सकरा/मुजफ्फरपुर: विद्या की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती का पावन पर्व शुक्रवार को सकरा प्रखंड के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। क्या स्कूल और क्या कोचिंग संस्थान, हर तरफ सुबह से ही ‘जय माँ शारदे’ के जयघोष और भक्ति गीतों की गूँज सुनाई देती रही। पीले वस्त्रों में सजे छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की उपस्थिति ने पूरे वातावरण को उत्सवपूर्ण बना दिया।

संत जोसेफ पब्लिक स्कूल: वैदिक मंत्रोच्चार और सांस्कृतिक छटा
सबहा स्थित संत जोसेफ प्रे/पब्लिक स्कूल के परिसर में भव्य पूजनोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के चेयरमैन प्रवीण कुमार, सचिव अरविन्द कुमार, निदेशक सह कोषाध्यक्ष लालबाबू प्रसाद एवं प्राचार्य दीपक कुमार मिश्र ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

पुरोहितों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कक्षा दसवीं के छात्र अमन, गौरव, आयुष, अंश एवं वेदप्रकाश ने यजमान की भूमिका निभाकर पूजा संपन्न कराई। इस अवसर पर छात्राओं ने अपनी कला का प्रदर्शन भी किया। समीक्षा, रागिनी, सुप्रिया, माही और आयुषी सहित दर्जनों छात्राओं ने ‘वर दे वीणा वादिनी’ गीत पर मंत्रमुग्ध कर देने वाली सांस्कृतिक प्रस्तुति दी, जिसे अभिभावकों ने खूब सराहा।

ए.पी.जे. पब्लिक स्कूल: ज्ञान की चर्चा और महाप्रसाद का आयोजन
बाज़ी रोड, सुजावलपुर स्थित ए.पी.जे. पब्लिक स्कूल में भी माँ शारदे का भव्य स्वागत हुआ। संस्थान के निदेशक नीतेश कुमार एवं प्राचार्य संतोष कुमार झा ने छात्र-छात्राओं को बसंत पंचमी के आध्यात्मिक और शैक्षणिक महत्व के बारे में विस्तार से बताया। पूजा के उपरांत यहाँ बड़े स्तर पर ‘भोज’ (महाप्रसाद) का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों के साथ-साथ स्थानीय लोगों ने भी श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण किया।

विभिन्न संस्थानों में दिखी भक्ति की लहर
पूजनोत्सव की धूम प्रखंड के अन्य संस्थानों में भी बराबर देखने को मिली:
- वेव वर्ल्ड पब्लिक स्कूल (मझौलिया): प्रगति मोड़ स्थित इस विद्यालय में बच्चों ने आकर्षक प्रतिमा स्थापित कर सामूहिक रूप से माँ की आराधना की।
- एक्सपर्ट कॉम्पिटेटिव क्लास: सुजावलपुर रोड स्थित इस कोचिंग संस्थान में प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों ने अपनी सफलता की कामना के साथ माँ का आशीर्वाद लिया।
इन सभी आयोजनों में क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों, शिक्षकों और अभिभावकों की भारी उपस्थिति रही। देर शाम तक विसर्जन और आरती के भजनों से पूरा सकरा क्षेत्र भक्तिमय बना रहा।




