बन्दरा(मुजफ्फरपुर): शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता, वह समाज के लिए आजीवन एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाता है। इसी भावना के साथ मध्य विद्यालय तेपरी के प्रांगण में संकुल संसाधन केंद्र, तेपरी के तत्वावधान में सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक विशंभूनाथ राय के सम्मान में एक भव्य ‘विदाई सह सम्मान समारोह‘ का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम न केवल एक विदाई का अवसर था, बल्कि एक कर्मठ शिक्षक के दशकों के समर्पण को नमन करने का दिन भी रहा।

सम्मान और सत्कार का संगम
समारोह की अध्यक्षता मध्य विद्यालय तेपरी के प्रधानाध्यापक सह संकुल समन्वयक दीपक प्रसाद सिंह ने की। कार्यक्रम की शुरुआत भावपूर्ण गीतों और उपस्थित अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। विदाई की इस बेला में श्री राय के सम्मान में संकुल के विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
इस अवसर पर वरिष्ठ शिक्षकों और समन्वयकों—ब्रजेश कुमार (प्रभारी प्रधानाध्यापक सह संकुल समन्वयक), विजय कुमार ठाकुर (प्रधानाध्यापक सह संकुल समन्वयक) एवं नरेश राय (प्रभारी प्रधानाध्यापक सह संकुल समन्वयक) ने संयुक्त रूप से विशंभूनाथ राय को अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। विद्यालय के मुख्य सभागार को रंग-बिरंगे गुब्बारों और फूलों से किसी उत्सव की तरह सजाया गया था। मंच पर लगे आधिकारिक बैनर पर श्री राय की सेवानिवृत्ति तिथि 31 जनवरी 2026 और सम्मान समारोह की तिथि 7 फरवरी 2026 अंकित थी।

अनुशासन और समर्पण की मिसाल
समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने श्री राय के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उनका पूरा सेवाकाल निष्ठा, कठोर अनुशासन और विद्यालय के प्रति पूर्ण समर्पण का प्रतीक रहा है। वक्ताओं ने रेखांकित किया कि:
- श्री राय ने न केवल छात्रों के भविष्य को संवारा, बल्कि विद्यालय के शैक्षणिक एवं प्रशासनिक ढांचे को भी मजबूती प्रदान की।
- उनके कार्यकाल में विद्यालय ने अनुशासन के नए मापदंड स्थापित किए, जिससे स्थानीय समुदाय में विद्यालय की प्रतिष्ठा बढ़ी।

मध्य विद्यालय तेपरी की प्रभारी प्रधानाध्यापिका स्मिता कुमारी सहित समस्त विद्यालय परिवार ने भी अपने प्रिय सहकर्मी को भावभीनी विदाई दी। सहकर्मियों ने उनके साथ बिताए समय को याद करते हुए उन्हें एक अभिभावक तुल्य मार्गदर्शक बताया।

नवनियुक्त शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत
समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित समाजसेवी श्याम किशोर ने श्री राय के व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “विशंभूनाथ जी ने विपरीत परिस्थितियों में भी शिक्षा की अलख जगाए रखी। उनका कार्यकाल आने वाली पीढ़ी के लिए एक खुली किताब की तरह है।” उन्होंने वहां मौजूद नवनियुक्त शिक्षकों से विशेष आह्वान किया कि वे श्री राय के कार्य-आदर्शों, उनकी समयबद्धता और उनके धैर्य से प्रेरणा लें ताकि वे भी शिक्षा जगत में अमिट छाप छोड़ सकें।
भावुक कर देने वाले पल
जैसे-जैसे कार्यक्रम अपने समापन की ओर बढ़ा, वातावरण काफी भावुक हो गया। अपने संबोधन में सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक विशंभूनाथ राय ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय उनके लिए केवल एक कार्यस्थल नहीं बल्कि एक परिवार रहा है। उन्होंने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और शिक्षकों से शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने का अनुरोध किया।

इस कार्यक्रम ने यह सिद्ध कर दिया कि एक शिक्षक की असली पूंजी उसके द्वारा तैयार किए गए संस्कार और उसके प्रति साथियों का सम्मान ही है। कार्यक्रम के अंत में सामूहिक भोज का भी आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने भी हिस्सा लिया।




