जमुई/पटना: गरीबों के उत्थान के लिए चलाई जा रही प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) अब बिहार के जमुई जिले में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती दिख रही है। सिकंदरा नगर पंचायत में आवास योजना के नाम पर अवैध वसूली का एक बड़ा मामला सामने आया है। विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नगर कार्यपालक पदाधिकारी संतोष कुमार और उनके साथ काम करने वाले स्वच्छता साथी सोनू कुमार को 50,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया है।

गरीबों का हक मारकर भर रहे थे तिजोरी
मामले की शुरुआत तब हुई जब नगर पंचायत सिकंदरा के वार्ड-03 के निवासी और शिकायतकर्ता राजेश कुमार मिश्रा ने विशेष निगरानी इकाई के समक्ष अपनी आपबीती सुनाई। शिकायतकर्ता का आरोप था कि नगर कार्यपालक पदाधिकारी संतोष कुमार और उनके सहयोगी स्वच्छता साथी सोनू कुमार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति के लिए 1 लाख रुपये से अधिक की घूस मांगी जा रही थी।
आरोपियों का लालच इतना बढ़ गया था कि उन्होंने साफ शब्दों में कह दिया था कि जब तक 50,000 रुपये (रिश्वत की पहली किश्त) नहीं दी जाएगी, तब तक आवास योजना का आवेदन स्वीकृत नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि सिकंदरा के वार्ड-03 में लगभग 60 आवेदकों ने आवास योजना के लिए आवेदन किया था, और अधिकारियों ने प्रति आवेदक 2,500 रुपये रिश्वत देने का दबाव बनाया था।
SVU के ‘मिशन‘ के आगे फेल हुए घूसखोर
शिकायत मिलते ही विशेष निगरानी इकाई, पटना हरकत में आई। मामले का सत्यापन किया गया, जिसमें घूसखोरी की पुष्टि हुई। इसके बाद, पुलिस उपाधीक्षक (DSP) सुधीर कुमार के नेतृत्व में SVU की एक विशेष टीम और धावा-दल का गठन किया गया।
28 अप्रैल 2026 को SVU की टीम ने पूरी सतर्कता के साथ नगर पंचायत कार्यालय पर धावा बोला। जैसे ही आरोपियों ने घूस की रकम (50,000 रुपये) स्वीकार की, टीम ने उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए SVU कार्यालय ले गई।
कानूनी शिकंजा: दर्ज हुआ मुकदमा
इस गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। SVU थाना कांड संख्या- 16/2026, दिनांक 28.04.2026 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (यथा संशोधित 2018) की धारा-7 और भारतीय न्याय संहिता की धारा- 61(2)(a) के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। SVU के अपर पुलिस महानिदेशक पंकज कुमार दारद के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

जनहित में अपील: भ्रष्टाचार को ना कहें
विशेष निगरानी इकाई ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी कर्मी या अधिकारी किसी भी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो कार्यालय अवधि के दौरान विशेष निगरानी इकाई से तुरंत संपर्क करें। आप अपनी शिकायतें इन नंबरों पर दर्ज करा सकते हैं:
- दूरभाष: 0612-2506253
- मोबाइल: 9031633644
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