Thursday, November 5, 2026

अक्षय तृतीया पर बाल विवाह के विरुद्ध  हुंकार, स्कूली बच्चों ने लिया कुरीति मिटाने का संकल्प

08 अप्रैल, 2026 |समस्तीपुर |  :अक्षय तृतीया के अवसर पर होने वाले बाल विवाह की रोकथाम के लिए बुधवार को जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के नेतृत्व में एक व्यापक जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बिशनपुर बांदे स्थित उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम को महिला एवं बाल विकास निगम तथा जिला प्रशासन, समस्तीपुर के साझा सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।

‘सखी वार्ता‘ के माध्यम से अधिकारों की जानकारी

कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास निगम के डी.एम.सी. गौरव कुमार, जी.एस. राजेश कुमार एवं डॉली कुमारी ने छात्र-छात्राओं के बीच “सखी वार्ता” का आयोजन किया। इस विशेष सत्र में बालिकाओं को उनके कानूनी अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा और सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि अक्षय तृतीया जैसे अबूझ सावे पर अक्सर बाल विवाह के मामले बढ़ जाते हैं, जिसे रोकने के लिए समाज का सतर्क होना अनिवार्य है।

विशेषज्ञों ने दी कानूनी जानकारी

जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र की टीम ने बच्चों को उनके संवैधानिक अधिकारों से रूबरू कराया।

  • दीप्ती कुमारी (जिला कार्यक्रम समन्वयक) और विभा कुमारी (सामुदायिक सामाजिक कार्यकर्ता) ने बाल विवाह के शारीरिक व मानसिक दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला।
  • रवि कुमार मिश्रा (प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर) एवं पप्पु यादव (अकाउंट ऑफिसर) ने पॉक्‍सो  एक्‍ट , बाल श्रम और बाल अधिकार जैसे गंभीर विषयों पर छात्रों को जागरूक किया ताकि वे किसी भी शोषण के खिलाफ आवाज उठा सकें।

“शिक्षा ही वह अस्त्र है जिससे बाल विवाह जैसी कुरीतियों को जड़ से मिटाया जा सकता है।” — पंकज कुमार, प्रधानाध्यापक

समाज में बदलाव की मुहिम

विद्यालय के शिक्षक सत्या प्रकाश ने भी बच्चों को शिक्षा के महत्व के प्रति प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने एक सुर में ‘बाल विवाह मुक्त समाज‘ बनाने का संकल्प लिया। जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के इस प्रयास को स्थानीय ग्रामीणों और जिला प्रशासन ने समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।

बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत: अब समय पर सेवा नहीं मिली तो अधिकारियों पर लगेगा भारी जुर्माना

पटना। बिहार सरकार ने राज्य की बिजली व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में अब बिजली सेवाओं में देरी होने पर संबंधित अधिकारियों पर जुर्माने का प्रावधान लागू कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य उपभोक्ताओं को समय पर सुविधाएं मुहैया कराना और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाना है।

तय समय में कनेक्शन देना अब अनिवार्य

नए नियमों के तहत अब बिजली कनेक्शन के लिए समय-सीमा निर्धारित कर दी गई है। यदि इस अवधि के भीतर कनेक्शन नहीं दिया जाता है, तो जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। समय-सीमा का विवरण इस प्रकार है:

  • महानगर/मुख्य शहर: 3 दिन के भीतर।
  • अन्य शहरी क्षेत्र: 7 दिन के भीतर।
  • ग्रामीण क्षेत्र: अधिकतम 15 दिन के भीतर।

देरी होने पर ₹1000 तक का प्रतिदिन जुर्माना

उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करते हुए सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सेवा प्रदान नहीं की जाती है, तो दोषी अधिकारियों पर ₹1000 तक का रोजाना जुर्माना लगाया जा सकता है। यह कदम न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगाएगा बल्कि विभाग में ‘काम टालने’ की प्रवृत्ति को भी खत्म करेगा।

जवाबदेही से बढ़ेगी पारदर्शिता

इस पहल से बिहार का बिजली क्षेत्र अब ‘जवाबदेही के साथ सुधार’ की ओर अग्रसर है। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से:

  1. उपभोक्ताओं को अनावश्यक दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
  2. सेवाओं में तेजी आएगी और काम समय पर पूरा होगा।
  3. व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी, जिससे आम जनता का भरोसा विभाग पर मजबूत होगा।

गर्मी की छुट्टियों में रेल यात्रियों को बड़ी राहत: बरौनी, मुजफ्फरपुर और दानापुर से चलेंगी समर स्पेशल ट्रेनें

पटना-राजगीर के बीच नई ट्रेन सेवा शुरू, पर्यटन और स्थानीय व्यापार को मिलेगा बढ़ावा

पटना/हाजीपुर। भीषण गर्मी और छुट्टियों के दौरान ट्रेनों में होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए पूर्व मध्य रेल (ECR) ने यात्रियों के लिए विशेष सुविधाओं का ऐलान किया है। रेलवे द्वारा बरौनी, मुजफ्फरपुर और दानापुर जैसे प्रमुख स्टेशनों से कई ‘समर स्पेशल’ ट्रेनों का परिचालन शुरू किया जा रहा है। इसके साथ ही, राजधानी पटना से पर्यटकों के पसंदीदा स्थल राजगीर के लिए एक नई ट्रेन सेवा की भी शुरुआत की गई है।

समर स्पेशल ट्रेनों का विवरण

रेलवे प्रशासन के अनुसार, यात्रियों की सुविधा के लिए निम्नलिखित विशेष गाड़ियाँ चलाई जा रही हैं:

गाड़ी संख्याकहाँ से – कहाँ तकपरिचालन अवधिदिनफेरे
04610/09अमृतसर—बरौनी—अमृतसर19.04.26 से 14.07.26रवि, मंगल13
04314/13ऋषिकेश—मुजफ्फरपुर—ऋषिकेश16.04.26 से 13.07.26गुरु, रवि, शुक्र, सोम26
04813/14भगत की कोठी—दानापुर—भगत की कोठी08.04.26 से 16.07.26बुध, गुरु15

नोट: इन ट्रेनों के चलने से पंजाब, उत्तराखंड और राजस्थान जाने वाले यात्रियों को बर्थ की उपलब्धता में आसानी होगी।

पटना-राजगीर नई ट्रेन: पर्यटन को लगेंगे पंख

पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रेलवे ने 13354/13353 पटना—राजगीर—पटना एक्सप्रेस की शुरुआत की है। यह ट्रेन प्रतिदिन चलेगी, जिससे नालंदा और राजगीर जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को काफी सहूलियत होगी।

प्रमुख समय सारणी (गाड़ी संख्या 13354):

  • पटना जंक्शन प्रस्थान: सुबह 09:20 बजे
  • बिहार शरीफ आगमन: सुबह 11:17 बजे
  • राजगीर आगमन: दोपहर 12:45 बजे

वापसी में गाड़ी संख्या 13353 राजगीर से दोपहर 15:10 बजे खुलकर शाम 19:05 बजे पटना पहुँचेगी। यह ट्रेन मार्ग में राजेंद्र नगर, गुलजारबाग, पटना साहिब, फतुहा, बख्तियारपुर, और नालंदा जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रुकेगी।

मुख्य लाभ:

  • पर्यटन विकास: राजगीर और नालंदा के ऐतिहासिक स्थलों तक पहुँचना अब और भी आसान होगा।
  • दैनिक यात्रियों को सुविधा: पटना और बिहार शरीफ के बीच काम करने वाले लोगों के लिए यह एक बेहतर विकल्प है।
  • आसान बुकिंग: यात्री इन ट्रेनों की विस्तृत जानकारी www.enquiry.indianrail.gov.in या NTES APP के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं।

मुख्य यात्री परिचालन प्रबंधक (पूरे/हाजीपुर) ने बताया कि इन ट्रेनों के परिचालन से न केवल भीड़ कम होगी, बल्कि यात्रियों का सफर भी सुरक्षित और सुखद बनेगा।

मधेपुरा: 7 हजार घूस लेते दारोगा गिरफ्तार, निगरानी ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई

मधेपुरा/पटना: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार को ब्यूरो की टीम ने मधेपुरा जिले के पुरैनी थाना में तैनात पुलिस अवर निरीक्षक (SI) अनिल कुमार सिंह को 7,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

जांच रिपोर्ट के बदले मांगी थी रकम

जानकारी के अनुसार, परिवादी बशिष्ठ कुमार विश्वकर्मा ने निगरानी ब्यूरो के पटना कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि दारोगा अनिल कुमार सिंह, अनुमंडल दंडाधिकारी (उदकिशुनगंज) के न्यायालय में लंबित एक विविध वाद (संख्या 53/25) की जांच रिपोर्ट अदालत में समर्पित करने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहे थे।

निगरानी की टीम ने बिछाया जाल

ब्यूरो द्वारा शिकायत के सत्यापन में मामला सही पाए जाने के बाद पुलिस उपाध्यक्ष आसिफ इकबाल मेहदी के नेतृत्व में एक विशेष ‘धावादल’ (ट्रैप टीम) का गठन किया गया। मंगलवार को जैसे ही दारोगा ने पुरैनी बाजार में परिवादी से 7,000 रुपये लिए, पहले से घात लगाकर बैठी निगरानी की टीम ने उन्हें दबोच लिया।

आगे की कार्रवाई

गिरफ्तारी के बाद आरोपी दारोगा को टीम अपने साथ लेकर पटना रवाना हो गई। पूछताछ के बाद आरोपी को भागलपुर स्थित निगरानी की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। इस कार्रवाई से जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

एमडीडीएम कॉलेज में लगी ‘सेहत की क्लास’, हाई-टेक जाँच शिविर में छात्राओं ने जानी अपनी फिटनेस का राज!

विश्व स्वास्थ्य दिवस पर संगोष्ठी और स्वास्थ्य शिविर का हुआ आयोजन; छात्राओं ने नाटक के जरिए दी मानसिक स्वास्थ्य और एनीमिया से लड़ने की सीख

मुजफ्फरपुर, 07 अप्रैल 2026: महंत दर्शन दास महिला (एमडीडीएम) कॉलेज के परिसर में आज का दिन विज्ञान और सेहत के नाम रहा। विश्व स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य स्वास्थ्य संगोष्ठी “टुगेदर फॉर हेल्थ, स्टैंड विद साइंस”” ने छात्राओं को न केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया, बल्कि उन्हें अपनी फिटनेस का राज जानने का भी अवसर दिया।

विशेषज्ञों ने खोला ‘हेल्थ सीक्रेट्स‘ का पिटारा

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कॉलेज की प्राचार्या डॉ. अलका जायसवाल ने कहा कि स्वस्थ भविष्य के लिए विज्ञान पर आधारित जीवनशैली अपनाना अनिवार्य है। संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में पटना के CNS हॉस्पिटल की मुख्य आहार विशेषज्ञ डॉ. पल्लवी श्रेष्ठ और नेस्टिवा हॉस्पिटल की सीईओ ने शिरकत की। डॉ. श्रेष्ठ ने छात्राओं को संतुलित आहार के महत्व और जंक फूड से बचने के वैज्ञानिक उपाय बताए। वहीं, एनएमसीएच पटना के सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. दीपक ने महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी आम समस्याओं पर खुलकर चर्चा की।

हाई-टेक जाँच शिविर में उमड़ी भीड़

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण नेस्टिवा हॉस्पिटल के सहयोग से लगाया गया ‘हेल्थ चेकअप कैंप‘ रहा। यहाँ छात्राओं के लिए सामान्य जाँचों से आगे बढ़कर विटामिन B12​ और विटामिन D जैसी महत्वपूर्ण जाँचें की गईं। इसके साथ ही ब्लड शुगर, बीएमआई (BMI) मापन और ब्लड ग्रुप की जाँच के बाद विशेषज्ञों ने प्रत्येक छात्रा को उनकी शारीरिक रिपोर्ट के आधार पर ‘पर्सनलाइज्ड डाइट चार्ट’ भी प्रदान किया। छात्राओं के लिए यह शिविर अपनी सेहत की वास्तविक स्थिति जानने का एक बेहतरीन जरिया साबित हुआ।

मंच से दी सेहत की सीख

कॉलेज की छात्राओं ने अपनी रचनात्मकता के माध्यम से स्वास्थ्य के गंभीर विषयों को सरल भाषा में समझाया:

  • जागरूकता का मंच: प्रथम वर्ष की छात्राओं ने अपने प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति से ‘मानसिक स्वास्थ्य‘ के प्रति चुप्पी तोड़ने का आह्वान किया।
  • एनीमिया पर प्रहार: द्वितीय वर्ष की छात्राओं ने एनीमिया (खून की कमी) के कारणों और बचाव पर आधारित नाटक प्रस्तुत कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

प्रतियोगिताओं में दिखा छात्राओं का जोश

आयोजन के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं में छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया:

  • पोस्टर प्रतियोगिता: सुकन्या कुमारी (प्रथम), सर्वाधि कुमारी (द्वितीय) और नैंसी प्रिया (तृतीय) ने बाजी मारी।
  • क्विज प्रतियोगिता: अपनी बुद्धिमत्ता और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी का प्रदर्शन करते हुए तृतीय वर्ष की छात्राओं ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।

कार्यक्रम का सफल मंच संचालन निशि रानी द्वारा किया गया, जिन्होंने पूरी संगोष्ठी को बेहद व्यवस्थित और आकर्षक बनाए रखा। इस आयोजन को सफल बनाने में सीएनडी (CND) विभाग की कोर्स कोऑर्डिनेटर डॉ. सरिता कुमारी के साथ कॉलेज के शिक्षक-शिक्षिकाओं और शिक्षकेतर कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा।

यूूूपी-मुंबई भूल जाइए! अब बिहार बनेगा फिल्मकारों का नया अड्डा, सरकार देगी ₹4 करोड़ तक की मदद

फिल्म शूटिंग का नया हब बन रहा है बिहार: मुख्यमंत्री की नीति से 45 प्रोजेक्ट्स को मिली मंजूरी

पटना। बिहार अब देश में फिल्म निर्माण के एक उभरते हुए केंद्र के रूप में अपनी नई पहचान बना रहा है। राज्य सरकार की ‘बिहार फिल्म प्रोत्साहन नीति 2024’ का असर अब धरातल पर दिखने लगा है, जिससे प्रभावित होकर बड़े फिल्म निर्माता अब मुंबई और उत्तर प्रदेश के बजाय बिहार का रुख कर रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इस दूरदर्शी नीति के तहत राज्य में एक साथ 45 फिल्मों और प्रोजेक्ट्स की शूटिंग को मंजूरी दी गई है।

कला, संस्कृति एवं युवा विभाग की बड़ी पहल

बिहार में फिल्म सिटी और फिल्म निर्माण से संबंधित कार्यों के लिए कला, संस्कृति एवं युवा विभाग मुख्य जिम्मेदारी निभा रहा है। विभाग के अंतर्गत बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम (BSFDFC) को नोडल एजेंसी बनाया गया है। यह निगम फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने, शूटिंग की अनुमति देने और नई फिल्म नीति को लागू करने का कार्य देख रही है।

फिल्मकारों के लिए बड़े अवसर (वर्गीकरण और लोकेशन्स)

राज्य में फिल्म निर्माण को लेकर एक सकारात्मक माहौल तैयार हो रहा है। वर्ष 2024 से 2026 के बीच जिन 45 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है, उनमें भाषाई और क्षेत्रीय विविधता का विशेष ध्यान रखा गया है:

  • फिल्मों का गणित: इसमें 22 हिंदी, 19 भोजपुरी, 1 मगही, 1 अंग्रेजी-भोजपुरी और 1 हिंदी-मैथिली फिल्म शामिल है।
  • प्रोजेक्ट्स के प्रकार: कुल प्रोजेक्ट्स में 38 फीचर फिल्में, 6 डॉक्यूमेंट्री और 1 वेब सीरीज शामिल हैं।
  • प्रमुख शूटिंग लोकेशन्स: राजगीर, बोधगया, पटना, मुंगेर और चंपारण जैसे ऐतिहासिक स्थल फिल्मकारों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बने हुए हैं।

फिल्मकारों पर बरसेंगे करोड़ों रुपये (अनुदान के मुख्य बिंदु)

नई नीति के तहत सरकार फिल्म निर्माताओं को भारी वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है:

  • फीचर फिल्म: राज्य में शूटिंग करने पर ₹4 करोड़ तक का अधिकतम अनुदान दिया जा रहा है।
  • क्षेत्रीय फिल्में: भोजपुरी, मैथिली, मगही, अंगिका और बज्जिका जैसी फिल्मों के लिए निर्माण लागत का 50% तक अनुदान मिल सकता है।
  • वेब सीरीज और टीवी शो: वेब सीरीज के लिए ₹3 करोड़ तक और टीवी धारावाहिकों के लिए ₹1 करोड़ तक की सब्सिडी का प्रावधान है।
  • वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री): बिहार की विरासत और संस्कृति पर आधारित डॉक्यूमेंट्री के लिए ₹30 लाख तक की मदद दी जा रही है।

राजगीर में ‘फिल्म सिटी’ और स्थानीय रोजगार

सरकार राजगीर में अत्याधुनिक फिल्म सिटी के निर्माण की योजना बना रही है, जिसकी देखरेख विभाग द्वारा की जा रही है। इसके साथ ही, यदि निर्माता बिहार के स्थानीय कलाकारों और तकनीशियनों को काम देते हैं, तो उन्हें ₹25 लाख तक की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी।

सफलता की ओर बढ़ते कदम

इस नीति का प्रभाव इतना व्यापक है कि जुलाई 2024 से अब तक 39 फिल्मों की शूटिंग सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है। इससे न केवल बिहार की सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक पहचान मिल रही है, बल्कि पर्यटन और स्थानीय रोजगार के नए अवसर भी तेजी से सृजित हो रहे हैं।

फिल्म निर्माण या शूटिंग की अनुमति से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए इच्छुक व्यक्ति बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।

भाकपा माले का जिला सम्मेलन 18-19 अप्रैल को, डेलीगेट चयन के लिए नामांकन प्रक्रिया संपन्न

ताजपुर/समस्तीपुर | 6 अप्रैल 2026 |  भाकपा माले के आगामी 18-19 अप्रैल को कल्याणपुर के वीरसिंहपुर स्थित चंदा विवाह भवन में आहूत होने वाले जिला सम्मेलन को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सम्मेलन की तैयारियों के तहत डेलीगेट चयन प्रक्रिया के लिए रविवार को नामांकन का कार्य संपन्न हुआ, जिसमें पार्टी के प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं समेत कुल 21 उम्मीदवारों ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।

प्रमुख उम्मीदवारों ने पेश की दावेदारी नामांकन करने वालों में किसान नेता ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, राजदेव प्रसाद सिंह, मनोज कुमार सिंह, संजीव राय, ललन दास, मुंशीलाल राय; मजदूर नेता प्रभात रंजन गुप्ता, शंकर महतो; छात्र नेता जीतेंद्र सहनी; युवा नेता मो० एजाज, मो० शाद, मो० क्यूम; फुटपाथी दुकानदार नेता मो० अबुबकर, मनोज साह, मो० गुलाब, मुकेश कुमार गुप्ता; तथा आशा एवं रसोईया संघ की रंजू कुमारी, रेखा कुमारी, सविता सिंह एवं ऐपवा नेत्री सुलेखा कुमारी और नीलम देवी आदि शामिल हैं। ताजपुर स्थित शंकर टॉकीज रोड के फलमंडी स्थित अस्थायी चुनाव कार्यालय में नामांकन के दौरान कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह देखा गया।

संगठन को मजबूती देने और आंदोलन की रूपरेखा पर होगा मंथन प्रखंड निर्वाचन पदाधिकारी सह प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि यह जिला सम्मेलन संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर गहन विचार-विमर्श करने और आगामी आंदोलनों की रूपरेखा तैयार करने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में किसान, मजदूर, छात्र और आम जनता से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।

शांतिपूर्ण रही नामांकन प्रक्रिया नामांकन प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। जिला पर्यवेक्षक लोकेश राज की उपस्थिति में अब नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी, जिसके बाद तय प्रक्रिया के तहत डेलीगेट का चुनाव कराया जाएगा। सम्मेलन को ऐतिहासिक और सफल बनाने के लिए पार्टी की ओर से विभिन्न स्तरों पर बैठकों का दौर जारी है और कार्यकर्ताओं को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं।

परोरिया में बच्चों के बीच हुआ पोषण सामग्री का वितरण; जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र ने समाज को दिया शिक्षा का संदेश

उजियारपुर (समस्तीपुर): जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र, अख्तियारपुर की ओर से उजियारपुर प्रखंड के परोरिया गांव में बच्चों के बीच पोषण सामग्री (ग्लूकोज) का वितरण किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से संस्था ने बच्चों के पोषण और उनके बेहतर भविष्य के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

समान समाज के निर्माण का संकल्प संस्था के प्रतिनिधि बलराम चौरसिया ने बताया कि जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र एक समर्पित सामाजिक संस्था है, जो बच्चों की शिक्षा और उनके संरक्षण के लिए निरंतर कार्यरत है। उन्होंने कहा कि संस्था का मुख्य उद्देश्य एक ऐसे समाज का निर्माण करना है जहाँ सभी को समान अवसर मिलें और हर बच्चा खुशहाल बचपन जी सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्था आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों तक पोषण पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहती है।

शिक्षा से ही संभव है विकास कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए अवकाश प्राप्त पंचायत सचिव रामचंद्र पासवान ने संस्था के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा, “काफी समय से मेरा आग्रह था कि उजियारपुर क्षेत्र में भी संस्था का सहयोग मिले, जो आज फलीभूत हुआ है।” उन्होंने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए शिक्षा को विकास की मुख्य कुंजी बताया। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बाल विवाह और बाल श्रम जैसी कुरीतियों से बच्चों को बचाएं और उन्हें स्कूल भेजें, ताकि संस्था का सपना साकार हो सके।

बाल अधिकारों के प्रति किया जागरूक स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता सह आरपीएफ जवान जितेंद्र कुमार पासवान ने संस्था के कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बाल अधिकार तभी सुरक्षित हो सकते हैं जब बच्चे शिक्षित हों। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को बेहतर संस्कार देने और उन्हें शिक्षा के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया।

कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। धन्यवाद ज्ञापन रविन्द्र पासवान ने किया। इस अवसर पर शम्भू पासवान, उत्तम पासवान, लखिन्दर पासवान, राजा कुमार, राहुल रौशन, कामिनी कुमारी, महिन्द्र पासवान, सुबोध कुमार साह, निधि कुमारी और राधा कुमारी सहित सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे।

ऑल इंडिया रविदास जागरण महासभा ने बाबू जगजीवन राम को ‘भारत रत्न’ देने की मांग की

पटना: ऑल इंडिया रविदास जागरण महासभा के अध्यक्ष उमेश कुमार राम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर देश के पूर्व उप-प्रधानमंत्री और महान स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय बाबू जगजीवन राम को मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करने की मांग की है।

राष्ट्र निर्माण में ‘बाबूजी‘ का योगदान अद्वितीय प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र में उमेश कुमार राम ने कहा कि बाबू जगजीवन राम का राष्ट्र निर्माण में अविस्मरणीय योगदान रहा है। उन्होंने न केवल देश की आजादी की लड़ाई में सक्रिय भूमिका निभाई, बल्कि स्वतंत्र भारत के रक्षा मंत्री के रूप में 1971 के ऐतिहासिक युद्ध में भारत को विजय दिलाने और कृषि मंत्री के रूप में ‘हरित क्रांति’ को सफल बनाने में निर्णायक नेतृत्व प्रदान किया।

सामाजिक न्याय के प्रबल पक्षधर थे बाबूजी उमेश कुमार राम ने इस बात पर जोर दिया कि बाबूजी ने अपना संपूर्ण जीवन समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान और सामाजिक न्याय के लिए समर्पित कर दिया था। एक समतामूलक समाज की स्थापना करना उनका मुख्य उद्देश्य था। उन्होंने खेद व्यक्त किया कि सार्वजनिक जीवन में इतने लंबे और निष्कलंक कार्यकाल के बावजूद, उन्हें अब तक ‘भारत रत्न’ से अलंकृत नहीं किया जाना देश के वंचित समाज के लिए अत्यंत दुख का विषय है।

सरकार से ऐतिहासिक निर्णय की अपील अध्यक्ष उमेश कुमार राम ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि बाबू जगजीवन राम के ऐतिहासिक योगदान और देश के करोड़ों शोषित व पिछड़े वर्गों की अटूट श्रद्धा को ध्यान में रखते हुए, उन्हें मरणोपरांत ‘भारत रत्न’ देने का निर्णय लें। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल बाबूजी के प्रति एक सच्ची श्रद्धांजलि होगी, बल्कि यह देश में सामाजिक समरसता के संदेश को भी और अधिक सुदृढ़ करेगा।

निजी स्कूलों की ‘लूट’ के खिलाफ सड़कों पर उतरा नागरिक समाज, जमकर प्रदर्शन

समस्तीपुर | 5 अप्रैल, 2026 |शहर के निजी विद्यालयों द्वारा किताबों, कॉपियों और यूनिफॉर्म के नाम पर की जा रही कथित कमीशनखोरी और अवैध वसूली के खिलाफ रविवार को ‘नागरिक समाज’ ने बिगुल फूंक दिया। नागरिक समाज के बैनर तले सैकड़ों लोगों ने शहर में विरोध मार्च निकाला और समाहरणालय पर प्रदर्शन कर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की।

स्टेडियम गोलंबर से समाहरणालय तक गूंजे नारे

रविवार सुबह नागरिक समाज से जुड़े कार्यकर्ता और अभिभावक स्थानीय स्टेडियम गोलंबर पर एकत्रित हुए। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए प्रदर्शनकारियों ने निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। यह विरोध मार्च शहर के विभिन्न मुख्य मार्गों से होता हुआ समाहरणालय पहुंचा, जहां यह एक सभा में तब्दील हो गया। सभा की अध्यक्षता सेवानिवृत्त सैनिक और नागरिक समाज के संयोजक रामबली सिंह ने की।

“एक देश, एक शिक्षा नीति तो किताबें अलग क्यों?”

सभा को संबोधित करते हुए समाजसेवी व मानवाधिकार कार्यकर्ता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने स्कूल प्रबंधनों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा:

“निजी स्कूल प्रबंधन अभिभावकों पर दबाव बनाकर स्कूल से ही ऊंचे दामों पर सामग्री खरीदने को मजबूर करते हैं या चुनिंदा दुकानों को निर्धारित करते हैं। एडमिशन, री-एडमिशन और टेस्ट के नाम पर मोटी रकम वसूली जा रही है। जब देश में एक शिक्षा नीति लागू है, तो सरकारी और निजी स्कूलों में किताबें एक समान क्यों नहीं हो सकतीं?”

राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का मिला समर्थन

  • राजद नेता राकेश ठाकुर ने कहा कि शिक्षा के नाम पर व्यापार और वसूली कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसे तत्काल बंद किया जाना चाहिए।
  • अधिवक्ता संजय कुमार बबलू ने जिला प्रशासन से मांग की कि एक जांच कमेटी गठित कर दोषी स्कूलों पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस लूट पर रोक नहीं लगी, तो आंदोलन और उग्र होगा।

एकजुटता की अपील

अपने अध्यक्षीय संबोधन में रामबली सिंह ने जिले के तमाम अभिभावकों और आम जनता से अपील की कि वे अपने बच्चों के भविष्य और अपनी मेहनत की कमाई को बचाने के लिए एकजुट होकर इस शोषण के खिलाफ आवाज उठाएं।

मौके पर मौजूद रहे गणमान्य: इस विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से जयलाल राय, राम विनोद पासवान, मो० अकबर अली, एसके निराला, अमित जायसवाल, अमित कुमार, अर्जुन राय, मनोज कुमार सिंह, मनोज शर्मा, मो० सगीर, राजू कुमार, लोकेश राज और जीतेंद्र कुमार सहित दर्जनों सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।