मुजफ्फरपुर। शहर के प्रतिष्ठित महंत दर्शन दास महिला महाविद्यालय (MDDM) के शिक्षाशास्त्र विभाग (B.Ed.) में सोमवार को स्वामी विवेकानंद की जयंती ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के रूप में धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर वक्ताओं ने स्वामी जी के विचारों को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ
समारोह की शुरुआत कॉलेज की प्राचार्या डॉ. अलका जयसवाल द्वारा दीप प्रज्ज्वलन और स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। छात्राओं ने सुमधुर ‘दीप मंत्र गान’ प्रस्तुत कर वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। विभागाध्यक्ष सहित सभी शिक्षकों और छात्राओं ने स्वामी जी को पुष्पांजलि अर्पित की। छात्रा सुरुचि कुमारी ने स्वागत गीत के माध्यम से अतिथियों का अभिनंदन किया, जबकि सोनाक्षी कुमारी और मानसी रितु ने अपने कुशल मंच संचालन से कार्यक्रम में समां बांध दिया।
सकारात्मक सोच से ही होगा युवाओं का उत्थान: प्राचार्या
छात्राओं को संबोधित करते हुए प्राचार्या डॉ. अलका जयसवाल ने कहा, “युवाओं को हमेशा सकारात्मक विचारों को अपनाना चाहिए और नकारात्मकता का पूर्णतः त्याग करना चाहिए। यही स्वामी जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”
वहीं, विभागाध्यक्ष डॉ. हरि शंकर कुमार ने विवेकानंद के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि युवाओं को खुद को ईमानदार और समर्थ बनाना चाहिए। उन्होंने समाज सेवा के माध्यम से जीवन को धन्य करने की प्रेरणा दी।
शिक्षकों ने साझा किए विचार
कार्यक्रम में विभाग के वरिष्ठ शिक्षकों ने भी अपने विचार रखे। डॉ. संजीव कुमार, डॉ. रंजीत कुमार, डॉ. रवि शेखर ठाकुर और डॉ. स्मिता गौतम सहित अन्य प्राध्यापकों ने स्वामी जी के राष्ट्र के प्रति योगदान की चर्चा की। वक्ताओं ने स्वामी जी की प्रसिद्ध उक्ति— “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए”— को दोहराते हुए छात्राओं में आत्मविश्वास और राष्ट्रभक्ति का संचार किया।
छात्राओं की जीवंत प्रस्तुतियाँ
कार्यक्रम में छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विभिन्न भाषणों, गीतों और स्वामी विवेकानंद के जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंगों (दृष्टांतों) के माध्यम से छात्राओं ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में सकारात्मक सोच और नेतृत्व क्षमता का विकास करना था।
समारोह का समापन धन्यवाद ज्ञापन और सामूहिक राष्ट्रगान के साथ गरिमापूर्ण तरीके से हुआ।
उपस्थित गणमान्य: डॉ. रवि कुमार, डॉ. सुमन्त कुमार, डॉ. पवन कुमार, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. राजमणि कुमार, डॉ. मणिकान्त कुमार, डॉ. श्रीनिवास सुधांषु, प्रो. ममता कुमारी एवं प्रो. साधना कुमारी सहित समस्त कर्मचारी व छात्राएं।




