ताजपुर (समस्तीपुर) | 27 जनवरी 2026 संवाददाता
बिहार में स्मार्ट मीटर को लेकर उठ रहे सवालों के बीच ताजपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक गरीब मोटरसाइकिल मिस्त्री के पैरों तले उस वक्त जमीन खिसक गई, जब मात्र दो बल्ब जलाने वाली उसकी दुकान का बिजली बिल अचानक हजारों में पहुँच गया। हद तो तब हो गई जब बिजली कटने के बाद भी मीटर का बिल किसी रॉकेट की रफ्तार से हर दिन हजारों रुपये बढ़ता रहा। फिलहाल विभाग की इस तकनीकी ‘जादूगरी’ ने उपभोक्ता को अंधेरे और मानसिक तनाव में धकेल दिया है।

रिचार्ज के बाद भी नहीं लौटी रोशनी, खुला राज
मामला ताजपुर नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 17, रामदयाल चौक का है। यहाँ मो० हसनैन अपनी मोटरसाइकिल मरम्मत की छोटी सी दुकान चलाते हैं। दुकान में स्मार्ट मीटर (उपभोक्ता संख्या 113406441496) लगा हुआ है। हसनैन के मुताबिक, वह नियमित रूप से मीटर रिचार्ज करते थे और शाम के वक्त सिर्फ दो बल्ब जलाते थे।
बीती 22 जनवरी को अचानक उनकी दुकान की बिजली कट गई। उन्हें लगा कि बैलेंस खत्म हो गया होगा। उन्होंने तुरंत 100 रुपये का रिचार्ज किया, लेकिन बिजली नहीं आई। दोबारा 100 रुपये डाले, फिर भी अंधेरा कायम रहा। जब उन्होंने अपना बैलेंस चेक किया, तो उनके होश उड़ गए। मीटर पर बकाया राशि 38,500 रुपये दिख रही थी।

रॉकेट की रफ्तार से बढ़ता बिल: एक अनोखा अजूबा
हसनैन के लिए परेशानी यहीं खत्म नहीं हुई। जैसे-जैसे दिन बीतते गए, बिल किसी शेयर बाजार के ग्राफ की तरह ऊपर चढ़ता गया। विभाग की संवेदनहीनता और तकनीक की खामी का आलम देखिए:
- 23 जनवरी: बिल बढ़कर 46,365 रुपये हो गया।
- 24 जनवरी: आंकड़ा 54,134 रुपये तक जा पहुँचा।
- 25 जनवरी: बिल 58,000 रुपये के पार हुआ।
- 26 जनवरी: बिल ने छलांग लगाई और 77,441 रुपये पर जा टिका।

हैरानी की बात यह है कि 22 जनवरी से दुकान की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद है। जब बिजली की खपत शून्य है, तो बिल हर दिन 5 से 8 हजार रुपये कैसे बढ़ रहा है? यह सवाल पूरे ताजपुर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
अधिकारियों की ‘चिरनिंद्रा‘ और उपभोक्ता की बेबसी
पीड़ित मो० हसनैन ने बताया कि उन्होंने इस गड़बड़ी को लेकर स्थानीय मिस्त्री से लेकर कनीय अभियंता (JE) तक का दरवाजा खटखटाया, लेकिन आश्वासन के सिवा कुछ हासिल नहीं हुआ। जहाँ एक ओर सरकार और विभाग स्मार्ट मीटर को पारदर्शी और सटीक बताते नहीं थकते, वहीं हसनैन जैसे छोटे दुकानदार इस ‘स्मार्ट’ सिस्टम के शिकार हो रहे हैं।
“मेरा कोई बकाया नहीं था, मैं वक्त पर रिचार्ज करता था। अब जब दुकान की बिजली ही कटी हुई है, तो बिल किस बात का बढ़ रहा है? क्या विभाग गरीब की जेब काटने के लिए यह मीटर लाया है?”— मो० हसनैन, पीड़ित उपभोक्ता
सिस्टम पर उठते गंभीर सवाल
यह घटना विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। क्या विभाग के सॉफ्टवेयर में कोई बड़ा ‘बग’ है? या फिर जानबूझकर उपभोक्ताओं पर इस तरह का आर्थिक बोझ डाला जा रहा है? ताजपुर की जनता अब इस मामले में उग्र हो रही है। लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही हसनैन का बिल सुधार कर बिजली बहाल नहीं की गई, तो वे आंदोलन को मजबूर होंगे।

फिलहाल, मो० हसनैन की दुकान में अंधेरा है और उनका रोजगार प्रभावित हो रहा है, लेकिन बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं।
भाकपा माले ने संभाला मोर्चा, आंदोलन की दी चेतावनी : उपभोक्ता की इस गंभीर समस्या की जानकारी मिलते ही भाकपा माले के नेताओं ने मामले में हस्तक्षेप किया है। शिकायत मिलने पर भाकपा माले नेता प्रभात रंजन गुप्ता एवं ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह ने प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह के नेतृत्व में पीड़ित उपभोक्ता मो० हसनैन से मुलाकात की। नेताओं ने मौके पर पहुँचकर मीटर की स्थिति देखी और उपभोक्ता की परेशानियों को जाना।
माले नेताओं ने बिजली विभाग के इस रवैये पर कड़ा रोष व्यक्त किया है। प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने विभाग को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि “विभाग अविलंब इस खराब मीटर को बदले, बिल में सुधार करे और तुरंत विद्युत आपूर्ति बहाल करे। यदि जल्द ही समाधान नहीं निकाला गया, तो भाकपा माले उपभोक्ता के सहयोग से बिजली विभाग के खिलाफ उग्र आंदोलन चलाने को मजबूर होगी।”




