समस्तीपुर | 19 जनवरी 2026 समस्तीपुर जिले की दशकों पुरानी रेल और नागरिक सुविधाओं की मांगों को लेकर अब जन-आंदोलन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। सोमवार को स्थानीय डीआरएम चौक पर रेल विकास-विस्तार मंच एवं जिला विकास मंच की एक संयुक्त आपातकालीन बैठक संपन्न हुई। शंकर प्रसाद साह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में जिले के विकास के प्रति प्रशासनिक उदासीनता पर गहरा रोष व्यक्त किया गया।

मुख्यमंत्री के कर्पूरीग्राम दौरे पर टिकी निगाहें

बैठक में आगामी 24 जनवरी को मुख्यमंत्री के कर्पूरीग्राम आगमन को एक बड़े अवसर के रूप में देखा जा रहा है। मंच के नेताओं ने निर्णय लिया है कि उस दिन जिले की ज्वलंत समस्याओं और नई रेल परियोजनाओं की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को एक स्मार-पत्र सौंपा जाएगा। केवल इतना ही नहीं, जिले के सर्वांगीण विकास की इन मांगों की गूँज लोकसभा और विधानसभा के आगामी बजट सत्र में भी सुनाई दे, इसके लिए जिले के सभी सांसदों और विधायकों को भी ज्ञापन सौंपकर उन पर दबाव बनाया जाएगा।

हवाई अड्डा और रेल नेटवर्क विस्तार मुख्य एजेंडा

मंच ने स्पष्ट किया है कि समस्तीपुर के औद्योगिक और सामाजिक विकास के लिए दूधपूरा में हवाई अड्डा की मंजूरी अब अनिवार्य हो गई है। इसके अलावा, रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए निम्नलिखित नई रेल लाइनों को बजट में शामिल करने की मांग की गई है:

  • कर्पूरीग्राम-ताजपुर-भगवानपुर रेल लाइन
  • केबलस्थान-कर्पूरीग्राम रेल लाइन
  • दलसिंहसराय-पटोरी रेल लाइन
  • मुक्तापुर-कुशेश्वरस्थान रेल लाइन

जाम की समस्या: मुक्तापुर और अटेरन गुमटी पर ओवरब्रिज की मांग

शहर में बढ़ते ट्रैफिक और रेल गुमटियों पर लगने वाले घंटों के जाम को देखते हुए, मंच ने मुक्तापुर रेल गुमटी और अटेरन चौक रेल गुमटी पर ओवरब्रिज (ROB) निर्माण कार्य तत्काल शुरू करने की पुरजोर वकालत की है। नेताओं का कहना है कि ओवरब्रिज न होने से आम जनता और एम्बुलेंस सेवाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

धरोहर” के अस्तित्व पर खतरा: रेल कारखाना की उपेक्षा

बैठक को संबोधित करते हुए मंच के संयोजक शत्रुघ्न राय पंजी ने समस्तीपुर रेल कारखाना की बदहाली पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा, एक लंबी लड़ाई के बाद कारखाना में POH (पीओएच) डब्बा निर्माण कार्य तो शुरू हुआ, लेकिन यह केवल कागजों तक सीमित लग रहा है। न तो सरकार ने इसके लिए भूमि अधिग्रहण किया और न ही बड़ी मशीनें मंगाई गईं। ब्रिटिश काल का यह गौरवशाली कारखाना हमारी धरोहर है और इसके विकास में कोई भी प्रशासनिक कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

ये रहे बैठक में उपस्थित

इस महत्वपूर्ण बैठक में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। अपने विचार व्यक्त करने वालों में सुरेंद्र प्रसाद सिंह, जीबछ पासवान, उपेंद्र राय, अशोक कुमार, राजेंद्र राय, विश्वनाथ सिंह हजारी और सुशील कुमार प्रमुख थे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यदि इस बार मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here