सकरा (मुजफ्फरपुर), 12 फरवरी 2026: ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से आज सकरा प्रखंड में ग्रामीण चिकित्सकों का एक बड़ा समागम हुआ। सकरा वाजिद पंचायत के जहांगीरपुर मार्ग स्थित विजन वैली हॉल में ग्रामीण चिकित्सक एसोसिएशन के बैनर तले आयोजित इस बैठक में चिकित्सा जगत की चुनौतियों और सेवा भाव पर विस्तृत चर्चा की गई।

सस्ता और सुलभ इलाज ही प्राथमिकता

बैठक का मुख्य एजेंडा ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को आम आदमी की जेब के अनुकूल बनाना रहा। उपस्थित चिकित्सकों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि समाज के गरीब और पिछड़े वर्ग को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना उनकी पहली प्राथमिकता है।

बैठक को संबोधित करते हुए वरिष्ठ चिकित्सकों ने कहा, “हमारा लक्ष्य केवल उपचार करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी के कारण कोई भी ग्रामीण बेहतर चिकित्सा से वंचित न रहे। हम कम से कम खर्च में प्रभावी इलाज के मॉडल पर काम कर रहे हैं।”

अग्निकांड पीड़ितों की मदद कर पेश की मानवता की मिसाल

यह बैठक केवल चिकित्सा चर्चा तक सीमित नहीं रही, बल्कि संगठन की सामाजिक प्रतिबद्धता भी खुलकर सामने आई। हाल ही में क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड का जिक्र करते हुए एसोसिएशन के सदस्यों ने बताया कि संगठन ने सक्रिय रूप से पीड़ितों की सहायता की है।

संकट की इस घड़ी में चिकित्सकों की टीम ने प्रभावित परिवारों के बीच पहुँचकर उन्हें मुफ्त दवाइयां, वस्त्र, कंबल और भोजन की आवश्यक सामग्री वितरित की। चिकित्सकों ने संकल्प लिया कि भविष्य में भी किसी भी प्राकृतिक आपदा या संकट के समय पूरा संगठन एकजुट होकर राहत कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेगा।

इन चिकित्सकों ने साझा किए विचार

इस संवाद और संकल्प सभा में क्षेत्र के कई प्रतिष्ठित चिकित्सक शामिल हुए, जिनमें प्रमुख रूप से डॉ. राजेश कुमार, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. अखिलेश कुमार, डॉ. गणेश कुमार राय, डॉ. राजीव कुमार, डॉ. चंद्रकिशोर, डॉ. रवि कुमार, डॉ. संजीव कुमार, डॉ. हेमंत कुमार, डॉ. मुनचुन कुमार, संगीता कुमारी और डॉ. रितिक कुमार उपस्थित रहे।

आगामी रणनीति: गाँव-गाँव लगेंगे मुफ्त जांच शिविर

बैठक के समापन पर एसोसिएशन ने घोषणा की कि आने वाले दिनों में प्रखंड के विभिन्न दूरदराज के गांवों में मुफ्त स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य गंभीर बीमारियों की शुरुआती पहचान करना और लोगों को स्वच्छता व बचाव के प्रति जागरूक करना है। सभी चिकित्सकों ने एक-दूसरे का हाथ थामकर समाज सेवा को अपने पेशे का मूल मंत्र बनाने की शपथ ली।

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