समस्तीपुर, शहर के घोषलेन स्थित परीक्षा केंद्र पर प्रशासन और नगर निगम की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। केंद्र के मुख्य निकास द्वार के ठीक सामने नाले पर रखा स्लैब पूरी तरह जर्जर होकर टूट चुका है। परीक्षा खत्म होते ही जब सैकड़ों छात्र एक साथ बाहर निकलते हैं, तो यहाँ जान जोखिम में डालने वाली स्थिति पैदा हो जाती है।

780 परीक्षार्थी, एक टूटा स्लैब और गहरा नाला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस केंद्र पर प्रतिदिन लगभग 780 परीक्षार्थी परीक्षा देने पहुँच रहे हैं। परीक्षा समाप्त होने के बाद जब छात्र-छात्राओं की भीड़ बाहर निकलती है, तो उन्हें इसी टूटे हुए स्लैब के संकरे हिस्से से होकर गुजरना पड़ता है। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि छात्र संतुलन बनाकर इस गड्ढे को पार कर रहे हैं। जरा सी चूक या पीछे से आने वाले धक्का-मुक्की के कारण कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है।
भगदड़ और बड़े हादसे की आशंका
निकास द्वार पर जगह कम होने के कारण अक्सर छात्रों के बीच आपाधापी मच जाती है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि:
“अगर भीड़ के दबाव में किसी का पैर फिसला, तो वह सीधे गहरे नाले में जा गिरेगा। भगदड़ की स्थिति में यहाँ बड़ी जनहानि की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।”
मुख्य समस्याएं जो प्रशासन को नहीं दिख रहीं:
- संकरा रास्ता: निकास द्वार के ठीक सामने नाला होने से रास्ता बेहद संकरा हो गया है।
- जर्जर स्लैब: स्लैब का आधा हिस्सा टूटकर नाले में गिर चुका है, जिससे केवल एक पतली पट्टी बची है।
- सुरक्षा का अभाव: इतनी बड़ी संख्या में छात्रों की मौजूदगी के बावजूद वहां सुरक्षा के लिए कोई बैरिकेडिंग या वैकल्पिक रास्ता नहीं बनाया गया है।
हमारी मांग: अभिभावकों और छात्रों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि परीक्षा की गंभीरता को देखते हुए इस स्लैब की तत्काल मरम्मत कराई जाए या वहां लोहे की प्लेट डालकर रास्ता सुरक्षित किया जाए ताकि भविष्य में किसी अनहोनी को टाला जा सके।



