पटना, 22 अप्रैल 2026: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज हुई बिहार कैबिनेट की बैठक राज्य के भविष्य को नई दिशा देने वाली साबित हुई। इस ऐतिहासिक बैठक में कुल 22 महत्वपूर्ण एजेंडों पर सरकार ने अपनी मुहर लगाई है। बैठक के बाद मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि शिक्षा, पर्यटन, बुनियादी ढांचे और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सरकार ने खजाना खोल दिया है।

कैबिनेट के इन फैसलों से न केवल बिहार की तस्वीर बदलेगी, बल्कि आम जनता के लिए सरकारी सेवाओं की सुलभता भी बढ़ेगी।
1. पर्यटन: धार्मिक स्थलों का कायाकल्प
- सोनपुर कॉरिडोर: काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर सोनपुर के बाबा हरिहर नाथ मंदिर का समग्र विकास होगा। इसके लिए ₹680 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
- तारापुर (मुंगेर): तारापुर में धार्मिक और पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए 15 एकड़ से अधिक भूमि पर्यटन विभाग को निशुल्क सौंपी गई है। यहाँ ईशा फाउंडेशन द्वारा सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
2. सुरक्षा और फॉरेंसिक व्यवस्था: बिहार बनेगा ‘स्मार्ट‘
- राष्ट्रीय फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी: पटना के पुनपुन में इस यूनिवर्सिटी और केंद्रीय फॉरेंसिक लैब के लिए 50 एकड़ भूमि और ₹287.16 करोड़ से अधिक की स्वीकृति दी गई है।
- डायल 112 का स्थाई ठिकाना: पटना के राजीव नगर में डायल 112 (ERSS) के लिए 7 मंजिला (2 बेसमेंट सहित) अत्याधुनिक भवन बनेगा। इसके लिए ₹172.80 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
- पुलिस बल का आधुनिकीकरण: महिला पुलिसकर्मियों के लिए 1500 स्कूटी और पुलिस बल के लिए 3200 मोटरसाइकिलें खरीदी जाएंगी। इसके लिए ₹66.75 करोड़ मंजूर हुए हैं।
- अग्नि सुरक्षा: बहुमंजिला इमारतों की सुरक्षा हेतु 62 मीटर ऊंचा हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म (सीढ़ी) खरीदने के लिए ₹18 करोड़ की मंजूरी मिली है।

3. युवाओं, शिक्षा और तकनीकी विकास
- आईटीआई का कायाकल्प: ‘पीएम सेतु’ के तहत 75 आईटीआई संस्थानों को अत्याधुनिक कौशल प्रशिक्षण केंद्रों में बदला जाएगा। इस पर कुल ₹3615 करोड़ खर्च होंगे, जिसमें राज्य का हिस्सा ₹1192.95 करोड़ है।
- IIT पटना को बड़ी सौगात: आईआईटी पटना रिसर्च पार्क की स्थापना हेतु ₹305 करोड़ और इसके इनक्यूबेशन सेंटर फेज-2 के लिए ₹39.01 करोड़ की स्वीकृति दी गई।
- NIFT की स्थापना: बेगूसराय के बरौनी में ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी’ के लिए 20 एकड़ जमीन उद्योग विभाग को निशुल्क हस्तांतरित की गई है।
- विधि शिक्षा: चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (CNLU), पटना के विस्तार के लिए 7 एकड़ भूमि निशुल्क सौंपी गई है।
4. नगर विकास और नागरिक सुविधाएं
- सैटेलाइट टाउनशिप: राज्य में 11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना को हरी झंडी दी गई है।
- वरिष्ठ नागरिकों को सम्मान: 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को घर बैठे निबंधन (Registration) की सुविधा मिलेगी। बायोमेट्रिक टीम उनके घर जाकर यह कार्य संपन्न करेगी।
- सहयोग हेल्पलाइन: राज्य में ‘सहयोग हेल्पलाइन’ के लिए ₹72.76 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
5. आपदा प्रबंधन और अन्य प्रशासनिक निर्णय
- सड़क दुर्घटना मुआवजा: सामूहिक सड़क दुर्घटनाओं को राज्य की आपदा श्रेणी में शामिल किया गया है। अब मृतकों के परिजनों और घायलों को ‘राज्य आपदा रिस्पॉन्स फंड’ से तुरंत अनुग्रह राशि मिलेगी।
- बीता मुआवजा: 15 सितंबर 2021 से 31 मार्च 2022 के बीच सामूहिक सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को भी अब नियमानुसार अनुदान दिया जाएगा।
- कृषि: शहरी क्षेत्रों से बीज गुणन प्रक्षेत्रों को ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानांतरित करने की नीति को मंजूरी।
- जल संसाधन: * बानसागर समझौते के तहत जल आवंटन के प्रारूप को स्वीकृति।
- कैमूर में ‘जमानिया से ककरैत गंगाजल सिंचाई योजना’ के लिए उत्तर प्रदेश में जमीन खरीद की मंजूरी।
- हवाई अड्डा विकास: सोनपुर और अजगैबीनाथ धाम में नए हवाई अड्डों के लिए डीपीआर तैयार करने हेतु मेसर्स राईट्स लिमिटेड को कार्य सौंपा गया (शुल्क ₹5.06 करोड़)।
- जमीन हस्तांतरण: * दरभंगा हवाई अड्डा के स्थायी सिविल एन्क्लेव के लिए 1.35 एकड़ भूमि निशुल्क हस्तांतरण।
- राष्ट्रीय उच्च पथ परियोजनाओं हेतु वन विभाग को 873.6 एकड़ के बदले भूमि उपलब्ध कराने की स्वीकृति।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में आज लिए गए ये 22 फैसले बिहार के चहुंमुखी विकास का ‘ब्लूप्रिंट’ हैं। चाहे वह फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी हो, सोनपुर कॉरिडोर हो या युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण, सरकार ने हर वर्ग को साधते हुए विकास को जमीन पर उतारने का स्पष्ट संदेश दिया है।



