सकरा (मुजफ्फरपुर)। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माने जाने वाले ग्रामीण चिकित्सकों की दक्षता बढ़ाने और समाज के अंतिम व्यक्ति तक बेहतर इलाज पहुँचाने के उद्देश्य से मुजफ्फरपुर के सकरा में एक विशाल आयोजन संपन्न हुआ। सकरा वाजिद पंचायत के ‘विजन वैली हॉल’ में आयोजित इस ‘प्रखंड स्तरीय ग्रामीण चिकित्सक सम्मेलन’ ने न केवल चिकित्सा जगत की चुनौतियों पर विमर्श किया, बल्कि सेवा की एक अनूठी मिसाल भी पेश की।

‘प्रखंड स्तरीय ग्रामीण चिकित्सक सम्मेलन में शिरकत करते ग्रामीण चिकित्सक
कार्यक्रम का आगाज़ रॉयल हॉस्पिटल मल्टी स्पेशलिटी एंड ट्रामा सेंटर,कच्ची पक्की, मुजफ्फरपुर द्वारा आयोजित वृहद चिकित्सा जांच शिविर से हुआ। इस शिविर की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अस्पताल की एम्बुलेंस ने गांव-गांव जाकर उन निःशक्त, वृद्ध और लाचार मरीजों को उनके घर से हॉल तक पहुँचाया, जो चलने-फिरने में असमर्थ थे।
शिविर में करीब 300 से अधिक मरीजों का पंजीकरण हुआ। रॉयल हॉस्पिटल के वरीय चिकित्सक डॉ. विवेक कुमार के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम ने मरीजों का बीपी, ब्लड शुगर, थायराइड जैसी गंभीर बीमारियों की आधुनिक मशीनों से जांच की। जांच के उपरांत सभी मरीजों को संस्थान की ओर से निःशुल्क दवाएं भी वितरित की गईं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिली।

विशेषज्ञों का मंत्र: ‘सीखने की कोई सीमा नहीं, सजगता ही समाधान‘
दोपहर के सत्र में ‘ग्रामीण चिकित्सक एसोसिएशन’ के बैनर तले सम्मेलन की शुरुआत हुई। इस सत्र की मेजबानी संयुक्त रूप से सकरा एक्यूप्रेशर सेंटर एवं रॉयल हॉस्पिटल ने की। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. विवेक कुमार ने ग्रामीण चिकित्सकों को आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों और आपातकालीन स्थिति में मरीज को दिए जाने वाले ‘फर्स्ट रिस्पांस’ के बारे में जानकारी दी।
सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए एसोसिएशन के प्रखंड अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार ने एक अत्यंत प्रेरणादायी संबोधन दिया। उन्होंने कहा, “एक चिकित्सक के लिए सीखने की कोई उम्र या सीमा नहीं होती। चिकित्सा क्षेत्र में हर दिन नए शोध हो रहे हैं, ऐसे में हमें खुद को अपडेट रखना होगा।” उन्होंने विशेष जोर देते हुए कहा कि ग्रामीण चिकित्सकों को पूरी सावधानी और सजगता के साथ मरीज के लक्षणों (Symptoms) का बारीकी से अध्ययन करना चाहिए, क्योंकि सही पहचान ही सही इलाज की पहली सीढ़ी है।

टीम वर्क और सामूहिक सहभागिता
इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में रॉयल हॉस्पिटल के डॉ. राजेश किरण और आशीष कुमार की अहम भूमिका रही। डॉ. राजेश किरण ने सत्र का कुशल संचालन करते हुए चिकित्सकों के सवालों का समाधान किया। अस्पताल की नर्सिंग और पैरामेडिकल टीम ने अपनी तत्परता से यह सुनिश्चित किया कि किसी भी मरीज को जांच के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े।

उपस्थित गणमान्य
इस अवसर पर क्षेत्र के दिग्गज ग्रामीण चिकित्सकों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें मुख्य रूप से नीरज कुमार, चंद्र किशोर, नितेश कुमार, रंजन कुमार, रत्नेश कुमार, मुनचुन कुमार, हृतिक कुमार, सिकंदर पंडित, शिव कुमार, सुमित पासवान, पप्पू चौधरी, रूबी कुमारी, सुमन प्रसाद, अमरनाथ कुमार सहित दर्जनों चिकित्सक शामिल थे।

सकरा में आयोजित यह सम्मेलन केवल एक कार्यक्रम मात्र नहीं था, बल्कि यह ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। रॉयल हॉस्पिटल और सकरा एक्यूप्रेशर सेंटर की इस पहल की पूरे क्षेत्र में सराहना की जा रही है।




