मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर समाहरणालय परिसर में बीते 118 दिनों से मनरेगा मजदूरों के हक की लड़ाई लड़ रहे ‘मनरेगा वॉच’ के आंदोलन ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे मजदूरों का आक्रोश फिलहाल थम गया है, लेकिन इसके पीछे एक बड़ी शर्त और सरकार को दिया गया सख्त अल्टीमेटम छिपा है।

मुजफ्फरपुर समाहरणालय परिसर में अपनी मांगों को लेकर माइक थामे आंदोलन का नेतृत्व करते संजय सहनी और उनके साथ मौजूद मनरेगा वॉच के सदस्य।

पटना से सकारात्मक वार्ता के बाद फैसला मनरेगा वॉच के मुख्य कार्यकर्ता संजय सहनी ने जानकारी दी कि पटना में ग्रामीण विकास विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ हुई सकारात्मक वार्ता के बाद इस आंदोलन को फिलहाल 15 दिनों के लिए स्थगित किया गया है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि अगले पखवाड़े में मजदूरों की सभी लंबित समस्याओं का निराकरण कर दिया जाएगा।

क्यों सुलग रहा था आंदोलन? बता दें कि मनरेगा में ‘कैंपिंग एक्जम्पशन’ और प्रशासनिक जटिलताओं के कारण मजदूरों को लंबे समय से काम नहीं मिल रहा था, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट गहरा गया था। इसी मुद्दे को लेकर मुजफ्फरपुर के समाहरणालय पर 118 दिनों से निरंतर धरना प्रदर्शन चल रहा था।

‘वादा खिलाफी हुई तो फिर सड़कों पर उतरेंगे’ संजय सहनी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यह पूर्ण विराम नहीं, बल्कि एक अल्पविराम है। यदि 15 दिनों के भीतर सरकार ने अपनी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की, तो मनरेगा वॉच फिर से उग्र आंदोलन शुरू करेगा। इस धरना प्रदर्शन में बबीता देवी, जीनत प्रवीण, पिंकी देवी, मुन्नी देवी और रेखा देवी समेत दर्जनों कार्यकर्ताओं ने अपनी आवाज बुलंद की।

अन्‍य खबर के लिए नीचे ‘’ न्‍यूज भारत टीवी ’’के लिंक पर क्लिक करें,

|  https://newsbharattv.in  |


LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here