बिहार के युवा बनेंगे ‘आपदा रक्षक‘: पटना में मुजफ्फरपुर के 105 स्वयंसेवकों का सात दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शुरू
पटना | मुख्य संवाददाता बिहार में प्राकृतिक आपदाओं के जोखिम को कम करने और आपदा के समय जान-माल की रक्षा के लिए ‘युवा शक्ति’ को तैयार किया जा रहा है। राजधानी पटना के ईगल व्यू प्रशिक्षण केंद्र में बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) और ‘माय भारत‘ के संयुक्त तत्वावधान में सात दिवसीय आवासीय ‘युवा आपदा मित्र‘ प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष शिविर में मुजफ्फरपुर जिले के 105 चयनित युवा स्वयंसेवक हिस्सा ले रहे हैं।

SDRF की टीम दे रही है ‘कमांडो‘ स्तर की ट्रेनिंग : राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) के अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा इन युवाओं को आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर व्यवहारिक और सैद्धांतिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सात दिनों तक चलने वाली इस प्रशिक्षण शृंखला में स्वयंसेवकों को विशेष रूप से बिहार की भौगोलिक चुनौतियों, जैसे—बाढ़, भूकंप, वज्रपात (ठनका), लू और शीतलहर जैसी स्थितियों से निपटने के लिए तैयार किया जा रहा है।
SDRF के प्रशिक्षक हवलदार के.एन. सिंह, सचिंद्र दुबे, रूपेश कुमार और पूजा कुमारी ने बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य युवाओं को आपदा के समय ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ के रूप में सक्षम बनाना है, ताकि प्रशासन के पहुंचने से पहले स्थानीय स्तर पर राहत कार्य शुरू किया जा सके।

CPR और मॉकड्रिल: जीवन बचाने का व्यावहारिक अभ्यास प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन)का विशेष अभ्यास कराया गया। इसमें सिखाया जा रहा है कि यदि किसी व्यक्ति की सांसें रुक जाएं या दिल की धड़कन बंद हो जाए, तो त्वरित चिकित्सा सहायता कैसे प्रदान की जाए। इसके अलावा, स्वयंसेवकों ने सफलतापूर्वकभूकंप और अग्नि सुरक्षा (Fire Fighting) पर आधारित मॉकड्रिल में भाग लिया, जहाँ उन्होंने आग बुझाने और मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की तकनीकों का प्रदर्शन किया।
नेतृत्व और समन्वय: इस पूरे कार्यक्रम के सफल संचालन में मुजफ्फरपुर के मास्टर ट्रेनर सुधांशु कुमार अहम भूमिका निभा रहे हैं। वहीं, कार्यक्रम समन्वयक अंकित कुमार द्वारा स्वयंसेवकों की आवश्यकताओं और प्रशिक्षण के उच्च मानकों को सुनिश्चित किया जा रहा है।
105 सदस्यों की इस टीम का नेतृत्व चंदन कुमार कर रहे हैं। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले मुख्य स्वयंसेवकों में कृष्णा कुमार, प्रिंस कुमार, सरजीत कुमार, राहुल कुमार, आशीष रंजन के साथ-साथ सांविका, शुभम रानी, अंशु और अनुप्रिया शामिल हैं।

प्रशासन की बढ़ेगी ताकत : जानकारों का मानना है कि इन ‘युवा आपदा मित्रों‘ के तैयार होने से जिला प्रशासन को जमीनी स्तर पर बड़ी सहायता मिलेगी। ये स्वयंसेवक न केवल आपदा के समय बचाव कार्य करेंगे, बल्कि आम जनता के बीच आपदा-पूर्व तैयारियों के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य भी करेंगे।


