डीआरएम और डीएम को सौंपा जाएगा ज्ञापन; होली के बाद समस्तीपुर में बड़े जनांदोलन का शंखनाद


समस्तीपुर, 17 फरवरी 2026

बिहार के समस्तीपुर जिले में विकास की सुस्त रफ्तार और प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ जन-आक्रोश उबलने लगा है। जिले की लाइफलाइन मानी जाने वाली मुक्तापुर रेल गुमटी पर ओवरब्रिज निर्माण कार्य में हो रही देरी ने स्थानीय नागरिकों के धैर्य की परीक्षा ले ली है। मंगलवार को माधुरी चौक स्थित ऐतिहासिक राधे-कृष्ण मंदिर के प्रांगण में रेल विकास-विस्तार मंच एवं जिला विकास मंच की एक अति-महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में वक्ताओं ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि सरकार और रेल प्रशासन ने अपनी कुंभकर्णी नींद नहीं त्यागी, तो समस्तीपुर की सड़कों पर एक ऐसा आंदोलन खड़ा होगा जिसे रोकना प्रशासन के वश में नहीं होगा।

शिलान्यास की औपचारिकता और धरातल की कड़वी सच्चाई

बैठक के दौरान सबसे तीखा प्रहार मुक्तापुर रेल गुमटी पर बन रहे ओवरब्रिज को लेकर किया गया। मंच के सदस्यों ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण पुल का शिलान्यास स्वयं प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा किया गया था। शिलान्यास के समय समस्तीपुर और दरभंगा को जोड़ने वाली इस मुख्य सड़क पर यात्रा करने वाले लाखों लोगों में एक उम्मीद जगी थी कि अब घंटों लगने वाले भीषण जाम से मुक्ति मिलेगी।

परंतु, विडंबना यह है कि शिलान्यास के महीनों बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सका है। रेल विकास-विस्तार मंच के सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि कार्य शुरू न होने से जनता में भारी निराशा है। यह न केवल प्रशासनिक विफलता है, बल्कि उन हजारों दैनिक यात्रियों के साथ विश्वासघात भी है जो प्रतिदिन इस गुमटी पर अपना कीमती समय और ईंधन बर्बाद करते हैं।

अटेरन चौक और हवाई अड्डे की उपेक्षा पर गहरा रोष

बैठक में केवल मुक्तापुर ही नहीं, बल्कि समस्तीपुर शहर की अन्य ज्वलंत समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अटेरन चौक स्थित रेल गुमटी शहर का एक और ‘डेथ ट्रैप’ और ‘ट्रैफिक चोक पॉइंट’ बन चुका है। यहाँ हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे आपातकालीन सेवाओं और स्कूली बच्चों को भारी कठिनाई होती है। मंच ने मांग की है कि इस गुमटी पर भी ओवरब्रिज निर्माण को तत्काल मंजूरी दी जाए।

इसके अतिरिक्त, दूधपूरा स्थित हवाई अड्डा और माधुरी चौक का चिल्ड्रेन पार्क भी चर्चा के केंद्र में रहे। वक्ताओं ने कहा कि दूधपूरा हवाई अड्डे का जीर्णोद्धार कर इसे चालू करना जिले के व्यावसायिक और सामरिक विकास के लिए अनिवार्य है। वहीं, अंग्रेजों के जमाने से स्थापित ऐतिहासिक चिल्ड्रेन पार्क, जो कभी बच्चों के मनोरंजन का केंद्र था, आज उपेक्षा के कारण अपनी पहचान खो रहा है। मंच ने इसके जीर्णोद्धार और इसे पुनः जनता के लिए खोलने की पुरजोर मांग की है।

संघर्ष की बनी रणनीति: पहले संवाद, फिर संघर्ष

बैठक की अध्यक्षता मंच के वरीय सदस्य शंकर प्रसाद साह ने की और संचालन संयोजक शत्रुघ्न राय पंजी ने किया। शत्रुघ्न पंजी ने अपने संबोधन में मंच के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए कहा कि रेल विकास-विस्तार मंच और जिला विकास मंच हमेशा से जिला हित में संघर्षरत रहा  हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंच ने पहले भी अपने आंदोलनों के माध्यम से सरकार और अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कर कई विकास कार्य संपन्न करवाए हैं।

आगामी कार्ययोजना:

  1. प्रशासनिक दस्तक: इसी सप्ताह के अंत में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल मंडल रेल प्रबंधक (DRM) और जिलाधिकारी (DM) से मुलाकात करेगा। उन्हें एक विस्तृत ‘स्मारक पत्र’ (ज्ञापन) सौंपा जाएगा, जिसमें सभी लंबित मांगों का समयबद्ध समाधान करने का आग्रह होगा।
  2. निर्णायक आंदोलन: यदि ज्ञापन सौंपने के बाद भी प्रशासन का रवैया ढुलमुल रहता है, तो होली के त्यौहार के तुरंत बाद एक निर्णायक और उग्र आंदोलन की शुरुआत की जाएगी। यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक कि मुक्तापुर ओवरब्रिज का निर्माण कार्य भौतिक रूप से शुरू नहीं हो जाता।

एकजुट हुए जिले के प्रबुद्ध नागरिक

इस बैठक में जिले के कोने-कोने से आए प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इनमें अरूण कुमार राय, जीबछ पासवान, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, राजेंद्र राय, पिंकू पासवान, रामलाल राम, रामदयालू महतो, राम विनोद पासवान, राकेश कुमार ठाकुर, शाहीद हुसैन, मनोज कुमार राय, सुधीर प्रसाद गुप्ता, विश्वनाथ सिंह हजारी, नंदू महतो, रंभू राय, डोमन राय और संतोष कुमार निराला प्रमुख थे। सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे अपनी मिट्टी और अपने जिले के हक के लिए किसी भी बड़ी कुर्बानी को तैयार हैं।

समस्तीपुर आज विकास की दोहरी मार झेल रहा है—एक तरफ परियोजनाओं की फाइलें दफ्तरों में धूल फांक रही हैं, तो दूसरी तरफ जनता जाम और अव्यवस्था के बोझ तले दब रही है। रेल विकास-विस्तार मंच की यह बैठक महज एक औपचारिक सभा नहीं, बल्कि प्रशासन के लिए आखिरी चेतावनी है। मुक्तापुर से लेकर दूधपूरा तक की समस्याओं पर अब जनता चुप बैठने वाली नहीं है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here