सी.एम. नीतीश के आगमन से पहले समस्तीपुर में पोस्टर वॉर; माले के 15 सवालों ने बढ़ाई राजनीतिक तपिश

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समस्तीपुर | 23 जनवरी, 2026 भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कर्पूरीग्राम आगमन ने जिले का सियासी पारा चढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री के स्वागत की तैयारियों के बीच भाकपा माले ने ‘पोस्टर वॉर’ के जरिए सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी है। माले की ताजपुर इकाई ने मुख्यमंत्री के सामने 15 सुलगते सवाल दागते हुए जवाब मांगा है कि आखिर समस्तीपुर की दशकों पुरानी मांगें कब पूरी होंगी?

शिलान्यास और बंद मिलों पर घेरा

भाकपा माले के प्रखंड सचिव सह जिला स्थाई समिति सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने स्वयं जिस ‘भोला टॉकीज रेल गुमटी ओवरब्रिज’ का शिलान्यास किया था, उसका निर्माण अब तक अधर में क्यों है? उन्होंने अंग्रेजी शासन के समय से बंद पड़ी समस्तीपुर चीनी मिल और ठाकुर पेपर मिल को पुनर्जीवित करने की मांग को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।

ताजपुर और रोसड़ा का वजूद: विधानसभा और जिला की मांग

खबर में सबसे प्रमुख मुद्दा ताजपुर के वजूद का है। माले का आरोप है कि जननायक की कर्मभूमि ताजपुर को एक साजिश के तहत विधानसभा के दर्जे से वंचित किया गया। पार्टी ने मांग की है कि:

  • ताजपुर को पुनः विधानसभा और अनुमंडल का दर्जा दिया जाए।
  • रोसड़ा को अविलंब जिला घोषित किया जाए।
  • कर्पूरीग्राम-ताजपुर-महुआ-भगवानपुर नई रेल लाइन परियोजना को धरातल पर उतारा जाए।

किसानों और युवाओं के लिए 15 सूत्रीय मांग पत्र

माले ने केवल बुनियादी ढांचे ही नहीं, बल्कि आम जनजीवन से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता दी है:

  1. कृषि: सब्जी हब ताजपुर में आधारित उद्योग, मुफ्त बिजली और खाद-बीज की उपलब्धता।
  2. भ्रष्टाचार: थाना, अंचल और ब्लॉक कार्यालयों में फैले भ्रष्टाचार पर लगाम।
  3. स्वास्थ्य व शिक्षा: सभी परिवारों को मुफ्त इलाज और स्नातक तक मुफ्त शिक्षा की पहल।
  4. रोजगार: मनरेगा के स्वरूप से छेड़छाड़ पर रोक और बेरोजगार युवाओं को पेंशन।

24 जनवरी को मानव श्रृंखला से होगा शक्ति प्रदर्शन

इन मांगों के समर्थन में और सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए भाकपा माले ने 24 जनवरी को ताजपुर में एक विशाल मानव श्रृंखला का आह्वान किया है। इसके लिए प्रखंड भर में पोस्टर जारी कर आम लोगों से अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की गई है।

“जननायक की विरासत केवल उत्सव मनाने में नहीं, बल्कि उनके अधूरे सपनों को पूरा करने में है। समस्तीपुर की जनता अब कोरे आश्वासनों से थक चुकी है।” — सुरेंद्र प्रसाद सिंह, भाकपा माले नेता


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