सकरा, मुजफ्फरपुर। रंगों के महापर्व होली के शुभ अवसर पर सकरा सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र में आपसी प्रेम, भाईचारे और राजनीतिक एकजुटता की एक अनूठी तस्वीर देखने को मिली। सकरा सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस महागठबंधन के पूर्व प्रत्याशी और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के सदस्य उमेश कुमार राम के सौजन्य से एक भव्य ‘होली मिलन समारोह‘ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महागठबंधन के विभिन्न घटकों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शिरकत कर आगामी चुनौतियों के लिए एकजुट रहने का संकल्प लिया।

रंग-गुलाल के साथ हुआ स्वागत
समारोह की शुरुआत उपस्थित अतिथियों को अबीर-गुलाल लगाकर और गले मिलकर होली की बधाई देने के साथ हुई। कार्यक्रम के आयोजक उमेश कुमार राम ने सभी आगंतुकों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह समाज के हर वर्ग को एक सूत्र में पिरोने और गिले-शिकवे मिटाकर आगे बढ़ने का प्रतीक है।
स्थानीय दिग्गज नेताओं की रही मौजूदगी
इस मिलन समारोह में महागठबंधन की मजबूती साफ तौर पर नजर आई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित होने वालों में शामिल थे:
- अनीता देवी: बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रदेश प्रतिनिधि।
- राजेश रंजन: सी.पी.आई. माले के नेता।
- प्रशांत राज: राजद नेता।
- शशि भूषण राय, शत्रुघ्न राय और चन्दन राय, सरोज कुमार उर्फ हरी यादव और नुनू राय: क्षेत्र के वरिष्ठ सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता।
- विनोद पाण्डेय सहित महागठबंधन के अन्य सक्रिय सदस्य।

एकजुटता और विकास पर चर्चा
समारोह के दौरान नेताओं ने अनौपचारिक बातचीत में क्षेत्र की समस्याओं और विकास की गति पर भी चर्चा की। उमेश कुमार राम ने कहा, “सकरा की जनता का प्रेम और महागठबंधन के साथियों का सहयोग ही हमारी असली शक्ति है। हम होली के इन रंगों की तरह ही समाज के हर तबके को एक साथ लेकर चलने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
वहीं, सी.पी.आई. माले के नेता राजेश रंजन और राजद नेता प्रशांत राज ने संयुक्त रूप से कहा कि इस तरह के आयोजनों से न केवल आपसी संबंध मजबूत होते हैं, बल्कि कार्यकर्ताओं में एक नई ऊर्जा का संचार होता है। नेताओं ने जोर देकर कहा कि महागठबंधन पूरी तरह एकजुट है और जनता के हक की लड़ाई मिलकर लड़ेगा।
सकरा में आयोजित यह होली मिलन समारोह न केवल रंगों का उत्सव रहा, बल्कि इसने क्षेत्र में महागठबंधन की जमीनी पकड़ और आपसी सामंजस्य को भी मजबूती से प्रदर्शित करने का बहाना सिद्ध हुआ ।



