मुजफ्फरपुर, बिहार। नगर पंचायत मुरौल में गैस आपूर्ति को लेकर व्याप्त विसंगतियों और स्थानीय निवासियों के शोषण के खिलाफ अब मामला गंभीर हो गया है। ईमेल के जरिए पूर्व में दी गई सूचना के बाद, आज 27 अप्रैल को वार्ड संख्या 03 के पार्षद आनंद कंद साह ने खुद कमान संभालते हुए जिला प्रशासन को ‘अंतिम नोटिस’ सौंप दिया है। पार्षद ने मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी , जिला चिकित्सा पदाधिकारी और जिला आपूर्ति पदाधिकारी के कार्यालय पहुंचकर विधिवत रूप से आवेदन सौंपा है, जिससे प्रशासन के गलियारों में हलचल मच गई है।

मुजफ्फरपुर: जिलाधिकारी कार्यालय में आवेदन सौंपने के बाद मीडिया से मुखातिब होते वार्ड पार्षद आनंद कंद साह। गैस आपूर्ति में हो रहे भेदभाव को लेकर उन्होंने प्रशासन को 30 अप्रैल के आमरण अनशन का अल्टीमेटम दिया है।

प्रशासन के सामने रखी मांग, अब समाधान का इंतजार

दस्तावेजों के साथ दफ्तर पहुंचे आनंद कंद साह ने दो टूक शब्दों में कहा कि यह लड़ाई अब और नहीं टलेगी। उन्होंने कहा, हमने ईमेल के माध्यम से पहले ही सूचना दे दी थी, लेकिन आज हमने भौतिक रूप से जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारियों को आवेदन सौंप दिया है। यह हमारी आखिरी चेतावनी है। अगर 30 तारीख तक गैस कंपनियों का डेटाबेस सुधारकर हमें 25 दिनों में गैस रिफिल की सुविधा नहीं दी गई, तो हम आमरण अनशन पर बैठने के लिए मजबूर होंगे।”

मीडिया के सामने पार्षद का तीखा बयान

कार्यालय से बाहर निकलने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए आनंद कंद साह ने कहा:

हमसे सेवा के नाम पर शहरी शुल्कवसूला जा रहा है, होल्डिंग टैक्स से लेकर बिजली बिल (DS-2) तक हम शहरी दर पर दे रहे हैं, लेकिन सुविधा हमें ग्रामीण स्तर की मिल रही है। 45 दिन का रिफिल चक्र हमारी माताओं-बहनों के लिए अभिशाप है। उन्हें लकड़ी बीनने को मजबूर किया जा रहा है। हमारी मांग एक सूत्रीय हैमुरौल को शहरी क्षेत्र का दर्जा मिल चुका है, तो हमें 25 दिन पर गैस रिफिल चाहिए और यह हमें मिलकर रहेगा।”

पार्षद ने यह भी स्पष्ट किया कि इस अनशन में सिर्फ वे अकेले नहीं हैं, बल्कि नगर पंचायत मुरौल के तमाम ग्रामीण और नागरिक उनके साथ खड़े हैं। 30 अप्रैल, सुबह 11:30 बजे से जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर होने वाला यह प्रदर्शन अब मुजफ्फरपुर में चर्चा का विषय बन गया है।

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