विजन वैली हॉल में गूंजे ‘नमो बुद्धाय‘ के जयकारे, भंते मणिकीर्ति पासवान ने कराया विवाह संपन्न
सकरा (मुजफ्फरपुर): समाज में फैली कुरीतियों और फिजूलखर्ची पर प्रहार करते हुए, सकरा प्रखंड के विजन वैली हॉल में एक आदर्श विवाह का आयोजन किया गया। यह विवाह पूरी तरह से बौद्ध रीति-रिवाज (बौद्ध विधि) से संपन्न हुआ, जिसमें न तो दहेज की मांग थी और न ही कोई दिखावा या आडंबर। राजीव कुमार बौद्ध और नंदिनी कुमारी बौद्ध के परिणय सूत्र में बंधने के इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने सैकड़ों मेहमानों ने इस अनूठी पहल की जमकर सराहना की।

आडंबरमुक्त और सादगीपूर्ण समारोह : शादी का माहौल पारंपरिक शोर-शराबे से कोसों दूर था। आमतौर पर शादियों में होने वाला डीजे का शोर, फिजूलखर्ची और दिखावा यहाँ पूरी तरह नदारद था। कार्यक्रम की शुरुआत तथागत बुद्ध की वंदना के साथ हुई। उपस्थित लोगों ने बुद्ध और डॉ. भीमराव अंबेडकर के आदर्शों का पालन करते हुए सादगी के साथ वर-वधू को आशीर्वाद दिया।
भंते मणिकीर्ति पासवान ने दिलाई शपथ : इस विवाह को संपन्न कराने के लिए विशेष रूप से भंते मणिकीर्ति पासवान एवं पवन शर्मा उपस्थित थे। उन्होंने बौद्ध विधियों का पालन करते हुए वर-वधू को अष्टशील और पंचशील का पाठ पढ़ाया। भंते जी ने अपने संबोधन में कहा कि बौद्ध विवाह का उद्देश्य केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि दो परिवारों को बुद्ध के धम्म और तर्कसंगत विचारधारा से जोड़ना है। उन्होंने वर-वधू को जीवन भर एक-दूसरे का सम्मान करने और विपत्ति में भी धम्म के मार्ग पर चलने की शपथ दिलाई।

दहेजमुक्त समाज का संदेश : आयोजकों का मुख्य उद्देश्य समाज को दहेजमुक्त बनाना था। इस विवाह में वर पक्ष ने कन्या पक्ष से किसी भी प्रकार के लेनदेन से साफ इनकार कर दिया, जो आज के समय में एक मिसाल है। कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट अतिथि एवं भन्ते पवन शर्मा ने कहा कि “यह शादी सामाजिक बदलाव का एक बड़ा प्रतीक है। युवा पीढ़ी को ऐसी सादी शादियों से प्रेरणा लेनी चाहिए।”
प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति : कार्यक्रम में वर-वधू को आशीर्वाद देने के लिए क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। बैनर पर महात्मा बुद्ध, डॉ. भीमराव अंबेडकर, ज्योतिबा फुले, सावित्रीबाई फुले, संत रविदास सहित अन्य महापुरुषों की तस्वीरें इस बात की गवाह थीं कि यह विवाह सामाजिक समानता और तर्कवादी सोच पर आधारित था।
‘मिशन सिंगर‘ ने बिखेरा धम्म का रंग : कार्यक्रम को संगीतमय बनाने के लिए प्रसिद्ध ‘मिशन सिंगर’ राजेश कुमार बौद्ध, संगीता बौद्ध, महेश्वरी बौद्ध और निम्ति बौद्ध ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने बुद्ध और अंबेडकर के गीतों के माध्यम से माहौल को भक्तिमय और बौद्धमय बना दिया।
परिजनों और स्वागतकर्ता का सहयोग : शादी के आयोजन में स्वागतकर्ता जलेंद्र राम (ग्राम: चंदपुर फतेह, पोस्ट: राजापाकर, थाना: पातेपुर, जिला: वैशाली) और वर-वधू के परिजनों ने मेहमानों के स्वागत में कोई कमी नहीं छोड़ी। कार्यक्रम को सफल बनाने में ऋषि कुमार, सोनू कुमार, वकील कुमार और समस्त बौद्ध परिवार ने अहम भूमिका निभाई। यह विवाह न केवल राजीव और नंदिनी के जीवन की नई शुरुआत है, बल्कि यह सकरा क्षेत्र में एक नए, शिक्षित और आडंबरमुक्त समाज की दिशा में एक बड़ा कदम है।




