पटना। मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज भारत के प्रथम राष्ट्रपति, ‘देशरत्न’ डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के 63वें निर्वाण दिवस के अवसर पर महाप्रयाण घाट स्थित उनकी समाधि पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने देश के निर्माण में डॉ. प्रसाद के अतुलनीय योगदान को याद किया।

श्रद्धांजलि सभा के उपरांत मुख्यमंत्री ने शहर की महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं और जनसुविधाओं का जायजा लेने के लिए क्षेत्र का सघन दौरा किया।
बाँस घाट: अत्याधुनिक शवदाह गृह का निरीक्षण
मुख्यमंत्री बाँस घाट स्थित विद्युत शवदाह गृह पहुँचे, जहाँ उन्होंने वर्तमान व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने वहां निर्माणाधीन अत्याधुनिक शवदाह परिसर के कार्यों का भी निरीक्षण किया।

- समय-सीमा का निर्देश: मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि शवदाह गृह परिसर का निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए।
- गुणवत्ता पर जोर: उन्होंने जोर देकर कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए ताकि आमजनों को भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मंदिरी नाला परियोजना: यातायात होगा सुगम
बाँस घाट के निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने मंदिरी नाला परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन दो-लेन संपर्क सड़क (Link Road) के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस परियोजना को शहर की यातायात व्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

- सीधा संपर्क: मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सड़क के बन जाने से नेहरू पथ (बेली रोड) और जे.पी. गंगा पथ के बीच सीधा संपर्क स्थापित हो जाएगा।
- जनता को राहत: इस नए मार्ग से शहरवासियों को आवागमन में काफी सहूलियत होगी और मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
इस निरीक्षण के दौरान राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित विभागों के अभियंता भी उपस्थित रहे, जिन्हें मुख्यमंत्री ने कार्यों में तेजी लाने के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।



