्र में वे मातृत्व का बोझ उठाने को मजबूर हैं।

अस्‍पताल में इलाज हेतु किशोरी की प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

आंकड़ों ने खोली पोल: अस्पताल पहुंच रही हैं गर्भवती किशोरियां

सरकारी तंत्र की विफलता का सबसे बड़ा सबूत स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े दे रहे हैं। एसकेएमसीएच (SKMCH) के साल 2025 के पंजीकरण आंकड़ों पर नजर डालें तो रूह कांप जाती है। जिले में हर माह औसतन 100 से ज्यादा किशोरियां गर्भवती हो रही हैं।

महीने दर महीने बढ़ता आंकड़ा:

  • जुलाई 2025: सबसे अधिक 357 नाबालिग गर्भवती दर्ज की गईं।
  • अगस्त 2025: 309 किशोरियों का पंजीकरण हुआ।
  • मई से दिसंबर तक: कुल आंकड़ों के अनुसार, हजारों जिंदगियां पढ़ाई छोड़ अस्पतालों के चक्कर काट रही हैं।

अधिकांश मामले उन लड़कियों के हैं जो 8वीं से 12वीं कक्षा की छात्राएं हैं। यह स्थिति न केवल कानून-व्यवस्था की विफलता है, बल्कि बाल विकास परियोजना और पंचायत स्तर की निगरानी समितियों की कार्यशैली पर भी एक बड़ा प्रश्नचिन्ह लगाती है।

निगरानी समितियां फेल, जनप्रतिनिधि मौन

दावा किया जाता है कि बाल विवाह रोकने के लिए पंचायत और प्रखंड स्तर पर निगरानी टीमें गठित हैं, लेकिन हकीकत में ये टीमें कागजों तक सिमट कर रह गई हैं। अधिकांश बाल विवाह स्थानीय जनप्रतिनिधियों की देख-रेख में हो रहे हैं। कहीं चोरी-छिपे शादी की जा रही है, तो कहीं आधार कार्ड में उम्र बढ़ाकर कानून की आंखों में धूल झोंकी जा रही है। गरीबी, दहेज और पिछड़ी सोच के कारण अभिभावक अपनी बेटियों के भविष्य की बलि दे रहे हैं।

दो पीढ़ियों की जान को खतरा

जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र के सचिव सुरेंद्र कुमार ने बताया कि “हाई रिस्क प्रेग्नेंसी” के कारण जच्चा और बच्चा दोनों की जान पर बन आती है। किशोरियों का शारीरिक विकास अधूरा होने के कारण वे एनीमिया और कुपोषण का शिकार हो जाती हैं, जिससे प्रसव के दौरान मातृ मृत्यु का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

इन नंबरों पर करें शिकायत, बचाएं बचपन

बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत सक्रिय संस्था ‘जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र’ और ‘क्राई’ जैसी संस्थाएं लगातार संघर्ष कर रही हैं। प्रशासन ने अपील की है कि बाल विवाह की सूचना तुरंत इन नंबरों पर दें:

  • चाइल्ड हेल्पलाइन: 1098
  • पुलिस सहायता: 112
  • बचपन बचाओ आन्दोलन: 18001027222

सरकारी योजनाओं का लाभ तब तक नहीं दिखेगा जब तक जमीनी स्तर पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होगी। प्रशासन को केवल जागरूकता के नाम पर खानापूर्ति करने के बजाय उन पर नकेल कसनी होगी जो बच्चियों के बचपन की बलि चढ़ा रहे हैं।

विद्या के मंदिरों से विदा हुईं माँ सरस्वती, श्रद्धा और भक्ति के साथ विसर्जन संपन्न

सकरा/सुजावलपुर: क्षेत्र के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में बसंत पंचमी के पावन अवसर पर स्थापित माँ शारदे की प्रतिमाओं का विसर्जन शनिवार को श्रद्धा और भावुकता के साथ संपन्न हुआ। ‘अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयघोष और नम आँखों के साथ छात्र-छात्राओं ने अपनी आराध्या को विदाई दी।

ए.पी.जे. पब्लिक स्कूल के विसर्जन का दृश्य

ए.पी.जे. पब्लिक स्कूल: गुरु-शिष्यों ने भारी मन से दी विदाई

ए.पी.जे. पब्लिक स्कूल में विसर्जन का दृश्य अत्यंत भावुक रहा। यहाँ प्राचार्य संतोष झा और निदेशक नीतेश कुमार की गरिमामयी उपस्थिति में पूजन संपन्न हुआ। विसर्जन के समय शिक्षकों और छात्रों की आँखें भर आईं। इस मौके पर रोकरपाल सुनील कुमार, शिक्षक राजीव कुमार, आशीष झा और रवि वर्मा ने सहभागिता की। वहीं विदाई समारोह में छात्र आयुष, संजय, अनमोल, आदर्श और हिमांशु ने माँ के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद लिया।

संत जोसेफ प्रे/पब्लिक स्कूल: भव्य आयोजन के बीच विसर्जन

सबहा स्थित संत जोसेफ प्रे/पब्लिक स्कूल में आयोजित भव्य पूजनोत्सव का समापन विसर्जन के साथ हुआ। विद्यालय के चेयरमैन प्रवीण कुमार, सचिव डॉ. अरविन्द कुमार, निदेशक सह कोषाध्यक्ष लालबाबू प्रसाद एवं प्राचार्य दीपक कुमार मिश्र ने संयुक्त रूप से पूजा-अर्चना की। मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के बीच माँ सरस्वती की प्रतिमा को विसर्जित किया गया। इस दौरान पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।

संत जोसेफ प्रेप पब्लिक स्कूल द्वारा भव्य आयोजन के बीच विसर्जन

वेव वर्ल्ड पब्लिक स्कूल: बच्चों ने लिया ज्ञान का संकल्प

प्रगति मोड़ (सकरा) स्थित वेव वर्ल्ड पब्लिक स्कूल, मझौलिया में बच्चों द्वारा स्थापित आकर्षक प्रतिमा का विसर्जन पूरी रीति-रिवाजों के साथ किया गया। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अश्रुपूर्ण नेत्रों के साथ विद्या की देवी को विदा किया। शिक्षकों ने बच्चों को बताया कि विसर्जन केवल प्रतिमा का होता है, माता का आशीर्वाद और ज्ञान हमेशा उनके साथ रहेगा।

संत जोसेफ प्रेप पब्लिक स्कूल द्वारा भव्य आयोजन के बीच विसर्जन

एक्सपर्ट कॉम्पिटेटिव क्लास: भविष्य की सफलता हेतु माँ से माँगा आशीर्वाद

सुजावलपुर रोड स्थित एक्सपर्ट कॉम्पिटेटिव क्लास में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। छात्रों ने सफलता की कामना के साथ माँ सरस्वती की विशेष आराधना की। विसर्जन यात्रा के दौरान छात्र भावुक दिखे और सफलता के संकल्प के साथ नम आँखों से प्रतिमा का विसर्जन किया। यहाँ छात्रों ने माता से अपनी मेहनत को सार्थक करने का वरदान माँगा।

समस्तीपुर में राष्ट्रीय बालिका दिवस पर हुंकार: ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के तहत जागरूकता रथ रवाना

समस्तीपुर | 24 जनवरी, 2026 संवाददाता

राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर शनिवार को समस्तीपुर जिला समाहरणालय परिसर में बेटियों के सम्मान और सुरक्षा को लेकर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ के तहत जिला प्रशासन और विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं ने एकजुट होकर समाज से इस कुरीति को मिटाने का संकल्प लिया।

बाल विवाह मुक्ति रथ’  को हरी झंडी दिखाते उप-समाहर्ता ब्रजेश कुमार

उप-समाहर्ता ने हरी झंडी दिखाकर किया रथ रवाना

जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र, एक्सेस टू जस्टिस और क्राई (चाइल्ड राइट्स एंड यू) के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ रहा। उप-समाहर्ता ब्रजेश कुमार ने हरी झंडी दिखाकर इस रथ को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रवाना किया। यह रथ आगामी 100 दिनों तक जिले के सुदूर गांवों में भ्रमण करेगा और लोगों को बाल विवाह के कानूनी व स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेगा। इस मौके पर उन्होंने उपस्थित सभी अधिकारियों और नागरिकों को बाल विवाह रोकने की शपथ भी दिलाई।

प्रशासनिक अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की एकजुटता

कार्यक्रम में कला एवं संस्कृति पदाधिकारी जूही कुमारी, महिला एवं बाल विकास निगम के राजेश कुमार, डॉली कुमारी, दीपशिखा कुमारी और चाइल्ड हेल्पलाइन के शंकर मल्लिक सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि बाल विवाह न केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि यह बेटियों के सुनहरे भविष्य की राह में सबसे बड़ी बाधा है।

जमीनी स्तर पर जागरूकता: सरायरंजन में नुक्कड़ नाटक और संवाद

संस्था के संस्थापक सचिव सुरेंद्र कुमार ने बताया कि केवल शहर ही नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी सघन अभियान चलाया जा रहा है। सरायरंजन प्रखंड के 40 गांवों में बालिका दिवस के उपलक्ष्य में:

  • बाल रैली और संकल्प सभा: किशोर-किशोरियों ने रैलियों के माध्यम से ‘बाल विवाह मुक्त समाज’ का नारा बुलंद किया।
  • नुक्कड़ नाटक: कला जत्थों ने नाटकों के जरिए बाल विवाह के दुष्प्रभावों को प्रदर्शित किया।
  • सेनेटरी पैड बैंक: नौ महादलित टोलों में किशोरियों के बीच मासिक धर्म स्वच्छता और सेनेटरी पैड बैंक की उपयोगिता पर विस्तृत चर्चा की गई।

वैकल्पिक रोजगार की नई पहल

अल्पसंख्यक बस्ती खालिसपुर में एक नई शुरुआत की गई। ‘पैरवी’ (नई दिल्ली) के सहयोग से बीड़ी श्रमिक परिवारों की 30 महिलाओं और किशोरियों के लिए ‘महिला सिलाई प्रशिक्षण सह उत्पादन केन्द्र‘ का उद्घाटन किया गया। इसका उद्देश्य इन परिवारों को बीड़ी बनाने के जोखिम भरे कार्य से निकालकर सम्मानजनक वैकल्पिक रोजगार प्रदान करना है।

इनकी रही मुख्य उपस्थिति

कार्यक्रम को सफल बनाने में अवकाश प्राप्त शिक्षक अर्जुन प्रसाद सिंह, पूर्व जिला पार्षद जगन्नाथ कुंवर, सामाजिक कार्यकर्ता देव कुमार, मयंक कुमार सिन्हा, दीप्ती कुमारी, काजल राज, रवि कुमार मिश्रा, और पप्पू यादव सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

जननायक के अधूरे सपनों को लेकर ताजपुर में गूंजी हुंकार: भाकपा माले ने बनाई विशाल मानव श्रृंखला

समस्तीपुर/ताजपुर | 24 जनवरी 2026 ब्यूरो रिपोर्ट

सामाजिक न्याय के मसीहा और ‘भारत रत्न’ जननायक कर्पूरी ठाकुर की याद में आज ताजपुर की सड़कें जन-आंदोलन की गवाह बनीं। भाकपा माले के बैनर तले प्रखंड मुख्यालय के राजधानी चौक पर कार्यकर्ताओं और आम जनता ने एक विशाल मानव श्रृंखला बनाकर सरकार का ध्यानाकर्षण किया। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य कर्पूरी ठाकुर के अधूरे कार्यों को पूरा करने और क्षेत्र की लंबित विकास परियोजनाओं को गति देना था।

“अधूरे कार्य पूरे करना ही सच्ची श्रद्धांजलि”

मानव श्रृंखला को संबोधित करते हुए भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने दो टूक कहा, “जननायक को केवल याद करना काफी नहीं है। उनके द्वारा शुरू किए गए जनहित के कार्यों को पूरा करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।” उन्होंने नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि आखिर दशकों बाद भी कर्पूरी ठाकुर की योजनाएं अधूरी क्यों हैं?

क्षेत्रीय विकास के लिए उठी मांगें

प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने ताजपुर और समस्तीपुर की उपेक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। प्रमुख मांगों में शामिल हैं:

  • ताजपुर का गौरव: आसिफ होदा ने मांग की कि जननायक की कर्मभूमि रहे ताजपुर को पुनः विधानसभा और अनुमंडल का दर्जा दिया जाए।
  • परियोजनाएं: ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह ने किसान हितैषी जमुआरी नदी परियोजना को अविलंब पूरा करने की मांग की।
  • रेल और बुनियादी ढांचा: मो० एजाज ने कर्पूरीग्राम-ताजपुर-भगवानपुर रेल लाइन, दूधपुरा हवाई अड्डा, मुक्तापुर रेल ओवरब्रिज और रोसड़ा को जिला बनाने की मांगों को पुरजोर तरीके से रखा।

भ्रष्टाचार और पुलिसिया उत्पीड़न पर कड़ा प्रहार

मानव श्रृंखला के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने प्रशासन में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ भी आवाज बुलंद की। कार्यकर्ताओं ने “मनीष पोद्दार को टॉर्चर करने वाले पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करो” और “घूसखोर राजस्व कर्मचारी की जांच करो” जैसे नारों से माहौल गरमा दिया। इसके साथ ही बंद पड़ी चीनी व पेपर मिलों को चालू करने, यूरिया की कालाबाजारी रोकने और भूमिहीनों को पर्चा देने की मांग की गई।

चेतावनी: मांगों की अनदेखी पर तेज होगा संघर्ष

भाकपा माले ने स्पष्ट संदेश दिया कि यदि सरकार जनहितैषी मुद्दों और ताजपुर की विकास योजनाओं पर जल्द फैसला नहीं लेती है, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

मौके पर मौजूद रहे: इस कार्यक्रम में आसिफ होदा, ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, मो० एजाज, राजदेव प्रसाद सिंह, शंकर महतो, संजीव राय, चांद बाबू, संतोष साह, शाद तौहीदी, मो० मोखलिस समेत सैकड़ों कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे। मौके पर सुरक्षा के मद्देनजर मजिस्ट्रेट और भारी पुलिस बल की तैनाती भी देखी गई।


सरस्वती पूजा पर भक्तिमय हुआ माहौल, विभिन्न शिक्षण संस्थानों में उमड़ा जनसैलाब

सकरा/मुजफ्फरपुर: विद्या की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती का पावन पर्व शुक्रवार को सकरा प्रखंड के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। क्या स्कूल और क्या कोचिंग संस्थान, हर तरफ सुबह से ही ‘जय माँ शारदे’ के जयघोष और भक्ति गीतों की गूँज सुनाई देती रही। पीले वस्त्रों में सजे छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की उपस्थिति ने पूरे वातावरण को उत्सवपूर्ण बना दिया।

संत जोसेफ स्कूल में कार्यक्रम को संबोधित करते चेयरमैन एवं स्कूल के छात्र

संत जोसेफ पब्लिक स्कूल: वैदिक मंत्रोच्चार और सांस्कृतिक छटा

सबहा स्थित संत जोसेफ प्रे/पब्लिक स्कूल के परिसर में भव्य पूजनोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के चेयरमैन प्रवीण कुमार, सचिव अरविन्द कुमार, निदेशक सह कोषाध्यक्ष लालबाबू प्रसाद एवं प्राचार्य दीपक कुमार मिश्र ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

संत जोसेफ स्कूल में कार्यक्रम के दौरान गायन प्रस्‍तुत करती छात्रा एवं  पूजा में तल्‍लीन छात्रगण

पुरोहितों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कक्षा दसवीं के छात्र अमन, गौरव, आयुष, अंश एवं वेदप्रकाश ने यजमान की भूमिका निभाकर पूजा संपन्न कराई। इस अवसर पर छात्राओं ने अपनी कला का प्रदर्शन भी किया। समीक्षा, रागिनी, सुप्रिया, माही और आयुषी सहित दर्जनों छात्राओं ने ‘वर दे वीणा वादिनी’ गीत पर मंत्रमुग्ध कर देने वाली सांस्कृतिक प्रस्तुति दी, जिसे अभिभावकों ने खूब सराहा।

ए.पी.जे. पब्लिक स्कूल  में  संध्‍या आरती  करते  छात्र एवं शिक्षक

ए.पी.जे. पब्लिक स्कूल: ज्ञान की चर्चा और महाप्रसाद का आयोजन

बाज़ी रोड, सुजावलपुर स्थित ए.पी.जे. पब्लिक स्कूल में भी माँ शारदे का भव्य स्वागत हुआ। संस्थान के निदेशक नीतेश कुमार एवं प्राचार्य संतोष कुमार झा ने छात्र-छात्राओं को बसंत पंचमी के आध्यात्मिक और शैक्षणिक महत्व के बारे में विस्तार से बताया। पूजा के उपरांत यहाँ बड़े स्तर पर ‘भोज’ (महाप्रसाद) का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों के साथ-साथ स्थानीय लोगों ने भी श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण किया।

वेव वर्ल्ड पब्लिक स्कूल प्रगति मोड़ में  संध्‍या आरती  की तस्‍वीर  

विभिन्न संस्थानों में दिखी भक्ति की लहर

पूजनोत्सव की धूम प्रखंड के अन्य संस्थानों में भी बराबर देखने को मिली:

  • वेव वर्ल्ड पब्लिक स्कूल (मझौलिया): प्रगति मोड़ स्थित इस विद्यालय में बच्चों ने आकर्षक प्रतिमा स्थापित कर सामूहिक रूप से माँ की आराधना की।
  • एक्सपर्ट कॉम्पिटेटिव क्लास: सुजावलपुर रोड स्थित इस कोचिंग संस्थान में प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों ने अपनी सफलता की कामना के साथ माँ का आशीर्वाद लिया।

इन सभी आयोजनों में क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों, शिक्षकों और अभिभावकों की भारी उपस्थिति रही। देर शाम तक विसर्जन और आरती के भजनों से पूरा सकरा क्षेत्र भक्तिमय बना रहा।

एक्सपर्ट कॉम्पिटेटिव क्लास सुजावलपुर में पूजा के दौरान उपस्थित छात्रा एवं शिक्षक

सी.एम. नीतीश के आगमन से पहले समस्तीपुर में पोस्टर वॉर; माले के 15 सवालों ने बढ़ाई राजनीतिक तपिश

समस्तीपुर | 23 जनवरी, 2026 भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कर्पूरीग्राम आगमन ने जिले का सियासी पारा चढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री के स्वागत की तैयारियों के बीच भाकपा माले ने ‘पोस्टर वॉर’ के जरिए सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी है। माले की ताजपुर इकाई ने मुख्यमंत्री के सामने 15 सुलगते सवाल दागते हुए जवाब मांगा है कि आखिर समस्तीपुर की दशकों पुरानी मांगें कब पूरी होंगी?

शिलान्यास और बंद मिलों पर घेरा

भाकपा माले के प्रखंड सचिव सह जिला स्थाई समिति सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने स्वयं जिस ‘भोला टॉकीज रेल गुमटी ओवरब्रिज’ का शिलान्यास किया था, उसका निर्माण अब तक अधर में क्यों है? उन्होंने अंग्रेजी शासन के समय से बंद पड़ी समस्तीपुर चीनी मिल और ठाकुर पेपर मिल को पुनर्जीवित करने की मांग को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।

ताजपुर और रोसड़ा का वजूद: विधानसभा और जिला की मांग

खबर में सबसे प्रमुख मुद्दा ताजपुर के वजूद का है। माले का आरोप है कि जननायक की कर्मभूमि ताजपुर को एक साजिश के तहत विधानसभा के दर्जे से वंचित किया गया। पार्टी ने मांग की है कि:

  • ताजपुर को पुनः विधानसभा और अनुमंडल का दर्जा दिया जाए।
  • रोसड़ा को अविलंब जिला घोषित किया जाए।
  • कर्पूरीग्राम-ताजपुर-महुआ-भगवानपुर नई रेल लाइन परियोजना को धरातल पर उतारा जाए।

किसानों और युवाओं के लिए 15 सूत्रीय मांग पत्र

माले ने केवल बुनियादी ढांचे ही नहीं, बल्कि आम जनजीवन से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता दी है:

  1. कृषि: सब्जी हब ताजपुर में आधारित उद्योग, मुफ्त बिजली और खाद-बीज की उपलब्धता।
  2. भ्रष्टाचार: थाना, अंचल और ब्लॉक कार्यालयों में फैले भ्रष्टाचार पर लगाम।
  3. स्वास्थ्य व शिक्षा: सभी परिवारों को मुफ्त इलाज और स्नातक तक मुफ्त शिक्षा की पहल।
  4. रोजगार: मनरेगा के स्वरूप से छेड़छाड़ पर रोक और बेरोजगार युवाओं को पेंशन।

24 जनवरी को मानव श्रृंखला से होगा शक्ति प्रदर्शन

इन मांगों के समर्थन में और सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए भाकपा माले ने 24 जनवरी को ताजपुर में एक विशाल मानव श्रृंखला का आह्वान किया है। इसके लिए प्रखंड भर में पोस्टर जारी कर आम लोगों से अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की गई है।

“जननायक की विरासत केवल उत्सव मनाने में नहीं, बल्कि उनके अधूरे सपनों को पूरा करने में है। समस्तीपुर की जनता अब कोरे आश्वासनों से थक चुकी है।” — सुरेंद्र प्रसाद सिंह, भाकपा माले नेता