मुजफ्फरपुर। महंत दर्शन दास महिला महाविद्यालय (MDDM) के दर्शनशास्त्र विभाग के तत्वावधान में मंगलवार को ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के उपलक्ष्य में एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शिक्षाविदों ने स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर चर्चा करते हुए राष्ट्र की प्रगति में युवाओं की भागीदारी को रेखांकित किया।

युवा ही प्रगति के आधार: प्रो. अलका जायसवाल
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अलका जायसवाल ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की उन्नति उसके युवाओं की ऊर्जा और सोच पर निर्भर करती है। उन्होंने युवाओं से देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
लक्ष्य प्राप्ति के लिए सक्रियता अनिवार्य
मुख्य अतिथि प्रो. निखिल रंजन प्रकाश ने अपने संबोधन में कहा, “आज के युवाओं को राष्ट्र और राष्ट्रीयता की अवधारणा को गहराई से समझने की आवश्यकता है। एक सशक्त राष्ट्र तभी निर्मित होगा जब युवा सक्रिय, एकाग्रचित्त और निरंतर प्रयत्नशील रहेंगे।”
वहीं, डॉ. राकेश रंजन ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि सफलता का मूल मंत्र एकाग्रता है। उन्होंने कहा कि मार्ग कोई भी हो, जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए, अडिग रहना चाहिए। उन्होंने सर्वधर्म समभाव पर जोर देते हुए सभी धर्मों को सम्माननीय बताया।
स्वामी विवेकानंद के संदेशों पर चर्चा
कार्यक्रम की शुरुआत में दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्षा प्रो. किरण झा ने अतिथियों का स्वागत शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर किया। विषय प्रवेश कराते हुए उन्होंने स्वामी विवेकानंद द्वारा युवाओं को दिए गए कालजयी संदेशों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

गरिमामय उपस्थिति
मंच का सफल संचालन डॉ. नेहा रानी ने किया। उन्होंने युवाओं को जीवन में धैर्य और परिश्रम के महत्व को समझाया। कार्यक्रम के समापन पर डॉ. सुरबाला वर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
इस सेमिनार में महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षक एवं शिक्षिकाओं की सक्रिय सहभागिता रही, जिनमें मुख्य रूप से प्रो. सरोज, डॉ. आशा, डॉ. श्वेता यादव, डॉ. मैरी मरांडी, डॉ. सदफ, डॉ. शगुफ्ता नाज़, डॉ. प्रियम फ्रांसिस, डॉ. मधुसूदन, डॉ. सजीव और डॉ. रामदुलार सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।



